भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में 5 लोगों को मिली जगह संगठन के प्रति आभार व्यक्त 

अनूपपुर 

भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश प्रदेश कार्यसमिति के  सदस्यों की सूची मंगलवार देर रात प्रदेश कार्यालय मंत्री डा राघवेन्द्र द्वारा घोषित कर दी गयी। प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की टीम में अनूपपुर जिले से 4 लोगों को स्थान दिया गया है। प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में हर्ष है। सभी ने प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत, सह संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के प्रति आभार प्रकट करते हुए नव नियुक्त प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों को बधाई दी है। 

        भारतीय जनता पार्टी द्वारा अनूपपुर जिले से प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कैबिनेट मंत्री बिसाहूलाल सिंह रामदास पुरी , रामलाल रौतेल ,एवं दिलीप जायसवाल को प्रदेश कार्यसमति का सदस्य बनाया गया है। 

प्रदेश कार्यसमिति में उक्त 4 सदस्यों को स्थान मिलने पर सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश गौतम, पूर्व विधायक सुदामा सिंह, नरेन्द्र मरावी, अनिल गुप्ता, आधाराम वैश्य, जीतेन्द्र सोनी, ओमप्रकाश द्विवेदी, सुदामा सिंह  राम अवध सिंह अशोक लाल  उमेश मिश्रा  राजेश सिंह सिद्धार्थ शिव सिंह धर्मेंद्र वर्मा पुरुषोत्तम सिंह राजू गुप्ता  अनिल पटेल मनोज द्विवेदी, लवकुश शुक्ला, अखिलेश द्विवेदी, भूपेन्द्र सिंह, भारत सिंह,नवल नायक, राहुल पाण्डेय , गजेन्द्र सिंह, हीरा सिंह,अजय शुक्ला, अरुण सिंह सहित सभी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष के प्रति आभार प्रकट करते हुए नवनियुक्त पदाधिकारियो को बधाई दी है। उपरोक्त जानकारी भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह ने दी।

कोरोना काल में विपदाग्रस्त लोगों की मदद करने का अनूठा जुनून


अंतिम संस्कार से लेकर कोरोना पीड़ितों को भर्ती कराने एवं सांप पकड़ने को तत्पर रहते हैं शशिधर

अनूपपुर 

मतलब की धुंध में लगातार जकड़ते जा रहे समाज में यदि सेवा का निःस्वार्थ जुनून कहीं नजर आए, तो आसानी से यकीन नहीं होगा, लेकिन अनूपपुर के समाजसेवी शशिधर अग्रवाल इसकी जीती जागती मिसाल हैं। जरूरतमंदों एवं असहाय लोगों की सेवा करने वाले पेषे से फोटोग्राफर शशिधर ने पिछले लाॅकडाउन में भी लगातार लोगों की मदद की और इस बार भी उन्होंने लाॅकडाउन में सेवा का काम जारी रखा। 

दूसरी लहर के कोरोना संकट में कई लोगों ने अपने परिजनों को खो दिया। इस संक्रमण के होने पर कई उससे बचाव को लेकर अपने भी दूर नजर आए। कोरोना की दूसरी लहर में जब लोगों को बेड, ऑक्सीजन, दवाइयों की दरकार थी, शषिधर अग्रवाल लोगों को राकपड़े, मास्क से लेकर सेनीटाइजर जैसी सामग्री भी निरंतर बांट रहे थे। शषि ने अपने काम के दौरान बगैर रिष्तेदारों के शव को क्या देखा, उनकी पूरी सोच ही बदल गई। उन्होंने कोरोना संदिग्ध मरीजों के शवों का प्रशासन की मदद से अंतिम संस्कार कराया। उन्होंने ऐसे करीब 55 शवों का दाह संस्कार कराया। उसके बाद जहां कहीं से फोन पर सूचना मिलती, वह अकेले दौड़ पड़ते हैं। शषिधर ने जनसेवा के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए अपनी पत्नी भारती अग्रवाल, पुत्री सुरभि, शिवांगी, रितिका को इसमें हमराह कर लिया। इन्होंने गतवर्ष की तरह इस लाॅकडाउन में भी घर के पुराने कपड़ों से लगभग चार सौ मास्क बनाकर जरूरतमंदों को निःशुल्क बांटे

      शशिधर ने गत वर्ष और इस वर्ष कोरोना संदिग्ध तथा इसके लक्षणों वाले करीब 88 मरीजों का अलग-अलग स्थानों पर परीक्षण कराकर चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें कोविड केयर सेन्टर में भर्ती कराया। उन्होंने सांस लेने में परेषान 25 मरीजों को ऑक्सीजन एम्बूलेंस से शहडोल, मनेन्द्रगढ़ भिजवाने में भी मदद की। शशिधर ने इस काम को आगे बढ़ाने के लिए छोटीसी पान की दुकान चलाने वाले मोनू, सोनी अग्रवाल को जोड़ा, जिन्होंने अल्प आमदनी के बावजूद अपने पिता स्व. लालजी अग्रवाल की स्मृति में 10 नग गद्दे, तकिए सिविल सर्जन को प्रदान किए। 

     शशिधर की पहल पर उनके मित्र नगर के एक व्यवसायी तथा छोटे भाई राजेष अग्रवाल व राजकुमार मिश्रा ने एक माह तक जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों व उनके परिजनों को चाय, नाष्ता एवं खाना पहुंचाने की व्यवस्था की। आॅक्सीजन की आवष्यकता पड़ने पर शशिधर ने पहल कर नगर के व्यवसायी श्री राजेश केडिया से ऑक्सीजन सिलेण्डर प्राप्त कर जिला अस्पताल को पहुंचाए। सर्प पकड़ने में दक्ष शशिधर ने कोरोना काल के चलते लाॅकडाउन में रहवासी क्षेत्रों से 65 सर्पों को पकड़कर नागरिकों को सुरक्षित किया और सांप के काटे के 12 व्यक्तियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराकर उनकी जान बचाई। शशिधर किसी न किसी तरह जरूरतमंदों की मदद को हमेशा तत्पर रहते हैं।

पत्रकार की मौत से निर्विकार, संवेदनहीन जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन

जिला प्रशासन, जनसंपर्क विभाग कुंभकर्णी नींद में, नहीं रहा पत्रकारों से कोई सरोकार

अनूपपुर 


जिले के वरिष्ठ पत्रकार रामचन्द्र नायडू और उससे पहले चार पत्रकारों की दुखद मृत्यु के बाद भी जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियो, जनसंपर्क विभाग की संवेदना मृत प्राय हो गयी हैं। किसी भी निर्वाचित वर्तमान, पूर्व जनप्रतिनिधि ने मृतक पत्रकारों के शोक में दो शब्द तक बोलना उचित नहीं समझा। देश का पत्रकार चौथा स्तंभ कहलाता है‌। शासन प्रशासन की सारी खबरे पत्रकारों के द्वारा ही प्रकाशित की जाती हैं।  अब तो शासन भी इनको फ्रंट लाइन वर्कर का दर्जा दे दिया है। इसके बाद भी इनकी पूछ परख करने वाला कोई नही है। जिले में अभी बीते माह 5 पत्रकारों की मौत हो चुकी है । उसमें केवल 1 पत्रकार त्रिनेश मिश्रा राजनगर के लिए भर शोक संवेदना जिला प्रशासन ने पत्रकारों के कहने पर जारी किया था । उसके बाद दिनेश शिवहरे अनूपपुर, संतोष गुप्ता (बेटी) जैतहरी एवं अमरकंटक के एक पत्रकार बन्धु  की मौत के बाद जिला प्रशासन ने कोई भी संवेदना व्यक्त नही की शायद सभी लोग कुंभकर्णी नींद में सो रहे है।

6 जून को रामचंद्र नायडू जिला ब्यूरो नई दुनिया की मौत महामारी से बिलासपुर में हो गयी। मगर 3 दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन और जन सम्पर्क विभाग कुंभकर्णी नींद में सो रहा है। जिला प्रशासन और जनसंपर्क विभाग को पत्रकारों से कोई नाता नही रहा। हमारे जिला मुख्यालय में बैठे जन सम्पर्क अधिकारी से ABCD कुछ भी नही आता। बस कुर्सी तोड़कर पगार भर ले रहे हैं। इनसे न तो समाचार बनाते आता और न मोबाइल कंप्यूटर चलाते। जब आज के युग मे ये सब बहुत ही जरूरी हैं जनसंपर्क अधिकारी केवल कार्यालय का उपयोग टाइम पास के लिये करते है ऐसे अधिकारियों की वजह से जनसंपर्क कार्यालय बदनाम हो रहा हैं कंप्यूटर ऑपरेटर जो खबरे बना के जारी कर दे वही खबरे बस जारी हो जाती हैं।

   नेताओं, जनप्रतिनिधियो के आगे - पीछे मंडराने वाले पत्रकारों के लिये नेताओं की संवेदनहीनता स्वार्थपरता की पराकाष्ठा है। नेताओं की जी हुजूरी, चापलूसी में  लगे ऐसे पत्रकारों की आंखे शायद ही खुलें‌। लेकिन ऐसी संवेदनहीनता स्तब्ध कर देने वाली हैं। इस मामले को लेकर  जिले के समस्त पत्रकारों ने कड़ी निंदा की हैं।

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