अवैध शराब और मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी पर अंकुश लगाने अखिल भारतीय OBC महासभा ने उठाई मांग
अवैध शराब और मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी पर अंकुश लगाने अखिल भारतीय OBC महासभा ने उठाई मांग
*राष्ट्रीय सचिव एडवोकेट देवेंद्र वर्मा*
*मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात सरकारों से उच्चस्तरीय जांच एवं दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की*
छिंदवाड़ा
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल सहित सीमावर्ती क्षेत्रों से महाराष्ट्र और गुजरात तक कथित रूप से बड़े पैमाने पर अवैध शराब की आपूर्ति किए जाने के मामलों पर अखिल भारतीय OBC महासभा ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।
अखिल भारतीय OBC महासभा के राष्ट्रीय सचिव एडवोकेट देवेंद्र वर्मा ने मांग की है कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात सरकारें इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर उच्चस्तरीय जांच कराएं तथा अवैध शराब के कारोबार की जड़ों तक पहुंचकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि हाल ही में छिंदवाड़ा जिले के सौंसर में महाराष्ट्र के वर्धा की ओर जा रही शराब की खेप पकड़े जाने की घटना ने एक बार फिर अंतरराज्यीय शराब तस्करी के सवाल को सामने ला दिया है। पूर्व में भी अलग-अलग क्षेत्रों में शराब की अवैध खेप पकड़े जाने की खबरें आती रही हैं। ऐसे में केवल वाहन चालकों और छोटे स्तर पर जुड़े लोगों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि शराब के वास्तविक स्रोत, आपूर्ति करने वालों, आर्थिक लेन-देन और पूरे नेटवर्क की जांच जरूरी है।
एडवोकेट देवेंद्र वर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात तीनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं। इसके बावजूद यदि एक राज्य से दूसरे राज्य तक बड़ी मात्रा में अवैध शराब पहुंचने की घटनाएं सामने आ रही हैं, तो यह संबंधित सरकारों, पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग के लिए गंभीर सवाल है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों के बीच यह आशंका और चर्चा है कि क्या इस कारोबार को कहीं प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है? क्या संबंधित विभागों के कुछ जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए? इन सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। किसी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि पर बिना प्रमाण आरोप लगाने के बजाय निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच से वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।
उन्होंने मांग की कि छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल सहित सीमावर्ती जिलों में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री की व्यापक जांच कराई जाए। महाराष्ट्र और गुजरात में शराब पहुंचाने वाले स्रोतों तथा अंतिम प्राप्तकर्ताओं की पहचान की जाए। आवश्यकता पड़ने पर तीनों राज्यों की संयुक्त जांच टीम गठित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जांच का दायरा केवल शराब तक सीमित नहीं रहना चाहिए। गांजा, अफीम और हेरोइन जैसे प्रतिबंधित मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की आशंकाओं की भी संबंधित एजेंसियों द्वारा गंभीरता से जांच की जाए। यदि किसी संगठित नेटवर्क के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई हो।
एडवोकेट देवेंद्र वर्मा की प्रमुख मांगें हैं कि तीनों राज्यों के मुख्यमंत्री एवं गृह विभाग संयुक्त बैठक कर अंतरराज्यीय तस्करी रोकने की ठोस कार्ययोजना बनाएं, पुलिस और आबकारी विभाग की जवाबदेही तय करें तथा किसी भी राजनीतिक, प्रशासनिक या आर्थिक रूप से प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता प्रमाणित होने पर उसके विरुद्ध भी निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई करें।उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष का विषय नहीं, बल्कि आम जनता, युवाओं, ग्रामीण समाज, जनस्वास्थ्य और कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
जनता को आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए। कानून का राज होना चाहिए, किसी तस्करी नेटवर्क का नहीं साथ ही संबंधित पुलिस और आबकारी अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच हो। जहां लापरवाही या मिलीभगत प्रमाणित हो, वहां जवाबदेही निर्धारित की जाए।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब बार-बार अवैध शराब की खेप पकड़ी जा रही है, तो इस कारोबार की पूरी श्रृंखला पर निर्णायक कार्रवाई कब होगी?
यह केवल आबकारी राजस्व का मामला नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य, जनस्वास्थ्य, कानून व्यवस्था और राज्यों की सीमाओं पर कानून के प्रभावी पालन का भी सवाल है।
इसी पैटर्न पर छिंदवाड़ा पांढुर्णा बैतूल जिले से महाराष्ट्र वर्धाकी ओर शराब तस्करी हो रही है कई वर्षों से कई बार महाराष्ट्र पुलिस ने पकड़ी है अभी भी लगातार शिवनी नरखेड़ काटोल वर्धामार्ग बडचीचोली काटोल वर्धा पांढुर्णा से पार्डी दाढ़ी मेटा नरखेड पांढुर्णा से 11 खोली राजोकला वाया नरखेड वर्धा यह प्रमुख मार्ग है लगातार शराब माफिया द्वारा इन मार्गों का चयन किया जाता है आबकारी विभाग पुलिस प्रशासन सत्ता में बैठे विपक्ष में बैठे कुछ नेताओं का सिंडिकेट है शराब के साथ अन्य रेत गांजा मादक पदार्थ बीड़ी सिगरेट तंबाकू चरस गो तस्करीअन्य नशीली चीज इन मार्गों से होती है प्रशासन का ध्यान नहीं है नई एसपी महोदया से अपेक्षा है इन अवैध धंधों पर लगाम लगे सख्त से सख्त कार्रवाई कर ऐसे दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो और दोबारा ऐसे लोगों को शासकीय ठेके ना मिले अभी दो दिन पहले ही सौसर के पास अवैध परिवहन करते हुए गाड़ी पकड़ी गई लेकिन स्थानीय लोगों को कभी नहीं पकड़ा गया पूरा रैकेट इन तीन जिले के लोग ही चला रहे हैं जब सत्ता और विपक्ष का गठजोड़ हो जाए तो तीसरा आधार स्तंभ कलम की ताकत है मीडिया सोशल इलेक्ट्रॉनिक प्रिंट आपसे अपेक्षा है।

