दबंग पब्लिक प्रवक्ता

बेटी की शादी का कॉर्ड बांटने निकले पिता को अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई मौत


शहडोल

जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र स्थित चकौडिया गांव में बेटी की शादी का कार्ड बांटने निकले पिता अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी जान चली गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान बाबूराम बैगा (45) निवासी भालूमाडा थाना जिला अनूपपुर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उनकी पुत्री का विवाह 27 अप्रैल को होना था। इसी सिलसिले में बाबूराम बैगा रिश्तेदारी में शादी के कार्ड बांटने निकले थे। वे जैतपुर के बिरौडी गांव में निमंत्रण देने के बाद बाइक से चकौडिया की ओर जा रहे थे, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि बाबूराम बैगा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जैतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।

थाना प्रभारी जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ कर रही है।

इधर, इस हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में कुछ दिनों बाद शादी की खुशियां गूंजने वाली थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। गांव में भी इस घटना को लेकर गहरा दुख और आक्रोश देखा जा रहा है।

सिलेंडर हुआ ब्लॉस्ट, दुकान व घर का सामान जलकर हुआ राख, महिला हुई घायल


अनूपपुर 

जिले के पुष्पराजगढ़ तहसील अंतर्गत दोनिया गांव में एक बड़ा हादसा हो गया। खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में आग लगने के बाद जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरा घर और उससे लगी किराना दुकान आग की चपेट में आ गई।

जानकारी के मुताबिक, रज्जू उर्फ राजकुमार नायक के घर उनकी बेटी खाना बना रही थीं, तभी गैस रिसाव हुआ और सिलेंडर में आग लग गई। कुछ ही देर में ब्लास्ट हुआ और आग तेजी से फैल गई। आग इतनी भीषण थी कि, घर के कपड़े, जेवर, घरेलू सामान, किराना दुकान का पूरा स्टॉक सब जलकर राख हो गया। मकान की छत तक में दरारें आ गईं। परिवार के मुताबिक 30-35 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

आग बुझाने के दौरान मकान मालिक की पत्नी सोना बाई गंभीर रूप से झुलस गईं। उनके दोनों पैर बुरी तरह जल गए। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल, फिर शहडोल रेफर किया गया, जहां इलाज जारी है। फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंच सकी, ऐसे में ग्रामीणों ने हैंडपंप के पानी से घंटों मशक्कत कर आग पर काबू पाया।

घटना में एक बड़ी लापरवाही भी सामने आई। क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नहीं, अमरकंटक की गाड़ी भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में व्यस्त थी। जिसके कारण राहत कार्य में देरी हुई।

नर्मदा के संरक्षण हेतु सरकार एवं समाज में समन्वय प्राकृतिक जंगलों का संरक्षण जरूरी- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

*मुख्यमंत्री डॉ यादव के अध्यक्षता में नर्मदा समग्र मिशन की बैठक हुई आयोजित*


अनूपपुर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर्मदा नदी जीवनदायिनी नदियों में से एक है। नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए शासन एवं समाज के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि नर्मदा के उद्गम स्थल के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु प्रभावी प्रयास किए जाएँ तथा नदी तटों पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही सतत रूप से की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अमरकंटक की अखंडता बनाए रखने के लिए अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधियों द्वारा  जन जागृति बढ़ाई जाए, ताकि उद्गम स्थल का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ यादव आज अमरकंटक में नर्मदा समग्र मिशन की बैठक में अधिकारियों के निर्देशित कर रहे थे।

बैठक में मध्यप्रदेश शासन के वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, अध्यक्ष श्री नर्मदे हर सेवा न्यास एवं मध्यप्रदेश कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) रामलाल रौतेल, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष पद्मश्री मोहन नागर व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री ने अमरकंटक क्षेत्र में प्राकृतिक वनों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि स्थानीय प्रजाति के पौधे, वन औषधि पौधों का प्राथमिकता के साथ रोपण किया जाए। अमरकंटक के प्राकृतिक स्वरूप को निखारने के लिए स्थानीय प्रजाति साल, महुआ, आँवला, चार, हर्रा, गुलबकावली आदि स्थानीय प्रजातियों के पौधों का रोपण कर उन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है, 

मुख्यमंत्री ने अमरकंटक में नए निर्माण कार्यों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अमरकंटक क्षेत्र में अनियंत्रित कंक्रीट निर्माण को प्रतिबंधित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरकंटक तथा नर्मदा उद्गम स्थल पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध समय-समय पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। 

*माँ नर्मदा उद्गम स्थल पर की पूजा-अर्चना*

मुख्यमंत्री ने आज अनूपपुर जिले के पवित्र तीर्थ स्थल अमरकंटक प्रवास के दौरान माँ नर्मदा के उद्गम स्थल पहुंचकर मां नर्मदा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने माँ नर्मदा की आरती कर प्रदेश के नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं चहुँमुखी विकास के लिए मंगल कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माँ नर्मदा मध्यप्रदेश की जीवनरेखा है और उनका आशीर्वाद सदैव प्रदेशवासियों पर बना रहता है।

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