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बीमा व निवेश के नाम पर दो लोगो से 23.60 लाख की धोखाधड़ी, मामला दर्ज पुलिस जाँच में जुटी
*रकम दोगुनी करने व अधिक ब्याज का दिया प्रलोभन*
अनूपपुर
निवेश और बीमा पॉलिसी से जुड़े कथित धोखाधड़ी के दो मामले सामने आए हैं। एक मामले में जीएनएस एवं मोतीलाल ओसवाल से जुड़े लोगों पर करीब 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है, जबकि दूसरे मामले में बीमा पॉलिसी के नाम पर 3.60 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी की शिकायत पर पुलिस ने बीमा एजेंट के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। दोनों मामलों ने निवेश करने वाले लोगों के बीच सतर्कता और आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतने की जरूरत को फिर रेखांकित किया है।
बुढ़ार जिला शहडोल निवासी सरोज यादव, सुखनंदन यादव, मुकेश यादव तथा भालूमाड़ा निवासी निपेंद्र सिंह के विरुद्ध शिकायतें किए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायतकर्ता इजहार बक्स, निवासी 3 नंबर दफाई, भालूमाड़ा ने करीब 20 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी की शिकायत भालूमाड़ा थाने में की है। वहीं, कोतमा क्षेत्र के निवेशक मुस्तफा ने भी इस संबंध में पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की है।
दूसरा मामला भालूमाड़ा थाना क्षेत्र का है, जहां बीमा पॉलिसी और उससे संबंधित रकम में कथित गड़बड़ी की शिकायत पर पुलिस ने बीमा एजेंट शील चंद जैन के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है। पोड़ी निवासी तेरसू केवट की शिकायत के अनुसार, बीमा पॉलिसी से संबंधित लेन-देन में कुल 3.60 लाख रुपये दिए गए थे। शिकायत में 50 हजार रुपये सोनम जैन के खाते में, 1 लाख 10 हजार रुपये सुशीला जैन के खाते में जमा करने तथा 2 लाख रुपये नकद देने का आरोप लगाया गया है।
संबंधित एजेंट के विरुद्ध इससे पहले करीब 18 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी की शिकायत किए जाने का दावा किया गया था। बीमा एजेंट के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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धंस रही है मैकल की पहाड़ी, जमीन खिसकने से उखड़ रहे हैं पेड़, हो रहे हैं गड्ढे, जांच में जुटी विशेषज्ञों की टीम
अनूपपुर
जिले के पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में मैकल पर्वत की पहाड़ियों में भू-धंसाव का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। धर्मदास, पटना और पकरी पानी सहित अलग-अलग स्थानों से पहाड़ी जमीन के खिसकने, गहरे गड्ढे बनने और पेड़ों के उखड़ने की तस्वीरें सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर करीब 10 से 20 फीट तक जमीन नीचे खिसक गई है।
घटना को गंभीरता से लेते हुए वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के भूगोल एवं भूगर्भ विज्ञान विभाग के विशेषज्ञों की टीम जांच में जुट गई है।
प्रारंभिक जानकारी में धर्मदास, पटना और पकरी पानी में जमीन की ऊपरी परत के नीचे खिसकने और गहरे दरारें बनने की बात सामने आई है। विशेषज्ञ चट्टानों की संरचना, मिट्टी की प्रकृति, ढलान, जल निकासी और भूजल गतिविधियों का अध्ययन कर रहे हैं।
वहीं स्थानीय लोगों ने जंगल की अंधाधुंध कटाई, पत्थर उत्खनन और ब्लास्टिंग को भी इस घटना का कारण बताया है। इसी बीच अमरकंटक में 2134, 14 हेक्टेयर में प्रस्तावित सेटेलाइट सिटी को लेकर भी पर्यावरण प्रेमियों ने सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मैकल क्षेत्र की प्राकृतिक स्थिरता और जलस्रोतों की सुरक्षा के लिए पहले भू-स्खलन की वजह बन सकते हैं, इसलिए इस प्रोजेक्ट का पर्यावरणीय आकलन जरूरी है। फिलहाल भूगर्भ विज्ञान विभाग की रिपोर्ट का इंतजार है।
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दुर्गा प्रतिमा ले जा रहे ट्रैक्टर को बस ने मारी टक्कर, 10 घायल, 6 की हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज में भर्ती
शहडोल
ब्यौहारी थाना क्षेत्र में चरखारी के पास रविवार देर शाम बड़ा सड़क हादसा हो गया। मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को बस ने टक्कर मार दी। हादसे में 10 लोग घायल हो गए, जिनमें 13 साल का एक बालक भी शामिल है। घायलों में छह की हालत नाजुक होने पर उन्हें रीवा मेडिकल कॉलेज और शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सभी घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से हायर सेंटर भेजा गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े।
ग्रामीण ट्रैक्टर में मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर साखी की ओर जा रहे थे। उन्हें गांव के पंडाल में प्रतिमा स्थापित करनी थी। चरखारी के पास ट्रैक्टर सड़क किनारे खड़ा था। इसी दौरान सीधी से ब्यौहारी आ रही बस ने ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रॉली में प्रतिमा के साथ बैठे कई ग्रामीण नीचे गिर पड़े और घायल हो गए। ट्रैक्टर में करीब 16 लोग सवार थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
ट्रैक्टर में करीब 16 लोग सवार थे, जिनमें से 10 घायल हुए हैं। घायलों में सबसे छोटा बालक 13 साल का है। कुछ लोगों के हाथ-पैर टूटे हैं, जबकि अन्य को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों की स्थिति को देखते हुए छह लोगों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। इनमें रीवा मेडिकल कॉलेज और शहडोल मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। सभी को एंबुलेंस से भेजा गया है। हादसे के दौरान ट्रॉली में मां दुर्गा की प्रतिमा भी रखी थी। पुलिस ने प्रतिमा को सुरक्षित गांव रवाना करवाया, ताकि पंडाल में उसकी स्थापना की जा सके। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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टोल प्लाजा पर पिस्टल निकालकर धमकाने वाला शराब ठेकेदार मामला हुआ दर्ज, हो सकता है पिस्टल का लाइसेंस रद्द
शहडोल
राष्ट्रीय राजमार्ग 43 के धुरवार टोल प्लाजा पर टोल शुल्क को लेकर हुए विवाद में पिस्टल दिखाकर कर्मचारियों को धमकाने के मामले में सोहागपुर पुलिस ने दिग्विजय सिंह उर्फ ऋषि के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने पर टोल शुल्क मांगने से नाराज होकर गाली-गलौज और पिस्टल दिखाकर धमकाने का आरोप है। जिस घटना का वीडियो भी सामने आया था।
5 दिन पहले बुढ़ार की ओर से आ रही थार गाड़ी धुरवार टोल प्लाजा पर पहुंची थी। इस दौरान फास्टैग में पर्याप्त रिचार्ज नहीं होने पर टोल कर्मियों ने वाहन चालक से शुल्क जमा करने या फास्टैग रिचार्ज कराने के लिए कहा। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर चालक ने पिस्टल निकालकर टोल कर्मियों को धमकाया। घटना के दौरान मौके पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी।
मामले में टोल कर्मी राजकुमार यादव ने थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी थी। शिकायत और जांच के आधार पर सोहागपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। इससे पहले घटना का वीडियो सामने आने के बाद हथियार दिखाकर धमकाने के मामले को लेकर कार्रवाई की मांग उठ रही थी।
सोहागपुर पुलिस ने बताया की राजकुमार यादव की शिकायत पर दिग्विजय सिंह उर्फ ऋषि के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पिस्टल का लाइसेंस सुरक्षा के लिए होता है, न कि लोगों में डर और भय फैलाने के लिए। पुलिस अब संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर हथियार का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की मांग करेगी।पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब मामले में लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया पर भी नजर रहेगी।
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युवक की जलकर हुई थी मौत, सदमे में पिता व दादी की हुई मौत, जलाकर मारने का लगा आरोप, न्याय की मांग
*पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल*
उमरिया
मानपुर के मझौली गांव में तीन लोगों की मौत पर कई सवाल खड़े कर रही है। जुलाई में कृष्णा उर्फ गोलू केवट गंभीर रूप से जल गया था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उसे पेट्रोल डालकर आग लगाई गई थी। परिवार का दावा है कि घटना के बाद से वह लगातार न्याय के लिए पुलिस और जनप्रतिनिधियों के पास जा रहा है।
परिजन और ग्रामीणों के अनुसार, गोलू गांव में विद्या बाई केवट की किराना दुकान पर गया था। बताया गया कि उसने अपना मोबाइल चार्जिंग पर लगाने के लिए कमरे में रखा था। आरोप है कि बाद में कमरे के भीतर उसके साथ विवाद हुआ और उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि उसे कमरे में बंद कर दिया गया था।
गंभीर रूप से झुलसने के बाद गोलू को अस्पताल ले जाया गया। परिजन के मुताबिक, उसे अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। बेटे की मौत के करीब 15 दिन बाद उसके पिता खानचंद केवट की भी मृत्यु हो गई। इसके बाद बुजुर्ग दादी ने भी दम तोड़ दिया। परिवार का कहना है कि लगातार हुए इन सदमों ने उन्हें तोड़ दिया है।
मृतक की पत्नी पूजा केवट ने आरोप लगाया कि घटना के बाद शिकायत करने के बावजूद परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला। मृतक की मां ने भी पुलिस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाने की बात कही। परिवार का कहना है कि घर में कमाने वाला कोई नहीं बचा और अब उनके सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
मानपुर थाना प्रभारी ब्रज किशोर गर्ग के अनुसार, मामले में प्रकरण दर्ज किया गया है और आरोपी विद्या बाई की तलाश की जा रही है।
समाचार 06 फ़ोटो 06
रेत के कागजात मांगने पर ट्रैक्टर को गिरा दिया खाई में, पुलिस ने की कार्यवाही
शहडोल
जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के भुरका गांव के अखड़ार नाले से रेत का उत्खनन कर ट्रैक्टर के जरिए परिवहन किया जा रहा था, इसी दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर चालक से दस्तावेज मांगे। आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई से घबराए पिता पुत्र ने पहले विवाद किया और फिर ट्रैक्टर से रेत अनलोड कर दी। इसके बाद गाली गलौज के बीच चालू ट्रैक्टर-ट्रॉली को खाई में धकेल दिया। पिता-पुत्र ने कथित तौर पर पुलिस पर ही ट्रैक्टर-ट्रॉली खाई में गिराने का आरोप लगाया।
भुरका गांव का यह मामला प्रशासनिक निगरानी और अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने की चुनौती को फिर सामने लाता है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के आधार पर जिम्मेदारों की पहचान कर क्या कार्रवाई की जाती है।
इस मामले में पुलिस ने बताया कि सुरेश अहिरवार नामक व्यक्ति के साथ पिता पुत्र का विवाद हो रहा था, जिसकी सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची। जहां पुलिस देख ट्रेक्टर ट्राली नीचे नाले में गिरा दिया। सुरेश सिंह गहरवार की शिकायत पर सूर्य प्रकाश मिश्रा और सत्यम मिश्रा के खिलाफ मारपीट करने की कार्यवाही की गई है, जबकि चालक राहुल केवट और सत्यम मिश्रा के खिलाफ रेत की कार्यवाही की गई है।
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नौ दिनों तक आदिशक्ति के विभिन्न स्वरुपों की होगी विविधत पूजा-अर्चना, जिले में 367 दुर्गा प्रतिमा स्थापित
*सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम*
अनूपपुर
आदिशक्ति देवी माता दुर्गा की आराधना का महापर्व आश्विन शुक्ल प्रतिपदा शारदेय नवरात्र रविवार से शुभारम्भ हो गया। नौ दिनों तक आदिशक्ति के विभिन्न स्वरुपों की विविधत पूजा-अर्चना की जाएगी।जिले में 367 स्थानों में दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना हो रहीं है। विभिन्न थाना क्षेत्रों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस बार कुल 193 छोटी और 174 बड़ी प्रतिमाएं शामिल हैं।
दूसरे दिन बह्मचारिणी माता का पूजन अर्जन किया गया। सुबह-शाम मंदिरों में हवन व श्लोकों के गुजांयमान से सारा क्षेत्र धर्मामय हो गया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित माता की मंदिरों में सुबह से ही 'या देवी सर्वभूतेषु: शक्ति रूपेंण संस्थिता जैसे श्लोक की गूंज चहुओर गुंजाईमान हो रही है। इस अवसर पर माता के दर्शन व पूजा अर्चना के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं व भक्तों की कतार लग गई है।
अनूपपुर, अमरकंटक में मां नर्मदा मंदिर, ज्वालेश्वरधाम के दुर्गा मंदिर, तुलरा की विरासनी माता मंदिर, राजेन्द्रग्राम, बेनीबारी, जैतहरी, बैंकटनगर, कोतमा, बिजुरी, राजनगर, आमाडांड स्थित विभिन्न मान्याताओं वाली देवी मंदिरों में विधि विधान से माता शक्ति की पूजा अर्चना आरम्भ है।
अनूपपुर शहर में विभिन्न पूजा समितियों द्वारा प्रतिमाएं स्थापित की गई है। अलावा सामतपुर स्थित त्रिमूर्ति देवी मढिय़ा, बूढ़ी माई मंदिर, पटौरा टोला स्थित माता मंदिर, खेरमाई मढिय़ा, चचाई रोड स्थित दुर्ग़ा मंदिर, सिद्धबाबा आश्रम में नवरात्र का महापर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है।
जिले में नवरात्रि को देखते हुए अतरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई हैं। शासन से 20 अतरिक्त पुलिस बल मिला हैं जिसे तीनों अनुविभाग में भेज कर व्यवस्था को चाक चौबंद किया गया है।
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धनगवां पूर्वी में निर्माणाधीन सीसी रोड की गुणवत्ता पर सवाल, ग्रामीणों ने लगाया लापरवाही का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
अनूपपुर।
ग्राम पंचायत धनगवां पूर्वी में निर्माणाधीन सीसी रोड की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। सड़क का निर्माण अभी जारी है, लेकिन मसाला तैयार करने में सीमेंट और गिट्टी के अनुपात, ढलाई की समानता तथा तकनीकी अधिकारियों की निगरानी को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।शहर खोजें
ग्राम पंचायत के पंच रामाधार सिंह राठौर, ग्रामीण लल्लू चौधरी और समाजसेवी शिवकुमार रजक ने निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कथित खामियों पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया तो भविष्य में सड़क की मजबूती और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर जिम्मेदार तकनीकी अधिकारियों की नियमित मौजूदगी नहीं रहती, जिससे कार्य की गुणवत्ता की निगरानी प्रभावित हो रही है। समाजसेवी शिवकुमार रजक ने कहा कि निर्माण कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सड़क का निर्माण निर्धारित मापदंडों के अनुसार कराया जाना चाहिए।
पंच रामाधार सिंह राठौर, लल्लू चौधरी और शिवकुमार रजक ने जिला प्रशासन तथा जनपद पंचायत जैतहरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से निर्माणाधीन सीसी रोड का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों की टीम से निर्माण सामग्री, मसाले के अनुपात, ढलाई और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य अभी जारी है, इसलिए समय रहते खामियों की जांच कर सुधार कराया जाना जरूरी है। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है। हालांकि, निर्माण कार्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

