दबंग पब्लिक प्रवक्ता

बने राष्ट्रभाषा हिंदी यह है संकल्प हमारा, हिंदी के प्रतिभा मंडल का फैल रहा उजियारा


*हिंदी दिवस पर आधारित एक राष्ट्रभाषा हिंदी गीत*             


बने राष्ट्रभाषा हिंदी यह है संकल्प हमारा,

हिंदी के प्रतिभा मंडल का फैल रहा उजियारा।


हिंदी के हाथों के कंगन जब जब बजे उठते हैं,

सूरज चांद सितारे नभ में महाकाव्य लिखते हैं।


विश्व हिंदी दिवस मनाता है देखो जग सारा।

बने राष्ट्रभाषा हिंदी यह है संकल्प हमारा।


हिंदी का प्रदीप मुख मंडल चमक रहा है ऐसे,

उदयांचल में देव दिवाकर दमक रहा है जैसे।


विश्व भाषा होगी हिंदी यह विश्वास हमारा।

बने राष्ट्रभाषा हिंदी यह है संकल्प हमारा।


किसी गीत के भावों जैसा सुंदर है कोमल है,

हिंदी माता के शब्दों का रेशम सा आंचल है।


विश्व पटल पर हिंदी छाई यह सौभाग्य हमारा।

बने राष्ट्रभाषा हिंदी यह है संकल्प हमारा।


इस जग में कोई भी अक्षर ऐसा कहीं नहीं है ,

जो हिंदी के सुंदरतम हाथों में सजा नहीं है ।


हिंदी विश्व भाषा होगी है विश्वास हमारा।

हिंदी को अपनायेंगे हम है संकल्प हमारा।


बने राष्ट्रभाषा हिंदी यह है संकल्प हमारा,


*गीतकार अनिल भारद्वाज एडवोकेट उच्च न्यायालय ग्वालियर मध्य प्रदेश*

आंगनबाड़ी में टीकाकरण के बाद मासूम बालिका की हुई मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप 

*थाना में हुई शिकायत*


शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत कल्हारी के ग्राम सूखा में तीन माह दस दिन की मासूम बच्ची प्रियांशी पाल की मौत के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। परिजनों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र सूखा में टीकाकरण के दौरान लापरवाही के कारण बच्ची की जान गई। घटना 9 जनवरी की बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार सुनील कुमार पाल की पुत्री प्रियांशी को 9 जनवरी को सुखा आंगनबाड़ी केंद्र में टीका लगाया गया था। परिजनों का कहना है कि बच्ची को एक साथ दो टीके लगाए गए और तीन डोज दवा पिलाई गई, जिसके कुछ ही घंटों बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। रात में बच्ची लगातार रोती रही। मां ने उसे दूध पिलाया, लेकिन रात करीब तीन बजे जब माता-पिता जागे तो बच्ची में कोई हलचल नहीं थी और उसकी सांसें थम चुकी थीं।

घटना की सूचना मिलने पर परिजनों ने ब्यौहारी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

रविवार को घटना को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। परिजनों का आरोप है कि एएनएम द्वारा गलत तरीके से टीकाकरण किया गया, जिससे बच्ची की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। पिता सुनील पाल ने बयान में स्पष्ट कहा है कि टीका लगने के बाद ही बच्ची की तबीयत खराब हुई थी।

वहीं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुनील स्थापक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है और टीका लगने से किसी बच्चे की मौत संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि उसी केंद्र में अन्य बच्चों को भी टीके लगाए गए थे, जो पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने आशंका जताई कि संभव है दूध पिलाने के बाद डकार न दिलाने से बच्ची को समस्या हुई हो। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्वास्थ्य विभाग भी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।

ग्राम पंचायत मे हरे भरे पेड़ पौधो को उजाड़कर फर्जीवाड़ा कर करा रहे हैं तालाब का निर्माण


अनूपपुर

जिले के जनपद पंचायत कोतमा में आने वाले ग्राम पंचायत खामरौद यहां सरपंच सचिव रोजगार सहायक तीनों कि मिली भगत से पहले  जमीन पर वृक्षारोपण किए थे और अब छोटे छोटे पौधे को काटकर अब यहां तलाब का निर्माण कर रहे है। मामला कोतमा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत खमरौद का जहा पर पंचायत एजेंसी के द्वारा खुलेआम कोतमा जनपद के यंत्री उपयंत्री के सह पर प्रमाणित भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है। बिना मास्टर रोल निकाले ही किया जाता है निर्माण कार्य वा बिना मूल्यांकन के पैसा की निकासी की जा रही है।

कोतमा जनपद के इंजीनियर के सह से ख़मरोद पंचायत मे विकास की गति चरम सीमा पार चुका है, निर्माण कार्य ल पुल, पुलिया, सीसी रोड मुलक हितग्राही के काम खेत तालाब मे बिना मास्टर निकाले ही चालू कराया जाता है काम और बाद मे बंद कमरे मे बैठ कर जो मजदूर कभी काम करने नहीं जाते वा जो पंचायत तो क्या संभाग से भी बाहर रहते है उनके नाम का फर्जी मास्टर तैयार कर पंचायत के कामों मे हाजरी लगाकर प्रमाणित फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जाता है, ऐसा नहीं है की इन सब कारनामो की जानकारी कोतमा जनपद मे अंगद के पैर की तरह आसन जमाए बैठे इंजिनियर डोंगरवार को नहीं है। 

अगस्त 2025 मे ही पूरे प्लाट मे लगे हरे भरे लिपटिस के ऊपर ही चालू करा दिए खेत तालाब निर्माण कार्य जिससे यह प्रमाणित होता है की पंचायत के रोजगार सहायक के द्वारा घर मे बैठकर बिना साइड देखे बिना मास्टर निकाले ही मेटो के माध्यम से अपना सेटिंग बनाकर काम को चालू करा दिया जाता है, और जब रोजगार सहायक मोहन केवट से इस बारे मे पूछा गया तो कहते है की जब मैं जिओ टैक करने गया था तो उस प्लाट मे लिपटिस का पेड़ नहीं था, पर अब कैसे आ गया मैं नहीं जनता हूँ। हितग्राही का कहना है जितना लिपटिस लगा था, उसका पैसा दे दूंगा मैं और किसी को बोलने का हक नहीं है, जो शासन मेरे ऊपर कार्यवाही करेगा मै देख लूंगा थाना में शिकायत करे या कुछ भी करें।

मैं निर्माण कार्य के जगह पर गयी थी, लिपटिस प्लाट मे लगा हुआ है और खेत तालाब का काम भी वही पे हो रहा है, टाइमिंग के लिए भी बोली हूँ,अगल बगल के पंचायतो मे भी ऐसा ही चलता है धीरे धीरे सुधार करेंगे।

*रानी पनिका, सचिव, ग्राम पंचायत ख़मरौद*

मुझे निर्माण कार्यों के जानकारी नहीं रहती है, आप इन सब बारे मे हमारे पति से से बात कर लीजिये।

*पिंकी सिंह सरपंच ग्राम पंचायत ख़मरौद*

जब पंचायत के सरपंच सचिव ही कुछ नहीं बोलते है तो मैं क्या कर सकता हूँ। 

*मोहन केवट, रोजगार सहायक ग्राम पंचायत ख़मरौद*

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