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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 461.73 करोड़ रुपये के 134 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन
*जनप्रतिनिधियों व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किया गया आत्मीय स्वागत*
शहडोल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शहडोल आगमन पर जमुई हेलीपैड में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहडोल में आयोजित तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण एवं प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हुए। तेंदूपत्ता संग्राहकों के बोनस वितरण कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने जिले में आयोजित तेंदूपत्ता संग्राहकों के बोनस वितरण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अंतर्गत 461 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत के 134 निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 82 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत के 45 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 379 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत के 89 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
इन विकास कार्यों में सड़क एवं पुल निर्माण, शासकीय विद्यालयों के भवन, छात्रावास, महाविद्यालयीन भवन, पुलिस कार्यालय एवं आवास, विद्युत उपकेंद्र, खेल सुविधाएं, पेयजल व्यवस्था तथा ग्रामीण अधोसंरचना से संबंधित कार्य शामिल हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने से जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, आवागमन, पेयजल और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सुविधाएं मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री ने आठ विभागों के अंतर्गत 82 करोड़ 28 लाख रुपये की स्वीकृत राशि के 45 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल में आयोजित तेंदूपत्ता संग्राहकों के बोनस वितरण कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए। कार्यक्रम में शिक्षा, वन, ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला एवं बाल विकास तथा राजस्व विभाग की हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
मुख्यमंत्री ने बाणगंगा मैदान शहडोल आयोजित कार्यक्रम में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और गीता भवन की स्थापना सहित क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। हस्तशिल्प केंद्र छतवई की काष्ठ कलाकार दुर्गा सिंह ने मुख्यमंत्री को भगवान गणेश की काष्ठ प्रतिमा भेंट की।
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पासपोर्ट कार्यालय ने माता पिता का नाम गलत दर्ज किया, नही हो रहा नवीनीकरण, युवक परेशान
अनूपपुर
जिले के लहरपुर गांव के वार्ड नं. 11, क्योटार नया टोला, तहसील जैतहरी निवासी मूलचन्द राठौर पिता नत्थूलाल राठौर पासपोर्ट में नाम की त्रुटि के कारण पिछले कई महीनों से परेशान हैं।
मूलचन्द ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2016 में पासपोर्ट कार्यालय भोपाल से अपना पासपोर्ट बनवाया था। उस समय उन्होंने आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड और 10वीं की अंकसूची सहित सभी प्रमाणित दस्तावेज जमा किए थे। उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उनका पासपोर्ट जारी किया गया था। आरोप है कि पासपोर्ट बनाते समय विभाग की लापरवाही से उनके माता-पिता के नाम गलत दर्ज कर दिए गए।
अब वर्ष 2026 में जब वे अपने 2016 के पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने पासपोर्ट ऑफिस शहडोल पहुंचे, तो वहीं पुराने सही दस्तावेज पेश करने पर भी उन्हें त्रुटि सुधार के नाम पर रोका जा रहा है। मूलचन्द का कहना है कि दस्तावेज आज भी वही हैं जो 2016 में लगाए थे, लेकिन विभाग की पुरानी गलती का खमियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 181 पर कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन हर बार यह कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है कि "यह विभाग हमारे दायरे में नहीं आता।"
इस त्रुटि के कारण उनके सभी कामों में बाधा उत्पन्न हो रही है। पीड़ित ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि दस्तावेजों के आधार पर उनके पासपोर्ट में पिता का नाम में सुधार कर जल्द नवीनीकरण किया जाए।
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अमरकंटक से गौरेला-पेंड्रा जाने वाले चारों मार्ग बदहाल, पर्यटक व्यापारी हो रहे हैं परेशान, सुधार की मांग
अनूपपुर
प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल तथा पर्यटन केंद्र पवित्र नगरी अमरकंटक से छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को जोड़ने वाले चारों प्रमुख मार्गों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। जर्जर और गड्ढों से भरी सड़कों के कारण पर्यटकों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों, विद्यार्थियों तथा स्थानीय नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं, तो कहीं पहाड़ियों का मलबा और टूटी पुलिया दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा रही हैं।
वर्षाकाल के दौरान इन मार्गों की स्थिति और अधिक खराब हो गई थी। बारिश का दौर समाप्त होने के बाद भी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत नहीं होने से लोगों की परेशानी बनी हुई है। इन मार्गों से प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण कम दूरी तय करने में भी काफी समय लग रहा है।
अमरकंटक से धर्मपानी, दुर्गाधारा, पकरिया और देवर गांव होते हुए गौरेला-पेंड्रा जाने वाला लगभग 25 किलोमीटर का मार्ग बेहद खराब स्थिति में है। सड़क पर गड्ढों की भरमार होने से दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों को निकालना मुश्किल हो गया है। वाहन चालकों को समझ नहीं आता कि सड़क के किस हिस्से से वाहन सुरक्षित निकाला जाए।
इस मार्ग से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी तय करने में डेढ़ घंटे तक का समय लग रहा है। अमरकंटक से जालेश्वर, डोकरगढ़ी और मदरवानी होते हुए जाने वाला लगभग 35 किलोमीटर लंबा मार्ग भी बदहाली का शिकार है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं।
पवित्र नगरी अमरकंटक में मां नर्मदा के उद्गम स्थल के दर्शन-पूजन और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने के लिए पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से पर्यटक एवं तीर्थयात्री पहुंचते हैं। इनमें अनेक श्रद्धालु गौरेला-पेंड्रा क्षेत्र के पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन के माध्यम से अमरकंटक आते-जाते हैं।
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खुलेआम रेत के अवैध कारोबार, कचरा घाट से बरघाट तक उठे सवाल, आखिर खनिज विभाग की कार्रवाई कहां
अनूपपुर
जिले में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। जिले के कचरा घाट, हर्री, बहेराबांध, सेंदुरी, भगत बांध, निगवानी के पचखुरा, बसखला, बर्री और जैतहरी क्षेत्र के बरघाट सहित विभिन्न स्थानों से रेत के अवैध कारोबार की शिकायतें सामने आने के आरोप हैं। स्थानीय स्तर पर उठ रहे इन सवालों ने खनिज विभाग और पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही है कि रात होते ही रेत के अवैध कारोबार में लगे लोग सक्रिय हो जाते हैं और अंधेरे का फायदा उठाकर नदियों से रेत निकालने तथा उसका परिवहन करने का सिलसिला सुबह तक चलता रहता है। यदि इन शिकायतों में सच्चाई है, तो यह केवल प्राकृतिक संसाधनों की लूट का मामला नहीं, बल्कि संबंधित विभागों की निगरानी और कार्रवाई की प्रभावशीलता की भी परीक्षा है।
जिले की नदियां क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा हैं। इनके जलप्रवाह और नदी तल से छेड़छाड़ का असर पर्यावरण, नदी के पारिस्थितिकी तंत्र और आसपास के क्षेत्रों पर पड़ सकता है। ऐसे में यदि निर्धारित नियमों के विरुद्ध रेत का उत्खनन हो रहा है, तो उसे रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
खनिज विभाग तथा कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस मौजूद है, तो फिर अवैध कारोबार पर लगाम नही लग रही है। रात के समय संवेदनशील घाटों पर गश्त और जांच की जा रही है तो कार्रवाई क्यों नही हों रही है।
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मुक्तिधाम में चल रहा है जुआं, पुलिस पर कार्यवाही को लेकर उठ रहे हैं सवाल, वीडियो हो रहा है वायरल
अनूपपुर
जिले में कानून व्यवस्था और कथित अवैध गतिविधियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जुआ फड़ों और कबाड़ कारोबार से जुड़ी शिकायतों के बीच पुलिस की निगरानी व्यवस्था, सूचना तंत्र तथा प्रभावी कार्रवाई को लेकर आमजन में असंतोष की बातें सामने आ रही हैं।
केंवई नदी के समीप नर्सरी के पीछे स्थित मुक्तिधाम एवं आस-पास में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर जुआ खेले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां लाखों रुपये के दांव लगाए जा रहे हैं। संबंधित गतिविधियों का वीडियो सोशल मीडिया जारी होने के पश्चात, जुआ फड़ के संचालन, रकम के लेन-देन और गतिविधियों में शामिल लोगों के संबंध में आधिकारिक पुष्टि तथा स्वतंत्र जांच आवश्यक है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह मामला केवल अवैध जुआ गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संबंधित क्षेत्र में पुलिस की निगरानी और सूचना तंत्र की प्रभावशीलता की समीक्षा की जरूरत भी सामने आएगी।
मुक्तिधाम जैसे संवेदनशील स्थान के समीप इस तरह की गतिविधियां संचालित होने के आरोप भी चिंता का विषय हैं। पुलिस प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मामले में संज्ञान लेकर क्या कार्यवाही की गई।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक अनूपपुर से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया। लेकिन संपर्क नहीं हो सका। कोतमा एसडीओपी को व्यक्तिगत तौर पर उन्हे वीडियो उपलब्ध कराने के बाद जाँच हुई कार्रवाई हुई स्पष्ट कोई जानकारी प्राप्त नही हुई है।
बिजुरी थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली और शिकायतों पर संवाद को लेकर भी कुछ लोगों द्वारा असंतोष व्यक्त किए जाने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि कुछ मामलों में सूचनाएं साझा करने पर अपेक्षित गंभीरता से संवाद नहीं किया जाता।
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जंगल से भटककर खेत मे पहुँचा चीतल करंट से हुई मौत
उमरिया
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से जुड़े धमोखर परिक्षेत्र के महामन गांव में रविवार को करंट लगने से करीब 2 साल के चीतल की मौत हो गई। खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए जीआई तार में करंट दौड़ाया गया था। जंगल से भटककर खेत में पहुंचा चीतल इसी तार की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्सकों की टीम ने मृत चीतल का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद नियमानुसार उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। धमोखर परिक्षेत्र अधिकारी सचिन सिंह ने बताया कि खेत मालिक की पहचान की जा रही है। मामले की जांच जारी है।
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दिव्यांग आदिवासी छात्र आधार बन्द होने से नही मिला छात्रवृत्ति व लैपटॉप का पैसा
उमरिया
जिले के दिव्यांग आदिवासी छात्र अमित सिंह गोंड़ की पढ़ाई आधार कार्ड से जुड़ी समस्या के कारण रुक गई है। आधार सस्पेंड होने से उसे पिछले 4-5 साल से छात्रवृत्ति और लैपटॉप योजना का पैसा नहीं मिल पाया है।
आर्थिक तंगी के चलते अमित को किताबें खरीदने, कॉलेज आने-जाने और हॉस्टल की सुविधा पाने में दिक्कत हो रही है। वह 12वीं पास कर चुका है, लेकिन आधार अपडेट न होने से योजनाओं का लाभ नहीं मिला।
छात्र का कहना है कि वह इस समस्या को लेकर कलेक्टर से भी शिकायत कर चुका है, लेकिन करीब तीन साल से इसका हल नहीं निकला।
आधार अपडेशन के अधिकारी विपिन पांडेय ने बताया कि अमित को कई बार बुलाया गया था। पांडेय ने कहा कि मंगलवार को अमित का आधार अपडेट करा दिया जाएगा। अब छात्र को उम्मीद है कि समस्या दूर होने के बाद उसे पात्रता के हिसाब से योजनाओं का लाभ मिलेगा और उसकी आगे की पढ़ाई आसान होगी।
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खेत मे अजगर ने किया अजगर का शिकार
अनूपपुर
जिला मुख्यालय अनूपपुर से 10 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत जमुडी के पटपरहाटोला गांव निवासी प्रेम नारायण सिंह परिहार के घर के पीछे स्थित, धान के खेत में 10 फीट लंबे अजगर प्रजाति के सर्प ने 8 फीट लंबे अजगर प्रजाति के सर्प को ही मारकर निगल कर धान के खेत के बीच बैठा रहा, जिसे धान काटने गए मजदूरों ने देखा जिस पर किसान प्रेम नारायण द्वारा जिला मुख्यालय अनूपपुर के सर्पप्रहरी शशिधर अग्रवाल को सूचित किए जाने पर वे अपने सहयोगी सर्पपहरी छोटेलाल यादव,मनोज यादव एवं पिंटू यादव के साथ स्थल पर पहुंचकर देखने दौरान विशालकाय 10 फिट लम्बा अजगर 8 फीट लंबे अजगर सर्प का शिकार कर आधे से अधिक हिस्से को उसे निगल कर बैठा हुआ था, जिसे सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर बोरी में रखा गया जबकि मृत 8 लंबे अजगर को पास के ही जंगल में दफनाया गया।

