दबंग पब्लिक प्रवक्ता


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टोरंट पावर लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित थर्मल पावर प्रोजेक्ट की पर्यावरण  संरक्षण जनसुनवाई सफलतापूर्वक सम्पन्न

*न्यू जोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अनुषंगी की पारदर्शी, जिम्मेदार एवं सहभागी पहल*

अनूपपुर

जिले के रक्सा–कोलमी क्षेत्र में न्यू ज़ोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (टोरंट पावर लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी) द्वारा प्रस्तावित अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट को लेकर आयोजित पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई बुधवार को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। यह जनसुनवाई रक्सा खेल मैदान, ग्राम रक्सा में मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहडोल (म.प्र.) के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

ग्राम सभाओं का सर्वसम्मत समर्थन

जनसुनवाई के दौरान ग्राम रक्सा की सरपंच उमा सिंह द्वारा ग्राम सभा का लिखित प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रस्तावित परियोजना के पक्ष में पूर्ण समर्थन व्यक्त किया गया। इसी क्रम में ग्राम (कोलमी) के सरपंच राजू पनिका द्वारा भी अपनी ग्राम सभा का सर्वसम्मत समर्थन पत्र प्रस्तुत किया गया। ग्रामीण वक्ताओं में चक्रधर मिश्रा, अमोल सिंह मरकाम ,आदित्य राठौर नरेंद्र राठौर एवं छत्रधारी  राठौर ने अपनी-अपनी ग्राम सभाओं की ओर से स्पष्ट रूप से कहा कि क्षेत्र के विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए यह परियोजना आवश्यक है, बशर्ते पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

*प्रशासनिक उपस्थिति एवं प्रक्रिया का पारदर्शी संचालन*

पर्यावरण जनसुनवाई की अध्यक्षता एडीएम दिलीप कुमार पांडे द्वारा की गई। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अशोक तिवारी की उपस्थिति में  कम्पनी के कंसल्टेंट ग्रीन सी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि नंदनी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के विषय जानकारी उपस्थित जनमानस को दी संपूर्ण प्रक्रिया नियमानुसार सम्पन्न कराई गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा रखे गए सुझावों, प्रश्नों एवं आपत्तियों को गंभीरता से सुना और उन्हें अभिलेखित किया। कार्यक्रम के दौरान जिले एवं संभाग स्तर के वरिष्ठ पत्रकार भी उपस्थित रहे, जिससे जनसुनवाई की पारदर्शिता और विश्वसनीयता और अधिक सुदृढ़ हुई।

*कंपनी प्रबंधन की स्पष्ट एवं जिम्मेदार प्रस्तुति*

कंपनी की ओर से प्रतिनिधि द्वारा उपस्थित जनसमुदाय द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का तथ्यात्मक, संतुलित एवं तकनीकी रूप से स्पष्ट उत्तर दिया। कंपनी प्रबंधन ने दोहराया कि प्रस्तावित पावर प्रोजेक्ट में पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। कंपनी द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि परियोजना में अत्याधुनिक वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली, वैज्ञानिक एवं संतुलित जल प्रबंधन व्यवस्था, फ्लाई ऐश एवं औद्योगिक अपशिष्ट का सुरक्षितएवं नियमानुसार निपटान, व्यापक हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) का विकास, तथा सतत पर्यावरणीय निगरानी प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी।स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक विकास पर फोकस

न्यूज़ोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि परियोजना के निर्माण एवं संचालन चरण में स्थानीय युवाओं, तकनीकी कर्मियों एवं सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पलायन पर भी अंकुश लगेगा।

*CSR के अंतर्गत सामाजिक विकास की प्रतिबद्धता*

कंपनी ने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कौशल विकास, पेयजल आपूर्ति, सड़क एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु दीर्घकालिक योजनाएं लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई। कंपनी प्रबंधन ने कहा कि स्थानीय समुदाय के साथ सहभागिता और विश्वास के आधार पर ही परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई में ग्रामीणों का सर्वसम्मत समर्थन, प्रशासनिक संतुलन और कंपनी की जिम्मेदार प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि न्यूज़ोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का यह प्रस्तावित पावर प्रोजेक्ट पर्यावरणीय संतुलन, नियामकीय अनुपालन और स्थानीय सहभागिता के साथ अनूपपुर जिले को ऊर्जा सुरक्षा, रोजगार सृजन और सतत औद्योगिक विकास की नई दिशा प्रदान करेगा।

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विकास की राह में रोड़ा बनते 'स्वार्थ' के स्वर: ओरिएंट पेपर मिल के योगदान पर राजनीति का साया

*सरकार की मंशा बनाम जमीनी हकीकत, सुनियोजित व्यवधान और 'पारिश्रमिक' की चाह*

​शहडोल

मध्य प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर शहडोल जिले को पहचान दिलाने वाली 'ओरिएंट पेपर मिल' (OPM) आज न केवल क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ है, बल्कि हजारों परिवारों के चूल्हे जलने का आधार भी है। जहाँ एक ओर केंद्र और राज्य सरकारें 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन एमपी' के तहत उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लाल कालीन बिछा रही हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ स्थानीय स्वयंभू नेताओं द्वारा निजी हितों के चलते इस औद्योगिक संस्थान की छवि धूमिल करने और कार्यों में व्यवधान डालने का प्रयास किया जा रहा है।

*​स्थानीय रोजगार का सबसे बड़ा केंद्र*

​ओरिएंट पेपर मिल की स्थापना के समय से ही इसका दृष्टिकोण समावेशी विकास का रहा है। कंपनी ने उन स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी, जिन्होंने उद्योग की स्थापना के लिए अपनी भूमि दी थी। आंकड़ों पर गौर करें तो संस्थान में लगभग 60 से 70 प्रतिशत कार्यबल स्थानीय है। इसमें न केवल कंपनी के स्थायी कर्मचारी (Employees) शामिल हैं, बल्कि ठेका पद्धति के माध्यम से भी हजारों स्थानीय युवाओं को सम्मानजनक रोजगार प्राप्त हो रहा है।

​*सरकार की मंशा बनाम जमीनी हकीकत*

​मुख्यमंत्री और शासन स्तर पर लगातार यह प्रयास किए जा रहे हैं कि प्रदेश में निवेश आए और स्वरोजगार के अवसर बढ़ें। लेकिन, शहडोल के इस अंचल में कुछ 'छुटभैया नेता' सरकार के इन प्रयासों को पलीता लगाने में जुटे हैं। अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने और जनता के बीच 'मसीहा' बनने के चक्कर में ये लोग अक्सर कंपनी के गेट पर किराए की भीड़ जमा कर प्रदर्शन करते हैं। एक स्थानीय कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया: "कंपनी ने हमें तब सहारा दिया जब रोजगार के कोई साधन नहीं थे। आज कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए शांतिपूर्ण कार्य वातावरण को खराब कर रहे हैं, जिससे अंततः नुकसान हम जैसे श्रमिकों का ही होगा।"

​*सुनियोजित व्यवधान और 'पारिश्रमिक' की चाह*

​जानकारों का मानना है कि इन प्रदर्शनों के पीछे जनहित कम और व्यक्तिगत स्वार्थ अधिक है। यह एक कड़वा सच है कि औद्योगिक शांति को भंग कर ये तथाकथित नेता प्रबंधन पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं ताकि उनकी 'सुविधा-शुल्क' या अनुचित मांगों की पूर्ति हो सके। विकास की इस दौड़ में जब ओरिएंट पेपर मिल उत्पादन के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है, तब इस तरह के धरना-प्रदर्शन न केवल कंपनी के ऑपरेशंस में बाधा डालते हैं, बल्कि जिले की औद्योगिक छवि को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।

*​सामाजिक सरोकार (CSR) में अग्रणी*

​ओरिएंट पेपर मिल केवल कागज का उत्पादन नहीं करती, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक उत्थान में भी भागीदार है। शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में कंपनी के सीएसआर (CSR) कार्यों ने शहडोल के दूरदराज के गांवों में बदलाव की लहर पैदा की है। स्वास्थ्य सेवा: स्थानीय ग्रामीणों के लिए समय-समय पर चिकित्सा शिविर। ​शिक्षा: कंपनी से जुड़े शिक्षण संस्थानों में स्थानीय बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा।आधारभूत ढांचा: सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं में निरंतर सहयोग।

*​क्या विकास विरोधी राजनीति का होगा अंत*

​बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या मुट्ठी भर लोगों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा हजारों लोगों के रोजगार से बड़ी है? स्थानीय जनता अब इन हथकंडों को समझने लगी है। प्रदर्शनों में जुटने वाली 'किराए की भीड़' यह साबित करती है कि वास्तविक कामगारों और भूमि स्वामियों का समर्थन इन नेताओं के पास नहीं है। प्रशासन को भी ऐसे तत्वों पर नकेल कसने की आवश्यकता है जो औद्योगिक शांति भंग कर विकास की गति को धीमा कर रहे हैं। यदि ओरिएंट पेपर मिल जैसे संस्थान सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में कार्य नहीं कर पाएंगे, तो भविष्य में कोई भी नया निवेशक शहडोल की ओर रुख करने से डरेगा।

*​उद्योग बचेगा, तो बचेगा रोजगार*

​अंततः, ओरिएंट पेपर मिल शहडोल की पहचान है। स्थानीय लोगों को चाहिए कि वे इन स्वार्थी तत्वों के बहकावे में न आएं और अपने तथा अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए औद्योगिक संस्थान का साथ दें। सरकार और जनता के साझा सहयोग से ही ओरिएंट पेपर मिल विकास के नए सोपान तय कर सकेगी।

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गंदे पानी से मौतों ने खोली पेयजल व्यवस्था की पोल, बरगवां अमलाई वार्ड-1 में भी मंडरा रहा खतरा

अनूपपुर

इंदौर के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से 16 लोगों की मौत की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह हादसा केवल एक क्षेत्र की लापरवाही नहीं, बल्कि प्रदेश की बदहाल पेयजल व्यवस्था की गंभीर तस्वीर को उजागर करता है। कई इलाकों में साफ-सफाई और रखरखाव के अभाव में पीने का पानी ही बीमारी का कारण बनता जा रहा है।इसी तरह की चिंताजनक स्थिति अनूपपुर जिले के बरगवां अमलाई वार्ड क्रमांक-1 में भी सामने आ रही है। यहां सरकारी स्कूल पानी टंकी के पास पीने वाली पाइप लाइन के चैंबर में, पास से गुजर रही अधूरी और अव्यवस्थित सीवेज नाली का गंदा पानी लगातार पहुंच रहा है। नाली का समुचित चैनलाइजेशन न होने के कारण पूरा सीवेज सड़क किनारे बहते हुए सीधे चैंबर में चला जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि चैंबर का कार्य तो कराया गया, लेकिन वह भी आधा-अधूरा है। चैंबर पर प्रॉपर तरीके से ढक्कन नहीं लगाए गए हैं और अधिकांश चैंबर खुले पड़े हैं, जिससे न केवल दूषित पानी सीधे अंदर जा रहा है, बल्कि हादसों की आशंका भी बनी रहती है। चैंबर नाली की सतह से नीचे होने के कारण पूरा गंदा पानी उसमें भर जाता है और वही पानी सप्लाई लाइन के संपर्क में आ जाता है।

इस दूषित वातावरण में सप्लाई हो रहे पानी से बच्चों और आम नागरिकों के बीमार पड़ने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार सफाई कर्मियों और संबंधित कर्मचारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी और ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कभी-कभार अस्थायी सफाई कर दी जाती है, जबकि मूल समस्या जस की तस बनी हुई है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सीवेज नाली को व्यवस्थित और बंद कराया जाए, चैंबर का निर्माण पूर्ण कर मजबूत ढक्कन लगाए जाएं, नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा पेयजल की समय-समय पर जांच कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो असमय बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

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मंदिर से लौट रहे वृद्ध पर हमला, हालत गंभीर, घायल को जिला अस्पताल  किया रेफर

समाचार:

अनुपपुर जिले के कोतमा थाना क्षेत्र के बुढानपुर में सोमवार को एक गंभीर हमले की घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि लगभग 65 वर्षीय भागवत प्रसाद साहू मंदिर से अपने घर लौट रहे थे, तभी बुरहानपुर निवासी नरेश साहू ने उन्हें अपने घर के पास रोककर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के दौरान साहू गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्थानीय लोगों ने घायल को तुरंत कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने बताया कि घायल की हालत नाजुक है और बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में भेजा गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, नरेश साहू ने इससे पहले भी करीब 50 से 60 बार भागवत साहू पर लाठी-झंडा चलाया था। यह पुराना विवाद है, जो इस बार गंभीर रूप में सामने आया। घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में चिंता पैदा कर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतमा थाना पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश तेज कर दी है और विशेष टीम गठित की है। प्रारंभिक जांच में देखा जा रहा है कि घटना व्यक्तिगत रंजिश या पुराने विवाद का नतीजा हो सकती है।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि पूरे मामले की गहन छानबीन की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। घटना ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के लिए चेतावनी का संकेत दिया है। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। इस हमले की घटना ने स्थानीय समाज को झकझोर दिया है। लोग आशंका जता रहे हैं कि यदि सुरक्षा कड़ी नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएँ बढ़ सकती हैं।

थाना प्रभारी का कहना है कि इस मारपीट की घटना के संबंध में आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी इस विषय को लेकर विवाद हो चुका है, लेकिन अब आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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युवक का मिला कंकाल, एक हाथ मिला गायब, हत्या की आशंका, 16 दिन से था लापता

शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के ग्राम खारी से 16 दिनों से लापता युवक का शव मंगलवार को उसके घर से करीब आधा किलोमीटर दूर खेत में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शव कंकाल में तब्दील हो चुका था और एक हाथ गायब था, जिससे परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस को शव के पास तक परिजनों ने घंटों तक जाने नहीं दिया था।

मृतक की पहचान रामनारायण (38 वर्ष) निवासी ग्राम खारी के रूप में हुई है। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान की। बताया गया कि रामनारायण 20 दिसंबर से लापता था, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट परिजनों ने ब्यौहारी थाने में दर्ज कराई थी।

शव मिलने की सूचना पर मौके पर पहुंचे परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन शव उठाने को लेकर परिजन और पुलिस के बीच काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। परिजनों की मांग थी कि पहले घटनास्थल पर डॉग स्क्वॉड बुलाया जाए और संभावित आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही शव उठाया जाए। इस दौरान काफी संख्या में महिलाएं शव को घेर कर खड़ी हो गई और पुलिस के अधिकारियों को भी मौके से दूर कर दिया।

इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए, जिससे लाइन ऑर्डर की स्थिति बन गई। शहडोल पुलिस लाइन में डॉग स्क्वॉड उपलब्ध न होने के कारण पुलिस ने अनूपपुर जिले से डॉग स्क्वॉड बुलवाया। डॉग स्क्वॉड के पहुंचने और अन्य जांच प्रक्रियाओं के साथ-साथ परिजनों को समझाने में पुलिस को करीब 10 घंटे से अधिक समय लगा। पुलिस मंगलवार सुबह लगभग 10 बजे घटनास्थल पर पहुंची थी और देर रात करीब 9 बजे शव को अपने कब्जे में लिया।

ब्यौहारी थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ चारी ने मौके पर परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाया कि पहले पोस्टमार्टम कराया जाएगा, उसके बाद जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। काफी समझाइश के बाद परिजन माने, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। आज बुधवार को शव का पीएम करवाया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

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आईजीएनटीयू में सुरक्षा पर सवाल, छात्रा से दुर्व्यवहार के बाद एनएसयूआई व कांग्रेस ने किया घेराव

*लचर कानून व सुरक्षा व्यवस्था, विश्वविद्यालय 450 वॉचमैन फिर भी सुरक्षित*

अनूपपुर

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (आईजीएनटीयू) अमरकंटक में एक युवती के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं छेड़छाड़ जैसी गंभीर घटना को लेकर छात्र संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। घटना के बाद पुलिस द्वारा केवल एफआईआर दर्ज किए जाने और अब तक आरोपी की गिरफ्तारी न होने से छात्र-छात्राओं एवं संगठनों में असंतोष गहराता जा रहा है।

छात्र संगठनों का आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह की घटनाएं कोई नई नहीं हैं। आए दिन छात्र-छात्राओं से जुड़े गंभीर मामले सामने आते हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। कई मामलों को दबाव में समाप्त कर दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

इसी लचर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था के विरोध में कांग्रेस युवा संगठन एवं नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पांडे और आशुतोष चौकसे के नेतृत्व में छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर घेराव कर जोरदार आंदोलन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की।

आंदोलन के दौरान छात्र संगठनों ने जिला मजिस्ट्रेट के प्रस्ताव का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय परिसर में स्थायी पुलिस चौकी (पुलिस स्टेशन) के निर्माण की मांग की, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने की आवश्यकता बताई गई।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि जब शिक्षकों के लिए चुनाव संभव हैं, तो छात्र संघ चुनाव भी कराए जाने चाहिए। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में फ्री इलेक्ट्रिक ऑटो संचालन तत्काल शुरू करने, प्रत्येक हॉस्टल में वाई-फाई सुविधा अनिवार्य करने (जिसका शुल्क छात्रों से लिया जा रहा है), तथा पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की गई।

इसके अलावा आंदोलनकारियों ने विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी एवं शौचालयों की स्थिति में सुधार, विश्वविद्यालय अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा खेल मैदानों के तत्काल सुधार की मांग उठाई, ताकि छात्र-छात्राओं को खेल गतिविधियों में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं की एक संयुक्त समिति गठित करने की भी मांग की, जिसकी हर महीने प्रशासन के साथ बैठक हो, ताकि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर समय रहते समाधान किया जा सके। इस दौरान एनएसयूआई एवं कांग्रेस पार्टी के संयुक्त दल द्वारा पुष्पराजगढ़ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) वसीम अहमद भट्ट एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो हरिनारायण मूर्ति को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान एसडीएम पुष्पराजगढ़ द्वारा आश्वासन दिया गया 15 दिवस के अंदर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। 

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रात में ट्रक से डीजल चोरी की कोशिश, चालक की नींद खुलते ही भागे बदमाश, सीसीटीवी में कैद हुई घटना

शहडोल

जिले में सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों से डीजल चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला जैतपुर थाना क्षेत्र के रसमोहनी पेट्रोल पंप का है, जहां मंगलवार देर रात खड़े एक ट्रक से डीजल चोरी करने पहुंचे बदमाशों की कोशिश ट्रक चालक की सतर्कता के चलते नाकाम हो गई। बदमाश दो अलग-अलग वाहनों में सवार होकर पहुंचे थे, लेकिन घटना को अंजाम देने से पहले ही चालक जाग गया और ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया।घटना सीसीटीवी में कैद हुई है।

ट्रक चालक मनोज शर्मा ने बताया कि वह अनूपपुर जिले के जैतहरी का रहने वाला है। मंगलवार रात वह रसमोहनी में सीमेंट खाली करने के बाद पास ही स्थित एक पेट्रोल पंप के सामने ट्रक खड़ा कर सो रहा था। रात करीब 12 बजे के बाद दो वाहनों में सवार बदमाश वहां पहुंचे। एक बोलेरो ट्रक के आगे आकर खड़ी हो गई, जबकि दूसरी ओर बदमाशों ने अपनी अर्टिगा कार ट्रक के पीछे खड़ी कर दी। इसके बाद दो बदमाश ट्रक के पास पहुंचे और डीजल टैंक तोड़ने की कोशिश करने लगे।

इसी दौरान आहट से मनोज शर्मा की नींद खुल गई। स्थिति भांपते ही उसने बिना देर किए ट्रक स्टार्ट किया और वहां से तेजी से निकल गया। चालक का कहना है कि पेट्रोल पंप में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद हो गई है। मनोज ने बताया कि अर्टिगा में सवार बदमाशों ने लगभग 25 किलोमीटर तक उसका पीछा किया, लेकिन उसने ट्रक नहीं रोका और सीधे रामपुर खदान पहुंचकर अपने साथियों के पास ट्रक खड़ा किया, तब जाकर उसने राहत की सांस ली।

मामले को लेकर जैतपुर थाना प्रभारी जिया उल हक ने बताया कि घटना की जानकारी पुलिस को मिली है। पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि रात्रिकालीन गश्त लगातार की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

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केल्हौरी उद्ववहन सिंचाई योजना का जिला पंचायत सीईओ ने किया अवलोकन

अनूपपुर

जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी ने जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत केल्हौरी स्थित जल संसाधन विभाग की सोन नदी पर 48.98 लाख रुपए से बनाई गई उदवहन सिंचाई योजना का अवलोकन किया गया। 

उन्होंने मौके पर पहुंचकर जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री से उदवहन सिंचाई परियोजना के संबंध में विस्तार से जानकारी ली, कार्यपालन यंत्री ने अवगत कराया की उद्ववहन सिंचाई योजना के तहत आसपास का 28 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र लाभान्वित किया जाएगा उन्होंने कहा कि हर खेत तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।  जिससे कृषि क्षेत्र के रकबे में वृद्धि होगी। 

इस दौरान जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री के पी कड़ियाम, पशुपालन विभाग के डॉ योगेश दीक्षित,सरपंच श्री रामपाल सिंह लहरू सहित अन्य विभाग के अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित थे। 

जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी ने ग्राम पंचायत केल्हौरी पहुंच कर ग्राम की आवश्यक संरचनाओं की जानकारी प्राप्त करते हुए गांव के चरणबध्द विकास के लिए सभी गलियों में सीसी रोड,नाली निर्माण, साफ- सफाई तथा पेयजल की उपलब्धता आदि के निर्देश दिए उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रो में पोषण वाटिका बनाने तथा ग्राम के सभी परिवारों को अक्षय ऊर्जा योजना की जानकारी देते हुए सोलर पैनल लगवाने के लिए प्रेरित करने के लिए निर्देश दिए।


कवियत्री मेघा मनोज अग्रवाल नारी रत्न सम्मान से हुई सम्मानित 


जबलपुर

कवियित्री मेघा अग्रवाल नागपुर को समाजसेविका  हिंदी लेखन व उनके बहुमुखी प्रतिभा के लिए राज्यस्तरीय श्याम बहुउद्देशीय संस्था की तरफ से देवरी में नारी रत्न सम्मान से संस्थापक डाॅ. घनश्याम निखाडे द्वारा सम्मानित किया गया। जिससे नागपूर का नाम रोशन हुआ। 

             हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 13 विविध क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने के लिए 13 व्यक्तियों को गौरव पुरस्कार सम्मान 2026 श्याम महाजन बहुत उद्देश्य विकास संस्था मां धुकेश्वरी मंदिर ट्रस्ट और देवरी तालुका पत्रकार संघ ने 4 जनवरी को देवरी में धुकेश्वरी मंदिर सभागृह में यह सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य स्तरीय सम्मान कृषि भूषण पुरस्कार, आदर्श शिक्षिका पुरस्कार, शिक्षक रत्न पुरस्कार, दर्पण पत्रकारिता पुरस्कार, समाज भूषण पुरस्कार, नारी रत्न पुरस्कार, ग्राम समाज भूषण (आदर्श सरपंच ) पुरस्कार, सहकार भूषण पुरस्कार, प्रशांसकरत्न पुरस्कार भारतीय संस्कृति रक्षक पुरस्कार और सेवाभाव भूषण पुरस्कार ऐसे विविध क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले व्यक्तियों को श्रीफल, शॉल, रजक प्रदक स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया गया। 

         इस सत्कार समारोह का उद्घाटन जिला अधिकारी प्रदीप नायर अध्यक्ष खा नामदेव राव किरसान इनके हस्ते हुआ। प्रमुख अतिथि आदरणीय माजी आमदार सहषराम कोरोटे, उपविभाग पुलिस अधिकारी विवेक पाटील नगरअध्यक्ष संजु उईके धुकेश्वरी मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष अडॅ प्रशांत संगीडवार , उद्योगपती शैकी  , अन्य अधिकारी व पदाधिकारी उपस्थित थे। जन मानस की उपस्थित व तीनो संस्था की उपस्थिति में आयोजन संपन्न हुआ। कवि संगम त्रिपाठी संस्थापक प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा ने मेघा अग्रवाल को बधाई दी और उनके हिंदी साहित्य सेवा की सराहना की है।

न्यू जोन प्राइवेट लिमिटेड एवं टोरंट पावर लिमिटेड की 7 जनवरी को पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई विकास

*पर्यावरण और ग्रामीण सहभागिता का संतुलित मॉडल*


अनूपपुर

अनूपपुर जिले में पावर प्रोजेक्ट को लेकर न्यू जोन प्राइवेट लिमिटेड एवं टोरंट पावर लिमिटेड द्वारा 7 जनवरी को आयोजित की जा रही पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई को क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक स्तर पर इस जनसुनवाई को पारदर्शिता, संवाद और सहभागिता का सशक्त मंच माना जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी बड़े औद्योगिक निवेश के साथ प्रश्न और आशंकाएं स्वाभाविक होती हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन द्वारा तथ्यों के साथ खुला संवाद स्थापित करने की पहल विश्वास को मजबूत करती है। इसी उद्देश्य से पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) से जुड़े सभी पहलुओं को जनसुनवाई में सार्वजनिक रूप से रखा जा रहा है।

*आधुनिक तकनीक के साथ पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर*

ग्रामीणों के अनुसार न्यू जोन प्राइवेट लिमिटेड एवं टोरंट पावर लिमिटेड का यह पावर प्रोजेक्ट नवीनतम और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों पर आधारित है। जल प्रबंधन, वायु गुणवत्ता नियंत्रण, राख एवं अपशिष्ट निपटान, तथा हरित क्षेत्र विकास के लिए सभी वैधानिक एवं वैज्ञानिक मानकों के पालन का आश्वासन कंपनी द्वारा दिया गया है। अत्याधुनिक प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों और सतत निगरानी प्रणाली के माध्यम से पर्यावरणीय प्रभाव को निर्धारित सीमाओं के भीतर रखने की योजना ग्रामीणों के भरोसे को और मजबूत करती है।

*7 जनवरी की जनसुनवाई संवाद और समाधान का मंच*

7 जनवरी को आयोजित पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई को ग्रामीण अपने विचार, सुझाव और शंकाएं रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर मान रहे हैं।  रक्सा गांव के पूर्व सरपंच  अमोल सिंह मरकाम कहना है कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय के साथ साझेदारी को सुदृढ़ करने की प्रक्रिया है। विशेषज्ञों की मौजूदगी में पर्यावरणीय, सामाजिक और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

*रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल*

ग्रामीणों का मानना है कि इस पावर प्रोजेक्ट से अनूपपुर क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। निर्माण चरण से लेकर संचालन अवधि तक स्थानीय युवाओं, तकनीकी कर्मियों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दिए जाने की नीति से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। परिवहन, छोटे व्यापार, ढाबा, आवास और अन्य सहायक सेवाओं को भी इससे नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

*CSR के माध्यम से सामाजिक और सामुदायिक विकास*

न्यू जोन प्राइवेट लिमिटेड एवं टोरंट पावर लिमिटेड द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत आसपास के गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, कौशल विकास, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दीर्घकालिक योजनाएं लागू करने की बात कही गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे गांवों का समग्र सामाजिक विकास सुनिश्चित होगा।

*विकास और विश्वास का संतुलन*

स्थानीय ग्रामीण समुदाय इस परियोजना को केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि अनूपपुर जिले के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक भविष्य से जुड़ा अवसर मान रहा है। नियामकीय अनुपालन, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और स्थानीय सहभागिता के साथ यह पावर प्रोजेक्ट विकास और विश्वास के संतुलन का उदाहरण है।

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