दबंग पब्लिक प्रवक्ता

अवैध खनन एवं परिवहन पर पोकलेन मशीन सहित 8 वाहन जब्त 


अनूपपुर/उमरिया

जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने हेतु कलेक्टर हर्षल पंचोली द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में खनिज विभाग द्वारा सघन कार्यवाही की गई। तहसील पुष्पराजगढ़ अंतर्गत ग्राम बेलडोंगरी एवं सेन्दुरखार/मेढ़ाखार क्षेत्र में निरीक्षण किया गया। इस दौरान खनिज बोल्डर एवं खनिज रेत का अवैध परिवहन करते हुए 02 वाहनों को जब्त किया गया। उक्त प्रकरण में मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के नियम 19 (1), (2) एवं (3) के अंतर्गत विधिसम्मत कार्यवाही की गई। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले में अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्यवाही जारी रहेगी।

*अवैध उत्खनन पोकलेन मशीन सहित 5 वाहन जप्त*

उमरिया जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम हेतु जिले में कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन के निर्देशन में खनिज की टीम द्वारा जॉच के दौरान ग्राम झाला तहसील चंदिया, जिला उमरिया स्थित उमरार नदी क्षेत्र में बाबा महाकाल मिनरल्स प्रायवेट लिमिटेड के द्वारा खनिज रेत के अवैध उत्खनन करना पाया गया। संलिप्त टू-टेन चौन माउटिंग मशीन सैनी 210 जिसका सीरियल नंबर 18 एसईवाय 02185387 को जप्त किया गया है। वाहन ट्रक क्रमांक क्रमशः  एमपी 21 एच1897,  एमपी 21एचबी 6956 , एमपी 21जेडई 5957 , सीजी 12 बीजी 1566 , एमपी 35 एचए 0137 को खनिज रेत के अवैध उत्खनन/परिवहन में संलिप्त पाये जाने से जप्त किया जाकर पुलिस थाना चंदिया में सुरक्षार्थ खड़ा करवाया गया है। खनिज रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन के लिए प्रकरण तैयार कर म.प्र. खनिज अवैध (खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 में निहित प्रावधानों के तहत कार्यवाही की गई।

प्रस्तावित ऑडिटोरियम की भूमि पर अतिक्रमण, प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटाया अवैध निर्माण


शहडोल

ब्यौहारी नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत मानपुर रोड स्थित शासकीय भूमि पर प्रस्तावित ऑडिटोरियम निर्माण को लेकर नगर परिषद द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई। नगर परिषद के अनुसार उक्त शासकीय भूमि पर संतोष सेन द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमण कर मकान का निर्माण किया गया था, जिससे ऑडिटोरियम निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही थी।

नगर परिषद ब्यौहारी द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को हटाया गया। इस दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी शरद कुमार गौतम के नेतृत्व में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। कार्रवाई के समय तहसीलदार डेलन सिंह, पुलिस विभाग के अधिकारी एवं नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि मानपुर रोड स्थित उक्त शासकीय भूमि पर नगर विकास की दृष्टि से ऑडिटोरियम का निर्माण प्रस्तावित है, जो भविष्य में सांस्कृतिक, सामाजिक एवं शासकीय कार्यक्रमों के आयोजन के लिए उपयोगी होगा। अतिक्रमण हटने के बाद अब निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाने की संभावना है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाइयाँ जारी रहेंगी। स्थानीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे शासकीय भूमि का दुरुपयोग न करें और विकास कार्यों में सहयोग करें।

मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाने के मामले में नाबालिग को भेजा जेल, छात्र का भविष्य हो सकता है प्रभावित


शहडोल

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के धनपुरी प्रवास के दौरान काला झंडा दिखाए जाने के मामले में पुलिस कार्रवाई पर नया विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे गए तीन प्रदर्शनकारियों में एक नाबालिग भी शामिल बताया जा रहा है। इसको लेकर कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर जल्दबाजी और संवेदनहीनता का आरोप लगाया है।

कांग्रेस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए युवकों में शामिल नाबालिग की उम्र 17 वर्ष 8 माह 17 दिन है, जो दस्तावेजों में दर्ज है। आरोप है कि पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद उसे भी अन्य के साथ जेल भेज दिया, जबकि बुधवार से उसकी बोर्ड परीक्षा शुरू होने वाली है। पार्टी नेताओं ने कहा कि परीक्षा से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई से छात्र का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

वहीं, इस मामले में पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव का कहना है कि मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान व्यवधान उत्पन्न करने वाले तीन व्यक्तियों को मौके से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने गिरफ्तार लोगों द्वारा बताए गए नाम और उम्र के आधार पर दस्तावेज तैयार कर उन्हें कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजने का आदेश हुआ। 

सूत्रों के अनुसार, सोमवार शाम तक संबंधित नाबालिग की जमानत नहीं हो सकी थी। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और कांग्रेस ने इसे छात्र के अधिकारों से जुड़ा विषय बताते हुए प्रशासन से पुनर्विचार की मांग की है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर जिले में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

कानून के जानकारों ने बताया की सात साल तक के अपराध में यदि नाबालिग को गिरफ्तार किया जाता है तो उसे मुचलके पर रिहा किया जाना चाहिए। 17 साल 8 माह के किशोर को किशोर न्यायालय में पेश किया जाना था, लेकिन पुलिस ने जल्दबाजी में उसे तहसील न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। यह न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि राजनीतिक दबाव में पुलिस ने यह कदम उठाया होगा।

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