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ट्रक से 1.13 करोड़ का गाँजा जब्त, दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, मामला हुआ दर्ज
*735 किलो गाँजा बरामद*
शहडोल
फ़िल्मी स्टाइल में गाँजा की तस्करी कर रहे आरोपियों से जयसिंहनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 735 किलो 440 ग्राम गांजा जब्त किया है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल ट्रक को रोककर तलाशी ली तो उसमें चालक सीट के पीछे एक बड़े एरिया में छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ। मामले में ट्रक चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त गांजे, ट्रक और मोबाइल फोन की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई शहडोल रीवा मुख्य मार्ग में हुई है। मामले में पुलिस अधीक्षक ने जयसिंहनगर पहुंच कर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका खुलासा किया है।
एसपी के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। नवरात्र पर्व के मद्देनजर जयसिंहनगर पुलिस रात और प्रातः गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने संदिग्ध ट्रक को रोककर चालक और खलासी से पूछताछ की। उनके जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर वाहन की तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान ट्रक में 18 बोरियों और 81 पैकेटों में भरा कुल 735 किलो 440 ग्राम गांजा मिला। पुलिस ने गांजा जब्त कर ट्रक में सवार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान राहुल विश्वकर्मा (36), निवासी ग्राम जमीनबारी, थाना निजामाबाद, जिला आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) और नारायण मंडल (50), निवासी ग्राम अलगडीहा, थाना बगोदर, जिला गिरिडीह (झारखंड) के रूप में हुई है।
पुलिस ने जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 73 लाख 50 हजार रुपये बताई है। इसके अलावा ट्रक की कीमत करीब 40 लाख रुपये और तीन मोबाइल फोन की कीमत पांच हजार रुपये आंकी गई है। इस तरह जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 1 करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
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229 के एमटीएस कर्मचारियों का 4–5 माह का वेतन बकाया, कलेक्टर से भुगतान की मांग
*वेतन नहीं मिलने से आर्थिक परेशानी बढ़ी*
अनूपपुर
जिले के चार विकासखंडों में एमटीएस के अंतर्गत कार्यरत 229 कर्मचारियों का पिछले 4 से 5 माह का वेतन लंबित होने का मामला सामने आया है। लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर बकाया वेतन का शीघ्र भुगतान कराने तथा भविष्य में नियमित वेतन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
कर्मचारियों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, अनूपपुर जिले के अनूपपुर, कोतमा, पुष्पराजगढ़ और जैतहरी विकासखंड में कुल 229 कर्मचारी एमटीएस के अंतर्गत कार्यरत हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे नियमित रूप से अपने कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कई महीनों से वेतन नहीं मिला है।
आवेदन में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, अनूपपुर विकासखंड में 52, कोतमा में 57, पुष्पराजगढ़ में 78 और जैतहरी में 42 कर्मचारी कार्यरत हैं। इस प्रकार चारों विकासखंडों में कुल 229 कर्मचारियों का वेतन लंबित होने की बात सामने आई है।
कर्मचारियों के अनुसार, समय पर वेतन नहीं मिलने से बच्चों की पढ़ाई, मकान किराया, घरेलू जरूरतों और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। कार्यस्थल तक आने-जाने के लिए पेट्रोल सहित दैनिक खर्चों की व्यवस्था करना भी चुनौती बन गया है। लगातार वेतन लंबित रहने से परिवार का बजट प्रभावित हो रहा है और कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर से अनुरोध किया है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर लंबित वेतन की स्थिति की समीक्षा कराई जाए और सभी 229 कर्मचारियों को बकाया राशि का जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
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लाखों रुपए की लागत से बनी ध्यान कुटियां धराशायी, देखरेख के अभाव में उजड़ी पर्यटन योजना
अनूपपुर
पवित्र नगरी अमरकंटक के शंभूधारा स्थित आरक्षित वन क्षेत्र में पर्यटकों और साधकों को प्राकृतिक वातावरण में ध्यान-साधना की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई ध्यान कुटियां बदहाली का शिकार हो गई हैं। जलाशय के किनारे प्राकृतिक संसाधनों से निर्मित ये कुटियां उचित देखरेख के अभाव में जर्जर होकर धराशायी हो चुकी हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित इस परियोजना की दुर्दशा को लेकर अब जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 21 जनवरी 2022 को घोषित इस परियोजना को मध्यप्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से विकसित किया गया था। इन कुटियों के निर्माण में मिट्टी, पत्थर, बांस, लकड़ी और मोवा घास जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया गया था, ताकि जंगल के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखते हुए पर्यटकों को शांत वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
बारिश और रखरखाव की कमी से बिगड़ी स्थिति परियोजना का उद्देश्य पर्यटकों को प्रकृति के बीच एकांत में समय बिताने, योग-ध्यान करने और मानसिक शांति प्राप्त करने का अवसर देना था। लेकिन नियमित रखरखाव और समय पर मरम्मत नहीं होने से इन संरचनाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। बारिश और मौसम की मार के बीच कुटियां जर्जर होकर गिर गईं। ऐसे में जिस योजना से क्षेत्र में प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद थी, उसकी उपयोगिता पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जाता है कि इन कुटियों की देखरेख की जिम्मेदारी वन विभाग, अमरकंटक की है। इसके बावजूद संरचनाओं को सुरक्षित रखने के लिए समय रहते आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए, यह जांच का विषय है। परियोजना पर खर्च की गई राशि और रखरखाव के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी भी सामने आनी चाहिए, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके। अमरकंटक धार्मिक पर्यटन के साथ प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
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घर के सामने खड़ी बाइक को चोरो ने किया पार, सीसीटीवी कैद हुई घटना
अनूपपुर
बिजुरी नगर के हृदय स्थल हनुमान मंदिर चौक के पास बाइक चोरी की घटना सामने आने से लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, नगर के वार्ड क्रमांक 09 में घर के सामने खड़ी एक बाइक को अज्ञात व्यक्ति ने निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने बाइक का लॉक तोड़ा और फिर उसे स्टार्ट करने के बजाय धक्का देते हुए मौके से लेकर फरार हो गया। घटना नगर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद होने की बात सामने आई है।
बाइक चोरी की इस घटना में सीसीटीवी फुटेज अहम साबित हो सकता है। यदि फुटेज उपलब्ध है, तो उसके माध्यम से संदिग्ध की गतिविधियों, पहचान और बाइक ले जाने की दिशा का पता लगाया जा सकता है। आसपास लगे अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच से भी पुलिस को मामले की तह तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
बिजुरी नगर में बाइक चोरी की घटना ने वाहन मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। घरों के सामने खड़े वाहनों की सुरक्षा को लेकर लोग चिंतित हैं। अब इस मामले में पुलिस की जांच और कार्रवाई को लेकर लोगों की निगाहें टिकी हैं। सीसीटीवी फुटेज की जांच कर संदिग्ध की पहचान करना और चोरी गई बाइक की बरामदगी के प्रयास करना महत्वपूर्ण होगा।
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2 छात्रावास अधीक्षक निलंबित, 2 बर्खास्त, 7 को नोटिस, 3 की वेतन रोकी, कार्यपालन यंत्री, प्राचार्य, ठेकेदार को नोटिस जारी
शहडोल
कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, प्राचार्य आईटी आई तथा प्राचार्य पॉलीटेक्निक को सीएम हेल्प लाइन में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार शिकायतें नान अटेन्ड रहने पर पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. केपी पनिका एवं सहायक श्रमायुक्त को एक दिन अवैतनिक करने के निर्देश दिए।
*सड़क निर्माण में धीमी प्रगति, ठेकेदार को नोटिस*
शहडोल नगर पालिका सीएमओ अमित कुमार तिवारी ने निरीक्षण के दौरान लल्लू सिंह चौक से न्यू बस स्टैंड तक डिवाइडर पर गाजर घास एवं गंदगी पाई गई। इस पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। वही बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड तक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। निर्माण कार्य में धीमी प्रगति पाए जाने तथा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुरूप समय पर अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया। संचालित छात्रावासों का नियमित निरीक्षण, 100 से अधिक अधिकारियों की लगाई गई ड्यूटी
2 छात्रावास अधीक्षक निलंबित, 2 बर्खास्त, 3 की वेतन रुकी, 7 को नोटिस
शहडोल कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देशानुसार छात्रावासों का नियमित निरीक्षण कराया जा रहा है। इसके लिए जिला एवं उपखंड स्तर के 100 से अधिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। निरीक्षण के माध्यम से छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं तथा विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। छात्रावासों के निरीक्षण के पश्चात लापरवाही एवं अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई करते हुए 2 छात्रावास अधीक्षकों को निलंबित किया गया है, जबकि 2 अधीक्षकों को पद से पृथक किया गया है। इसके अतिरिक्त 3 अधीक्षकों की वेतन वृद्धि रोकी गई है तथा 7 अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
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कुएं में मिला अज्ञात महिला का शव, हत्या की आशंका पुलिस जाँच में जुटी
शहडोल
केशवाही चौकी क्षेत्र अंतर्गत हथगला के मौहार टोला में कुएं नुमा गड्ढे से एक महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, वहीं ग्रामीणों ने महिला की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, वह कुएंनुमा गड्ढे तक कैसे पहुंची और घटना के पीछे कोई आपराधिक साजिश है या नहीं—इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले को गंभीरता से लेने और हर पहलू की बारीकी से जांच करने की मांग की है।
सूचना मिलने के बाद केशवाही चौकी पुलिस के मौके पर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस के सामने महिला की पहचान, मौत के कारण और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य इस मामले में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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पीएम धन धान्य कृषि योजना में जिले को देश में मिला तीसरा स्थान, केंद्रीय क़ृषि मंत्री ने किया सम्मानित
उमरिया
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जिले में किए जा रहे कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। अगस्त माह की समीक्षा में उमरिया जिले ने 78.1 के कंपोजिट स्कोर के साथ पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है,भारत सरकार व्दारा कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया,यह कार्यक्रम एन ए एस सी काम्प्लेक्स नई दिल्ली में केन्द्रीय क़ृषि मंत्री एवं संबंधित मंत्रालय एवं विभागों के केंन्द्रीय मंत्रियों की उपस्थिति में आयोजित हुआ।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत उमरिया जिले में कृषि क्षेत्र के साथ-साथ अन्य संबंधित सेक्टरों के किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि उत्पादकता को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य विभाग, जिला पंचायत के ग्रामीण विकास विभाग तथा कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा योजना के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य किया जा रहा है।
योजना के माध्यम से जिले में कृषि उत्पादकता में सुधार,फसल विविधीकरण,सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने तथा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है,किसानों को कृषि संबंधी आवश्यक जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन और विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए उत्पादन एवं आय में वृद्धि की जा सके।जिले में दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
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नर्मदा परिक्रमा पथ के खेतगांव से ढाडपाथर तक जिला सीईओ ने पैदल मार्च कर किया निरीक्षण
अनूपपुर
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी ने जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के नर्मदा परिक्रमा पथ का भ्रमण कर जायजा लिया गया। इस दौरान एसडीएम पुष्पराजगढ़ वसीम अहमद भट्ट, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री इंद्रजीत तिवारी, जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरिश्चंद्र द्विवेदी, तहसीलदार ईश्वर प्रधान, वीबी जी राम जी योजना के जिला परियोजना अधिकारी रावेन्द्र पटेल, सहायक कार्यक्रम अधिकारी पुष्पराजगढ़ श्री वरुणेंद्र सिंह बघेल सहित राजस्व, ग्रामीण विकास आदि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
जिला पंचायत सीईओ अर्चना कुमारी ने नर्मदा परिक्रमा पथ के तहत ग्राम पंचायत खेतगांव के शिवालय घाट से ढाडपाथर तक पैदल भ्रमण कर नर्मदा नदी के किनारो का अवलोकन किया।
उन्होंने ग्राम पंचायत बरांझ,कंचनपुर आदि ग्रामों का भ्रमण कर नर्मदा परिक्रमा पथ की पुरानी संरचना तथा नवीन आश्रय स्थल,पौधारोपण स्थल का चिन्हांकन तथा तथा नर्मदा परिक्रमा वासियों के लिए संकेतक लगाने के स्थानो का भ्रमण कर अवलोकन किया गया।
भ्रमण के दौरान नर्मदा नदी के किनारे के भूमि क्षरण को रोकने के लिए गेवियन तथा बोल्डर चेक डैम संरचना के चार मालों का भी चिन्ह्यांकन तकनीकी अमलों के माध्यम से कराया गया।
