दबंग पब्लिक प्रवक्ता

बरतराई खान में भूमि अधिग्रहण पर संशय, रातों रात दुकान का हो गया निर्माण, सर्वे प्रक्रिया में उठे प्रश्न


अनूपपुर  

अमाड़ांड–बरतराई भूमिगत खदान में डिपिलरिंग पद्धति के माध्यम से कोयला उत्खनन हेतु की जा रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया इन दिनों विवादों के घेरे में आ गई है। खदान प्रबंधन स्वयं इस असमंजस में है कि भूमि, मकान एवं दुकानों के मुआवजे की दर किस आधार पर निर्धारित की जाए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान कई किसानों द्वारा मुआवजा प्राप्त करने के उद्देश्य से रातों-रात टीन शेड के अस्थायी मकान एवं दुकानों का निर्माण कर लिया गया है। इनका क्षेत्रफल हजारों वर्गफुट तक बताया जा रहा है। नियमानुसार ईंट-सीमेंट से निर्मित भवनों को पक्का निर्माण माना जाता है, जबकि पूर्णतः टीन से बने ढांचों को अस्थायी निर्माण की श्रेणी में रखा जाता है।

विवाद का मुख्य कारण यह है कि यदि टीन से बने अस्थायी निर्माणों को भी पक्के निर्माण के समान मुआवजा प्रदान किया गया, तो इससे किसानों एवं प्रबंधन के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के अंतर्गत धारा 9(1) लागू होने के पश्चात किसी भी प्रकार का नया निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित एवं अवैध हो जाता है। इसके बावजूद 2 जनवरी 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना के बाद भी कई स्थानों पर निर्माण कार्य जारी रहा तथा वर्तमान में भी कुछ स्थानों पर कार्य प्रचलित है।

मामले में ड्रोन सर्वे को लेकर भी गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। आरोप है कि खदान प्रबंधन द्वारा 20 जनवरी 2026 को कलेक्टर, अनूपपुर को सूचना देने में देरी की गई तथा 27 जनवरी के पश्चात ड्रोन सर्वे कराया गया, जिससे कुछ व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

वहीं, प्रबंधन का कहना है कि 20 जनवरी 2026 को प्रस्तुत सूचना पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि 2 जनवरी 2026 (राजपत्र अधिसूचना की तिथि) का सैटेलाइट चित्र पूर्व में ही सुरक्षित कर लिया गया है।

कलेक्टर, अनूपपुर द्वारा 21 जनवरी 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि अधिग्रहित की जा रही भूमि पर किसी भी प्रकार का नया निर्माण एवं क्रय-विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसके बावजूद कुछ किसानों द्वारा उक्त आदेश की अवहेलना करते हुए निर्माण कार्य जारी रखा गया।

जिन किसानों द्वारा कोई नया निर्माण नहीं किया गया है, उनका कहना है कि यदि 2 जनवरी 2026 के पश्चात निर्मित संरचनाओं को भी मुआवजा प्रदान किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने हेतु बाध्य होंगे तथा उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराएंगे।

2 जनवरी 2026 के बाद किए गए सभी निर्माणों को अवैध घोषित किया जाए। ऐसे निर्माणों पर किसी प्रकार का मुआवजा न दिया जाए।पूर्णतः टीन से निर्मित ढांचों का मुआवजा केवल अस्थायी निर्माण की निर्धारित दर से ही दिया जाए।

राजपत्र अधिसूचना के पश्चात किए गए निर्माण सामान्यतः मुआवजे के पात्र नहीं होते। मुआवजा निर्माण की प्रकृति (पक्का अथवा अस्थायी) के आधार पर निर्धारित किया जाता है। सैटेलाइट चित्र, ड्रोन सर्वे एवं राजस्व अभिलेखों को प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है।

वर्तमान स्थिति में पारदर्शिता के अभाव तथा परस्पर विरोधी दावों के कारण क्षेत्र में संशय एवं तनाव का वातावरण व्याप्त है। यदि शीघ्र ही स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया, तो यह विवाद व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। साथ ही, उच्च स्तर पर मंत्रालय से लेकर जांच एजेंसियों तक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी भी जारी है।

रुद्र गंगा एवं वन विद्यालय के समीप वन क्षेत्र में लगी आग, आग पर पाया काबू


अनूपपुर

पवित्र पर्वत नगरी अमरकंटक के समीप स्थित जमुना दादार नवोदय क्षेत्र के वन में अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें तेज़ हवाओं के साथ फैलती हुई वन क्षेत्र के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लेती जा रही हैं, जिससे आसपास के पर्यावरण, वन्यजीवों एवं जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इसी तरह अमरकंटक वन पर क्षेत्र के रुद्र गंगा में भी आग की घटना हुई है इसके एक दिवस पूर्व वार्ड क्रमांक चार एवं पांच के वन क्षेत्र में आग लगी हुई थी वन विभाग के द्वारा बुझाने प्रयास किया गया नगर परिषद अमरकंटक का दमकल संयंत्र वन क्षेत्र में आग बुझाने में ना काफी साबित हो रहा है। आग इस कदर भीषण हो रही की बुझाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। वन क्षेत्र में आग लगने से पर्यावरण प्रभावित हो रहे हैं तथा तापमान भी बढ़ रहा है । 

यह स्थिति स्थानीय नागरिकों में गहरी चिंता और आक्रोश का कारण बन रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया, तो यह और अधिक भयावह रूप ले सकती है तथा आसपास के वन में खतरा उत्पन्न कर सकती है।

वन क्षेत्र में लगी यह आग न केवल हरित संपदा को भारी नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि अनेक वन्य प्राणियों के जीवन पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। धुएं के गुबार से वातावरण दूषित हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका भी बढ़ गई है।

त्रिकोणीय प्रेम मामले में महिला की हुई थी हत्या, धोखाधड़ी में फरार आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

15 अप्रैल 2026 को शैलेष कुमार महरा पिता प्रेमलाल महरा उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम सिंघौरा थाना जैतहरी जिला अनूपपुर द्वारा 14 अप्रैल 2026 को सुबह अपनी पत्नी गुडिया महरा के रेल्वे स्टेशन निगौरा से गुमने संबधी रिपोर्ट चौकी वेंकटनगर मे लेख कराया था। उक्त रिपोर्ट पर गुम इंसान क्रं. 34/2026 कायम कर जाँच मे लिया गया। दौरान गुम इंसान जांच दिनांक 18 अप्रैल 2026 को जंगल बीट क्र. 313 उमरिया बीट के चौकीदार द्वारा सूचना दी गई कि जंगल बीट क्र. 313 सिध्दबाबा मंदिर की पहाडी के पीछे पहाडी के नीचे कोसम के पेड़ की डगाली मे एक महिला फांसी लगी मृत अवस्था में लटकी हुई है। सूचनाकर्ता की रिपोर्ट पर मर्ग क्र. 24/2026 धारा 194 बीएनएसएस कायम कर मौके पर पुलिस द्वारा पहुंचकर कोसम के पेड़ में लटके हुऐ मृतिका के शव की शिनाख्त गुड़िया बाई महरा के रूप में की गई, शव का पंचनामा कार्यवाही कर मृतिका के शव का पी.एम. कराया गया । जो पी.एम. रिपोर्ट में डॉक्टर टीम द्वारा मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक होना बताया गया, जो थाना जैतहरी मे अप.क्र.153/2026 धारा 103(1) बीएनएस पंजीबध्द कर विवेचना मे लिया गया ।विवेचना के दौरान मृतिका के परिजनो से पूछताछ की गई जो यह तथ्य सामने आया कि मृतिका को अंतिम बार शैलेष महरा एवं उसकी नाबालिक प्रेमिका के साथ देखा गया था, जो मृतिका गुडिया महरा के पति शैलेष महरा को अभिरक्षा मे लेकर पूछताछ की गई जिसने बताया कि अपने नाबालिक प्रेमिका के प्रेम संबधो के कारण दिनांक 14 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 09 बजे अपनी नाबालिक प्रेमिका एवं ग्राम सिघौरा निवासी अपने नाबालिक साथी के साथ मिलकर गुडिया महरा के दुपट्टे से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी और घटना को आत्म हत्या दर्शाने के लिये तीनो ने मिलकर गुडिया महरा के शव को कोसम के पेड की डाली पर फांसी के फंदे पर लटका दिया ।

मुख्य आरोपी शैलेष कुमार महरा पिता प्रेमलाल महरा उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम सिंघौरा थाना जैतहरी जिला अनूपपुर को गिरफ्तार किया जाकर न्यायालय अनूपपुर पेश किया जाकर आरोपी का पुलिस रिमांड लिया जाकर घटना के संबध मे विस्त्रत पूछताछ की जा रही है एवं अपचारी बालिका उम्र 16 वर्ष 11 माह निवासी चोरभठी एवं अपचारी बालक उम्र 17 वर्ष 11 माह निवासी ग्राम सिंघौरा को अभिरक्षा मे लेकर बाल न्यायालय अनूपपुर मे पेश किया गया जो न्यायालय के आदेशानुसार अपचारी बालिका को सम्प्रेक्षण गृह शहडोल एवं अपचारी बालक को सम्प्रेक्षण गृह रीवा दाखिल कराया जा रहा है । 

*दो वर्षों से फरार आरोपी को गिरफ्तार*

अनूपपुर जिले के थाना भालूमाड़ा की टीम द्वारा अप. क्र. 350/2024 धारा 420, 406, 409, 120बी ता.हि. तथा निपेक्षकों के हितों का संरक्षण अधिनियम की धारा 6 एवं अप.क्र. 400/2024 धारा 420, 34 भा.दं.वि. निपेक्षकों के हितों का संरक्षण अधिनियम की धारा 6 में करोडों रुपये की ठगी करने वाला मुख्य आरोपी उमेश कांतिलाल पटेल पिता कांतिलाल पटेल निवासी प्लाट नं. 14/420 विवेकानंद नगर चांदखेडा जिला अहमदाबाद गुजरात जो घटना दिनांक से लगातार दो वर्षो से फरार चल रहा था जिसे थाना प्रभारी के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर दो वर्षो से फरार आरोपी न्यायालय कोतमा/अनूपपुर के प्रोडक्शन वारंट के पालन में तलोज जेल नवी मुम्बई महाराष्ट्र से लाकर न्यायालय के आदेशानुसार गिरफ्तार किया जाकर न्यायालय कोतमा/अनूपपुर पेश किया गया जहाँ से आरोपी को जेल भेजा गया।

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