दबंग पब्लिक प्रवक्ता

दशपुर साहित्य मंच में गंगांजलि साझा काव्य संग्रह का लोकार्पण, कवि सम्मेलन हुआ संपन्न



      मंदसौर  -  दशपुर साहित्य मंच मालव प्रांत के मंच पर दिनांक 06 सितंबर 26 को साहित्य मनीषियों ने अपनी रचनाओं से माहौल को साहित्यमय कर दिया। बसंत ऋतु को रचनाकारों ने बखूबी चित्रण किया। गीत ग़ज़ल हास्य व्यंग से  सार्थकता पूर्ण कवि सम्मेलन संपन्न हुआ।

           दशपुर साहित्य मंच मालव प्रांत के आयोजन अवसर पर गंगांजलि साझा काव्य संग्रह का लोकार्पण किया गया। गंगांजलि साझा काव्य संग्रह के संपादक डॉ. अजय शुक्ल हैं व इस संग्रह में कवि संगम त्रिपाठी हास्य व्यंग जबलपुर मध्यप्रदेश, कवि पंकज बुरहानपुरी कवि लेखक बुरहानपुर,‌ कवि श्याम फतनपुरी कवि गीतकार गोमती नगर लखनऊ, डॉ. सोमनाथ शुक्ल कवि लेखक प्रयागराज की रचनाएं संग्रहित हैं। गंगांजलि साझा काव्य संग्रह भावनाओं का काव्य संगम है।

          गंगांजलि साझा संग्रह का लोकार्पण वरिष्ठ कवि साहित्यकार राम वल्लभ गुप्त इंदौरी, शिव जी डांगी, धनपाल धमाका, पप्पू सोनी, विजय विद्रोही, दादु जी, मोहित जी गोस्वामी मुकेश जी ,संगम जी त्रिपाठी, राजेंद्र जी तिवारी ने लोकार्पित किया।

11 हजार केवी लाइन टूटी, खेत मे काम कर रहे मजदूर की हुई मौत, 43 साल पुरानी लाइन, मेंटेनेन्स पर गंभीर सवाल


उमरिया

चंदिया थाना क्षेत्र के ग्राम रोझिन में हलफल नदी के बगल से रविवार सुबह करीब 11:30 बजे दर्दनाक हादसे में आदिवासी 50 वर्षीय शंभु उर्फ टनटू बेगा युवक की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में मातम है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के मुताबिक रोझिन गांव से गुजर रही 11 हजार केवी विद्युत लाइन वर्ष 1983 में स्थापित हुई थी, यानी करीब 43 वर्ष पुरानी है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों पुरानी इस लाइन में समय-समय पर मेंटेनेंस के दौरान तारों में जोड़ लगाए जाते रहे, जिसके चलते लाइन पर कई जगह जोड़ बन गए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि घटना वाले दिन भी 11 हजार केवी लाइन का एक जोड़ टूट गया और उसी दौरान दुर्भाग्य से उसके नीचे कृषि कार्य कर रहा आदिवासी मजदूर चपेट में आ गया और दर्दनाक मौत हो गई। हादसे का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन ग्रामीणों द्वारा लाइन की जर्जर स्थिति और बार-बार और जगह जगह किए गए जोड़ को लेकर लगाए जा रहे आरोप, विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं, यदि जांच में यह सामने आता है कि लाइन की स्थिति पहले से खराब थी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई, तो यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर विभागीय लापरवाही का मामला माना जाएगा।

घटना की सूचना मिलते ही चंदिया पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए चंदिया ले गई है। पीएम की कार्रवाई उपरांत शव परिजनों को सौंपा दिया। ग्रामीणों की मांग है कि हादसे की निष्पक्ष जांच हो और यह पता लगाया जाए कि आखिर ग्रामीणों के बार बार शिकायत के बाद भी 43 साल पुरानी विद्युत लाइन को सुरक्षित रखने पूरी तरह बदला क्यों नहीं गया? आपको बता दे हलफल नदी के ऊपर कई खेत ऐसे है, जो 11 हजार केवी के बिल्कुल नीचे है और यहाँ 11 हजार विद्युत लाइन बहुत नीचे से गुजरी है,जो अभी अभी जान माल के लिए खतरनाक साबित हो सकते है।

बाघ के शिकार एवं वन्यजीव अंगों की तस्करी के मामले में फरार आरोपी  गिरफ्तार

*छुरी, चाकू, कुल्हाड़ी पक्षी पकड़ने का जाल बरामद*


शहडोल

मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की क्षेत्रीय इकाई जबलपुर ने बाघ के शिकार एवं वन्यजीव अंगों की तस्करी से जुड़े प्रकरण में लंबे समय से फरार आरोपी शेरू पारधी को शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में वन्यजीव अपराध से संबंधित प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

एसटीएसएफ द्वारा बालाघाट में बाघ के शिकार एवं उसके अंगों की तस्करी से जुड़े प्रकरण की विवेचना की जा रही है। विवेचना के दौरान एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई, जिसके तार देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। प्रकरण में अब तक मध्यप्रदेश सहित पांच राज्यों से आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

फरार आरोपी शेरू पारधी की तलाश के लिए एसटीएसएफ द्वारा मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया था। सूचना प्राप्त होने के बाद विशेष टीम गठित कर 4 सितंबर को शहडोल जिले के आसपास के क्षेत्रों में भेजी गई। आरोपी की लोकेशन धनपुरी, बुढार एवं शहडोल क्षेत्र में मिलने के बाद STSF जबलपुर की टीम ने स्थानीय वन विभाग एवं पुलिस टीम के सहयोग से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी।

लगातार रेकी के बाद टीम ने आरोपी को ब्यौहारी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी की पत्नी बिनौरी बाई को भी सह-आरोपी बनाया गया है। आरोपियों के पास से छुरी, चाकू, कुल्हाड़ी तथा पक्षी पकड़ने का जाल बरामद किया गया है।

विवेचना में सामने आया है कि गिरोह द्वारा विभिन्न राज्यों में बाघों का शिकार कर उनके अंगों की तस्करी किए जाने की आशंका है। बाघ की हड्डियों एवं अन्य अवयवों को देश के पूर्वोत्तर राज्यों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क तक पहुंचाए जाने की जानकारी भी विवेचना में सामने आई है। 

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