दबंग पब्लिक प्रवक्ता

गांजा तस्कर को पुलिस ने किया गिरफ्तार अर्टिगा कार से 1.22 करोड़ का गांजा जप्त


शहडोल

गांजा है और बुढ़ार, ऐसा नाता हो चुका है कि साथ ही नही छूट रहा सीधे पुलिस के घर मे सुरक्षित पहुँचने के बाद भी मुह में लगा खून बाहर आकर उसी कारोबार को बेखौफ करने की इजाजत देने लगता है अभी शहडोल पुलिस इस अवैध काम से जुड़े कनेक्शन को सुलझा नही पाई कि एक और खबर सामने आ गई जहाँ कोयलांचल बुढ़ार का ही एक और युवा गांजा तस्करी करते धरा गया। थाना रतनपुर पुलिस और ACCU की संयुक्त टीम ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए भारी मात्रा में गांजा जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, दिनांक 17 अप्रैल 2026 को पुलिस को सूचना मिली थी कि मारुति अर्टिगा वाहन (CG 04 QD 7255) के माध्यम से भारी मात्रा में अवैध गांजा कटघोरा से मरवाही मार्ग होते हुए मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा है।

सूचना पर रतनपुर पुलिस और ACCU की संयुक्त टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए नेशनल हाईवे नवापारा चौक भेड़ीमुंडा के पास घेराबंदी की। कुछ समय बाद संदिग्ध अर्टिगा वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें 245 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त किए गए मादक पदार्थ की कीमत लगभग 1 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही परिवहन में प्रयुक्त वाहन (कीमत लगभग 8 लाख रुपये) को भी जब्त किया गया।। इस मामले में आरोपी की पहचान अमित कुमार केवट (33 वर्ष), निवासी भुतही टोला, थाना बुढार, जिला शहडोल (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ थाना रतनपुर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सीएचसी में मरीज परेशान, मेडिकल स्टोर हो रहे मालामाल, बोलेरो पलटी, चार लोग हुए घायल


शहडोल

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी बुढार में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। प्राथमिक उपचार में उपयोग होने वाली जरूरी दवाइयों का अभाव बना हुआ है, जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, अस्पताल में रेबीज और टीटी के इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में गरीब और दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीजों को मजबूरन बाहर की मेडिकल दुकानों से महंगे दामों पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी रोज़ी-रोटी छोड़कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन वहां भी उन्हें प्राथमिक इलाज तक नहीं मिल पा रहा। इतना ही नहीं, जब दवाइयों की कमी के बारे में पूछा जाता है तो पर्ची में लिखने के बजाय सिर्फ मौखिक रूप से बाहर से दवा लेने की सलाह दी जाती है, जिससे पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

बड़ा सवाल यह है की जब सरकारी अस्पतालों में ही जरूरी दवाइयां उपलब्ध नहीं होंगी, तो गरीब मरीजों का इलाज कैसे संभव होगा। स्वास्थ्य विभाग को इस ओर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है, ताकि मरीजों को समय पर और मुफ्त उपचार मिल सके।

इस मामले में बुढार अस्पताल की बीएमओ डॉ. शैली जैन ने बताया की पिछले दो दिनों से इंजेक्शन अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं। मैंने इंडेंट कर दिया है। आवश्यकता होने पर मरीज बाहर से लगवा सकते हैं।

*बोलेरो पलटी, चार लोग हुए घायल अस्पताल में भर्ती*

अनूपपुर जिले के अमरकंटक  मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक से लगभग 19 किमी दूर शहडोल रोड भुंडा कोना के आगे हनुमान मंदिर पास में एक सड़क हादसा सामने आया है । पौंडकी के पहले स्थित हनुमान मंदिर के पास तेज रफ्तार बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई जिसमें सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए ।

जानकारी के अनुसार वाहन अमरकंटक से लालपुर विश्वविद्यालय की ओर जा रही थी तभी अचानक चालक का संतुलन बिगड़ने से हादसा हो गया । दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई ।

स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों की मदद से घायलों को तुरंत बाहर निकालकर उपचार के लिए भेजा गया । सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है । सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं । प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और सड़क की स्थिति को हादसे का कारण माना जा रहा है।

ट्रांसमिशन लाइनों के समीप बने 04 निर्माण हटाये गए, अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान शुरू


अनूपपुर

मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) द्वारा जिले में एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास हो रहे अवैध निर्माणों की खतरनाक स्थिति को दृष्टिगत सख्त अभियान शुरू किया गया है। एमपी ट्रांसको के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया है कि अभियान का उद्देश्य न केवल ऐसे निर्माणों को हटाना है, बल्कि नागरिकों को यह स्पष्ट रूप से समझाना भी है कि ट्रांसमिशन लाइनों के समीप किया गया निर्माण सीधे जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

हाई टेंशन ट्रांसमिशन लाइनो के आसपास नियमानुसार 132 के.वी. ट्रांसमिशन लाइन के दोनों ओर 27 मीटर का क्षेत्र और 220 के वी लाइन में 35 मीटर सुरक्षा कॉरीडोर के रूप में प्रतिबंधित है। इसके भीतर किसी भी प्रकार का निर्माण पूर्णतः वर्जित है। इस क्षेत्र में बने मकान, दुकान या अन्य संरचनाएं इसलिए अत्यंत जोखिमपूर्ण हैं क्योंकि तेज हवा या अन्य कारणों से तारों के झूलने (स्विंग) की स्थिति में कभी भी जानलेवा हादसा हो सकता है।

अनूपपुर और कोतमा क्षेत्र में अब तक 23 ऐसे निर्माण चिन्हित किए गए हैं, जो इस प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर आते हैं। इन सभी मामलों में  संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे स्वयं निर्माण हटाएं, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इन निर्माणों से न केवल रहने वालों की जान जोखिम में है, बल्कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो सकती है।

क्षेत्र में रेलवे को आपूर्ति करने वाली 220 केवी ट्रैक्शन -ट्रांसमिशन लाइन के नजदीक बने निर्माण सहित चार ऐसे निर्माणों को हटाया जा चुका है जो मानव जीवन के लिए खतरा हो सकते थे। सहायक अभियंता जगदीश असाटी द्वारा स्थानीय प्रशासन की मदद से पब्लिक एड्रेस सिस्टम, व्यक्तिगत संपर्क और नोटिस के माध्यम से लोगों को समझाया जा रहा है कि थोड़ी सी लापरवाही, बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

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