नपा पर गंभीर आरोप 181 शिकायत बिना निराकरण के बंद, 10 मीटर नाली के लिए 15 लाख का एस्टीमेट
नपा पर गंभीर आरोप 181 शिकायत बिना निराकरण के बंद, 10 मीटर नाली के लिए 15 लाख का एस्टीमेट
*पीड़ित ने उठाई जांच की मांग*
अनूपपुर
जिला मुख्यालय की नगर पालिका परिषद एक बार फिर कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। वार्ड क्रमांक 9 के भूमि स्वामीके पुत्र भगवान दास मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन (खसरा नंबर 835) में नगर का निस्तारण पानी वर्षों से डाला जा रहा है, जिससे उनकी भूमि तालाब में तब्दील हो गई है।
पीड़ित के अनुसार, इस समस्या को लेकर उन्होंने कई वर्षों से मौखिक शिकायतें कीं, लेकिन हर बार सीएमओ द्वारा नाली निर्माण का आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया। मजबूर होकर उन्होंने 12 फरवरी 2026 को सीएम हेल्पलाइन 181 में शिकायत क्रमांक 36 7200 14 दर्ज कराई।
मिश्रा का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी कोई स्थलीय कार्यवाही नहीं की गई। उल्टा नगर पालिका के इंजीनियर पांडेय द्वारा फोन कर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया और नाली निर्माण का भरोसा दिया गया।
जब शिकायतकर्ता ने कहा कि मात्र 10 मीटर पक्की नाली बना देने से समस्या का समाधान हो जाएगा, तब भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। आरोप है कि बाद में शिकायत को जबरन बंद कर दिया गया और यह कहा गया कि 20 तारीख तक ग्रेडिंग है, उसके बाद दोबारा शिकायत कर देना।
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब सीएम हेल्पलाइन से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि नगर पालिका द्वारा इस कार्य के लिए 15 लाख रुपये से अधिक का एस्टीमेट दर्शाया गया है, जिसे परिषद की बैठक में स्वीकृति के बाद ही कार्य होगा।
जबकि शिकायतकर्ता का कहना है कि 10 मीटर नाली निर्माण का खर्च अधिकतम 40 से 50 हजार रुपये ही हो सकता है। ऐसे में लाखों का एस्टीमेट दिखाना गंभीर अनियमितता और योजना के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी सीएम हेल्पलाइन 181 योजना की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना समाधान के शिकायत बंद करना और आंकड़ों में हेरफेर कर मामले को दबाने की कोशिश करना, आम जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाने वाला है। पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

