दबंग पब्लिक प्रवक्ता

अवैध प्लॉटिंग पर एसडीएम की सख्ती, पूर्व पार्षद, मंडल अध्यक्ष की माँ समेत अन्य को नोटिस जारी


अनूपपुर

नगर में लंबे समय से चल रही अवैध प्लॉटिंग और जमीन विक्रय के खेल पर अनुविभागीय दंडाधिकारी कोतमा द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आधार पर प्रकरण पंजीबद्ध कर कई प्रभावशाली लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं। इस कार्रवाई से भूमाफियाओं में हड़कंप मच गया है।

नगर के वार्ड क्रमांक 8 में बिना वैधानिक अनुमति के प्लॉटिंग कर जमीन बेचने का मामला सामने आया है। इसमें  भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र जैन की मां पूर्व पार्षद ममता जैन द्वारा कथित रूप से अवैध रूप से भूमि का विभाजन कर विक्रय किए जाने की शिकायत मिली थी। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ प्लॉटों का पंजीयन कर बिक्री भी कर दी गई है, जो सीधे-सीधे राजस्व नियमों का उल्लंघन है।

इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 10 में भी भुमेश प्रसाद पिता अगस्त मुनि, संतन पाल एवं रुकमणी देवी सोनी द्वारा अवैध प्लॉटिंग कर जमीन बेचे जाने का मामला उजागर हुआ है। तहसीलदार एवं पटवारी की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम कार्यालय ने इन सभी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर विधिवत नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

जांच में पाया गया कि संबंधित लोगों ने बिना लेआउट स्वीकृति, बिना डायवर्सन और बिना सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के भूमि का छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजन कर विक्रय किया। यह कृत्य मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता एवं नगर एवं ग्राम निवेश अधिनियम के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। 

इनका कहना है।

संबंधित जनों को नोटिस जारी कर दिया गया है अग्रिम कानूनी कार्यवाही जारी है। 

*सतीश वर्मा, एसडीएम, कोतमा*

जर्जर सड़क, जानलेवा गड्ढा, हो सकता है बड़ा हादसा, युवती से शारीरिक शोषण, आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

कोतमा नगर अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-43 का बायपास इस समय गंभीर बदहाली का शिकार है। बसखली तिराहा से शुक्ला ढाबा तक लगभग एक किलोमीटर मार्ग गहरे गड्ढों, उखड़ी डामर परत और उड़ती धूल के कारण अत्यंत जोखिमपूर्ण हो चुका है। जायसवाल कबाड़ दुकान और शुक्ला ढाबा क्षेत्र के आगे कई स्थानों पर सड़क की संरचना कमजोर हो चुकी है, जबकि बीच का बड़ा गड्ढा “जानलेवा” रूप ले चुका है, जिससे लगातार दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

यह मार्ग मध्य प्रदेश में कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर से होकर गुजरता है, जहां कोतमा बायपास इसका अहम हिस्सा है। इसके बाद यह छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर से होकर झारखंड को जोड़ता है। लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण सड़क कई स्थानों पर 1 से 2 फीट गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। दिन में धूल दृश्यता कम करती है, जबकि रात में प्रकाश और चेतावनी संकेतों की कमी से जोखिम और बढ़ जाता है।

इस समस्या के पीछे लोक निर्माण विभाग (PWD) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर असमंजस बना हुआ है, जिससे मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है।स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह मार्ग अब दुर्घटनाओं का केंद्र बन चुका है। वाहन लगातार गड्ढों में फंसते हैं और हादसे हो रहे हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक प्रभावित है। कोतमा बायपास का यह हिस्सा अत्यंत उच्च जोखिम दुर्घटना क्षेत्र बन चुका है, जहां कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।

*युवती से शारीरिक शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार*

कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा 27 वर्षीय नवयुवती को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने के अपराध में आरोपी टीकम सिहं मरावी पिता धीरेन्द्र सिहं मरावी उम्र 30 साल निवासी ग्राम घाटा धोपगढ़ थाना करनपठार अनूपपुर को गिरफ्तार किया गया है।

27 वर्षीय नवयुवती द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि आरोपी टीकम सिहं मरावी पिता धीरेन्द्र सिहं मरावी उम्र 30 साल निवासी ग्राम घाटा भोपगढ थाना करनपठार अनूपपुर ने मित्रता की और शादी करने का विश्वास दिलाकर पिछले दो साल से शारीरिक शोषण किया जा रहा है। जो उक्त रिपोर्ट पर तत्काल अपराध क्रमांक 233/26 धारा 69 बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया जाकर टी.आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, प्रधान आरक्षक शेख रसीद, आरक्षक अब्दुल कलीम की टीम के द्वारा आरोपी टीकम सिहं मरावी को ग्राम घाठा  धोबगढ़, करनपठार से गिरफ्तार किया गया है।

कार में मिला था गांजा, कुएं में मिला था तीन शव मामले में छटवां आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार


शहडोल

जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में 13-14 अप्रैल की रात कुएं में मिले तीन युवकों के शव के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी माइकल को गिरफ्तार किया है। इस बहुचर्चित घटना में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन मौत की परिस्थितियों को लेकर उठ रहे सवाल अब भी शांत नहीं हुए हैं।

मृतकों की पहचान तनुज शुक्ला, सचिन सिंह बघेल और रोहित शर्मा के रूप में हुई थी। पुलिस का दावा है कि गांजा तस्करी के दौरान पुलिस को देखकर तीनों युवक भागे और करीब 60 फीट दूर स्थित कुएं में गिरने से उनकी मौत हो गई। हालांकि, स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि जब पुलिस मौके पर मौजूद थी और वाहनों की तलाशी लेकर गांजा जब्त कर रही थी, तब पास ही कुएं में डूब रहे युवकों की भनक तक नहीं लगना कई सवाल खड़े करता है।

गिरफ्तार किया गया माइकल वही व्यक्ति है, जो घटना की रात दुर्घटनाग्रस्त क्रेटा कार में ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठा था। इस कार को सुनील टांडिया चला रहा था, जिसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, माइकल इस पूरे गांजा नेटवर्क की अहम कड़ी हो सकता है और उससे पूछताछ में तस्करी के स्रोत और सप्लाई चैन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

इस मामले में सबसे पहले सड़क किनारे खड़ी कार के मालिक शंकर विश्वकर्मा को पकड़ा गया था। उसके इनपुट पर आगे की कार्रवाई करते हुए सुनील टांडिया, हीरासिंह (जिसके घर से 200 किलो गांजा बरामद हुआ), सोनू बैगा और रामपाल सिंह को गिरफ्तार किया गया। अब माइकल की गिरफ्तारी के साथ यह संख्या छह हो गई है, जबकि तीन अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है।

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