रेत के डकैत कर रहे है अवैध उत्खनन नासूर बने ठेकेदार पर कार्यवाही नही प्रशासन मौन

जन आंदोलन से हो सकता है जीवनदायिनी नदियां व प्रकृति संपदा की सुरक्षा


शहडोल

शहडोल जिला अपार एवं बहुमूल्य प्राकृतिक संपदा से भरा पड़ा है,जहां चहूं ओर नदी जंगल और जमीन को लेकर मची लूट को रोकने में नाकाम साबित हो रहा शासन प्रशासन आए दिन नदियों में बड़े-बड़े मशीनों को उतारकर रेत उत्खनन करने वाले सरकार की संपत्ति को अपने बाप की संपत्ति मानकर दिन रात चोरी करने में जुटे और जनता की सेवा और शासन की संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर अच्छे जनप्रतिनिधि व पत्रकार इन लुटेरों और डकैतों के गुंडागर्दी व अवैधानिक कृत्य के निरंतर निगरानी व शिकायतों के कारण शिकार हो जा रहे कारण माने तो इन्हें जंगल, जमीन और नदियों में भरी अकूट प्रकृति की संपत्ति जिस पर शासन का अधिकार है जानबूझकर अंजान बने बैठे जनता की सेवा की दुहाई और पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन को लेकर महज बड़े-बड़े विज्ञापनों व पोस्टरों सहित अखबारों की सुर्खियां में वाह वाही लूटने वाले प्राकृतिक संपदाओं की सुरक्षा के संरक्षक बने बैठे लोग जानबूझकर अनजान है। जबकि इनकी नजरों के सामने खुले तौर पर नदियों में एनजीटी के द्वारा बनाए गए सख्त व कड़े कानूनों के बावजूद दिनदहाड़े बड़े-बड़े पोकलेन मशीन उतारकर सरेआम लोगों की नजरों के सामने धड़ल्ले से सीना ठोककर हाईवा वाहनों के माध्यम से नदियों का रेत उत्खनन कर सरकार की संपत्ति व कोष में डाका डाल रहे।

कई वर्षों से शहडोल जिले के अंतर्गत नदियों के अंदर से रेत उत्खनन करने में कई ठेकेदारों व प्राइवेट कंपनियों के नाम नीलामी कर शासन और प्रशासन के नियमों व शर्तों की तेरहवी, वार्षिक श्राद्ध करने में जुटे हैं। इधर शासन के द्वारा कहा जा रहा है,की नदियों में मशीनों का संचालन नहीं किया जाएगा और पोकलेन मशीन के माध्यम से रेत निकासी नहीं की जाएगी फिर भी यह कैसा कानून है, की इन प्रकृति के लुटेरों के द्वारा शासन के निर्देशों को धता बताते हुए सब कुछ देखता प्रशासन आंखों में पट्टी बांधा हुआ है। इससे ऐसा लगता है कि कानून की किताबों में सुना था व पढ़ा था कि "कानून अंधा होता है" यहां तो सब कुछ सामने दिखता है फिर भी इन्हें प्रकृति के साथ खिलवाड़ करने की खुली छूट दी गई है।

शहडोल जिले में बहने वाली जीवनदायनी नदियो से  वंशिका ग्रुप जिनके कारनामों के बड़े-बड़े ग्रंथ बन चुके हैं,उनके द्वारा शहडोल जिले की जीवनदायिनी एवं पावन नदियों के बीच से बड़े-बड़े गड्ढे खोदकर मशीनों के माध्यम से इस कदर रेत निकासी की जा रही है की नदियों की दशा और दिशा बिगाड़ कर रख दिया है। देखकर ऐसा प्रतीत होता है की किसी ने मानव जाति पर आधारित धर्म की नींव और प्रकृति की आधारशिला को ही छलनी कर दिया जा रहा है। शिकायतों की एक लंबी फेहरिस्त व फाइलें जिनमें धूल जमकर कचरे के ढेर में फेंक दिया गया ऐसी ऐसी घटनाएं व वारदातें रेत उत्खनन को लेकर पूरे जिलों में मामले उजागर होने के बाद कार्यवाही ना होने के उपरांत आज भी जिम्मेदारी का निर्वहन जिन्हें इस प्रकार हो रहे अवैध कार्यों के रोकथाम व शिकायतों पर कार्यवाही के लिए नियुक्त किया गया उनके द्वारा मुंह मोड़ कर अपने कार्यालयों में स्वच्छ व ठंडे हवा के साथ वातानुकूलित कार्यालयों में आनंद पूर्वक सब कुछ होता देखकर लुत्फ उठाया जा रहा है। क्या इन अवैध रेत उत्खनन करने वाले प्राइवेट कंपनियों ठेकेदारों के ऊपर कार्यवाही न करने से ऐसा प्रतीत होता है कि शासन प्रशासन इनके सामने नतमस्तक है।

इसी क्रम कई जगह पर रेत की अवैध निकासी की जाती है जहां पर शासन प्रशासन की नजर जाती है पर दिखाई नहीं देता वही हाल शहडोल जिले के जयसिंहनगर मसीरा घाट सोन नदी में पांच पोकलेन मशीन लगाकर दिनदहाड़े रेत उत्खनन कर नदियों के प्राकृतिक बहाव को उलट पलट कर बड़ी-बड़ी डींग हांकने वाले उच्च स्तरीय नेताओं जिनके द्वारा नदियों के संरक्षण संवर्धन को लेकर बड़े-बड़े भाषण आए दिन अखबारों हुआ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से पढ़ने और सुनने को मिलते रहते है। यही हाल वन सुकली पहाड़िया ओदरी नदी, भटीगमा, चूंदी नदी , भुरसी नदी, लोड़ी सीधी कुन कुन नदी आदि जगह से निरंतर सभी नियमों कानूनों की अनदेखी करते हुए अवैध रेत उत्खनन का कार्य जारी है।

नदी के किनारे बसे ग्रामों की जनता, जनप्रतिनिधि, पत्रकार जिनके द्वारा निरंतर देशहित वह जनहित में अपने प्राणों को संकट में डाल कर इनके द्वारा किए जा रहे अवैध कार्यों की शिकायत कर कर के थक गए किंतु शासन प्रशासन चुप्पी साधे बैठी है।

गरीबो के हक पर डाका, पीएम आवास के लाभ को सचिव, चपरासी लगा रहे ग्रहण


*पंचायत में कमीशन खोरी के कारण आवास निर्माण कुछ अधर में और कुछ हवा में*

अनूपपुर

जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत बरगवां में इन दिनों पीएम आवास योजना के अंतर्गत व्यापक पैमाने पर अनियमितताएं और ग्राम आदिवासियों के साथ छलावा किया जा रहा है पीएम आवास योजना का लाभ उन हितग्राहियों को मिलना सुनिश्चित किया गया है जिनके द्वारा पूर्व में इंदिरा आवास योजना का लाभ नहीं लिया गया किंतु ग्राम पंचायत भृत्य विमल शर्मा और सचिव छक्के लाल राठौर के द्वारा मुंह देखी पीएम आवास की स्वीकृति की जा रही है। संबल योजना के लाभ को कंबल से ढक दिया और पीएम आवास योजना का कर दिया सर्वनाश।

सूत्रों की माने तो सचिव छक्के लाल राठौर और ग्राम पंचायत चपरासी विमल शर्मा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत बरगवां के आदिवासियों को उनको मिलने वाली लाभ से वंचित की जा रही। बड़ी विडंबना है कि चपरासी और सचिव के द्वारा आदिवासियों को अनाप-शनाप नियम कानून बताकर कि तुम्हारे पास वाहन है दूसरे के नाम से ट्रांसफर करो तब जाकर तुमको प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलेगा और वही लखपति लोगों को पीएम आवास का लाभ दिया जा रहा है जिनके पास दो दो मकान दुकाने वाहन काफी मात्रा में उपलब्ध हैं और हर तरह से संपन्न है उन्हें कमीशन खोरी की आड़ लेकर पीएम आवास की स्वीकृति प्रदान की जा रही अगर जांच किया जाए तो इनके द्वारा किए जा रहे नियम विरुद्ध कार्य जिसमें ओरियंट पेपर मिल अमलाई में कार्यरत कर्मचारी और सोडा कास्टिक यूनिट में कार्य कर रहे कर्मचारियों को पीएम आवास का लाभ जम कर दिया गया यही नहीं हर परिस्थितियों में संपन्न होने के बावजूद भूमि आवंटित ना कर आदिवासियों की भूमि पर ऐसे लोगों को पीएम आवास की स्वीकृति दी गई जिनके द्वारा उनकी भूमि पर कौड़ियों के दाम खरीद कर आवास निर्माण कार्य किया जा रहा है।

ज्ञात हो कि पूर्व में कई लोगों को इंदिरा आवास योजना का लाभ प्राप्त हो चुका है किंतु इनके द्वारा पुन: उन्हीं लोगों को मुंह देखकर कमीशन खोरी में लिप्त सचिव और चपरासी जमकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार की इबारत लिख रहे हैं। साथ ही पीएम आवास योजना के अंतर्गत हो रहे भवन निर्माण कार्य का उपयोग दुकान खोल कर किया जा रहा है, ऐसी स्थिति में इनके द्वारा किसी भी नियम व कायदे की बात ना करते हुए नजरअंदाज किया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक बताया जाता है कि पंचायत सचिव और चपरासी दोनों मिलकर जिन आदिवासियों को पीएम आवास स्वीकृत हुआ है प्रथम किस्त पर ही उनसे अपने कमीशन की राशि आती जाती है जिसके कारण कितने आदिवासी परिवार पीएम आवास भवन का पूर्णरूपेण निर्माण नहीं करा पाए और साथ ही कितने पीएम आवास बनने से पहले ही हवा में बन गए।

शासन प्रशासन के द्वारा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार को उनके विकास के लिए हर स्तर पर पुरजोर ताकत के साथ उन्हें शासन के द्वारा चलाए जा रहे जन कल्याणकारी योजनाओं व सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से लाभ दिलाने के लिए दिन रात मेहनत कर रही है वही इनके जैसे भ्रष्ट सचिव और चपरासी के द्वारा पलीता लगाया जा रहा है।

पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष नेता जी की  सोशल मीडिया पर फिर की अश्लील हरकत


*नेताओ को अश्लीलता करने का लगा रोग क्या हो रहा है नेताओ को अश्लील हरकत से बाज क्यू नही आ रहे पार्टी क्यू नहीं कर रही कार्यवाही*

*समाजसेवी ग्रुप में क्या इसी तरह कर रहे है समाजसेवा क्या ग्रुप एडमिन इनके ऊपर करवाएंगे मामला दर्ज*


अनुपपुर। 

अश्लीलता परोसने का क्रम लगातार जारी है कभी कांग्रेस के विधायक का नाम जुड़ जाता हैं यो तो कभी भाजपा के नेताओ का नाम आज रात लगभग 10.30 के लगभग अनूपपुर समाजसेवी ग्रुप में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पूर्व में विंध्य विकास निगम के महत्वपूर्ण पद रहने वाले भाजपा के बड़े नेता अनिल गुप्ता कौन सी समाजसेवा सेवा कर रहे है  सोशल मीडिया पर अश्लील हरकतें लगातार जारी है जहां कुछ दिन पहले इस भाजपा नेता ने अनुपपुर जिला अंतर्गत बिजुरी के स्थानीय रूप में अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल की थी और उसके बाद उनके विरुद्ध वहां जबरदस्त आक्रोश था, आक्रोश के बाद  पुलिस तक यह मामला पहुंचा जहां पर पुलिस ने जांच कर बिजुरी थाने मे नेताजी के विरुद्ध धारा 509, खा 67 आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया था।

*वही फिर हरकत*

बिजुरी नगर की हरकत की स्याही अभी सुखी भी अभी नही थी कि नेता जी ने फिर एक बार वही अश्लील हरकत करते हुए , एक नया कारनामा कर डाला इस बार यह हरकत अनुपपुर जिला मुख्यालय के एक स्थनीय व्हाट्सअप ग्रुप प अश्लील तस्वीरें शेयर की है जिसके बाद ग्रुप के  सदस्यों में  नेता जी के विरुद्ध जबरदस्त आक्रोश है, बताया जाता है की  9 जून को रात्रि 22;30 मिनट में  भाजपा नेता ने अपने मोबाइल नंबर 95425180707 नंबर से एक बेहद ही शर्मनाक तस्वीर  व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर की जिसके बाद ग्रुप में हड़कंप मच गया।

*अब देखना होगा*

कल तक कांग्रेस विधायक के अश्लील पोस्ट पर कानूनी कार्यवाही की बात करने वाली पार्टी क्या पहले अपने नेता पर कार्यवाही कर कानूनी कार्यवाही में आने वाली अड़चने समाप्त कर खुद शिकायत कर पुलिस से कानूनी कार्यवाही करने को कहेगी देखना होगा की कहने और करने में कितना फर्क है जल्द सामने आयेगा।

कुछ भी हो इतना तो कहा जा सकता है कि अनूपपुर की राजनीति को कुछ ऐसे ही अश्लील नेताओं ने हासिये पर ला खड़ा कर दिया है देश का भविष्य बनाने का दावा करने वाले समाज का भविष्य चौपट कर रहे है।

जिले के एक समाजसेवी ग्रुप के बड़े समाजसेवी ने की फिर असामाजिक हरकत ऐसे समाजसेवी समाजसेवियों के ग्रुपो में शामिल कैसे होते है। इस तरह की अश्लीलता फैलाने वाले के खिलाफ जिस ग्रुप में यह पोस्ट डाला गया है उस ग्रुप के एडमिन का उत्तरदायित्व बनता है वह एफ आई आर कल कोतवाली अनूपपुर में कराएं जिससे समाज को सही दिशा प्राप्त हो ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

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