घंटों गाली गलौज तोडफोड करते रहे अराजक तत्व, न 100 आया, ना ही थाना पुलिस


*अब फर्जी मामलों में फंसाने की दे रहे धमकी*

अनूपपुर/पुष्पराजगढ़

थानेदार को परेशान लोग फोन लगाते रहे और उप्रदवी चैलेंज करते रहे कि कोई पुलिस नहीं आएगी। तीन - चार घंटे महिलाओं को आगे करके कुछ लोगों ने पहले एक सार्वजनिक संस्थान की फैंसिंग तोड कर जमीन पर कब्जा कर लिया , सचमुच कोई पुलिस नहीं आई  ।  उपद्रवी  गाली - गलौज करते हुए , जान से मारने , एससी - एसटी एक्ट, 376 में फंसाने की धमकी देते हुए मारने दौड़े । गुण्डागर्दी , अराजकता का यह खेल घंटो चलता रहा । परेशान लोगों ने डायल 100 को फोन लगाया लेकिन कोई नहीं आया। थाना प्रभारी राजेन्द्रग्राम को फोन पर घटना की जानकारी दी गयी तो उन्होंने लिखित शिकायत के बिना कुछ भी करने से साफ इंकार कर दिया। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया । इसके बाद एडीजीपी शहडोल जी जनार्दन को फोन पर सूचना दी गयी तो उन्होंने एसडीओपी से बात करने को कहा। जिले में गिरती कानून व्यवस्था की यह एक बानगी मात्र है। जिसमें वारदात के घंटो बाद तक पुलिस ना तो मौके पर पहुंची , ना ही डायल 100 को आने दिया गया।* 

 मामले से जुडे सूत्रों के अनुसार अनूपपुर - अमरकंटक मार्ग मे किरर घाट पर एमपी टूरिज्म का मिड वे ट्रीट होटल में राजेन्द्रग्राम थाना अन्तर्गत लांघाटोला के सहदेव और डब्लू के साथ कुछ अन्य लोग महिलाओं के साथ रविवार की दोपहर ट्रैक्टर, जेसीबी लेकर पहुंचे और जबरन मिडवे ट्रीट की फैंसिंग तोडकर जमीन पर कब्जा कर लिया। मिडवे के संचालक और कर्मचारियों ने इसपर आपत्ति की तो गाली गलौज करने लगे। जान से मारने की धमकी देते हुए मारने दौड़ पडे। डरे सहमे लोगों ने डायल 100 को फोन लगाया तो हमलावरों ने कहा कि कहीं फोन लगा लो कोई पुलिस नहीं आएगी। थाना प्रभारी नरेन्द्र पाल को उनके मोबाईल पर घटना की सूचना दे कर सहायता की मांग की। तो उन्होने लिखित शिकायत करने को कहा। दुखद और भयावह तथ्य यह है कि तीन - चार घंटे खुली गुण्डागर्दी , अराजकता लोग फैलाते रहे लेकिन राजेन्द्रग्राम थाना, डायल 100, पुलिस अधीक्षक कार्यालय कर्तव्यपालन करने में विफल रहा। शायं थाने को लिखित शिकायत दी गयी है। आशंका है कि शिकायत को काऊंटर करने के लिये दूसरे पक्ष से फर्जी शिकायत करवा ली जाए। 

 समाचार लिखे जाने तक घटनास्थल पर पुलिस नहीं पहुंची है , ना ही कोई कार्यवाही की गयी है। राजेन्द्रग्राम थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था ध्वस्त है। मामले की सूचना एसपी , एडीजीपी को दे कर निष्पक्ष, नियम संगत जांच एवं कार्यवाही की मांग की गयी है।

7 टीआई पुलिस लाइन में और एसआई के हाथों में पांच थानों की कमान


माह भर से 7 निरीक्षक लाइन में है मौजूद, प्रभार मिलने का कर रहे इन्तेजार

शहडोल

जिले के पांच थानो की कमान वर्तमान समय उपनिरीक्षकों के हवाले है ।इन थानों में अमलाई, खैरहा, सिंहपुर, देवलोंद व पपौन्ध शामिल शामिल हैं। पूर्व में जिले में निरीक्षकों की भारी कमी थी जिस कारण अधिकांश थानों की कमान उपनिरीक्षकों को पुलिस अधीक्षक द्वारा सौंप दी गयी थी ।लेकिन वर्तमान समय पुलिस लाइन में  एक दो नही  बल्कि सात साथ निरीक्षक माह भर से  मौजूद है । जो यहां वहां से स्थानांतरण होकर शहडोल जिले आए है। इन निरीक्षकों में भानु प्रताप ,समीर वारसी,ओमेश्वर ठाकरे, नर्मद सिंह धुर्वे, के एल बंजारे, डीपी पांडेय तथा कालूराम सिलारे शामिल है । यह निरीक्षक काफी दिनों से पुलिस लाइन में रहकर जहां तहां अपनी अपनी सेवाएं दे रहे है जबकि पांच थाने निरीक्षक विहीन है और उपनिरीक्षक इनकी कमान संभाले हुए है। यदि जिले के संवेदनशील पुलिस अधीक्षक अवधेश गोस्वामी द्वारा इन थानों में निरीक्षकों की पदस्थापना कर दी जाए तो यहां की व्यवस्था और सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी । आने वाले दिनों में शायद इस संबंध में आदेश जारी हो । विदित हो कि शहडोल जिले में कुल 14 थाना अमलाई, धनपुरी ,बुढ़ार, जैतपुर, खैरहा, सिंहपुर, कोतवाली शहडोल, गोहपारू ,जयसिंहनगर, सीधी, ब्यौहारी, देवलोंद तथा पपौन्ध शामिल है। वही  2 पुलिस चौकी दरसिला व केशवाही  है । इन 14 थानों में से 5 थाने निरीक्षक विहीन है ।

भाजपा पार्टी की धौस दिखाकर कर रहा अवैध निर्माण, हुई कार्यवाही


 अनूपपुर/राजनगर

अनूपपुर जिले के अंतिम छोर राजनगर कालरी के तथाकथित भाजपा नेता का तमगा ओढ़कर तथाकथित भाजपा नेता द्वारा एसईसीएल की जमीन पर अवैध बाउंड्री का निर्माण कराया जा रहा था जिसकी शिकायत होने के बाद  एसईसीएल प्रबंधन के साथ-साथ राजस्व एवं पुलिस विभाग ने मौके पर पहुंचकर उक्त अवैध निर्माण को गिरा दिया।

गौरतलब हो कि कुछ महीने पूर्व तथाकथित भाजपा नेता द्वारा संगठन का धौंस दिखाते हुए मुख्य सड़क  से लगे हुए जमीन पर कब्जा कर मकान बनाया गया था,जिसमें दो पहिया वाहन का शोरूम संचालित किया जा रहा हैं और फिर पुनः उसी मकान के पीछे बाउंड्री का निर्माण कराया जा रहा था जो अवैध निर्माण होने के साथ-साथ अति संवेदनशील भी माना जा रहा है जो मैगजीन से कुछ ही दूरी पर है,जिसको देखते हुए कालरी प्रबंधन ने उक्त अवैध निर्माण को ध्वस्त करा दिया।

सूत्र बताते हैं कि उक्त नेता द्वारा बैंक अधिकारियों को गुमराह कर राजनगर बैंक से बिजुरी में होम लोन के नाम पर बैंक से लोन निकलवाया गया जिसमें आवासीय परिसर ना बनाकर व्यवसायिक उपयोग के लिए दुकान बनाया गया,बिजुरी में भी दो पहिया वाहन का शोरूम संचालित किया जा रहा है, इस तरह राजनगर के तथाकथित भाजपा नेता का तमगा ओढ़कर उक्त भाजपा नेता द्वारा पहले राजनगर में एसईसीएल की जमीन पर अवैध निर्माण कराया जा रहा था  वंही दूसरी तरफ बिजुरी नगर पंचायत क्षेत्र में भी राजस्व की चोरी की जा रही है। जिसकी शिकायत होने के बाद आज एसईसीएल प्रबंधन के साथ-साथ राजस्व एवं पुलिस विभाग ने पहुंचकर उक्त अवैध निर्माण को गिरा दिया।

सूत्र ये भी बताते है कि उक्त नेता के द्वारा बैंक अधिकारियों को गुमराह कर बिजुरी में भी गोलमाल किया गया है,तरह उक्त नेता द्वारा अवैध निर्माण के साथ साथ शासन की टैक्स चोरी भी की जा रही है जिसमें देखना यह होगा कि क्या शासन के खिलाफ टैक्स चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ पेनाल्टी सहित टैक्स की वसूली नगर पालिका बिजुरी के द्वारा किया जाएगा या फिर पूरे मामले में लीपापोती कर के मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा।

प्रबंधन आंख का अंधा और कान का बहरा हो गया हैं न तो अच्छे से दिखाई देता हैं न सुनाई राजनगर कोयलांचल क्षेत्र में ये पहला अवैध कब्जा नही था और भी सैकड़ो कब्जे दबंग लोग करके बैठे हैं जिसकी जानकारी प्रबंधन को हैं मगर उन लोगो के ऊपर कार्यवाही क्यू नही हो पा रही हैं क्या एक अकेला नेता पर कार्यवाही करके अपनी पीठ क्यू थपथपा रही है यह भी हो सकता हैं कि उन अवैध कब्जों को प्रबंधन को खाली कराने की हिम्मत नही पढ़ रही हैं ये मुकदेखा अतिक्रमण खाली कराना कहा तक न्यायोचित हैं हो सकता ये ये कब्जेधारी प्रबंधन के करीबी भी हो सकते है।

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