स्कूटी बलकर ट्रक से टकराया 1 की घटनास्थल पर मौत, 2 घायल का इलाज जारी


अनुपपुर/जैतहरी

जिले के जैतहरी थाना अंतर्गत रात लगभग 3 बजे की सूचना है कि फरियादी किशन कुमार राठौर पिता लखन लाल राठौर उम्र 36 साल निवासी वार्ड क्र. 03 जैतहरी हाल आस्था पेट्रोल पंप के पास जैतहरी अनूपपुर आम रोड जैतहरी थाना जैतहरी जिला अनूपपुर का आज दिनांक 14 जून को हमराह सतीश राठौर महेश राठौर के थाना आकर जबानी रिपोर्ट किया कि तथ अनूपपुर मेन रोड के किनारे, आस्था पेट्रोल पंप के पहले मेरा घर है। घर के पास ही में अपना होटल खोलने जा रहा हू जिसकी ओपनिंग की तैयारी चल रही है जिससे मै रोड के किनारे ही अपने ढाबा में काम करा रहा था। बीती रात 13 जून की रात लगभग 10.45 बजे टैंकर वाहन क्र. एमपी 18 एच 5228 का चालक जैतहरी मोजर बेयर पॉवर प्लांट से अनूपपुर की ओर वाहन को चलाते हुए आकर मेरे ढाबे के सामने जैतहरी अनूपपुर आम रोड मे नो पार्किंग जोन में गलत साईड में वाहन की पार्किंग लाईट एवं बैंक लाईट बिना जलाये हुए लापरवाही पूर्वक वाहन टैंकर को खड़ा करके उतरकर चला गया था। उसी समय रात्रि करीबन 11.00 बजे उदय सिंह पिता सेम सिंह गोड उम्र 23 साल निवासी ग्राम भमरहा थाना राजेन्द्रग्राम का स्कूटी को स्वयं चलाते हुए स्कूटी में पीछे चमन सिंह पिता फूल सिह उम्र 21 साल निवासी भमरहा तथा शिवप्रसाद कुशवाहा पिता भोलादीन उम्र 21 साल निवासी सतना दोनो को बैठाकर जैतहरी तरफ से अनूपपुर की ओर जाते हुए आम रोड में नो पार्किंग जोन में गलत साईड में बिना पार्किंग लाईट एवं बैंक लाईट जलाये हुए टैंकर वाहन क्र. एमपी 18 एच 5228 में स्कूटी से टकरा गया जिससे उसके सिर एवं शरीर में आई अंदरूनी चोंटो के कारण मौके पर स्कूटी चालक उदय सिह पिता सेम सिह निवासी भमरहा की मौत हो गई है। स्कूटी में पीछे बैठे चमन सिंह निवासी भमरहा तथा शिवप्रसाद कुशवाहा निवासी सतना को भी एक्सीडेन्ट से चोंटे आई है। एक्सीडेन्ट से स्कूटी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। एक्सीडेन्ट की घटना को मैं तथा सतीश सिंह, महेश सिंह, हेमराज चंद्रवंशी तथा दीपक धुर्वे सभी लोग देखे है मृतक उदय सिंह की लाश मौके पर है तथा एक्सीडेन्ट से घायल चमन सिंह एवं शिवप्रसाद कुशवाहा सी. एच. सी. जैतहरी उपचार हेतु भेज दिये है। रिपोर्ट करता र्यवाही की जाये। रिपोर्ट पर अपराध धारा 279,337,304 ए ताहि पंजीबद्द कर विवेचना में लिया गया। गंभीर घायल युवकों को जैतहरी से सीएचसी से अनूपपुर जिला चिकित्सालय इलाज हेतु भेज दिया गया है।

कीचड़ भरा रास्ता मजबूर ग्रामीण विधायक की अनुशंसा पत्र  पर भी नही जागा प्रशासन


शहडोल

विकासखंड सोहागपुर के अंतरर्गत ग्राम धनौरा के रास्ते में कपिलधार से भगहा और कपिलधार से अमिलिहा तक का मार्ग बेहद ही ख़राब है और ग्रामीणजनो ने लगातार इस बाबत स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर शिकायत दर्ज कराया लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी के कान में जूं तक नहीं रेंगी और ग्रामीण जन बच्चे, युवक, बुजुर्ग, महिलाए मज़बूरी में कीचड भरे रास्ते से आने जाने को मजबूर है, और थोड़ा भी पानी गिर गया तो एक दूसरे गांव से सम्पर्क टूट जाता हैं जिससे काम करने वाले बाजार जाने लोगो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है जैतपुर विधायिका मनीषा सिंह  इसकी जानकारी मिली तो मामले की गंभीरता देखते हुए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियो को अनुशंसा पत्र जारी कर उपरोक्त दोनों सड़क निर्माण के लिए कहा, लेकिन किसी भी अधिकारी ने अभी तक मामले को संज्ञान तक नहीं लिया। क्या विधायक का अनुशंसा पत्र लोक निर्माण विभाग रद्दी टोकरी में डाल दिया जब भाजपा की सरकार के विधायक के पत्र का यह हाल है तो आम जनता की कौन सुनेगा अब इसके बाद जनता आने वाली बरसात में उस मार्ग से आवागमन कैसे होगा, जनता प्रतिनिधियों को इसलिए चुनती हैं कि उनकी समस्याओं को सुन कर समस्या का हल करवा दे, मगर जन प्रतिनिधि भी पत्र लिखकर जनता की समस्या भूल जाएंगे तो जनता की समस्या का हल कौन कराएगा कैसे होगा बड़ा ही सोचनीय विषय हैं ग्रामीण लोगो का कहना  हैं कि समाचार के माध्यम से विधायक, प्रशासन, सरकार, जन प्रतिनिधि जाग जाए नही तो अगर समय रहते समस्या का हल नही हुआ ग्रामीण आंदोलन करने के लिए विवश हो जाएंगे।

अपने आप मे मस्त, काम के न काज के मंत्री, सांसद, विधायक


 

*आस की निगाह पर युवा देख रहे जनप्रतिनिधियों की राह,बनाई जनता से दूरियां*

इंट्रो:-जनता के द्वारा चुना गया जनप्रतिनिधि जब जनता के काम न आए तो यह आवाज उठना लाजमी है कि किस काम के जनप्रतिनिधि जो जनता के हित में आवाज ना उठाएं कुछ ऐसा ही मामला अनूपपुर जिले के नवगठित नगर परिषद डोला डूमरकछार, बंनगवा में हुए भर्ती घोटाले को लेकर अब युवाओं के द्वारा कही जा रही है की हमने तो बड़ी शिद्दत से जनप्रतिनिधि चुना था और आज वह जनप्रतिनिधि हमारे साथ कहीं खड़े दिखाई नहीं दे रहे बात सत्य भी है यहां नगर परिषद में युवाओं के साथ बड़ा छलावा हुआ चोरी-छिपे भर्तियां हुई बाहरी लोगों को नौकरी में रखा गया लेकिन छले गए तो स्थानीय युवा अब स्थानीय युवाओं का तो कहना है कि हमारे कोई काम के नहीं मंत्री ,सांसद और विधायक।

अनूपपुर

मध्य प्रदेश का अनूपपुर जिला छत्तीसगढ़ सीमा से लगा हुआ है साथ ही आदिवासी बहुमूल्य क्षेत्र भी हैं इस छोटे से जिले में बड़े बड़े कारनामे होते हैं, इस छोटे से जिले में केंद्र तक में मंत्री  दिए हैं लेकिन जब स्थानीय मुद्दों की बात आती है तो यह जनप्रतिनिधि कहा गायब हो जाते हैं, लोग हैं ढूंढते फिरते हैं कि आइए हमारे साथ कंधे पर कंधा मिलाकर हमारा साथ दीजिए लेकिन यह जनप्रतिनिधि कहां गायब हो जाते हैं भगवान ही जाने चुनाव के समय यही जनप्रतिनिधि प्रत्येक व्यक्ति के पैर पड़ते देखे जा सकते हैं जैसे ही इन्हें गद्दी मिलती है तो वही कहावत यहां पर चरितार्थ होती है अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता अब युवा भी अब समझने लगे हैं कि राजनेता तो खाली वोट के लिए ही होते हैं जूझना तो जनता को ही पड़ता है ! दरअसल स्थानीय युवाओं को मौका ना देते हुए बाहरी लोगों को नवगठित नगर परिषद में नौकरी पर रख लिया गया युवाओं ने आंदोलन किया नतीजा कुछ ना निकला अब युवा जनप्रतिनिधि की राह तक रहे हैं लेकिन जनप्रतिनिधियों युवाओं के साथ खड़े मिले तब।

*छले गए स्थानीय युवा आदिवासी......*

अनूपपुर जिला आदिवासियों से भरा पड़ा हुआ है यहां पर केबिनेट मंत्री भी आदिवासी हैं साथ ही सांसद भी लेकिन यहां पर मंत्री और सांसद ने नगर परिषद में हुए युवा आदिवासियों के साथ छलावा पर कहीं भी आवाज उठाने की जहमत नहीं उठाई ऐसा नहीं कि इनके सांसद प्रतिनिधि इस नगर परिषद में न हो मंत्री जी के कई कार्यकर्ता इस परिषद में निवास करते हैं लेकिन इन दोनों ने यहां के युवाओं को नजरअंदाज करते हुए अपने काम में मस्त नजर आए और युवा भी करे तो करे क्या छोटे-छोटे भाजपा के कार्यकर्ता और छोटे-छोटे कांग्रेस के कार्यकर्ता आंदोलन का रूप देने में लगे हैं,  कोई ज्ञापन सौंप रहा है तो कोई आंदोलन की तैयारी लेकिन बाह रे जनप्रतिनिधि वोट के समय तो ऐसे व्यवहार इन युवाओं के साथ करते हैं मानो कल ही  नौकरी मिल जाएगी लेकिन जब नौकरी की बारी आती है तो सब सिस्टम और सेटिंग से हो चलता है और इन जनप्रतिनिधियों का कहीं पता नहीं होता।

*विपक्ष के विधायक की चुप्पी क्यों.....*

 जब हम बात जनप्रतिनिधि कर ही रहे हैं तो बात कर ही लेते हैं कोतमा विधानसभा क्षेत्र  के विधायक सुनील सराफ की यह माननीय कहीं भी विधानसभा में किसी के यहां गमी हो जाए दुख सुख में हमेशा आपको खड़े मिलेंगे कोई भी कार्यक्रम इनसे छूटता नहीं किसी की परेशानी इन विधायक महोदय से देखी नहीं जाती जब इतनी अच्छाई इन विधायक में है ही तो यह विधायक इतने बड़े भर्ती घोटाले में अपनी चुप्पी साधे क्यों बैठे हैं ! नवगठित नगर परिषद की युवा यह सवाल कहीं ना कहीं अपने विधायक से पूछ रहे विधायक जी का कहीं पता नहीं जबकि विपक्ष में रहते हुए विधायक जी को चाहिए कि इन युवाओं की आवाज बनते हुए  भर्ती घोटाले पर अपनी आवाज मुखर करते हुए स्थानीय युवाओं को रोजगार मुहैया कराएं लेकिन पता नहीं कौन सी बात है यह कौन सी समस्या जो विधायक जी के मुंह से एक शब्द भर्ती घोटाले पर नहीं निकल रहा है ! जबकि चुनाव के दरमियान नवगठित नगर परिषद के युवाओं ने बढ़ चढ़कर कांग्रेस विधायक सुनील सराफ  के पक्ष में काफी मतदान किए थे अब वह समय है विधायक इन युवाओं के साथ कंधे पर कंधा मिलाकर उस हर वोट का कर्ज उतारे जो यह कह कर इन युवाओं से वोट लिए थे हम आपके साथ खड़े हैं कहीं भी गलत होगा तो सब जगह खड़े मिलेंगे लेकिन असल में कहानी कुछ और ही है।

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