दबंग पब्लिक प्रवक्ता

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उप चुनाव के पहले पूर्व पार्षद अपने साथियों के साथ भाजपा छोड़ कांग्रेस में हुए शामिल, 

​अनूपपुर

मंत्री दिलीप जायसवाल के गृह क्षेत्र में कांग्रेस ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक कर दी। वार्ड नंबर 13 के उपचुनाव की सुगबुगाहट के बीच, भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व पार्षद अंकित सोनी ने अपने लाव-लश्कर के साथ 'भगवा' छोड़ 'हाथ' का साथ थाम लिया। जिला अध्यक्ष गुड्डू चौहान की कुशल रणनीति के चलते अंकित सोनी के साथ भालूमाड़ा से सर्वेश पांडे ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर भाजपा खेमे में खलबली मचा दी है।

​भाजपा की मजबूत सरकार और जिले में खुद कैबिनेट मंत्री के होने के बावजूद, उनके अपने कुनबे से कार्यकर्ताओं का मोहभंग होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक पंडित इसे मंत्री के प्रभाव में कमी और कांग्रेस जिला अध्यक्ष गुड्डू चौहान के बढ़ते सियासी कद के रूप में देख रहे हैं।

जिस क्षेत्र की जिम्मेदारी खुद मंत्री दिलीप जायसवाल के कंधों पर है, वहीं से कार्यकर्ताओं का पलायन भाजपा के लिए 'सफेद हाथी' साबित हो रहा है। उपचुनाव से ठीक पहले अंकित सोनी जैसा जमीनी चेहरा खोना भाजपा के लिए वार्ड 13 की राह मुश्किल कर सकता है।

सत्ता पक्ष के मजबूत सिपाहियों को विपक्ष के पाले में लाना जिला कांग्रेस की बड़ी रणनीतिक जीत मानी जा रही है। अंकित सोनी और सर्वेश पांडे का कांग्रेस में जाना केवल दल-बदल नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार के खिलाफ एक बड़ा संदेश है। अब देखना यह होगा कि उपचुनाव में भाजपा इस 'झटके' से उबर पाती है या कांग्रेस का यह 'हाथ' भाजपा के समीकरणों को पूरी तरह ध्वस्त कर देगा।

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अवैध गिट्टी परिवहन पर ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, खनिज विभाग की कार्यवाही

शहडोल

जिले में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में बुधवार को जैतपुर क्षेत्र में विभागीय टीम ने गिट्टी के अवैध परिवहन करते एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। जानकारी के अनुसार, खनिज विभाग द्वारा वाहनों की नियमित जांच के दौरान संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका गया, जिसमें गिट्टी खनिज भरा हुआ था।

जांच के दौरान चालक के पास गिट्टी परिवहन से संबंधित कोई वैध ई-टीपी (eTP) दस्तावेज नहीं पाया गया। जब्त किए गए ट्रैक्टर का पंजीयन क्रमांक एम पी 18 जेड एच 0914 है, जिसमें लगभग 3 घन मीटर गिट्टी लदी हुई थी। वाहन को चालक शिवलाल बैगा पर करवाही कर ट्रैक्टर ट्राली जप्त की गई है।

कार्रवाई के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाना जैतपुर पुलिस की अभिरक्षा में खड़ा कराया गया है। साथ ही अवैध खनिज परिवहन का प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार जुर्माने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पूरी कार्रवाई में खनिज निरीक्षक अभिषेक पटले की भूमिका महत्वपूर्ण रही। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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रात में शादी की रस्म हुई पूरी, बिदाई के समय दूल्हे के पिता की हुई मौत, एक साथ निकली डोली व अर्थी

शहडोल

जिले के गोहपारू क्षेत्र के अंतर्गत घर में रातभर शादी की रस्में चलीं और सुबह विदाई की तैयारियां शुरू हो गईं। आदिवासी परंपरा के अनुसार विदाई से पहले हल्दी की रस्म निभाई जा रही थी। बराती और घराती खुशी में नाच-गाकर जश्न मना रहे थे, लेकिन इसी बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। नाचते-थिरकते दूल्हे के पिता अचानक अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस तरह जिस घर से नई नवेली दुल्हन की डोली उठनी थी, वहीं से ससुर की अर्थी भी साथ उठी, जिससे पूरे माहौल में मातम छा गया। 

यह हृदयविदारक घटना शहडोल के गोहपारू थाना क्षेत्र के ग्राम पहलवा की है। यहां ग्राम पहलवा निवासी रीना सिंह (23) की शादी के लिए जयसिंहनगर के ग्राम गजनी से धरमदास परस्ते (50) अपने पुत्र हरीश सिंह की बारात लेकर पहुंचे थे। रात में सभी वैवाहिक रस्में पूरी हुईं। सुबह विदाई से पहले हल्दी-पानी की रस्म के दौरान दूल्हे के पिता बारातियों के साथ नाच रहे थे। इसी दौरान वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन उन्हें तत्काल गोहपारू अस्पताल ले गए, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल से जैसे ही मौत की खबर घर पहुंची, शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। दूल्हा खुद असमंजस में था कि वह एक साथ पत्नी की डोली और पिता के शव को कैसे लेकर जाए। लोगों ने हिम्मत बंधाई, जिसके बाद शव को जयसिंहनगर के ग्राम गजनी ले जाया गया। नई नवेली दुल्हन भी ससुर के शव के साथ रोते हुए ससुराल पहुंची। इस घटना से दोनों गांवों में शोक की लहर फैल गई। दूल्हे के पिता की अर्थी के साथ दुल्हन की डोली निकलने का मंजर देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

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शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष लाल तिवारी ने संतोष लोहानी को दी बधाई

शहडोल 

भाजपा के जिला उपाध्यक्ष एवं समाजसेवी संतोष लोहानी को लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा पीएम श्री विद्यालय, सांदीपनि विद्यालय, उत्कृष्ट विद्यालय, मॉडल विद्यालय एवं अन्य शैक्षणिक संस्थाओं की गुणवत्ता सुधार हेतु गठित जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है।

इस गरिमामयी अवसर पर मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष लाल तिवारी, जिला शहडोल, एवं प्राचार्य उत्कृष्ट विद्यालय डॉ. मनोज श्रीवास्तव, तथा तहसील उपाध्यक्ष कैलाश चंद्र जोशी उनके निवास पर पहुंचकर उनका माल्यार्पण एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर संतोष लोहानी के पिता बी. के. लोहानी भी उपस्थित रहे, जिनसे आशीर्वाद प्राप्त किया गया तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य की कुशलक्षेम जानी गई।

उपस्थित सभी शिक्षकों एवं पदाधिकारियों ने यह विश्वास व्यक्त किया कि संतोष लोहानी का इंजीनियर के रूप में तकनीकी ज्ञान, शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव एवं उनकी स्वच्छ एवं सकारात्मक छवि निश्चित रूप से जिले के विद्यालयों की गुणवत्ता सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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दुर्दशा के शिकार अन्न दाता उतरे सड़क पर, स्लाड बुक न होने से बढता किसानों का जनाक्रोश, सौपा ज्ञापन

उमरिया

किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश के किसानों के बदहाली के शिकार अन्न दाताओ के धैर्य का बांध फूटता दिखाई देता है, जिसकी एक झलक उमरिया जिले में देखने को मिला। बताया जाता है की प्रदेश भर में  रबी की उपज आने के बाद किसान अपनी उपज को बेचने के लिए दर बदर भटकने को आज मजबूर दिखाई दे रहा। खरीफ फसल की मुख्य फसल धान में भी किसानों के स्लाड बुक न होने के कारण किसान अपनी उपज बेचने से बंचित रह गयें थे, और सरकारी प्रक्रिया सर्वर डाऊन का खेल खेलकर एक बार फिर से रबी फसल की उपज खरीदने से बचना चाहती है ‌। विदित होवे की चना उपार्जन केन्द्र मे चना बेंचने पहुचे किसानों को पिछले क ई दिनों से चना लेकर सर्वर के कारण परेशान होकर आज उपार्जन केन्द्र से  प्रशासन की इस गैर जिम्मेदाराना हरकत के विरोध में जय जवान, जय किसान के नारों के साथ कलेक्टर उमरिया को ज्ञापन सौपकर इस नामुराद व्यवस्था को व्यवस्थित कराने की मांग की गयी। बताया तो यह भी जाता है कि किसान अपनी तौल करा कर माल गोदाम में दे चुके हैं, लेकिन उनको सर्वर न होने के कारण पावती नहीं मिल पा रही है, वही आगे की खरीदी प्रक्रिया भी प्रभावित बतायी जा रहा है। जो किसानों की खरीदी की जा चुकी है उनका भी भुगतान की प्रक्रिया लंबित है, एक भी किसान का भुगतान नही हुआ है। इस तरह से देखा जाये की आज किसान एक तरफ आर्थिक रूप से लुटता नजर आ रहे हैं वही पर किसान शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित नजर आ रहा है।

यही हाल गेंहू खरीदने  में स्लाड बुक न होने से किसानों के समक्ष भारी समस्या का सामना करना पड रहा है। पीडा जनक बताया जा रहा है कि एक तरफ पर सरकार अपने लोक लुभावने भाषणों में किसानों के घावों में मलहम लगाने की बात करती है, लेकिन जमीनी धरातल में रबी फसलों के उपज खरीदी में हो रही समस्याये किसानों के घावों को गहरे और हरे कर रहे हैं। किसान कल्याण वर्ष में किसानों के साथ हो रहे इस भद्दे मजाक से ऊपर उठकर अपनी नीयत  को किसान हितैषी बना कर लुका छिपी का खेल बंद कर सर्वर सिस्टम को ठीक कराने का  काम करें ‌।

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शौचालयों के बाद  कचरा गाडियों पर शासकीय धन राशि का अपव्यय, पंचायत की कचरा गाड़ी बनी कचरा 

उमरिया

सामुदायिक शौचालयों के नाम पर अरबों रुपये बहाने के बाद अब उमरिया जिले में कचरा गाडियों के खरीद फरोख्त का सौदा दबे कदमों से  जारी है।ग्राम पंचायतों में कचरा गाडियों के नाम पर भी पानी की तरह पैसे बहाने की प्रक्रिया अपनायी जा रही है। खेद जनक कहा जाता है कि जिले भर में बनाये गये एक एक सामुदायिक शौचालयों में लगभग चार लाख रूपये व्यय करने के बाद भी एक भी शौचालय का गुरतर प्रयोग नहीं किया जा रहा है,मालुम होवे की शौचालयों में न तो पानी की व्यवस्था है और न ही ग्राम पंचायतों में शौचालयों की सफाई कर्मियों की बेहतर व्यवस्था है, अगर इसकी व्यवस्था की जाती है तो यह इतने मंहगी है की ग्राम पंचायतों के बूते संभव नहीं है। यही वजह है की जिले भर में बनाये गये सामुदायिक शौचालयों को आधा -अधूरा बना कर शासकीय धन राशि को उड़ा दिये गये हैं। ग्राम पंचायतों को पहले से ही अंदाजा था की इनका तो उपयोग होना नहीं है, जिससे बाहर की चाहार दीवारी खडी कर अंदर  आधा अधूरा बना कर ताला लटका कर ग्राम पंचायते अपने कर्तव्यों की इति कर शासकीय धन राशि को उड़ा कर चलते बने। न तो इन शौचालयों का आज तक प्रयोग शुरू हुआ और न ही इनकी सही तौर पर निगरानी हुई की यह उपयोग के लिए उपयुक्त है की नहीं।अब स्वच्छता के नाम पर ग्राम पंचायतों में कचरा गाड़ी बाइसिकिल खरीदने का धुन सवार हो गया है। इन कचरा गाडियों के विधिवत संचालन के लिए भी ग्राम पंचायतों के पास कोई ठोस इंतजाम नहीं है, इसीलिए जो ग्राम पंचायते इन कचरा गाडियों को खरीद चुके हैं, वह सरपंचों एवम सचिवों के घरों में कचरा बनी देखी जा सकती है।

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जर्जर 53 घरो को नगरपालिका ने जारी की नोटिस, घर गिराए या कराये मरम्मत

शहडोल

शहर में जर्जर और क्षतिग्रस्त भवनों से संभावित खतरे को देखते हुए नगर पालिका परिषद ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के निर्देशन में नगर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में ऐसे भवनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी आशा जितेंद्र भंडारी के निर्देश पर कराए गए सर्वे में कुल 53 जर्जर भवन चिन्हित किए गए हैं। इन भवनों के मालिकों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर मरम्मत कराने या सुरक्षित तरीके से ध्वस्तीकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर प्रशासन स्वयं ध्वस्तीकरण करेगा और उसका पूरा खर्च संबंधित भवन स्वामी से वसूला जाएगा। प्रशासन ने खासतौर पर उन भवनों को प्राथमिकता दी है, जिनमें वर्तमान में लोग रह रहे हैं। आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए इन भवनों के गिरने का खतरा बढ़ गया है, जिससे जन-धन हानि की आशंका बनी हुई है।

नगर पालिका ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे भवनों के पास अनावश्यक रूप से न जाएं और किसी भी संभावित खतरे की सूचना तुरंत नगर पालिका को दें। अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अभियान लगातार जारी रहेगा और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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अमिता जैन बनीं सिविल जज, 6वीं रैंक से रचा इतिहास, जिले का नाम किया रोशनी

अनूपपुर

कोतमा नगर की होनहार बेटी अमिता जैन ने सिविल जज परीक्षा में सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे नगर का नाम गौरवान्वित किया है। दूसरे ही प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए अमिता जैन ने गुजरात सिविल जज परीक्षा 2025-26 में 6वीं रैंक प्राप्त कर ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। नगर की पहली महिला सिविल जज बनने का गौरव हासिल करने वाली अमिता की सफलता पर पूरे कोतमा नगर में हर्ष और उत्साह का माहौल है।

सिविल जज परीक्षा में सफलता प्राप्त कर कोतमा घर पहुंचने पर अमिता जैन का शासकीय अधिकारियों, सामाजिक संगठनों एवं नगरवासियों द्वारा आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया जा रहा है। सोमवार को नगर निरीक्षक रत्नांबर शुक्ल अपने सहयोगियों एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों के साथ अमिता जैन के निवास पहुंचे और उन्हें मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर अनिल जैन, अजित जैन, रमेश अग्रवाल, भरत मिश्रा, अजय ताम्रकार, संदीप जैन, शैलेश जैन, दीपेश सहित परिवारजन एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अमिता जैन की इस सफलता ने कोतमा नगर को नई पहचान दी है। नगर की बेटी ने न्यायिक सेवा में प्रवेश कर यह सिद्ध कर दिया कि छोटे नगरों की बेटियां भी बड़े सपनों को साकार कर सकती हैं। अमिता जैन ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा कोतमा नगर के शिशु भारती विद्यालय, संत जोसफ स्कूल कोतमा तथा बिजुरी में हुई। इसके बाद वर्ष 2013 से 2017 तक जबलपुर स्थित प्रतिभास्थली में कक्षा 7वीं से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान उन्होंने 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी मेधा का परिचय दिया।

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भीषण गर्मी में शीतल निःशुल्क पेयजल प्याऊ

अनूपपुर

ग्रीष्मकाल में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में जनहित के कई महत्वपूर्ण प्रयास शुरू किए गए हैं। क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर निःशुल्क प्याऊ संचालित किए जा रहे हैं, ताकि तेज धूप में यात्रा करने वाले राहगीरों एवं दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से आने वाले नागरिकों को शीतल पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सके। 

प्रशासन एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से बस स्टैंड, तहसील मुख्यालय और प्रमुख बाजारों जैसे व्यस्त स्थानों पर ठंडे पानी के मटकों की समुचित व्यवस्था की गई है। इन प्याऊ केंद्रों के संचालन में स्वच्छता एवं जल की शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पेयजल पात्रों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे राहगीरों को स्वच्छ एवं सुरक्षित जल प्राप्त हो सके।


अवैध बिजली कटौती के विरोध में शिवसेना ने सौंपा ज्ञापन, कोर जोन में घुसी इनोवा वनरक्षक पर निलंबन की कार्यवाही


अनूपपुर

शिवसेना शहडोल संभाग अध्यक्ष पवन पटेल के नेतृत्व में नगर प्रमुख बरकत कुरैशी ने कोतमा सहायक उपयंत्री को ज्ञापन सौंप मांग की है कि जमुना-कोतमा क्षेत्र में विद्युत विभाग द्वारा अत्यंत अव्यवहारिक तरीके से बिजली कटौती की जा रही है, जिससे समस्त जनता परेशान है। बीती रात थोड़ी आंधी और बारिश होने से हर 5 मिनट में बिजली कट रही थी मेंटेनेंस के नाम पर हफ्ते भर भीषण गर्मी में सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली काटी जाती थी पर इस पर जनता ने संतोष किया कि हफ्ते भर की बात है आने वाले समय में बिजली कटौती ना हो इसके लिए मेंटेनेंस का कार्य किया जा रहा पर यहां तो जनता को साफ तौर पर ठगा गया है मेंटेनेंस का कार्य। पूर्ण होने जाने के बाद भी कभी भी किसी भी समय बिजली काट दी जाती बिजली कटने के बाद कब बिजली आएगी इसका कोई ठिकाना नहीं।

लहसुई, गोविंदा, टूटे हुए बिजली लाइन या किसी एक स्थान पर छोटा फॉल्ट आते ही जमुना नगर पालिका के अंतर्गत जमुना, भालूमाड़ा, कोतमा नगर पालिका के गोविंदा, 11 नंबर और कदम टोला जैसे पूरे क्षेत्र की बिजली काट दी जाती है। छोटे कारण से बड़ी परेशानी:* मूरधवा के जंगल, दिनेश सिंह जी के खेत जैसे क्षेत्रों में बिजली लाइन पर पेड़ की पत्ती/डाली गिर जाने पर भी पूरे इलाके की बिजली घंटों के लिए बंद कर दी जाती है।

एक लाइन का फॉल्ट, पूरे एरिया की सजा:* किसी एक फीडर या एक लोकल लाइन में फॉल्ट होने पर पूरे क्षेत्र की आपूर्ति रोक दी जाती है, जबकि तकनीकी रूप से केवल प्रभावित सेक्शन को ही बंद किया जाना चाहिए। इस प्रकार की अंधाधुंध कटौती से व्यापार, पानी, पढ़ाई, चिकित्सा सब ठप हो जाते हैं। यह विद्युत अधिनियम 2003 एवं विद्युत उपभोक्ता अधिकार नियम 2020 का उल्लंघन है। 3 दिन के अंदर इस अव्यवहारिक कटौती प्रक्रिया को बंद कर तकनीकी सुधार किया जाए अन्यथा शिवसेना कोतमा बिजली ऑफिस के बाहर धरना देने के लिए बाध्य होगी।

*कोर जोन में घुसी इनोवा वनरक्षक पर निलंबन की कार्यवाही*

उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ी चूक सामने आई है। सोमवार की शाम 27 अप्रैल 2026 ताला मेन गेट से भोपाल पासिंग एक इनोवा कार जिसमें सागर (मध्यप्रदेश) से आए पर्यटक सवार थे, जीपीएस के सहारे किले का रास्ता खोजते हुए पहुंच गई। जानकारी के मुताबिक,पर्यटकों ने गेट पर मौजूद ड्यूटी में तैनात नए वनरक्षक से रास्ता पूछा और एंट्री की मांग की। हैरानी की बात यह रही कि वनरक्षक ने बिना उचित अनुमति के उन्हें सीधे कोर जोन में प्रवेश दे दिया, जो कि सख्त नियमों के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र है। मामला सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया। जांच में वनरक्षक की गंभीर लापरवाही उजागर होने पर उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं पर्यटकों को भी नियमों की अवहेलना पर कड़ी चेतावनी देकर भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की हिदायत दी गई है। इस मामले में फील्ड डायरेक्टर डॉ अनुपम सहाय ने कहा कि बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के कोर जोन में बिना वैध अनुमति प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। प्रथम दृष्टया ड्यूटी पर तैनात वनरक्षक की लापरवाही सामने आई है, जिसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।साथ ही सभी गेटों पर तैनात स्टाफ को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि ऐसी घटना दोबारा न हो। नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां छोटी सी चूक भी वन्यजीवों और पर्यटकों दोनों के लिए खतरा बन सकती है,ऐसे में वन रक्षक की लापरवाही को पार्क प्रबंधन गम्भीरता से ले रहा है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने के बाद भी नही मिल रही है मूलभूत सुविधाए, आम जनता परेशान


अनूपपुर

पवित्र नगरी एवं प्रमुख पर्यटन स्थल अमरकंटक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दर्जा तो दे दिया गया है, किन्तु विडंबना यह है कि आज भी यह केंद्र मूलभूत चिकित्सा सुविधाओं से कोसों दूर नजर आ रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक जांच एवं उपचार की समुचित व्यवस्था न होने से स्थानीय नागरिकों सहित यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अमरकंटक क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे गंभीर समस्या जांच सुविधाओं का अभाव है। यहां मरीजों के खून की जांच सहित अन्य आवश्यक परीक्षणों के लिए सैंपल जिला मुख्यालय भेजना पड़ता है। स्थिति यह है कि आज लिया गया सैंपल 2 से 3 दिनों के बाद रिपोर्ट के रूप में वापस आता है। इस दौरान मरीज असमंजस और चिंता की स्थिति में बना रहता है, क्योंकि उसे अपनी बीमारी का सही निदान नहीं मिल पाता और उपचार भी प्रभावित होता है। कई बार मरीजों को बिना स्पष्ट जानकारी के दवाइयां लेनी पड़ती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है। सोनोग्राफी की भी व्यवस्था नही है। 

अमरकंटक को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर दिया गया है और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया लेकिन सुविधा आज भी जस की तस है  उसमें कोई परिवर्तन अब तक नहीं आया है अब भी विकासखंड मुख्यालय पुष्पराजगढ़ तथा जिला मुख्यालय अनूपपुर पर निर्भर होना पड़ रहा है। अमरकंटक एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। 

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