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अमरकंटक तिराहे पर नौ दिवसीय दुर्गा उत्सव का समापन, श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में उमड़े श्रद्धालु
विशाल भंडारे व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ आयोजन, दशहरा पर होगा मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन
अनूपपुर
अमरकंटक तिराहे स्थित युवा दुर्गा उत्सव समिति के पंडाल में नौ दिवसीय दुर्गा उत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। समिति द्वारा मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा विराजमान कराई गई थी। पूरे नौ दिनों तक पंडाल में धार्मिक अनुष्ठानों, माता की आरती, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विशाल भंडारे के माध्यम से भक्तिमय वातावरण बना रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन
दुर्गा उत्सव के अंतर्गत पंडाल परिसर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन भी किया गया। 18 अक्टूबर को कथा का समापन हुआ। सात दिनों तक चली कथा में हजारों श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भागवत कथा का श्रवण किया। इस्कॉन मंदिर, उज्जैन से पधारीं कथा व्यास गौरांगी एवं विशाखा भारद्वाज ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, धर्म और सदाचार का संदेश दिया। कथा आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में बेला पाण्डेय एवं सुधा आनंद पाण्डेय ने सहभागिता निभाई।
हवन-पूजन के बाद कन्या भोज
19 अक्टूबर को नवमी के अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा एवं मां दुर्गा के निमित्त हवन-पूजन संपन्न कराया गया। इसके पश्चात कन्याओं को भोजन कराकर उनका पूजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के समापन के साथ ही नौ दिनों से चल रहे दुर्गा उत्सव का भी विधिवत समापन हुआ। आयोजन के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम मां दुर्गा की आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे तथा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
समिति सदस्यों ने संभाली व्यवस्था
पूरे आयोजन के दौरान पंडाल में श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। युवा दुर्गा उत्सव समिति के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए पूजा-पाठ, भंडारे और अन्य व्यवस्थाओं को संभाला। समिति के अभय पाण्डेय, दशरथ गुप्ता, दिनेश खेमका, बृजेन्द्र पॉल, टिंकू अग्रवाल, प्रकाश चंद मिश्रा, राकेश गुप्ता, दिनेश अग्रवाल, राकेश झा, पिंटू जायसवाल, राजा यादव, विजय गुप्ता, अक्षय पांडेय, अनुज पाल, सिद्धार्थ गुप्ता, जितेंद्र यादव, राजा विश्वकर्मा, अनुराग गुप्ता,प्रिंस केशरवानी, आयुष्मान पटेल, राहुल यादव, अजय विश्वकर्मा, दीप याद, दक्ष जायसवाल, संजय गुप्ता, अंश सहित अन्य सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समिति द्वारा दशहरा के अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। नौ दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन ने क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया।
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अतिक्रमण हटाने गए वन अमले पर कुल्हाड़ी से हमले का आरोप, वनरक्षक की फाड़ी वर्दी, हुई शिकायत
उमरिया
घुनघुटी वन परिक्षेत्र के कांचोदर बीट कक्ष क्रमांक आरएफ 300 में अतिक्रमण हटाने गए वन अमले पर हमले का मामला सामने आया है। घटना के बाद वन अमला थाना पाली पहुंचा, जहां वनरक्षक ओमप्रकाश निगम ने लिखित शिकायत सौंपी।
वनरक्षक ओमप्रकाश निगम, बीटगार्ड कांचोदर, रेंज घुनघुटी में पदस्थ हैं। रेंजर हरीश तिवारी के मौखिक निर्देश पर वे सुरक्षा श्रमिक बाबू सिंह, केशव, सुरक्षा श्रमिक औदेरा निवासी, परिक्षेत्र सहायक मालाचुआ धनेंद्र सराफ, रावेन्द्र सिंह बीटगार्ड मालाचुआ और प्रभाकर सिंह बीटगार्ड रैगड़ के साथ कक्ष क्रमांक आरएफ 300, रेलवे ट्रैक लाइन के पास, बाघनचारा-चांदपुर पहुंचे थे।
मौके पर चांदपुर निवासी राजेन्द्र यादव एवं सोनू यादव मिले, जिन्होंने मौके पर झोपड़ी बनाकर जंगल की लकड़ी काटकर रखी थी। साथ ही मवेशी गाय-भैंस आदि को बांधने के लिए जंगल में खूंटा भी गाड़ कर रखे हुए थे। वन अमले द्वारा खूंटा उखाड़ने के लिए कहने पर वे नहीं माने।
जब सुरक्षा श्रमिक खूंटा उखाड़ने लगे, तो सुरक्षा श्रमिक की कुल्हाड़ी झपट कर राजेन्द्र यादव द्वारा फेंक दिया गया। वनरक्षक ओमप्रकाश निगम जब उस कुल्हाड़ी को उठाकर सुरक्षा श्रमिक को दे रहे थे, इसी बीच राजेन्द्र यादव ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उनकी वर्दी फाड़ दी तथा लपटकर जमीन में गिरा दिया।
इसी दौरान उसका भाई सोनू यादव ने अचानक उन पर वार किया, किंतु सुरक्षा श्रमिक केशव रैदास द्वारा कुल्हाड़ी पकड़ ली गई, गाली-गलौज भी की गई और दोबारा अतिक्रमण हटाने को कहने पर जान से खत्म करने की धमकी दी गई। वनरक्षक के दाहिने सीने, बांये कमर पर चोट का निशान है। पुलिस का कहना है कि शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और मौके की स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गिंजरी में पेयजल व्यवस्था बदहाल, लाखों की टंकी खड़ी, फिर भी हैंडपंप पर निर्भर महिलाएं
*नल-जल योजना कागजों में*
उमरिया
पाली विकास खंड की ग्राम पंचायत गिंजरी की पेयजल व्यवस्था पिछले कई महीनों से ठप्प पड़ी है। शासन की नल-जल योजना कागजों में हर घर तक पानी पहुंचाने का दावा करती है, गांव में लाखों की लागत से ऊंची पानी की टंकी भी खड़ी कर दी गई है, लेकिन हकीकत यह है कि पूरा गांव आज भी नदी और हैण्डपम्प के भरोसे जी रहा है।
एक तस्वीर इस हकीकत को साफ-साफ बयान कर रही है। हैंडपंप के चारों ओर महिलाओं की कतार लगी है। एक महिला हैंडपंप चला रही है, दूसरी बाल्टी भर रही है, तीसरी बर्तन धो रही है और बाकी महिलाएं अपनी बारी आने का इंतजार कर रही हैं। पीछे कच्चा मैदान, पुराने मकान और सूखा माहौल है, लेकिन महिलाओं का ध्यान सिर्फ एक ही चीज पर है - बूंद-बूंद पानी। एक बाल्टी भरते ही दूसरी बाल्टी के लिए फिर से कतार में लगना पड़ता है। घर तक पानी पहुंचाने के लिए महिलाओं को दिन में कई-कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ऊंची पानी की टंकी खड़ी है। ढांचा तैयार है, पाइप और सीढ़ियां लगी हैं, लेकिन उस टंकी से घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा। नल लगे हैं, पाइपलाइन का दावा है, पर नलों में पानी की एक बूंद भी नहीं आती। नतीजा यह है कि लाखों रुपये की टंकी गांव के बीच शोपीस बनकर रह गई है, और ग्रामीण आज भी हैंडपंप पर निर्भर हैं। एक तरफ टंकी खड़ी है, दूसरी तरफ महिलाएं हैंडपंप से बाल्टी-बाल्टी पानी भरने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या किसी एक मौसम की नहीं है। गर्मी हो या सर्दी, बरसात हो या रबी का सीजन, पेयजल का संकट साल भर बना रहता है।
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सोन नदी में नाव लेने जा रहा युवक डूबा, रेस्क्यू टीम मौके पर नही मिला अभी तक शव
शहडोल
ब्यौहारी थाना क्षेत्र में सोन नदी पार करते समय एक युवक गहरे पानी में डूबकर लापता हो गया। युवक नदी के दूसरी ओर खड़ी नाव को लेने के लिए तैरकर जा रहा था, इसी दौरान वह गहरे पानी में समा गया। घटना के बाद नदी किनारे मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाश शुरू की लेकिन कई घंटे बीतने के बाद भी युवक का पता नहीं चल सका।
लापता युवक की पहचान खुसरिया निवासी दीवाना सिंह गोंड 25 वर्ष पिता रामचरण के रूप में हुई है। उसका गांव बाणसागर डूब क्षेत्र में आता है, जिसके कारण ग्रामीणों को सोन नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। बताया गया कि दीवाना सिंह गांव के लोगों को नाव से नदी पार कराने में मदद करता था। नाव गांव के एक केवट की बताई जा रही है।
युवक ने सुबह नाव की मदद से अपने घर के लोगों को नदी पार कराई थी। इसके बाद कुछ लोग नाव को नदी के दूसरी ओर ले गए और वहीं छोड़ दिया। दोपहर में गांव के ही कुछ अन्य लोगों को नदी पार जाना था। नाव दूसरी ओर खड़ी होने के कारण दीवाना सिंह उसे लेने के लिए नदी में उतर गया। उसने एक किनारे से तैरकर दूसरे किनारे तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही गहरे पानी में डूब गया।
घटना के समय नदी किनारे मौजूद लोगों ने युवक को डूबते देखा और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम युवक की तलाश में जुटी हुई है।
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श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड में फर्जी हस्ताक्षर कर झूठा गारंटर बनाने का मामला, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
शहडोल
शहडोल जिले के ग्राम कंचनपुर वार्ड क्रमांक 19 निवासी रामावतार वर्मन पिता श्री महेश प्रसाद वर्मन ने धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा का शिकार होने का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि उनके फर्जी व कूटरचित (जाली) हस्ताक्षर तैयार कर उन्हें श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड के एक लोन मामले में जबरन गारंटर बना दिया गया है।
पीड़ित रामावतार वर्मन के अनुसार, उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी तब हुई जब उनके नाम पर फाइनेंस कंपनी की ओर से ₹2,25,995 की ऋण वसूली और आर्बिट्रेशन Case No. 4733 of 2025 / Loan No. SHAHD00907130001) की कार्यवाही का नोटिस प्राप्त हुआ। इसके अलावा नेशनल लोक अदालत 12 सितंबर 2026 का प्री-लिटिगेशन सूचना पत्र भी उनके नाम जारी हुआ। पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि वे न तो वाहन मालिक (संतोष सोहनी) को जानते हैं, न ही उन्होंने कभी फाइनेंस कंपनी के किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं और न ही किसी को गारंटर बनने की अनुमति दी है।
पीड़ित ने सबसे पहले 5 अक्टूबर 2026 को थाना सोहागपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराकर निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। हालांकि, स्थानीय थाना स्तर पर कोई प्रभावी कानूनी कार्यवाही न होने पर, उन्होंने 13 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक शहडोल के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया।
अपनी शिकायत में रामावतार वर्मन ने निम्नलिखित मांगें रखी की कूटरचित और फर्जी हस्ताक्षर करने वाले तथा इस जालसाजी में शामिल अज्ञात व संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं (जैसे धारा 335, 336, 340, 318, 61 आदि) के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए।
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बंजर से बहार तक, बदरा का 5625 हाइब्रिड आमों का बगीचा कह रहा भविष्य के समृध्दि की कहानी
अनूपपुर
ग्राम पंचायत बदरा में शासकीय भूमि लंबे समय से रिक्त पड़ी थी। न तो उस पर खेती होती थी और न ही उसका कोई उपयोग हो पा रहा था। तब ग्राम पंचायत ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की सामुदायिक फलदार वृक्षारोपण योजना के तहत इस जमीन को आबाद करने का संकल्प लिया।
ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव बनाकर जनपद पंचायत अनूपपुर को भेजा गया। स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ हुआ। मनरेगा के तहत लगभग 5625 हाइब्रिड आम जिसमे दशहरी, आम्रपाली, लंगड़ा, और चौसा आम के पौधों का रोपण कर एक विशाल सामुदायिक फलोद्यान विकसित किया गया है।
इस कार्य में स्थानीय मजदूरों को सहज रोजगार मिला। गड्ढा खोदने, पौध रोपण, सिंचाई और फेंसिंग का पूरा कार्य मनरेगा मजदूरों द्वारा ही किया गया।
सरपंच ने बताया कि पहले यह शासकीय भूमि पूरी तरह से अनुपयोगी थी। अब यहां विकसित यह आम फलोद्यान आने वाले वर्षों में भरपूर फल देने लगेगा। फलों की आवक इस वर्ष से प्रारंभ भी हो गई है इससे पंचायत को हर साल लाखों रुपये की आय होगी। इस आय से पंचायत अपने विकास कार्य कर सकेगी। साथ ही बगीचे की देखरेख से गांव के लोगों को निरंतर रोजगार भी मिलता रहेगा।
यह सिर्फ वृक्षारोपण नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण,रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर पंचायत की दिशा में एक बड़ा कदम है। आज बदरा का फलोद्यान जिले की प्रेरणा बन गया है।
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कलेक्टर ने कटकोना-उरा सड़क निर्माण कार्य का किया निरीक्षण, निर्माण कार्य में तेजी लाने के दिये निर्देश
अनूपपुर
कलेक्टर रत्नाकर झा ने कटकोना-उरा सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सड़क निर्माण की वर्तमान स्थिति का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों से कार्य की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्माण कार्य को गति देने और निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए पर्याप्त मैनपॉवर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके। उन्होंने निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब से बचने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने और निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं मापदंडों के अनुरूप किया जाए तथा गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। निर्माण कार्य के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए तथा कार्य में तेजी लाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

