दबंग पब्लिक प्रवक्ता

हॉस्टल से एक के बाद एक छात्रा हो रही है गायब, 2 अधीक्षिका निलंबित, थाना में हुई शिकायत


शहडोल 

जिले के सोहागपुर क्षेत्र स्थित माता शबरी शासकीय कन्या शिक्षा परिसर, कंचनपुर इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। यहां संचालित गर्ल्स हॉस्टल से एक के बाद एक छात्राओं के लापता होने की घटनाओं ने न सिर्फ शिक्षा विभाग बल्कि जिले की सुरक्षा व्यवस्था को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। ताजा मामला सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार 28 दिसंबर को कक्षा 12वीं की एक छात्रा हॉस्टल से अपने मामा के साथ घर जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वह घर नहीं पहुंची और लापता हो गई। इस मामले में तत्कालीन अधीक्षिका सुलोचना बट्टे ने सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अभी इस मामले की पड़ताल कर ही रही थी कि हॉस्टल से दूसरी छात्रा के लापता होने की सूचना ने सभी को चौंका दिया। 

8 जनवरी को कक्षा 10वीं की एक छात्रा अपने नाना और दो अन्य छात्राओं के साथ हॉस्टल पहुंची थी। उसकी दोनों सहेलियां तो हॉस्टल के भीतर चली गईं, लेकिन उक्त छात्रा अपनी बहन को बाहर छोड़ने की बात कहकर मुंह में कपड़ा बांधे बाहर निकली और फिर वापस नहीं लौटी। जब रोल कॉल के दौरान छात्रा की अनुपस्थिति सामने आई, तब हॉस्टल प्रबंधन में अफरा-तफरी मच गई, इसके बाद प्रिंसिपल देवेंद्र श्रीवास्तव ने मामले की शिकायत सोहागपुर थाने में दर्ज कराई,पुलिस ने इस मामले में भी अज्ञात के खिलाफ अपहरण का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए अधीक्षिका सुलोचना बट्टे को निलंबित कर दिया,उनके स्थान पर चंद्रकला की पदस्थापना की गई, लेकिन उनके ज्वाइन न करने पर उन्हें भी निलंबित कर दिया गया। फिलहाल ममता सिंह को नई अधीक्षिका नियुक्त किया गया है। एक के बाद एक छात्राओं के लापता होने से अभिभावकों में दहशत है और पूरे जिले में इस गर्ल्स हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

वहीं इस मामले में सहायक आयुक्त जन जातीय कार्य विभाग आनंद राय सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों मामलों में थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, मामले की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। वहीं इस पूरे मामले में उप पुलिस अधीक्षक शहडोल राघवेंद्र द्विवेदी का कहना है कि हॉस्टल से दो छात्रा के लापता होने की शिकायत पर मामला दर्ज कर मामले की पड़ताल की जा रही है।




वेयर हाऊस में धर्म कांटा में हुई छेडछाडी, शार्ट धान का जिम्मेदार कौन, खरीदी केन्दो को लगा लाखों का चूना

*पूजा वेयर हाऊस में पकड मे आया मामला*


उमरिया

जिले के वेयर हाऊसो में खरीदी केंद्र से पहुचने वाली धान जो धर्म कांटा से तौल कर ली जाती है, धर्म कांटा में छेड़छाड़ करके आने वाली धान को कम आमद बता कर खरीदी केन्दो को लाखों का चूना लगाया जा रहा है। ऐसी ही सनसनीखेज वारदात  जिले के पाली में स्थित पूजा वेयर हाऊस में पकड मे आयी है। बताया जाता है कि घुनघुटी स्थित केशव वेयर हाऊस में भी इसी तरह की आंशकाये प्रबल है। धान खरीदी केन्द्र के प्रबंधक के सूझबूझ से मामले का राजफास हुआ है। बताया जाता है कि केशव वेयर हाऊस में कम आंकी गयी धान जब पहली बार पूजा वेयर हाऊस गयी, तब समिति के तौल के मुताबिक सही उतरी, लेकिन दुसरे दिन केशव वेयर का एक नामी कार्यकर्ता ने पूजा वेयर हाऊस में भी पहुँच कर पूजा धर्म कांटा में हेराफेरी कर दी जिससे पूजा वेयर हाऊस में हर परिवहन वाहक में तीन क्विंटल धान शार्ट होने लगी। यही स्थित केशव वेयर हाऊस में बतायी जा रही है। मामले का खुलासा जब हुआ जब पूजा वेयर हाऊस में धान खरीदी केन्द्र के प्रबंधक ने गलत नाप के सत्यापन के लिए पूजा वेयर हाऊस पहुँच कर अपने तौल कांटा से तौल कर उनके धर्म कांटा में तौलने पर अंतर पकड मे आया, जिस पर धान परिहन वाहन को अन्य धर्म कांटा भेजकर तौल कराया गया, जिस पर धान खरीदी केन्द्र की तौल सही पायी गयी है। इस तरह पूजा वेयर हाऊस के धर्म कांटा में छेड़छाड़ करके अतिरिक्त धान लिया जाना साबित हो गया। इस तरह देखा जाये तो जिले के वेयर हाऊसो में धर्म कांटा से छेड़छाड़ करके धान शार्ट करने के सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है, जबकि के के वेयर हाऊस के धर्म कांटा को नाप तौल निरपत कीर ने समितियों की आंख बचाकर सत्यापन कर क्लीन चिट दे दी गयी है। बताया जाता है कि के के वेयर हाऊस भरौंला  की नाप तौल में गडबडी के आरोप में  इसके पहले क ई बार वेयर हाऊस सील की जा चुकी है , बताया जाता है कि एक बार इनके विरूद्ध दो करोड़ की रिकवरी निकाली गई थी,जिसमें भी गोल माल कर मामले को रफा दफा किया जा चुका है। हाऊसो में चल रही इस धांधली के उजागर होने के बाद भी  बाद भी प्रशासन अब तक वेयर हाऊसो के विरुद्ध किसी तरह की कोई कार्यवाही  न कर बेशर्मी की चादर ओढ़ कर दुबका हुआ है, जिससे वेयर हाऊसो की मनमानी बढी हुई है। धर्म कांटो में हुई इस छेडछानी से धान शार्ट होकर जिले की समितियों में करोड़ों रूपयों की जो रिकवरी निकाली गई है उसके भरपाई के लिए आखिर कार कौन जिम्मेदार होगा यह सवाल हर एक समिति के मन में सता रहा है।वेयर हाऊसो में धान का रख रखाव समिति वार अलग अलग रखा जाना चाहिए ताकि उनका भौतिक सत्यापन किया जा सकें, लेकिन इस तरह सभी समितियों का धान मिला जुला कर  गडबड रख दिया जाता है की समिति वार समीक्षा नहीं की जा सकती है। इस तरह वेयर हाऊसो की इस काली कमाई की भरपाई समितियों से किया जाना कहा तक उचित माना जाता है। इस संवेदनशील मामले में जिला प्रशासन आखिर कार किस नतीजे पर पहुचंता है  यह अभी भविष्य के गर्त में छिपा हुआ है।

तीन हाथी मटर की फसल को बनाया आहार, लापरवाही पर 6 स्व सहायता समूहो का अनुबंध समाप्त


अनूपपुर

विगत 18 दिन पूर्व आए तीन हाथियों का समूह निरंतर जैतहरी क्षेत्र के धनगवां बीट के जंगल में दिन एवं रात को भी विचरण कर रहे है जो कई दिन बाद गुरुवार शुक्रवार की मध्यरात्रि तीनों हाथी जंगल से निकल कर एक किसान के खेत में लगी मटर की फसल को अपना आहार बनाते हुए सुबह होते ही वापस जंगल जा कर ठहर गए।

विदित है कि तीन हाथियों का समूह 23 दिसंबर की रात छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा को पार कर एक बार फिर से अनूपपुर जिले के जैतहरी इलाके में धनगवां वन बीट के जंगल में निरंतर 18 दिन से दिनो से ठहरे हुए हैं जो विगत कई दिनों से रात के समय भी जंगल में ही रहकर रात बिता रहे हैं लेकिन गुरुवार एवं शुक्रवार की मध्य रात्रि तीनों हाथी धनगवां बीट के कुसुमहाई गांव से लगे झंडीटोला के पास से एक किसान वीरन नापित के खेत में लगे मटर की फसल को अपना आहार बनाते हुए चोई गांव के गोढाटोला एवं धनगवां पंचायत के दर्रीटोला तक विचरण करते हुए शुक्रवार की सुबह होने ही फिर से धनगवां के जंगल में विचरण एवं विश्राम करने चले गए हाथियों के निरंतर विचरण पर वन विभाग द्वारा दो अलग-अलग स्तर पर गश्ती दल तैयार कर ग्रामीणों की मदद से रात भर ग्रस्त करते हुए ग्रामीणों को सतर्क एवं सचेत रहने की बात कह रहे हैं लेकिन जंगल से लगे कुछ गांव के ग्रामीण अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हिदायत दिए जाने के बाद भी घनघोर जंगल के मध्य पहुंच रहे हैं जिससे कभी भी किसी भी तरह की अनहोनी घटना घट सकती है हाथियों का समूह दिन के समय स्वतंत्र रूप से एकांत में वन क्षेत्र में विश्राम करते हैं जिन्हें मनुष्य के चलने या उनके रहने की आहट मिलने पर कभी भी आक्रोशित हो कर हमला कर सकते हैं वन विभाग एवं ग्राम पंचायतो के द्वारा ग्रामीणों को दिन के समय जंगल नहीं जाने की हिदायत एक बार फिर से दी गई है।

*लापरवाही पर 6 स्व सहायता समूहो का अनुबंध समाप्त*

अनूपपुर में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अंतर्गत शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में पीएम पोषण निर्माण संचालन में लापरवाही एवं अनियमितता पाए जाने पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी ने कार्यवाही करते हुए 11 स्कूलों के 6 स्व सहायता समूहो का अनुबंध समाप्त करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संबंधित स्कूल के शाला प्रबंधन समिति को पीएम पोषण संचालन का दायित्व सौपा है। 

एकीकृत प्राथमिक विद्यालय रामनगर, प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय सल्हारों, प्राथमिक माध्यमिक विद्यालय चोलना एवं प्राथमिक विद्यालय बचहा टोला, प्राथमिक विद्यालय बंधवाटोला प्राथमिक विद्यालय जर्राटोला एवं प्राथमिक विद्यालय अगरियान टोला, एकीकृत माध्यमिक विद्यालय करौंदी, प्राथमिक विद्यालय कोलान टोला मे पीएम पोषण निर्माण कार्य का संचालन करने वाले 6 स्व सहायता समूह का अनुबंध समाप्त किया गया है।

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