दलाल अधिकारियों के दम पर चल रहा हैं संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन

अधिकारियों, कांग्रेस, भाजपा के नेता, जनप्रतिनिधि के सह पर बड़ा भर्ती घोटाला




पैसा या सिफारिश लाओ तभी होगी नगर परिषद में भर्ती स्थानीय युवाओं के हक पर डाका हो गयी फर्जी भर्ती

इंट्रो-  आज के समय में पैसा या पहुंच ही काम आता है इस बात को चरितार्थ कर दिए सूत्रों और हमारे संवाददाता से प्राप्त जानकारी के अनुसार नवगठित नगर परिषद बंनगवा, डूमर कछार, डोला में हुए भर्ती को लेकर यहां पर या तो पैसे के दम पर भर्ती हुए या नेताओं की सिफारिश पहुंच के दम पर भर्तियां हुई बताया तो यहां तक जाता है कि कर्मचारियों ने भी अपने रिश्तेदार दोस्त मित्रों  को भी यहां पर नौकरी में रखने में कोई कोर कसर नहीं छोड़े ! पीछे रह गए तो वह पढ़े-लिखे युवा जो हमेशा  दम भरते रहे कि हमारा कहीं भी आप इंटरव्यू ले लीजिए हम पास होकर ही नौकरी करेंगे वह युवा आज इंटरव्यू को तके  ही रह गए पैसा और पहुंच वाले नौकरी पा गए फर्जी भर्ती का पूरा खेल के सूत्रधार संयुक्त संचालक कार्यालय शहडोल में बैठी उनकी टीम के माध्यम से हो गया हैं उस कार्यालय में कुछ दलाल की तरह कार्य वाले अधिकारियों के सह और सांठ गांठ कर रुपयों के दम पर पूरा खेल खेला गया  और करोड़ो रूपये का वारा न्यारा किया गया ऐसे में ये अधिकारी करोड़ो के जमीन जायदाद के मालिक बन गए इनके कारण पढ़े लिखे स्थानीय लोगो के पेट पर लात मार दिया गया चंद रुपये के लिये ईमान धर्म और जमीर बेचने में थोड़ा भी नही शरमाये ये लोग जनप्रतिनिधियों को भी अपने साथ मिलाकर पूरा खेल को अपने अंजाम तक पहुँचा दिए मगर इनको ये नही मालूम कि ऊपरवाले की लाठी की मार में आवाज नही होती जब उसकी चलती हैं तो अच्छे बड़े लोगो की बाट लग जाती हैं बस थोड़ा समय का इंतजार करे। इन सब भ्रस्ट कार्यो में लिप्त अधिकारी, कर्मचारी, नेता जनप्रतिनिधि के नाम हमारे पास हैं मगर हम उनका नाम उजागर नही कर रहे है समय आने पर सारे नाम आप सभी लोगो के सामने होगा।

अनूपपुर/शहडोल

आपदा को अवसर बनाकर नगर परिषद में जिस प्रकार से भर्तियां की गई उन भर्तियों से कई सारे सवाल उठने लाजमी है जब कोरोना संक्रमण से पुरा जिला का  त्राहिमाम कराह रहा था तो नवगठित नगर परिषद में  पैसे और रसूख के दम पर भर्तियां चल रही थी इस भर्ती में आपदा पर अवसर सभी ने तलाशा चाहे वह सरकारी कर्मचारी रहा हो या फिर जनप्रतिनिधि सभी ने मिलकर अपने अपने हिसाब से सेटिंग नवगठित नगर परिषद में कर डाली, इस भर्ती को लेकर कहीं भी  युवाओं को कानो कार खबर नहीं चली कि यहां पर नवगठित नगर परिषद के लिए भर्तियां की जा रही हैं आखिर इतने बड़े भर्ती घोटाले पर अभी तक जिम्मेदारों की चुप्पी से कई सारे सवाल उठने भी लाजमी है !

*सूची में 25 फिर कहां से आ गए और कर्मचारी*

नगर परिषद मे युवाओं ने भर्ती को लेकर विरोध किया सबसे पहले युवाओं ने कितने कर्मचारी हैं उसकी सूची मांगी विरोध को देखते हुए प्रशासन ने सूची उपलब्ध कराने के लिए सीएमओ को कहा,  23 मार्च 2021 को जो सूची उपलब्ध कराई उसमें 25 कर्मचारी के नाम अंकित है लेकिन एक बार पुनः  इन कर्मचारियों की पोल जब खुल गई जब अन्य जगह के लोग आकर नगर परिषद में अपनी हाजिरी व नौकरी लगवा कर काम करने लगे बताया गया कि कर्मचारी का नाम प्रकाश कुमार तिवारी पदनाम सहायक राजस्व निरीक्षक वर्तमान पता कोतमा रोड अनूपपुर, कर्मचारी का नाम विशेष कुमार मिश्रा पता वार्ड क्रमांक 5 धनपुरी जिला शहडोल व एक अन्य के आई कार्ड के साथ नगर परिषद मे कर्मचारियों को देखा गया कुल मिलाकर जहां पर नगर परिषद को भर्तियों पर रोक लगानी थी और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ करना था, लेकिन नगर परिषद ने गुपचुप तरीके से भर्तियां पर भर्तियां करते ही गए लेकिन इन भर्तियों को लेकर स्थानीय युवाओं को कितना लाभ मिला अभी तक नगर परिषद बताने को तैयार नहीं है, गौरतलब है कि नगर परिषद के सीएमओ ने साफ तौर पर कह दिया है कि हमारे यहां किसी प्रकार से कर्मचारियों की कोई सूची नहीं है जिससे हम आपको उपलब्ध करा सके !

*स्थानीय युवाओं में आक्रोश*

जिस प्रकार से नगर परिषद बनगवां, डोला डूमरकछार में भर्ती के नाम पर मनमानी की गई स्थानीय युवाओं को अवसर नहीं दिया गया इससे स्थानीय स्तर की युवा काफी नाराज हैं उनमें आक्रोश देखा जा सकता है स्थानीय युवाओं का कहना है कि जल्द ही प्रशासन इस मुद्दे पर निर्णय लें और  विकेंसी निकालकर स्थानीय युवाओं को अवसर दें अगर समय रहते स्थानीय युवाओं को प्रशासन अवसर नहीं देती तो आगे चलकर आंदोलन हो सकता है !

*कैसे बना नगर परिषद*

मध्यप्रदेश के अंतिम छोर पर बसे राजनगर, डूमर कछार एवं डोला जो कि अनूपपुर जिले का भी अंतिम छोर कहा जाता है यह जिला आदिवासी बहुमूल्य क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है लेकिन 2014 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी के द्वारा इन तीनो ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में तब्दील करने के लिए राजनगर स्टेडियम में मंच के माध्यम  से घोषणा की गई  लेकिन इसके बाद कांग्रेश की सरकार आई और उन्होंने इन तीनों परिषदों को ग्राम  पंचायत ही रहने का आदेश जारी कर दिया लेकिन मध्यप्रदेश में  कांग्रेस की सरकार केवल 15 महीने ही  चल पाए  इसके बाद पुनः भाजपा की सरकार मध्यप्रदेश में बनी और उनके द्वारा तीनों  ग्राम पंचायतों को  नगर परिषद में तब्दील कर दिया गया।

*कांग्रेस और भाजपा का बड़ा खेल*

नगर परिषद में नगर के युवाओं की भर्ती होनी थी लेकिन अनूपपुर जिले के नवगठित नगर परिषदो  मे भाजपा के बड़े नेता हो या कांग्रेस के नेता सभी लोगों ने इन भर्तियों में ऐसा खेल खेला कि किसी को जरा सी भी जानकारी ना हो सकी इन तीनों नगर परिषदों में  बाहरी लोगों की भर्ती कर ली गई  और उन्हीं बकायदा हर महीने बिना नगर परिषद में गए हैं  पेमेंट मिला यह सरकार के लिए  एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है जब वहां के लोगो ने विरोध शुरू किया तो कांग्रेस और भाजपा के नेता जनप्रतिनिधियों ने चुप्पी साध ली यहाँ तक कोतमा विधायक के संज्ञान में मामला होने के बाद भी चुप बैठने से यह पता चलता हैं कि जिन लोगो ने यह खेल खेला उसका कमीशन के तौर पर नोटो की गड्डियां और उनके करीबियों की नौकरी जरूर मिल गयी होगी। मगर आने वाले दिनों में इसका खामियाजा उन लोगो को भुगतना पड़ेगा।

*स्थानीय युवाओं को नही मिला काम*

वही इन तीनों परिषदों में 40 40 लोगों की परिषद में की भर्ती  होनी  थी  जिसमें स्थानी  युवाओं को  मौका नहीं मिला जिससे  तीनों परिषदों के  युवाओं  व स्थानीय लोगों के द्वारा  इस घोटाले को लेकर  एक बड़ा आंदोलन  करने की तैयारी  की जा रही है  जिसे शायद मध्य प्रदेश का बड़ा घोटाला का भी  नाम दिया जा रहा है आखिरकार जब इन तीनों परिषदों में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की गाइडलाइन है तो आखिर कैसे इन पदों में छत्तीसगढ़ के लोग अनूपपुर के लोग शहडोल संभाग के अलावा जबलपुर तक के लोगों की भर्ती की गई जबकि इन तीनों परिषदों में इसके पूर्व में नगर के युवाओं द्वारा आंदोलन भी किया गया था जिसके बाद को रोना और लॉक डाउनलोड लग जाने के कारण वह आंदोलन नहीं हो सका लेकिन यह भर्ती को लेकर नगर में तरह-तरह की चर्चाओं का विषय गर्म है और आने वाले दिनों में युवा और वहाँ की जनता भर्ती घोटाले के खिलाफ बड़ा आंदोलन कर सकते है।

*क्या घोटाले बाजो पर होगी कार्यवाही*

 यह भर्ती में ऐसे लोगों का नाम है जो अब देखना यह होगा कि इस भर्ती घोटाले में जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही करते हैं या नगर के युवा इस भर्ती घोटाले को लेकर सड़क पर आते हैं या इन तीनों परिषदों के लोग होने वाले नगर परिषद चुनाव का बहिष्कार करते हैं यह एक बड़ा सवालिया निशान इन तीनों परिषदों में खड़ा होता देखा जा रहा है  और सबसे बड़ी बात इस भर्ती घोटाले में अधिकारियों की अहम भूमिका बताई जा रही है आखिरकार इस भर्ती घोटाले कि अगर निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो शायद यह तीनों परिषदों में चाहे वह भाजपा के दावेदार हो या कांग्रेस के दावेदार हो यह एकदम स्पष्ट हो चुका है कि इन दोनों ही पार्टी के उम्मीदवारों को वोट नहीं दिया जाएगा अब देखना यह होगा इस भर्ती घोटाले में जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्यवाही करते हैं या युवाओं को अपने हक की लड़ाई के लिए एक बार फिर सड़क पर आकर एक उग्र आंदोलन करना पड़ेगा यह बड़ा सवाल अनूपपुर जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र का है।


 

SDM का तुगलकी फरमान, किसानो को नही मिल रहा बीज खाद, व्यापारी भी परेशान

एसडीएम कोतमा का हिटलर शाही फरमान खाद बीज व्यापारी किसान परेशान ऋषि सिंघई के तुगलकी फरमान से परेशान धान बीज के व्यापारियों ने की व्यवसाय बन्द करने की तैयारी 1 जून से खुला है कोतमा बाजार लेकिन बन्द पड़ी है कृषि बीज/ धान विक्रय खेन्द्र पूरा दिन दुकान खोलने की है स्वीकृति लेकिन स्थान परिवर्तन आदेश से नाखुश बीज दुकानदारो  ने बन्द किया अपना व्यवसाय



अनूपपुर/कोतमा

कोतमा नगर में नगरीय प्रशासन व अनुविभागीय अधिकारी ऋषि सिंघई के प्रशासनिक फरमान से परेशान धान बीज के व्यापारियों ने अपने व्यवसाय को बन्द करने की तैयारी कर पिछले 6 दिन से अपने दुकानों के शटर नही उठाये हैं। धान बीज व्यापारियों अनुविभागीय अधिकारी ऋषि सिंघई व कोतमा नगरीय प्रशासन द्वारा अपनी दुकान एक माह तक चौपाटी में लगाने का आदेश दिया गया है। व्यावसायियों के बताए अनुसार ऋषि सिंघई द्वारा यह भी निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी ने भी अपनी दुकान पुरानी यथावत जगह में खोले या एक पैकेट भी बीज के बेंचे तो एक माह के लिए दुकान सील कर दूंगा। जिसके कारण बीज कारोबारियों में दहसत मची हुई है।

व्यावसायी चौपाटी में दुकान ले जाना नही चाह रहे प्रशासन घर मे दुकान खोलने नही दे रही,किसान भटक रहे बीज को,,

 45 दिन बाद अनलॉक हुए जिला अनुपपुर में जिला कलेक्टर व मजिस्ट्रेट ने अनलॉक की प्रक्रिया के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिबंध से मुक्त गतिविधियों में कालम नम्बर 6 में जहां खाद बीज कृषि/ उपकरण सम्बंधित सभी व्यवसायों को पूरे दिन खुले रहने की छूट दी है। यहां तक कि अनुपपुर सब्जी मंडी में भी धान बीज की दुकानों को हटाने या स्थान परिवर्तन के कोई आदेश नही हुए हैं बावजूद कोतमा में अनुविभागीय अधिकारी ऋषि सिंघई के तुगलकी फरमान *सभी खाद बीज की दुकान चौपाटी में लगेगी* के  आदेश से कोतमा खाद बीज व्यापारियों में काफी रोष देखा जा रहा है। इस तुगलकी फरमान के विरोध में कोतमा नगर के सभी कृषि धान बीज व्यवसायी अपने व्यवसाय बन्द करने की तैयारी कर रहे हैं। विदित होकि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोतमा के पत्र क्रमांक 1197/अनु,अ/2021 दिनांक 1 जून के आदेशानुसार कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को नियंत्रित रखने व वर्षा ऋतु के प्रारंभिक तैयारियों को देखते हुए फसलों के बीज व खाद विक्रय हेतु नगर पालिका परिषद कोतमा के वार्ड नम्बर 1 अटल चौपाटी की दुकान अस्थाई रूप से आबंटित की जाती है। जो कि अधिकतम एक माह के लिए आबंटित की जाएगी। जिसका क्रम 1,3,5,7,9,11,13,15,17,19,21,होगा। जिसमें समस्त  बीज एवम खाद दुकानदार अपना कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए अपना व्यवसाय करेंगे। उक्त आदेश पत्र में कोतमा के खाद बीज के 11 दुकानदारों की सूची संलग्न है। इसी तरह का एक आदेश पत्र नगर पालिका कोतमा द्वारा भी खाद बीज व्यापारियों को दिया गया है। नगरीय प्रशासन व कोतमा अनुविभागीय अधिकारी के इस आदेश से जहां खाद बीज व्यापारियों ने विरोध दर्ज करवाये हैं वही सभी व्यापारियों ने एक लिखित पत्र क्राइसिस कमेटी के सदस्य भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम, पूर्व विधायक मनोज अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष पति व सांसद प्रतिनिधि धर्मेंद्र वर्मा व अनुविभागीय अधिकारी ऋषि सिंघई को देना चाहे जिसे लेने से उन्होंने इनकार कर दिए। व रजिस्टर में सभी के दस्तखत ले लिए। खाद बीज के व्यापारियों ने मीडिया को अपनी समस्या बताए उन्होंने यह भी कहे कि यदि अपनी स्थायी दुकानों से कोई भी सामान बेंचे तो 188 के उल्लंघन में एक माह के लिए दुकान सील कर दी जाएगी। अमरकण्टक बीज व्यापारी संघ के अध्यक्ष रामचरण पटेल ने कहे है कि कोतमा नगर में हम बीज व्यापारियों को अपनी खुद की दुकान छोड़कर चौपाटी में दुकान लगाने के आदेश अनुविभागीय अधिकारी ऋषि सिंघई व नगर पालिका द्वारा दिये गए हैं। हम अपनी दुकान छोड़कर चौपाटी में कैसे अपना व्यापार करेंगे कितना सामान वहां रहेंगे पूरी व्हेरायती वहां नही रख पाएंगे हमे अपने गोदाम से समाना लाने ले जाने में समस्या आएगी हम सभी व्यापारियों के खाद बीज की खरीदी हो गयी है। बरसात का समय है। कोई अपना ठीहा नही छोड़ता हम सभी व्यापारी चौपाटी नही जाएंगे, कल जिले के सभी खाद बीज के व्यापारी कलेक्टर को इस तुगलकी फरमान के विरोध में ज्ञापन देंगे यदि प्रशासन जबरदस्ती करेगी तो हम सभी व्यापारी धान खाद बीज की दुकान बंद कर देंगे कोई व्यवसाय नही करेगा।

प्रशासन/क्राइसिस कमेटी का मानना है कि धान बीज खरीदी केंद्रों में भीड़ लगने से संक्रमण के बढ़ने का खतरा है।

अनुविभागीय अधिकारी व नगरीय प्रशासन व क्राइसिस कमेटी का मानना है कि कोतमा वार्ड नम्बर तीन जकीड़ा चौक के पास की बीज भंडार की दुकानों में किसानों के जमघट लग जाने से भीड़ बढ़ती है व फिर संक्रमण का खतरा बन सकता है जिस कारण दुकानों को चौपाटी में शिफ्ट करने के आदेश दिए गए है। वही स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी यही राय है कि बीज दुकानों को शहर के बाहर भेजा जाए।

अनुविभागीय अधिकारी के आदेश/कार्यवाहियों से व्यापारियों में है दहसत, प्रशासन की कार्यवाही से सरकार के खिलाफ बन रहा माहौल

पिछले दिनों जहां किराना गल्ला व्यावसायियों ने गोदाम में गाड़ी खड़ी कर माल अनलोडिंग करते समय हुई कार्यवाही व 5 दिन तक गोदाम सील करने व जबरन की कार्यवाही से व्यापारी हलाकान भाजपा के स्थानीय नेताओं व जनप्रतिनिधियों तक बात रखे व अपर कलेक्टर सरौन्धन सिंह ने भी मीडिया से कहे कि इस तरह की कार्यवाही गलत है। वही इस तरह की कार्यवाही व स्थानीय नेताओं व भाजपा पदाधिकारियों द्वारा असहयोग के कारण व्यापारियों में सत्तादल व भाजपा के खिलाफ माहौल बन रहा जिसका परिणाम आगामी नगर पालिका चुनाव में भाजपा को नुकशान दे सकता है।

मीडिया ने अनुविभागीय अधिकारी ऋषि सिंघई द्वारा की गई कार्यवाही की खबरे प्रकाशित की। नवागत कलेक्टर महोदया के संज्ञान में बात लायी गयी। अनुविभागीय अधिकारी ऋषि सिंघई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी कार्यवाही में मीडिया को सफाई दिए। व अपनी कार्यवाही को जायज ठहराए साथ ही खुले शब्दो मे कुछ बाहरी मीडिया/व नेताओ को भ्रान्तियां फैलाने पर प्रशासनिक कार्य मे बाधा डालने पर सख्त कार्यवाही की चुनौती भी दी गयी।

सरकार के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्र में सिंगल फेस विद्युत सप्लाई कर रहे विद्युत अधिकारी  जिसको लेकर विधायक ने  6  मई को  दिया धरना

अनूपपुर/


कोतमा

विधानसभा क्षेत्र कोतमा के ग्राम पंचायतो में करीब एक माह से लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। जिसकी शिकायत अनेकों बार ग्रामवासियों द्वारा विधुत विभाग के अधिकारियों को दी गयी। वावजूद इसके स्थिति जस के तस बनी हुई है जिसमे कोई सुधार न हो पाने की दशा में ग्रामवासियों ने क्षेत्रीय विधायक सुनील सराफ से समस्या बताये कि करीब 1 माह से गांव में बिजली का सिंगल फेस है। जिसके चलते कूलर, फ्रिज, पंखा, आटा चक्की, पानी मोटर नहीं चल पा रहे है। रात में पंखे हिल्ते है चलते नहीं। ग्रामीणों का कहना है कि एक फेस बंद है एवं 4 से 12 सिंगल फेस व सुबह 3 से 10  फिर सिंगल फेस की विद्युत सप्लाई से ग्राम वासी अच्छे खासे परेशान है। जिसकी शिकायत विधायक सुनील सराफ से की गई। उक्त मामले में विधायक सुनील सराफ ने बताये कि जब मेरे द्वारा विद्युत मण्डल के ऐ ई से जानकारी चाही गयी तो उनका कहना था कि ऊपर से ही निर्देश प्राप्त हैं। जिसको लेकर विधायक  सुनील सराफ के द्वारा विद्युत विभाग के अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया गया था कि जल्द ही ग्रामीणों को विद्युत की समस्या से निजात नहीं मिला तो विद्युत मंडल कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे । 6 मई को विधायक सुनील सराफ ब्लॉक अध्यक्ष मनोज सोनी के नेतृत्व में कोरोना  नियमों का  पालन करते हुए  सोशल डिस्टेंसिंग  के साथ विद्युत मंडल कार्यालय के सामने  धरना प्रदर्शन करते हुए  मुख्यमंत्री  के नाम  कोतमा एसडीएम  को ज्ञापन सौंपते हुए  बताया कि  मध्यप्रदेस के मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाते हुए कहे हैं कि क्या गांव की जनता जनता नही है या वो आपके मतदाता है।ग्रामीण क्षेत्रो में कूलर,पंखे फ्रिज, आटा चक्की, पानी मोटर नहीं चल पा रहे है। रात में पंखे हिल्ते है चलते नहीं। 

इस भीषण गर्मी में ग्रामवासी विद्युत की समश्या से अच्छे खासे परेशान हैं

आखिरकर शिवराज सरकार द्वारा ग्राम वासियों के साथ दोहरी नीति क्यों अपनाई जा रही है। एक तरफ पूरे देश मे कोरोना संक्रमण से लोग जूझ रहे हैं ग्रामीण क्षेत्रो में लोग संक्रमण के डर से घरों में लोग दुबके हुए हैं। इस भीषण गर्मी में भी गांवों में सिंगल फेस विद्युत सप्लाई कर गांववालों  के साथ अन्याय कर रही है। विधायक सुनील सराफ मध्यप्रदेस की शिवराज सरकार को चेतावनी देते हुए कहे हैं कि यदि ग्राम वासियों को फूल वोल्टेज व डबल फेस विद्युत सप्लाई  देते हुए ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को राहत प्रदान की जाए  । उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में महंगाई सबसे ज्यादा है डीजल पेट्रोल खाद्य तेल सहित अन्य सामग्री की कीमतें  आसमान छू रही हैं ।  ज्ञापन में विधायक ने मांग करते हुए कहा है कि कोरोना काल में लॉकडाउन के कारण उद्योग धंधे एवं दुकाने बंद है कम से कम उनके विद्युत बिलों में विनिमय चार्ज कम किया जाए एवं ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में कम से कम माह अप्रैल से जुलाई तक का बिल माफ किया जाए ।

*ग्रामीण क्षेत्रो में भी धरना प्रदर्शन*

 6 जून को ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी में की विद्युत कटौती के सम्बंध में धरना प्रदर्शन किया गया बताया गया हैं कि सिंगल फेस कटौती चल रही हैं जिसके कारण ग्राम में आये दिन समस्या बनी रहती हैं बिजली विभाग के अधिकारियों जेई एसे पूछा गया कि यह कटौती क्यो हो रही हैं तो उनका कहना हैं ये ऊपर से हमारे उच्च अधिकारियों का आदेश हैं कि ग्रामीण अंचलों में कटौती की जाए जब सरकार की तरफ से ग्रामीण क्षेत्रो में भरपूर बिजली प्रदान करने को कहा जा रहा हैं इसी मामले को लेकर कोतमा विधायक कोतमा बिजली विभाग कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए है और उनके कहने से जहाँ जहाँ जिन ग्रामो में कटौती की जा रही हैं वहाँ की जनता उनके समर्थन में ग्रामीण क्षेत्रो में धरने पर बैठ गए है पंचायत के समने धरना प्रदर्शन में कोविड़ सोशल डिस्टेंस का पूरी तरह पालन किया जा रहा है धरने में बैठने वालों में पंकज पाण्डेय, प्रफुल्ल पाण्डेय, छोटू पाण्डेय, मान सिंह, केशव सिंह आदि।

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