दबंग पब्लिक प्रवक्ता

एसईसीएल की भूमिगत खदान के पास जमीन धंसा, घर के आंगन 30 से 40 फीट का गड्ढा, घर का एक हिस्सा प्रभावित

*दहशत में रहवासी, सुरक्षा की चिंता*


अनूपपुर

एसईसीएल की जमुना कॉलरी क्षेत्र में जमीन धंसने की गंभीर घटना सामने आई। कॉलरी के वार्ड क्रमांक 05 निवासी रानी प्रजापति का मकान अचानक हुए भू-धंसाव की चपेट में आ गया। जमीन धंसने के घर का एक हिस्सा नीचे बैठ गया है। आंगन में लगभग 30 से 40 फीट का गड्ढा हो गया है। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल है।

प्रत्यक्ष मौके पर देखा गया कि मकान के आसपास की जमीन अचानक धंस गई है भू-धंसाव के कारण जमीन का एक बड़ा हिस्सा नीचे की ओर चला गया, जिससे मकान की स्थिति बेहद चिंताजनक नजर आ रही है घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जमीन का स्तर सामान्य सतह से कई फीट नीचे बैठ गया है

घटना की जानकारी सोनू लोधी द्वारा दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया और घटना की तस्वीर तथा वीडियो रिकॉर्ड किए गए हैं मौके की स्थिति से स्पष्ट है कि भू-धंसाव सामान्य स्तर का नहीं बल्कि गंभीर है।

जमुना कॉलरी क्षेत्र में भूमिगत खदानों के आसपास बड़ी संख्या में परिवार निवास करते हैं ऐसे में रिहायशी क्षेत्र में अचानक जमीन के इस तरह धंसने की घटना ने लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्र को तत्काल सुरक्षित किया जाना चाहिए आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के साथ विशेषज्ञों की मदद से पूरे क्षेत्र का परीक्षण कराया जाना जरूरी है। इस भू-धंसाव एसईसीएल के भूमिगत खनन क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। 

सेमरा में 38 हाथियों के झुंड का आतंक, फसलों को पहुंचा रहे नुकसान, दहशत में ग्रामीण व किसान

*वन विभाग की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल*


शहडोल

तहसील गोहपारु क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरा में पिछले दो दिनों से 38 जंगली हाथियों के झुंड की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। शाम होते ही हाथियों का झुंड गांव के आसपास विचरण करने लगता है और किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। लगातार हो रहे नुकसान से किसानों में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों की लगातार मौजूदगी के बावजूद वन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस एवं प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के कर्मचारी केवल हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं, जबकि हाथियों को सुरक्षित तरीके से बांधवगढ़ जंगल की ओर ले जाने अथवा समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं दिख रहे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, हाथियों के गांव में प्रवेश की आशंका के चलते शाम होते ही बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। इससे रात के समय अंधेरा छा जाता है और ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बिजली बंद होने से किसानों के कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं, वहीं बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। भय के कारण किसान दिन में भी खेतों में जाने से कतरा रहे हैं।

किसान मोर्चा के पूर्व जिला महामंत्री रामनारायण मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र में दो दिनों से हाथियों का लगातार मूवमेंट बना हुआ है। ग्रामीण भयभीत हैं और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने मांग की कि हाथियों के झुंड को सुरक्षित रूप से बांधवगढ़ जंगल की ओर भेजने की व्यवस्था की जाए तथा किसानों की फसलों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

अब ग्रामीणों की निगाहें वन विभाग और प्रशासन पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके और किसानों को हो रहे नुकसान पर अंकुश लगाया जा सके।

जंगल मे मवेशी चराने गए चरवाहे की मौत, बाघ के हमले से मौत की आशंका, वन विभाग जाँच में जुटी


उमरिया

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम छतवा के झील टोला निवासी राजेन्द्र यादव, पिता शिव शंकर यादव, उम्र 60 वर्ष, मवेशी चराने हेतु जंगल गए थे और वापस नहीं लौटे।

सूचना प्राप्त होते ही पनपथा बफर के वन अमले तथा ग्रामीणों द्वारा संयुक्त रूप से खोज एवं बचाव कार्य प्रारम्भ किया गया। भोंडवन हार, कम्पार्टमेंट आर.एफ.-184, बीट जमुनिहा, पनपथा बफर में राजेन्द्र यादव का शव पाया गया। प्रारम्भिक जाँच में मृत्यु का कारण बाघ का हमला होना पाया गया। घटनास्थल के पास बाघ के पंजे के निशान तथा पेड़ों पर पंजे/खरोंच के निशान भी पाए गए हैं. घटना की सूचना क्षेत्र संचालक को प्राप्त हुई जिसपर त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी करते हुए  इस दुखद घटना की सूचना क्षेत्र संचालक द्वारा तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारियों और वनकर्मियों, राजस्व एवं पुलिस विभाग की उपस्थिति में शव का पंचनामा एवं पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया तथा अंतिम संस्कार की कार्यवाही परिजनों द्वारा सम्पन्न की गई है।

मृतक के पुत्र शिव कुमार यादव को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के द्वारा तत्काल सहायता राशि ₹10,000/- (रुपये दस हजार मात्र) प्रदान की गई है। वन्य प्राणी से मृत्यु होने पर शासन द्वारा निर्धारित 8 लाख मुआवजा स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व द्वारा क्षेत्र में लगातार मुनादी कराकर ग्रामीणों को बाघों के विचरण क्षेत्र में प्रवेश न करने, जंगल में अकेले न जाने तथा सुरक्षा हेतु सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। क्षेत्र में वन अमले द्वारा गश्त बढ़ा दी गई है।

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