मुआवजा, रोजगार व पुर्नवास पर प्रभावित किसानों ने दिया अल्टीमेटम, मांगे नही मानी तो कोयला खदान बंद
मुआवजा, रोजगार व पुर्नवास पर प्रभावित किसानों ने दिया अल्टीमेटम, मांगे नही मानी तो कोयला खदान बंद
*उपक्षेत्रीय प्रबंधक रामपुर, बटुरा उपक्षेत्र एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र को सौपा ज्ञापन*
शहडोल
जिले के रामपुर बटुरा कोयला खदान परियोजना में प्रभावित किसानों के द्वारा उपक्षेत्रीय प्रबंधक रामपुर, बटुरा उपक्षेत्र एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र को 16 मार्च 2026 से रामपुर बटुरा ओपन माईन्स बंद करने के संबंध में ज्ञापन सौपा है।
एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र के रामपुर बटुरा परियोजना में प्रभावित गांव रामपुर, बेलिया, खांडा, बिछिया, अतरिमा, खैरबना एवं कोदैली की भूमियों का अर्जन किया गया है, किन्तु यहां के प्रभावित किसानों के मुआवजा, रोजगार एवं पुर्नवास के संबंध में एसईसीएल प्रबंधन द्वारा घोर लापरवाही बरती जा रही है, जिसके संबंध में गत दिसम्बर 2025 में प्रभावित किसानों द्वारा नाराजगी व्यक्त कर आन्दोलन किया गया था, जिसमें आप एवं स्थानीय सोहागपुर प्रबंधन द्वारा प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति में समझौता कर समस्त लंबित कार्यों का शीघ्र कराने हेतु लिखित अश्वासन दिया गया, किन्तु कोई भी कार्य दिए गए समय में पूर्ण नही किया गया है, जिससे पुनः आक्रोषित किसानों द्वारा दिनांक 16 मार्च 2026 से रामपुर बदुरा परियोजना का कार्य समस्याओं का निराकरण होने तक बंद करने हेतु निर्णय लिया गया है। लंबित मुद्दे निम्नानुसार है।
ग्राम रामपुर तथा बेलिया के कुछ रोजगार फाईल जैसे रामपुर का फाईल नं 143 151, 288, 329, 349 बेलिया का 11, 14, 57 58 एवं अन्य लगभग 02 वर्ष से अधिक अवधि से क्षेत्रीय मुख्यालय एवं एसईसीएल मुख्यालय में लंबित है, उपरोक्त फाईलों पर स्थानीय सोहागपुर प्रबंधन द्वारा माह जनवरी 2026 तक रोजगार स्वीकृति हेतु वादा किया गया था किन्तु आज दिनांक तक फाईलों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
खुली खदान में अर्जित ग्राम रामपुर तथा बेलिया के अंदर प्रवेश कर चुका है तथा उक्त दोनो गांव का सम्पूर्ण विस्थापन किया जाना है किन्तु एसईसीएल सोहागपुर द्वारा उक्त दोनों गांवों के मकान का मुआवजा तथा पुर्नवास के संबंध में कोई सार्थक कार्य नहीं किया जा रहा है, किसी भी दिन अप्रिय घटना घट सकती है।
दोनो विस्थापित हेतु प्रस्तावित गांवों के विस्थान हेतु चिन्हित भूमि पर विकास कार्य नहीं कराया जा रहा है तथा पुर्नवास के भूखण्ड के बदले प्रदाय की जाने वाली राशि तीन लाख तय की गई है जो 14 वर्ष पूर्व निर्धारित की गई थी. पुर्नवास की राशि कम से कम 6-7 लाख प्रदान कराए जाने का कष्ट करें तथा रामपुर तथा बेलिया का पुर्नवास एक साथ कराया जाए वर्तमान में माईन्स के सीमा के करीब 58 मकानों का मुआवजा तथा पुर्नवास की कार्यवाही जा रही है जो हमे हमे मंजूर नहीं है, कार्यवाही हो तो एक साथ हो।
ग्राम अत्तरिया की डीआरआरसी की बैठक की जा चुकी है किन्तु आज दिनांक रोजगार की कार्यवाही आरंभ नहीं की गई है जिस पर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्राम बिछिया तथा अत्तरिया का आज दिनांक तक प्रभावित किसानों को भूमि का मुआवजा प्रदान नहीं किया गया है जिसे शीघ्र प्रदान कराया जाए।
ग्राम कोर्दली की मुआवजा की स्वीकृति 2021 से प्राप्त है तथा कुछ किसानों द्वारा मुआवजा भी प्राप्त कर लिया गया है किन्तु आज दिनांक तक कौदैली ग्राम की डीआरआरसी की बैठक आयोजित नही किया गया है जिसे अप्रैल 2026 तक अनिवार्यतः कराया जाए। प्रभावित ग्रामों में सीएसआर मद से रोजगारन्मुखी प्रशिक्षण एवं विकास कार्य कराए
गत माह में खांडा के एक युवक की रात्रि में दुर्घटना होने से मृत्यु हो गई थी जिसके बाद प्रबंधन द्वारा वादा किया गया था कि खदान क्षेत्र से सांधा तिराहे तक सड़क मार्ग में रोड लाईट स्थापना किया जाएगा एवं खदान के भारी वाहनों के बलने से रोड के किनारे पटरियों में गड्ढे हो गये जिनको भरा जाएगा। किन्तु आज दिनांक तक कार्यवाही लंबित है तत्काल कराया जाए।
रामपुर बटुरा परियोजना में नियोजित कम्पनी के अधिकारियों द्वारा अपने रिश्तेदारों एवं करीबियों को ही कम्पनी रोजगार प्रदान कराया जा रहा है प्रभावित गांव के बेरोजगारों को रोजागर से वंचित रखा रहा है मात्र 20-25 स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार दिया गया है जबकि कम्पनी के अधिकारियों के करीबियों को अधिक संख्या में रोजगार दिया गया है. जिस पर ग्रामीणों को आपत्ति है।
उपरोक्त बिन्दुओं का निराकरण दिनांक 16 मार्च 2026 के पूर्व कार्यवाही कराए, अन्यथा रामपुर बदुरा परियोजना का समस्त कार्य अनिश्चित कालीन समय के लिए हमारे द्वारा शांतिपूर्ण आन्दोलन कर रोक दिया जाएगा, जिसकी समस्त जवाबदेही एसईसीएल प्रबंधन एवं प्रशासन की होगी।

