दबंग पब्लिक प्रवक्ता

चाकूबाजी करके हुआ फरार, सोशल मीडिया में डालता रहा भड़काऊ पोस्ट, पुलिस ने किया गिरफ्तार


शहडोल

जिले के ब्यौहारी में चाकूबाजी कर फरार हुआ आरोपी महीनों तक पुलिस को चकमा देता रहा और हैदराबाद में छिपकर सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालता रहा। लेकिन होली मनाने जैसे ही अपने गांव पहुंचा, पुलिस को भनक लग गई। साइबर टीम की मदद से पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।

पुलिस के अनुसार अक्टूबर माह में ब्यौहारी नगर स्थित जेपी रेस्टोरेंट के पास आरोपी ने एक युवक पर चाकू से हमला कर दिया था। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 695/2025 के तहत धारा 296, 110, 351(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन आरोपी लगातार फरार चल रहा था।

थाना प्रभारी जिया उल हक ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि आरोपी होली मनाने के लिए अपने गांव आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस ने साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रेस कर नगर में घेराबंदी की और आरोपी सूरज द्विवेदी निवासी ग्राम साखी थाना ब्यौहारी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से भी मारपीट और चोरी जैसे कई अपराध दर्ज हैं। वहीं हाल ही में सोशल मीडिया पर भड़काऊ मैसेज वायरल करने की शिकायत भी सामने आई थी, जिस पर पुलिस ने अलग से कार्रवाई की है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार को मारी टक्कर, युवक की हुई मौत, गुस्साये परिजनों ने लगाया जाम


शहडोल

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जिसके बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने जयसिंहनगर–अमझोर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक शव सड़क पर ही रखा रहा और परिजन ट्रक मालिक को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के अमझोर मार्ग स्थित रामसोहरा तिराहे के पास हुआ। मृतक की पहचान श्रवण साहू (30) निवासी गांधिया के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि श्रवण साहू अपनी बाइक से जयसिंहनगर बाजार की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे बोर लदे ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ट्रक के नीचे आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना को देख आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक का पीछा कर कुछ दूरी पर उसे पकड़ लिया। पुलिस ने ट्रक को जप्त कर थाने में खड़ा करा दिया है, वहीं चालक को भी हिरासत में ले लिया गया है।

इधर घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। युवक की मौत से गुस्साए लोगों ने जयसिंहनगर–अमझोर मार्ग पर चक्का जाम लगा दिया, जिससे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। परिजनों का कहना है कि जब तक ट्रक मालिक को मौके पर नहीं बुलाया जाएगा और उचित कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे जाम नहीं हटाएंगे। घटना स्थल पर करीब एक घंटे तक शव सड़क पर ही रखा रहा। स्थिति को संभालने के लिए थाना प्रभारी और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों को समझाया गया। 

बद से बदतर अस्पताल, घायल मरीज को नही मिली बेड,  जंग लगे स्ट्रेचर पर दी जा रही है ऑक्सीजन

*नर्क' जैसी व्यवस्था जानवरों से बदतर है इंसानों की कीमत*


अनूपपुर

स्वास्थ्य विभाग की 'हाईटेक' स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती एक तस्वीर इन दिनों अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम से सामने आई है, जो सूबे के मुखिया और स्वास्थ्य मंत्री के दावों को सरेआम झुठलाकर खोखला साबित कर रही है। अनूपपुर सीएमएचओ की नाक के नीचे चल रहे इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को इलाज के नाम पर जो 'नरक' दिया जा रहा है, उसे देखकर किसी भी संवेदनशील इंसान की रूह कांप जाए।

तस्वीर में साफ दिख रहा है कि एक घायल व्यक्ति, जिसकी जान हलक में अटकी है, उसे अस्पताल के किसी साफ-सुथरे बेड पर होना चाहिए था। लेकिन अनूपपुर स्वास्थ्य विभाग की 'महान' व्यवस्था ने उसे एक पुराने, जंग लगे और गंदगी से पटे स्ट्रेचर पर लिटाकर ऑक्सीजन लगा दी है।

जंग लगा स्ट्रेचर: जिस लोहे पर मरीज लेटा है, वह संक्रमण का सबसे बड़ा केंद्र है। क्या सीएमएचओ साहब बताएंगे कि मरीज को बचाने का प्रयास हो रहा है या उसे मौत के मुंह मे धकेला जा रहा है। दीवारों पर जमी कालिख, लटकते तार और बिना चादर का वह ठिठुरता लोहे का स्ट्रेचर—क्या यही है, मध्यप्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग का सुशासन।

जो बजट आया कहाँ गया, अस्पताल के रखरखाव और बेड के नाम पर आने वाला सरकारी पैसा किस अधिकारी की तिजोरी की शोभा बढ़ा रहा है। इमरजेंसी बेड का बोर्ड मजाक क्यों उड़ाया जा रहा है, जब मरीज के सिरहाने 'Emergency Bed' का बोर्ड लगा है, तो उसे बेड क्यों नहीं मिला, क्या बेड रसूखदारों, वीआईपी के लिए रिजर्व रखे गए हैं। नो वीडियो का बोर्ड किसके लिए लगाया गया हैं, अस्पताल की दीवारों पर 'मोबाइल मना है' का बोर्ड इसलिए लगाया गया है ताकि जनता आपकी इस 'बदहाली' को दुनिया को न दिखा सके।

जिले के राजेंद्र ग्राम की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रही है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या अनूपपुर जिले के गरीब आदिवासियों और आम नागरिकों की जान इतनी सस्ती है? एक्सीडेंट के बाद दर्द से कराहते मरीज को एक साफ बेड तक न दे पाना जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की घोर विफलता है।

इनका कहना है।

मरीज को रेफर करते समय स्ट्रैचर पर रखकर ही एम्बुलेंस तक पहुँचाया जाता है, इसमे गलत क्या है, उसी समय किसी ने फ़ोटो ले ली है।

*डॉ. आर के बर्मा बीएमओ पुष्पराजगढ़*

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