हाथियों ने बदली दिशा खांड़ा से सोन नदी पार कर पहुंचे चिल्हारी होते हुए शहडोल जिले में किया प्रवेश
हाथियों ने बदली दिशा खांड़ा से सोन नदी पार कर पहुंचे चिल्हारी होते हुए शहडोल जिले में किया प्रवेश
अनूपपुर
तीन हाथियों का समूह रविवार के दिन खांड़ा गांव के जंगल में दिनभर व्यतीत करने बाद रात होते ही चुपचाप तरीके से खांडा पोडी मानपुर होते हुए सोन नदी पार कर चचाई बस्ती मेडियारास होकर सोमवार की सुबह चिल्हारी गांव के शकराई देवी के समीप राजस्व के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं। तीनों हाथी रात भर गश्ती दल एवं ग्रामीणों को बीच-बीच में छिपकर चकमा देते रहे हैं।
सोमवार को 91वें दिन तीन हाथियों का समूह अनूपपुर जिले में निरंतर विचरण करते हुए चिल्हारी गांव के राजस्व के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं। यह हाथी तीन दिन सोनमौहरी के जंगल तीन दिन बिताते हुए शुक्रवार की रात सोनमौहरी के जंगल से निकल कर सेन्दुरी,सोनमौहरी के पिचिंगटोला,भगतबांध से सोन नदी पार कर ग्राम पंचायत पसला के चरतरिया टोला घर की दीवाल तोड़ते होते हुए, भगतबांध गांव में किसानों की फसलों को खा कर फिर से सोन नदी पार कर भोलगढ़ के जंगल से राष्ट्रीय राज्य मार्ग पारकर शनिवार की सुबह खांडा गांव के जंगल में दिनभर विश्राम किया। शनिवार की रात होते ही चुपचाप तरीके से जंगल से निकल कर पोंडी गांव से राष्ट्रीय मार्ग राज्यमार्ग पारकर मानपुर के चचंगटोला बांड़ी में सब्जी खाने दौरान ग्रामीणों की भीड़ द्वारा खदेड़े जाने पर सोन नदी पार कर ग्राम पंचायत मेडियारास के चचाई बस्ती में खेतों में लगी गेहूं की फसल को कई घंटे तक खाते हुए, मेडियारास गांव में घर का दरवाजा तोड़ घर के अंदर रखे महुआ को सूढ़ से पकड़ कर निकाल कर खाते हुए रेलवे लाईन पारकर ग्राम पंचायत चिल्हारी से ग्राम पंचायत खम्हरिया के वकानटोला में सोमवार की सुबह पहुंचकर आम के पेड़ के नीचे सोते हुए, बकान नदी के किनारे किनारे होकर चिल्हारी गांव में स्थित शकरहाई देवी मढिया के समीप स्थित राजस्व के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं। तीनों हाथियों ने बकान नदी में पहुंचकर पानी पिया हाथियों की विचरण दौरान हाथी गश्ती दल हाथियों के विचरण पर रात भर निगरानी रखते हुए ग्रामीण जनों को सतर्क एवं सचेत रहने की सूचना विभिन्न माध्यमों से दिए जाने गांव के बाहर एवं जंगल के किनारे अकेले बने कच्चे मकान में रहने वाले ग्रामीणों को समय पर सूचित किए जाने ग्रामीणों के बीच बस्ती में आकर रात के समय ठहरने से कोई अपनी स्थिति निर्मित नहीं हो सकी, रात भर तीनों हाथी सभी को चकमा देते हुए बीच-बीच में सुनसान इलाके जंगल तेरा होकर एकांत स्थल प्रकार खेतों में फसलो को खाते रहे हैं। रविवार की रात कई गांव की ग्रामीण तीनों हाथियों को अपने इलाके से बाहर किए जाने हेतु विभिन्न तरह के प्रयास करते दिखे।
*शहडोल जिले के बुढार वन परिक्षेत्र में किया प्रवेश*
तीन हाथियों के समूह ने सोमवार की रात 9:30 बजे वन परिक्षेत्र,थाना एवं तहसील अनूपपुर के खम्हरिया बीट अंतर्गत ग्राम पंचायत सकरा के निदावन एवं गोलद्दा गांव के जंगल से होते हुए शहडोल जिले के वन परिक्षेत्र बुढार अंतर्गत खम्हरिया बीट के कपिलधार गांव में प्रवेश कर लिया है हाथियों के द्वारा एक किसान राम सिंह पिता मंगल सिंह के बांडी में लगे कटहल को खाते हुए आगे की ओर निरंतर बढ़ रहे हैं वन विभाग अनूपपुर एवं बुढार के हाथी गश्ती दल के अधिकारी/कर्मचारी ग्रामीण जनों के सहयोग से हाथियों पर निगरानी रखते हुए ग्रामीण जनों को विभिन्न माध्यमों से सूचित कर सचेत एवं सतर्क रहने की अपील की है।

