दबंग पब्लिक प्रवक्ता

अवैध कोयला उत्खनन के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन


शहडोल

शिवसेना शहडोल संभाग अध्यक्ष पवन पटेल के के नेतृत्व में 2 फरवरी को शिवसैनिकों द्वारा केशवाही पुलिस चौकी अंतर्गत बढ़ते अपराध और कुछ लोगों के द्वारा किए जा रहे अवैध कोयला उत्खनन, गांव गली मोहल्लों में अवैध अंग्रेजी शराब बिक्री के विरोध में पुलिस चौकी के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन उपरांत केशवाही पुलिस चौकी प्रभारी को पुलिस अधीक्षक शहडोल के नाम ज्ञापन सौंप मांग की है कि शिवपाल भरिया (31 वर्ष) के परिजनों का आरोप है कि वह 14 जनवरी की रात 8 बजे से लापता था, जिसकी सूचना तत्काल केशवाही चौकी में दी गई थी। अगर पुलिस समय रहते सक्रियता दिखाती तो शायद शिवपाल की जान बचाई जा सकती थी। केशवाही क्षेत्र में बढ़ते अपराध को देखते हुए शिवसेना जिला इकाई शहडोल के द्वारा केशवाही चौकी प्रभारी को ज्ञापन सौंप मांग की गई थी कि केशवाही पुलिस चौकी अंतर्गत हो रहे अवैध कोयला उत्खनन, अंग्रेजी शराब पैकारी करने वालों पर कार्यवाही की जाए, परन्तु केशवाही चौकी प्रभारी द्वारा यह कृत्य करने वाली को पूरी तरह छूट दे के रखे हैं या जान कर भी अंजान बने हुए हैं। सेमरिया चौक और पकारिहा में अंग्रेजी शराब की बिक्री करवाई जा रही है, जिससे प्रतिदिन गांव मोहल्ले में विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है। कठना नदी मरखी माता के पास में ही अवैध कोयले का उत्खनन जोरो पर है, पर केशवाही चौकी प्रभारी पूरी तरह से अंजान बने हुए हैं।

दो भागों में बंटे हाथी, एक गणेश भगवान ने गणेश के खेत में ढाया कहर रात भर फसलों का किया नुकसान


अनूपपुर

विगत चार दिनों से तीन हाथियों का समूह दो अलग-अलग भागों में बट कर विचरण कर रहे है, जिसमें एक दांत वाला एक गणेश भगवान रविवार एवं सोमवार की मध्य रात्रि वन परिक्षेत्र थाना एवं तहसील अनूपपुर के सोनमौहरी बीट अंतर्गत, ग्राम पंचायत अमगवां के वार्ड क्रमांक 10 डोंगरीटोला,गोहानाला के समीप रविवार की शाम 4 बजे से जंगल से निकल कर, गणेश सिंह पिता अमेर सिंह की चार एकड़ भूमि में लगाए गए गेहूं एवं अरहर की फसल के साथ पड़ोसी रमेश पिता मोतीलाल राठौर के तीन एकड़ की भूमि में लगे गेहूं की फसल को आहार बनाता रहा, इस दौरान कई बार एक अकेले हाथी को पटाखा हल्ला एवं अन्य तरीकों से खेतों से भगाए जाने की कोशिश ग्रामीण जन करते रहे, लेकिन खाने के लालच के कारण यह हाथी लोगों के भगाए जाने पर कुछ दूर पर लेंटाना की झाड़ियों एवं बांस के जंगल में जाकर ठहरने बाद फिर से खेतों में आकर गेहूं एवं अरहर की फसल को घंटे तक खाते रहा, पेट भरने बाद यह हाथी सोमवार की सुबह 4 बजे के लगभग खेत से निकल कर पड़ोस के सोनमौहरी के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है। वही दो हाथियों का समूह रविवार की सुबह वन परिक्षेत्र थाना एवं तहसील जैतहरी के वन बीट धनगवा के झण्डीटोला जंगल जो ग्राम पंचायत के क्योटार के कुसुमहाई ग्राम पंचायत पड़रिया के गोढाटोला,भलुवान घर टोला एवं ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के बड़का टोला,मंटोलियाटोला,कोषमटोला से लगा हुआ है जंगल में विश्राम कर रहा है। विगत रात यह दोनों हाथी किसी भी इलाके में जंगल से नहीं निकले हैं, जिनकी हाथी गस्ती दल के कर्मचारी एवं ग्रामीण जन रात भर हाथी के अचानक किसी टोला मोहल्ला में ना जाने को लेकर पूरी रात जाग जाग कर बिताएं।

रेलवे स्टेशन पर नियमों की उड़ाई जा रही खुलेआम धज्जियां, बिना अनुमति तोड़ी गई रेलवे की सुरक्षा दीवार

*घटिया सामग्री से प्लेटफॉर्म विस्तार का आरोप*


अनूपपुर

जिले के कोतमा रेलवे स्टेशन में प्लेटफॉर्म विस्तार निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। नगरवासी एवं यात्रियों ने रेलवे प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर नियमों की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से कार्य कराने का आरोप लगाया है। आरोप है कि प्लेटफॉर्म विस्तार के नाम पर रेलवे की सुरक्षा के लिए बनाई गई संपत्ति दीवार को बिना किसी लिखित अनुमति के तोड़ दिया गया, जो सीधे तौर पर रेलवे नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी द्वारा रेलवे द्वारा स्वीकृत एस्टीमेट और गुणवत्ता मानकों को ताक पर रखकर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इससे न केवल सरकारी धन की खुली लूट हो रही है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। आरोप यह भी है कि निर्माण स्थल पर पारदर्शिता के लिए आवश्यक सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जिसमें निर्माण एजेंसी का नाम, लागत, संबंधित विभाग और समय-सीमा का उल्लेख होना चाहिए था।

ग्रामीणों ने बताया कि जब इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो आईओडब्ल्यू (इंजीनियरिंग विभाग) सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। इससे अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि अधिकारी जवाबदेह होते, तो इस तरह खुलेआम नियमों की अनदेखी नहीं होती।

इस पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने बिलासपुर रेलवे डिवीजन को भी सूचित किया है और मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए, गुणवत्तायुक्त निर्माण कराया जाए तथा रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

वहीं इस मामले में रेलवे स्टेशन अधीक्षक पी एन रजक का कहना है कि रेलवे की संपत्ति यानी सुरक्षा दीवार को निर्माण एजेंसी/ठेकेदार द्वारा तोड़ा गया है और इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई है। अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला भी कागजों में दबकर रह जाएगा। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो नगर वासियों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

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