दबंग पब्लिक प्रवक्ता

*न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना*


*ए आई एम टी सी ने श्रीनगर में मनाया राष्ट्रीय ‘ड्राइवर सम्मान दिवस'*

 डॉ हरीश सभरवाल


ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट काँग्रेस (एआईएमटीसी) द्वारा वाहन चालकों के सम्मानऔर सामाजिक सुरक्षा के हक में एक ऐतिहासिक पहल

श्रीनगर, जम्मू कश्मीर के लाल चौक से गूंजा ‘ड्राइवर्स डिग्निटी’ का राष्ट्रीय संदेश

देश की अर्थव्यवस्था, सप्लाई चेन और करोड़ों लोगों की दैनिक आवाजाही को गति देने वाले लाखों प्रोफेशनल ड्राइवरों कीगरिमा, सम्मान, सुरक्षा एवं कल्याणको समर्पित‘ड्राइवर डिग्निटीडे’ का राष्ट्रीय आयोजन 17 सितंबर 2026 को श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर)  के ऐतिहासिकलाल चौक–घंटाघरसे एक व्यापक संदेश के साथ मनाया गया|

जम्मू -कश्मीर सरकार, व कश्मीर प्रशासन के आहवाहन पर डॉ. हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआइएमटीसी), द्वारा देश के चालक भाई-बहनों के सम्मान, गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों के लिए शुरू की गई यह ऐतिहासिक महत्त्वपूर्ण पहल का शुभारंभश्रीनगरजम्मू-कश्मीरसे हुआजहाँ से“ड्राइवर को देखें, व्यक्ति का सम्मान करें”का संदेश देशभर में प्रसारित किया गया।

चालक समुदाय के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के इस संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुँचाते हुएभारत के विभिन्न हिस्सों में व्यापक रूप से कार्यक्रम आयोजित किए गए और इसे जनभागीदारी का स्वरूप दिया गया।

श्रीनगर से उठी यह आवाज़ पूरे देश में गूँजी और “ड्राइवर का सम्मान—देश का सम्मान” के संदेश को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त रूप से स्थापित किया।

डॉ. हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, (एआइएमटीसी) के नेतृत्व एवं ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के तत्वावधान में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम मेंभारत रोड सेफ्टी वॉलंटियर्स(बी. ए. आर. एस), जे.के. टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड, दिल्ली कॉन्ट्रैक्ट बस एसोसिएशन(डीसीबीए), फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन(एफ. ए. डी. ए), आई. टी. एस.  इंडिया फोरम, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री(एफ. आई. सी. सी. आई), ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन(ए सी एम ए), ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल(ए. एस. डी. सी), साउथ एशिया सेंटर फॉर पीस एंड पीपल्स एम्पावरमेंट(एस. सी. ए. पी. ई. ई), भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, एशियन रोड सेफ्टी अकादमीसहित विभिन्न राष्ट्रीय संस्थाओं तथाश्रीनगर के स्थानीय परिवहन एवं चालक संघों- कश्मीर ट्रांसपोर्ट फेडरैशन, कश्मीर ट्रांसपोर्ट कोऑर्डनैशन कमिटी आदि ने सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता की।यह कार्यक्रम एक ऐतिहासिक और राष्ट्रीय स्तर की पहल के रूप में सामने आया।


चालकों के सम्मान, गरिमा, सुरक्षा और कल्याण को समर्पित यह आयोजनविभिन्न राष्ट्रीय एवं स्थानीय संगठनों की सामूहिक भागीदारी का उदाहरण बना और एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल के रूप में सामने आया। इस अवसर पर चालक समुदाय के योगदान को रेखांकित करते हुएसम्मान, सुरक्षा और सामाजिक प्रतिष्ठाका संदेश देशभर में पहुँचाने का संकल्प भी व्यक्त किया गया।


इस अभियान में श्री हसीब उर रहमान, आईपीएस, पुलिस उपमहानिरीक्षक, यातायात, कश्मीर ; श्री मुबाशिर जान, असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (एन्फोर्समेंट), मोटर वाहन विभाग, (जम्मू & कश्मीर); श्री राम शंकर पांडे, चेयरपर्सन -भारत रोड सैफ्टी वॉलनटेरर्स (बी. ए. आर. एस), श्री  अखिलेश श्रीवास्तव, (अध्यक्ष - आई. टी. एस.  इंडिया फोरम); श्री अनिल छिकारा, पूर्व डेप्यूटी ट्रांसपोर्ट कमिशनर (दिल्ली सरकार) एवं ट्रांसपोर्ट एड्वाइसर (एआइएमटीसी) ;  डॉ प्रेरणा (बी. ए. आर. एस); श्री उमर भट्ट (एस. सी. ए. पी. ई. ई) ; श्री प्रसेनजीत भट्टाचार्य, फाउन्डर ‘वर्क विद डिग्निटी फाउंडेशन’आदि ने भाग लिया|

इस मौके पर देश भर से से आए एआईएमटीसी के गणमान्य सदस्यों ने इस कार्यकर्म में भाग लिया जिनमें उल्लेखनीय डॉ जी आर शनमुगप्पा, चेयरमैन (एआईएमटीसी) ; श्री गुरिन्द्र पाल सिंह, पूर्व अध्यक्ष ; श्री बल मलकित सिंह, पूर्व अध्यक्ष; श्री भीम वाधवा, पूर्व अध्यक्ष; श्री अमृतलाल मदान, पूर्व अध्यक्ष; श्री हरपाल सिंह बक्शी, अध्यक्ष-डीसीबीए; श्री विजेंदर दलाल, कार्यकारी अध्यक्ष (डीसीबीए); श्री सुरेश खोसला, श्री संदीप धूपर; श्री अजय मैनी; श्री बी. जी. लिन्गाराजू; श्री सरंजीत सिंह कलसी, श्री वीरेंद्र गुप्ता, श्री सरजंत सिंह; श्री मदन डावर, श्री बलवंत सिंह भुलर (हाइवै हीरो ट्रस्ट), श्री विमल वाही, श्री अमरजीत सिंह सहगल, श्री मोहन सिंह, अध्यक्ष (आर.टी.ओ.डब्लू.ए.) ; श्री सोम लूथरा, श्री गुंजीत सिंह सांघा, श्री अमरीक सिंह, श्री प्रदीप, श्री श्याम सुन्दर, श्री रामरत्न, श्री संजय, सुश्री पूनम, श्री सौरभ, श्री रूपेश, श्री जयपाल सोलंकी, श्री मुकेश जैन आदि शामिल रहे |

प्रताप पार्क से घंटाघर, लाल चौक, श्रीनगर (जम्मू कश्मीर) तक—ड्राइवर सम्मान में ऐतिहासिक वॉकाथॉन

प्रताप पार्क से लाल चौक–घंटाघर तक निकला ड्राइवर डिग्निटीवॉकाथॉन

ड्राइवर डिग्निटीडे के अवसर पर श्रीनगर मेंप्रताप पार्क से लाल चौक–घंटाघर तक ड्राइवर डिग्निटीवॉकाथॉन का आयोजन किया गया। वॉकाथॉन में बड़ी संख्या में ड्राइवरों, परिवहन क्षेत्र के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और विभिन्न संस्थाओं से जुड़े प्रतिभागियों ने भाग लेकर देश के उन लाखों–करोड़ों लोगों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश दिया, जो प्रतिदिन अपने श्रम से लोगों और अर्थव्यवस्था को गतिमान रखते हैं।

इस आयोजन ने विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वरूप तब ग्रहण किया जब जम्मू-कश्मीर के साथ-साथकर्नाटक, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मुंबई और देश के अन्य हिस्सोंसे आए परिवहन प्रतिनिधि एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग इसमें शामिल हुए। ड्राइवरों की गरिमा, सम्मान, सुरक्षा और कल्याण केवल किसी एक क्षेत्र का विषय नहीं, बल्कि पूरे देश से जुड़ा हुआ विषय है।इस राष्ट्रीय पहल के संदेश को“शुक्रिया सारथी! हमारे सुरक्षा साथी!”जैसे भावपूर्ण अभियान से भी जोड़ा गया, जिसमें नागरिकों से अपने आसपास के किसी ड्राइवर को धन्यवाद देने, उसकी बात सुनने और उसके योगदान को सम्मान देने का आह्वान किया गया।

वॉकाथॉनका मूल संदेश था —“सी द ड्राइवर, रिस्पेक्ट द पर्सन” — ड्राइवर को देखिए, इंसान का सम्मान कीजिए।.ड्राइवर डिग्निटीडे से जुड़े राष्ट्रीय सोशल-मीडिया अभियान में भी यही विचार प्रमुखता से सामने आया | श्रीनगर की सड़कों पर निकला यह वॉकाथॉनकेवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्किसम्मान, सुरक्षा, सामाजिक संवेदनशीलता और ड्राइवर कल्याण को राष्ट्रीय संवाद का हिस्सा बनाने का सार्वजनिक संदेशबनकर सामने आया।

इसके तत्पश्चात, जोगगर्स परक में एक चालक भाइयों और बहनों के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया|

इस अवसर पर सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले सभी लोगों तथा विशेष रूप से ड्यूटी के दौरान दिवंगत हुए ड्राइवरों की स्मृति मेंएक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलिदी गई। 

उत्कृष्ट सेवा एवं सुरक्षित ड्राइविंग के लिए चालक सम्मान

ड्राइवर डिग्निटी डेके अवसर परउत्कृष्ट एवं दीर्घकालीन सेवा, अनुशासित कार्यशैली तथा सुरक्षित ड्राइविंग का उल्लेखनीय रिकॉर्डरखने वाले देश भर से आए चालक भाई-बहनों को सम्मानित अतिथिगण द्वारा स्मृति-चिह्न एवं अंगवस्त्रभेंट कर उनके अमूल्य योगदान, परिश्रम और सेवाभाव के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई।

यह सम्मान उन चालकों के परिश्रम, जिम्मेदारी, अनुशासन और सड़क सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सार्वजनिक सराहनाका प्रतीक है। देश की अर्थव्यवस्था और परिवहन व्यवस्था को निरंतर गतिशील रखने वाले इन समर्पित चालकों का सम्मान समाज मेंड्राइवरों की गरिमा और सम्मान को बढ़ानेके साथ-साथसुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति को प्रोत्साहित करनेकी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

“ड्राइवर सड़क परिवहन के पायलट और देश के आंतरिक सिपाही हैं” — डॉ. हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष 

उन्होंने कहा, “देश की हर आवश्यक वस्तु और करोड़ों लोगों की आवाजाही के पीछे हमारे ड्राइवर हैं। वे हमारे आंतरिक सिपाही हैं। जिस प्रकार ट्रेन और विमान के पायलटों को सम्मान दिया जाता है, उसी प्रकार सड़क परिवहन के पायलट—हमारे ड्राइवरों—को भी समान गरिमा और सम्मान मिलना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि ड्राइवरों का योगदान केवल आर्थिक गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि वेराष्ट्र की जीवनरेखा को निरंतर गतिमान रखने वाले महत्वपूर्ण कर्मयोगीहैं। कठिन मौसम, लंबे रूट, लंबे कार्य घंटे और अनेक चुनौतियों के बावजूद वे देश की आवश्यक वस्तुओं और यात्रियों की आवाजाही सुनिश्चित करते हैं।

डॉ. सभरवाल ने कहा किड्राइवर डिग्निटीडे केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षभर चलने वाला सामाजिक संकल्प होना चाहिए।ड्राइवरों को सम्मानजनक व्यवहार के साथ-साथ सुरक्षित कार्य वातावरण, पर्याप्त विश्राम, स्वास्थ्य सुविधाएं, सामाजिक सुरक्षा और परिवार के बेहतर भविष्य का अवसर मिलना आवश्यक है।

उन्होंने बताया किएआईएमटीसी ड्राइवरों के सामाजिक एवं आर्थिक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुएलगातार सरकार के समक्ष उनके लिएई.एस.आई. एवं पी.एफ. जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं, ड्राइवर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन, आयुष्मान भारत से जुड़ाव, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास सुविधा, नियमित स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच शिविर, चिकित्सा सहायता तथा व्यापक बीमा सुरक्षाउपलब्ध कराने की मांग उठाता रहा है। संगठन का प्रयास है कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बने ड्राइवरों और उनके परिवारों को सम्मानजनक जीवन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं तथा मजबूत सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

इसके साथ ही एआईएमटीसीद्वारा हाईवे परसुरक्षित पार्किंग, विश्राम स्थल, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, स्वच्छ एवं रियायती भोजन तथा चिकित्सा सुविधाओंकी उपलब्धता पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है।

“ड्राइवर और ट्रैफिक पुलिस विरोधी नहीं, सड़क सुरक्षा के साझेदार हैं”

डॉ. सभरवाल ने कहा कियातायात पुलिस और प्रवर्तन अधिकारियों का व्यवहार भी चालक के सम्मान और सड़क सुरक्षा से जुड़ा है।कानून का पालन कराना जरूरी है, लेकिन यह कामसम्मान, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहारके साथ किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “ड्राइवर और ट्राफिक पुलिस एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के साझेदार और दोस्त हैं। नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन इसे सम्मान और संवेदनशीलता के साथ सुनिश्चित किया जाना चाहिए।”

उन्होंने यातायात पुलिस और प्रवर्तन अधिकारियों को समय-समय परअच्छे व्यवहार, सम्मानपूर्वक संवाद, संवेदनशीलता और प्रभावी बातचीतका प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

श्री रामाशंकर पांडेय, चेयरपर्सन, बी.ए.आर.एस.ने ड्राइवर डिग्निटीडे को एक निरंतर राष्ट्रीय आंदोलन में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ड्राइवर को केवल वाहन चलाने वाले व्यक्ति के रूप में देखना उनके वास्तविक योगदान को सीमित करना है। 

उन्होंने कहा कि ड्राइवरअर्थव्यवस्था, सप्लाई चेन और करोड़ों लोगों की आवाजाही के महत्वपूर्ण संचालकहैं तथा ड्राइवर डिग्निटीका वास्तविक अर्थ केवल एक दिन सम्मानित करना नहीं, बल्कि पूरे कार्यजीवन कोसम्मानजनक, सुरक्षित और मानवीयबनाना है।

उन्होंने“सी द ड्राइवर, रिस्पेक्ट द पर्सन.”को जन-अभियान बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सड़क पर हमारा व्यवहार ही इस अभियान की वास्तविक सफलता का पैमाना होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार, उद्योग, ट्रांसपोर्ट संगठन, वाहन मालिक, एनफोर्समेंट एजेंसियांऔर समाज को मिलकर ड्राइवरों के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियां तैयार करनी होंगी।

जे.के. टायर्स एवं इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की ड्राइवर कल्याण हेतु पहल

इस अवसर परश्री संजीव शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मोबिलिटी सॉल्यूशंस एवं फ्लीट मैनेजमेंट, जे.के. टायर्स एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड, ने चालकों के कल्याण के लिए कंपनी द्वारा पिछलेदस वर्षों से चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमोंकी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा चालकों के लिएस्वास्थ्य जांच और चिकित्सा शिविरलगाए जाते हैं तथा उनके कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जाती हैं। इसके साथ ही, मेधावी चालकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए पूरी फीस की छात्रवृत्तिभी दी जाती है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य चालकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा बेहतर जीवन में सहयोग देना और उनके महत्वपूर्ण योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करना है।

उन्होंने कहा किदेश की सप्लाई चेन, व्यापार और रोजमर्रा का जीवन लाखों ड्राइवरों की अथक मेहनत पर निर्भर है।ड्राइवर की सेहत और सुरक्षा ही सुरक्षित सड़क परिवहन की पहली कड़ी है। ड्राइवर सुरक्षित रहेगा, तभी सफर सुरक्षित होगा। इसी सोच के साथ बेहतर और सुरक्षित टायर तकनीक विकसित करने के लिए जे.के. टायर्स एवं इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड लगातार प्रयास कर रही है।

श्री हसीब उर रहमान, आईपीएस, पुलिस उपमहानिरीक्षक, यातायात, कश्मीर ने कहा कि देश में पहली बार ड्राइवर डिग्निटीडे जैसे राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत श्रीनगर से होना गर्व की बात है।

उन्होंनेड्राइवरों तथा यातायात पुलिस एवं प्रवर्तन अधिकारियों के बीच बेहतर संवाद, आपसी समझ और सहयोगको बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि अनुशासन और सम्मान साथ-साथ चलें |कानून और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ड्राइवर कीगरिमा और सम्मानभी कायम रहना चाहिए। सड़क पर टकराव के बजायसम्मान, संवाद और सहयोगका वातावरण सड़क सुरक्षा को अधिक प्रभावी बना सकता है।

उन्होंने ड्राइवरों को समाज और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि उन्हें उचित सम्मान मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंनेअनुशासित एवं सुरक्षित ड्राइविंग करने वाले ड्राइवरों को प्रोत्साहित करनेतथा यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने ड्राइवरों के कल्याण, सेवानिवृत्ति के बाद सहायता तथासी.एस.आर,के माध्यम से ड्राइवरों के बच्चों की शिक्षा और परिवारों के कल्याणके लिए सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

श्री प्रसेनजीत भट्टाचार्य, फाउन्डर - वर्क विद डिग्निटी फाउंडेशन—ने ‘वर्क विद डिग्निटी’ की भावना को ड्राइवर डिग्निटीडे से जोड़ते हुए कहा कि हर व्यक्ति को गरिमा के साथ काम करने का अधिकार है और ड्राइवर भी इससे अलग नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि सम्मानजनक व्यवहार के साथसुरक्षित कार्य वातावरण, पर्याप्त विश्राम, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा और परिवार के बेहतर भविष्यको प्राथमिकता देना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि सड़क पर हमें केवल एक वाहन नहीं, बल्कि उसके पीछे खड़ेएक इंसान, एक परिवार और देश की जीवनरेखा को आगे बढ़ाने वाले कर्मयोगीको देखना चाहिए।

श्रीनगर में इस राष्ट्रीय आयोजन को जमीनी स्तर पर सफल बनाने मेंश्री उमर भट, अध्यक्ष साउथ एशिया सेंटर फॉर पीस एंड पीपल्स एम्पावरमेंट (एस.ए.सी.पी.पी.ई.), जम्मू-कश्मीर स्थितकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने स्थानीय ड्राइवरों, ट्रांसपोर्ट संगठनों, स्वयंसेवकों, प्रशासन और विभिन्न stakeholders के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया।

उन्होंने कहा कि ड्राइवरों का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए और उनके लिएस्वास्थ्य, सुरक्षित पार्किंग, विश्राम, स्वच्छता, सुरक्षा एवं परिवार के कल्याणसे जुड़ी सुविधाओं पर निरंतर कार्य होना चाहिए।

सरकार–उद्योग–ट्रांसपोर्ट–समाज: सभी की साझी जिम्मेदारी – डॉ जी.आर. शनमुगप्पा, चेयरमैन (एआईएमटीसी) . 

डॉ जी.आर. शनमुगप्पा, चेयरमैन (एआईएमटीसी) ने कहा किड्राइवर डिग्निटीडे ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ड्राइवरों की गरिमा, सुरक्षा और कल्याण केवल परिवहन व्यवसाय का विषय नहीं है।

सरकार, ऑटोमोबाइल एवं टायर उद्योग, कॉरपोरेट जगत, सड़क सुरक्षा संगठन, ट्रांसपोर्ट संगठन, मीडिया और समाज—सभी को मिलकरड्राइवरों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और मानवीय कार्य वातावरण तैयार करना होगा।

उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से अपील की कि जब भी सड़क पर किसी ड्राइवर से सामना हो, तो उसके साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करें, उसकी कठिनाइयों को समझें, उसके समय का सम्मान करें और सुरक्षित एवं अनुशासित ड्राइविंग के लिए उसे प्रोत्साहित करें।

ड्राइवरों की गरिमा और सड़क सुरक्षा एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हैं। उचित विश्राम, बुनियादी सुविधाएं, स्वास्थ्य सुरक्षा, सम्मानजनक व्यवहार और सुरक्षित कार्य परिस्थितियां न केवल ड्राइवरों के जीवन को बेहतर बनाती हैं, बल्किसड़क सुरक्षा की संस्कृति को भी मजबूत करती हैं।

अगले वर्ष फिर श्रीनगर में होगा राष्ट्रीय आयोजन – डॉ हरीश सभारवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष (एआईएमटीसी)

उन्होंने एआईएमटीसीकी गौरवशाली विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष1936 में लाहौर में स्थापित एआईएमटीसीआज देशभर में परिवहन क्षेत्र की एक व्यापक और सशक्त राष्ट्रीय आवाज है।

इस मौके पर डॉ. हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष (एआईएमटीसी) ने कहा कि यह पहलमाननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवसके अवसर पर ड्राइवर समुदाय के सम्मान में आयोजित की गई है। उन्होंने भारत की समस्त परिवहन बिरादरी की ओर से प्रधानमंत्री जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की।

साथ ही उन्होंने घोषणा की किअगले वर्ष हमारे माननीय प्रधान मंत्री जी के जनमदिवस, 17 सितंबर 2027, को श्रीनगर में ड्राइवर डिग्निटीडे का पुनः भव्य एवं व्यापक राष्ट्रीय आयोजनकिया जाएगा।

डॉ हरीश सभारवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष (एआईएमटीसी) ने दोहराया कि वे देशभर के अपने सदस्य संगठनों, ट्रांसपोर्टरों, वाहन मालिकों और ड्राइवर समुदाय के साथ मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ायेगें और ड्राइवरों कीगरिमा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और कल्याणसे जुड़े विषयों को सरकार और राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न मंचों पर निरंतर उठाते रहेंगें |



नई दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना


अल्पसंख्यक आयोग में मनाया गया शहीद भगत सिंह का जन्मदिवस: राजीव जोली खोसला नई दिल्ली


 शहीद-ए-आजम भगत सिंह का जन्मदिवस दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग और भीम ब्रिगेड ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोग के सभागार में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री निर्मल जैन ने की, जबकि भीम ब्रिगेड ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव जोली खोसला ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर सैकड़ों राष्ट्रभक्तों ने भाग लेकर शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।


कार्यक्रम में आयोग के सदस्य सरदार कुलदीप सिंह ने शहीद भगत सिंह के जीवन और उनके क्रांतिकारी योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर, 1907 को ग्राम बंगा, जिला लायलपुर (पंजाब) में हुआ था। उनके जन्म से कुछ समय पहले ही उनके पिता किशन सिंह और चाचा अजीत सिंह जेल से रिहा हुए थे। उनके परिवार में स्वतंत्रता आंदोलन की चर्चा होती रहती थी, जिसका भगत सिंह के व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव पड़ा।


अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष निर्मल जैन ने भी भगत सिंह के जीवन से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल, 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में हुए गोलीकांड ने बालक भगत सिंह के मन पर गहरा प्रभाव डाला। इस घटना के बाद वे जलियांवाला बाग पहुंचे और वहां की खून से सनी मिट्टी एक बोतल में भरकर ले आए। यह घटना उनके जीवन में देश की आजादी के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा बनी।


भगत सिंह ने आयरलैंड, इटली और रूस सहित विभिन्न देशों के क्रांतिकारी आंदोलनों का अध्ययन किया। वे भारत में भी एक संगठित क्रांतिकारी आंदोलन खड़ा करना चाहते थे। विवाह के लिए परिवार के दबाव के बीच उन्होंने घर छोड़ दिया और कानपुर में स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी के समाचार पत्र ‘प्रताप’ में काम करने लगे। बाद में वे लाहौर पहुंचे और ‘नौजवान भारत सभा’ की स्थापना की। इसी दौरान उनकी मुलाकात चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों से हुई। उन्होंने क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए बम बनाने की तकनीक का भी अध्ययन किया।


वर्ष 1928 में साइमन कमीशन के भारत आने पर लाहौर में लाला लाजपत राय के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पुलिस के लाठीचार्ज में लाला लाजपत राय गंभीर रूप से घायल हो गए और कुछ समय बाद उनका निधन हो गया। इस घटना से क्रांतिकारियों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद भगत सिंह और उनके साथियों ने पुलिस अधिकारी जॉन सांडर्स की हत्या कर दी। पुलिस की तलाश के बावजूद क्रांतिकारी वेश बदलकर लाहौर से निकलने में सफल रहे।


इसके बाद भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने केंद्रीय विधानसभा में बम फेंकने की योजना बनाई। निर्धारित दिन दोनों विधानसभा की दर्शक दीर्घा में पहुंचे और विरोध जताने के लिए बम फेंके तथा क्रांतिकारी विचारों वाले पर्चे वितरित किए। इस दौरान उन्होंने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाए। दोनों ने गिरफ्तारी दी और अदालत में अपने विचारों के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन का संदेश देश-विदेश तक पहुंचाया।


भगत सिंह पर सांडर्स की हत्या का मुकदमा भी चलाया गया। इस मामले में सुखदेव और राजगुरु सहित अन्य क्रांतिकारियों को भी आरोपी बनाया गया। भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को 23 मार्च, 1931 को फांसी दे दी गई। उनके बलिदान ने देशभर में स्वतंत्रता आंदोलन को नई प्रेरणा दी। उनका नारा ‘इंकलाब जिंदाबाद’ आज भी लोगों में देशभक्ति और क्रांतिकारी चेतना का संचार करता है।


आयोग के सदस्य मोहम्मद हारुन ने अशफाक उल्ला खान और राम प्रसाद बिस्मिल के योगदान को याद करते हुए कहा कि विभिन्न समुदायों के क्रांतिकारियों ने मिलकर देश की आजादी के लिए संघर्ष किया।


मो. फैज खान ने आश्वासन दिया कि दिल्ली के ऐतिहासिक फिरोजशाह कोटला मैदान में क्रांतिकारियों की स्मृति में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राजीव जोली खोसला की देखरेख में आयोजित किया जाएगा।

भीम ब्रिगेड ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव जोली खोसला ने अपने संबोधन में कहा कि आज सभी को यह शपथ लेकर जाना चाहिए कि समाज में व्याप्त ‘तुझे क्या और मुझे क्या’ की भावना को समाप्त किया जाए। उन्होंने बताया कि यह विचार मधुसूदन बयान जी ने व्यक्त किया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के उत्थान के लिए नशे, अत्याचार और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।

कार्यक्रम में उपस्थित भूषण कुमार जैन ने सभी अतिथियों और राष्ट्रभक्तों को सम्मानित किया। इस अवसर पर वर्ष 1857 की क्रांति से जुड़े वंशजों के सदस्य भी उपस्थित रहे। हितेश शर्मा ने भगत सिंह के जीवन पर सोलो एक्ट प्रस्तुत किया, जबकि आदेश चेनपुरिया ने अपनी मधुर आवाज में भगत सिंह को याद किया। सुरेंद्र पुष्करना और मंजू ने क्रांतिकारियों पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं।

कार्यक्रम में भीम ब्रिगेड के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष इरशाद कुरैशी, महिला अध्यक्ष परमजीत कौर, ऐजै राजन, ऊषा शर्मा, रिजवान, असगर खान, रीमा, विश्व के पहले सरदार जादूगर जितेंद्र सिंह बब्बर, अनीस दुर्रानी, पूर्व न्यायाधीश ओ.पी. सपरा, बिलाल, कश्मीरी पंडित बहन नैन्सी कौल, योगाचार्य पूनम, सुभाष, गोपाल, केशव, राजहंस सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सभी ने शहीद भगत सिंह के आदर्शों पर चलने, सामाजिक एकता बनाए रखने और राष्ट्रहित में मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

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पांच महीने से ठप्प नल-जल योजना, जनसुनवाई में पहुंचकर ग्रामीण ने  उठाई आवाज, करोड़ों रुपये की योजना बंद होने का आरोप

*जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल*

अनूपपुर

ग्राम पंचायत छोहरी में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई नल-जल योजना पिछले करीब पांच महीने से बंद होने का मामला अब जिला प्रशासन की जनसुनवाई तक पहुंच गया है ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं युवा नेता लक्ष्मण यादव ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में लिखित शिकायत दर्ज कराई और ग्रामीणों की समस्या को प्रशासन के सामने प्रमुखता से रखा

लक्ष्मण यादव द्वारा प्रस्तुत शिकायत में बताया गया है कि ग्राम पंचायत छोहरी में पीएचई विभाग की नल-जल योजना के माध्यम से ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन योजना लंबे समय से बंद पड़ी है शिकायत के अनुसार करीब पांच माह से नल-जल व्यवस्था ठप होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है

शिकायत में आरोप लगाया कि योजना के संचालन में पीएचई विभाग के नल-जल ठेकेदार तथा ग्राम पंचायत के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण व्यवस्था प्रभावित हुई है उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कराकर नल-जल योजना को तत्काल चालू कराने की मांग की है

उन्होंने सवाल उठाया कि जब ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा बड़ी राशि खर्च की गई है, तो आखिर इतनी लंबी अवधि से योजना बंद रहने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा इसे चालू कराने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए

जनसुनवाई में दर्ज शिकायत में निराकरण की समय-सीमा 27 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है शिकायत को कार्यपालन यंत्री, पीएचई अनूपपुर के कार्यालय की ओर भी अंकित किया गया है प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर यह पता लगाया जाए कि करोड़ों रुपये की नल-जल योजना आखिर किन कारणों से पांच माह से बंद है।

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जिला बदर बदमाश तालिब को नशे के लिए 500 रुपए ने देने पर युवक पर किया चाकू से जानलेवा हमला

​शहडोल.

धनपुरी में कुख्यात बदमाश मो. तालिब जिस पर पहले जिला बदर की कार्रवाई हो चुकी है और जिसके खिलाफ चोरी, एनडीपीएस (नशीले पदार्थ) समेत 18 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं, उसने कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देते हुए एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। हमला केवल इस बात पर किया गया क्योंकि युवक ने नशीली कफ सिरप (कोरेक्स) खरीदने के लिए 500 रुपये की रंगदारी देने से इनकार कर दिया था।  

​कच्ची मोहल्ला निवासी अरमान अख्तर (उम्र 25 वर्ष, पिता मो. अख्तर हुसैन) अपने साथी मो. शाहिद के साथ पैदल अपने घर की ओर जा रहा था। जैसे ही दोनों अमरकंटक रोड पर इसरार की दुकान के सामने पहुंचे, सामने से कच्ची मोहल्ला निवासी मो. तालिब (पिता मो. रमजान कामरेड) अचानक आ धमका और उसने रास्ता रोक लिया।  

​आरोपी तालिब ने अरमान को धमकाते हुए कहा कि उसे कोरेक्स पीना है और तुरंत 500 रुपये निकाल कर दे। जब अरमान ने लाचारी जताते हुए पैसे देने से मना किया, तो आदतन अपराधी तालिब आगबबूला हो गया और सरेराह मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां बकने लगा। जब पीड़ित ने इस अभद्रता का विरोध किया तो धारदार चाकू निकाला और अरमान की हत्या की नीयत से उस पर वार कर दिया। चाकू सीधे अरमान की बाईं कमर में जा धंसा, जिससे वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। आरोपी मौके से भाग निकला और जाते समय जान से मारने की धमकी दिया। 

धनपुरी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 296(b), 115(2), 119(1) एवं 351(3) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।

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दो छात्रों का राज्य स्तर पर हुआ चयन, जिले का करेंगे प्रतिनिधित्व, विद्यालय का बढ़ाया मान

अनूपपुर

पीएम श्री शासकीय हाई स्कूल भालूमाड़ा के विद्यार्थियों ने खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए विद्यालय और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। विद्यालय के छात्र हितेश हथगेन एवं मोहम्मद सेफ का अंडर-17 फुटबॉल प्रतियोगिता में राज्य स्तर के लिए चयन हुआ है। दोनों खिलाड़ी अब इंदौर में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अनूपपुर जिले की ओर से प्रदेश स्तर पर अपना प्रदर्शन करेंगे।नए स्थान तलाशें

दोनों छात्रों के राज्य स्तर पर चयन की जानकारी मिलते ही विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। छात्रों ने जिला स्तर की प्रतियोगिता में अपने खेल कौशल, अनुशासन और बेहतर प्रदर्शन के दम पर राज्य स्तरीय टीम में स्थान बनाया है।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। हितेश हथगेन और मोहम्मद सेफ का चयन विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है। राज्य स्तर पर दोनों खिलाड़ियों के चयन से विद्यालय की खेल प्रतिभाओं को एक नई पहचान मिली है।

विद्यालय के खेल शिक्षक देवेंद्र तिवारी व प्राचार्य सतीश सिंह ने दोनों खिलाड़ियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने नियमित अभ्यास और मेहनत के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों खिलाड़ी इंदौर में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय एवं अनूपपुर जिले का नाम रोशन करेंगे।

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अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री व कार्यवाही व रोक की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

शहडोल

जिले में अवैध शराब, गांजा, स्मैक, नशीली गोलियों, तंबाकू, गुटखा सहित अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन पर रोक लगाने की मांग को लेकर भारतीय शक्ति चेतना पार्टी एवं भगवती मानव कल्याण संगठन जिला शहडोल के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नशे के बढ़ते प्रभाव से युवाओं और विद्यार्थियों के प्रभावित होने की बात कही गई है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। स्कूल, कॉलेज एवं छात्रावासों के आसपास नशीले पदार्थ बेचने वालों पर कार्रवाई तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए।

संगठन ने नशे के अवैध कारोबार से जुड़े मुख्य सप्लायरों और तस्करी नेटवर्क की जांच कर कानूनी कार्रवाई करने, युवाओं एवं विद्यार्थियों के लिए नशा विरोधी जन-जागरूकता कार्यक्रम और शिविर आयोजित करने की मांग की है। साथ ही नशे के आदी लोगों के उपचार एवं पुनर्वास के लिए नशामुक्ति केंद्रों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने की मांग की गई।

ज्ञापन में नशे संबंधी शिकायत करने वाले नागरिकों की पहचान गोपनीय रखने और शिकायतों की प्रभावी जांच करने की मांग भी शामिल है। संगठन ने जिले में अवैध रूप से शराब की बिक्री पर रोक लगाने तथा बिना नंबर के वाहनों से गांव-गांव शराब पहुंचाए जाने की शिकायतों की जांच की मांग की।

ज्ञापन में सागर जिले के डंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शहडोल जिले में अवैध शराब पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई। 

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पशु तस्करी में पीकप सहितनतीं मवेशी जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार, दो आरोपी फरार

शहडोल

जैतपुर पुलिस ने एक पिकअप वाहन पकड़ा है। वाहन में तीन मवेशी लोड मिले। पुलिस के अनुसार मवेशियों को बुढ़ार थाना क्षेत्र के विक्रमपुर से लोड कर जैतपुर के तितरा ले जाया जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान वाहन में सवार दो आरोपी मौके से भाग निकले, जबकि चालक को पुलिस ने पकड़ लिया।

पुलिस के मुताबिक मुखबिर से सूचना मिली थी कि पिकअप वाहन में मवेशियों को भरकर तितरा की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने खैरहनी गांव के पास नाकेबंदी की। पुलिस को देखकर पिकअप चालक ने वाहन को वापस मोड़कर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने पीछा किया तो वाहन में सवार धनीराम साहू और रहम खान वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। जबकि चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने वाहन को जब्त कर उसमें लदे तीन मवेशियों को बरामद किया है।

पुलिस ने मामले में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ पशु तस्करी सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पशु तस्करी के नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

आरोप है कि तस्कर अलग-अलग गांवों से पिकअप वाहनों के जरिए मवेशियों को तितरा में एकत्र करते हैं। संख्या अधिक होने पर इन्हें बड़े वाहनों में लोड कर उत्तर प्रदेश की ओर ले जाया जाता है। 

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बांध में नहाने गया किशोर की बांध में डूबने से हुई मौत, रेस्क्यू दल ने निकाला शव, पुलिस जांच में जुटी

शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के सन्नौसी बांध में नहाने गए 14 वर्षीय बालक की डूबने से मौत हो गई। बालक का शव पुलिस और एसडीआरईएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान के दौरान पानी से बाहर निकाला। घटना के बाद मौके पर परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। परिजनों ने बालक की मौत को लेकर संदेह जताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।

पुलिस के अनुसार आशिक पटेल पिता संजय पटेल 14 वर्ष अपने कुछ दोस्तों के साथ सन्नौसी बंधा में नहाने गया था। कुछ देर बाद उसके दोस्त वापस अपने घर लौट आए लेकिन आशिक घर नहीं पहुंचा। शाम तक जब बालक घर नहीं आया तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और बालक की तलाश शुरू कराई।

जब देर शाम तक आशिक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश तेज की। पुलिस को घटना की जानकारी मिलने के बाद दोस्तों से पूछताछ की गई, तब बालक के बांध में डूबने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने एसडीआरईएफ की टीम को सूचना दी। मंगलवार सुबह पुलिस और रेस्क्यू दल ने बांध में तलाश शुरू की और बालक का शव पानी से बरामद कर लिया।

घटना के बाद परिजनों ने बालक की मौत को लेकर संदेह जताया है। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जानी चाहिए। फिलहाल पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर मामले में मर्ग कायम किया है। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिलने पर, छात्राओं ने कलक्ट्रेट पहुँचकर कलेक्टर को सौपा आवेदन, जाँच की मांग

उमरिया                 

छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान लंबे समय से नहीं होने से परेशान छात्राओं ने अपनी समस्या मीडिया के सामने रखी। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं, बावजूद इसके अभी तक उनके खाते में राशि नहीं पहुंची है। इस संबंध में छात्राओं द्वारा कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आवेदन भी दिया गया है।

मामला शैक्षणिक सत्र 2022-23 की छात्रवृत्ति से जुड़ा है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि छात्रवृत्ति के लिए प्रक्रिया पूरी किए जाने के बावजूद भुगतान लंबित है। छात्राओं का कहना है कि छात्रवृत्ति का भुगतान संबंधित विभागीय प्रक्रिया के तहत होना है, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी उन्हें राशि प्राप्त नहीं हुई।

छात्राओं ने बताया कि छात्रवृत्ति उनके लिए पढ़ाई से संबंधित आवश्यक खर्चों को पूरा करने में महत्वपूर्ण होती है। राशि समय पर नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं का कहना है कि वे लगातार भुगतान का इंतजार कर रही हैं, लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है कि आखिर छात्रवृत्ति की राशि कब तक उनके खातों में पहुंचेगी।

छात्राओं ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि यदि दस्तावेज या प्रक्रिया से संबंधित कोई कमी है तो उसकी जानकारी उन्हें दी जाए, ताकि आवश्यक सुधार कर सकें। वहीं यदि विभागीय स्तर पर भुगतान लंबित है तो उसे जल्द पूरा कराया जाए। छात्राओं ने कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कराने तथा संबंधित विभाग से छात्रवृत्ति भुगतान की स्थिति की जानकारी लेकर लंबित राशि जल्द से जल्द दिलाए जाने की मांग की है।

समाचार 08 फ़ोटो 08

श्री कल्याण सेवा आश्रम अयोध्या में धर्म और शिक्षा का भव्य संगम, 5 अक्टूबर को उद्घाटन समारोह

अनूपपुर

धर्म, अध्यात्म और संस्कृत शिक्षा की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में श्री कल्याण सेवा आश्रम अमरकंटक की शाखा उदासीन संत ऋषि आश्रम परिवार, रानोपाली, अयोध्या में धार्मिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के अंतर्गत संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के साथ श्री नारायण संस्कृत महाविद्यालय के नवीन भवन का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित होगा।

कार्यक्रम 7 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, धर्म, सदाचार और सनातन जीवन-मूल्यों का संदेश दिया जाएगा। कथा का वाचन डॉ. स्वामी शिवचन्द्र दास जी महाराज द्वारा किया जाएगा।

आयोजन का मुख्य आकर्षण 5 अक्टूबर 2026 को होने वाला बृहद भंडारा एवं श्री नारायण संस्कृत महाविद्यालय के नवीन भवन का भव्य उद्घाटन समारोह रहेगा। कार्यक्रम के पोस्टर के अनुसार उद्घाटन समारोह राजनाथ सिंह जी, रक्षा मंत्री, भारत सरकार के कर-कमलों द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। वहीं योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को विशिष्ट अतिथि के रूप में दर्शाया गया है।

संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भागवत के आध्यात्मिक संदेशों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा, संस्कार और सदाचार की प्रेरणा मिलेगी।

समाचार 09

धनवाही डैम में मिला अज्ञात इंसानी शव,पुलिस मौके पर पहुंची

नौरोजाबाद थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत घुलघुली स्थित धनवाही डैम के  पानी में एक अज्ञात युवक का शव दिखाई दिया है, इंसानी शव की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और मामले की जानकारी नौरोजाबाद पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही नौरोजाबाद थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया। पुलिस द्वारा शव की स्थिति और घटनास्थल से जुड़े परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। फिलहाल मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आवश्यक तफ्तीश के बाद शव को डैम से बाहर निकालकर कब्जे में लेने की कार्रवाई कर रही है।शव की पहचान और मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम तथा पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मामले को लेकर पुलिस आसपास के ग्रामीणों से भी जानकारी जुटा रही है।

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