दबंग पब्लिक प्रवक्ता

शिकार के लिए लगाए गए करंट की चपेट में आये 2 युवक, 1 की हुई मौत, 1 घायल अस्पताल में भर्ती


शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के साखी गांव के पास जंगल में जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए करंट की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों युवकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। वहीं दूसरे का इलाज जारी है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान साखी निवासी प्रिंस लोनी (19) पुत्र सूरज लोनी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि प्रिंस अपने एक साथी के साथ घर से निकला था। दोनों जब गांव के पास जंगल वाले क्षेत्र से गुजर रहे थे, तभी वहां जंगली जानवरों के शिकार के उद्देश्य से अवैध रूप से बिछाए गए बिजली के तार की चपेट में आ गए। करंट लगते ही दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिजली के संपर्क से दोनों को अलग कर तत्काल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उपचार के दौरान प्रिंस ने दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे युवक का इलाज जारी है। उसकी हालत पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।

सूचना मिलने पर ब्यौहारी थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी गई है। दोषियों की पहचान के लिए आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

गौ-तस्करी के खिलाफ कांग्रेस कौमी एकता ने खोला मोर्चा, आईजी को सौंपा ज्ञापन, एनएसए लगाने की मांग 


​शहडोल

गौ-तस्करी के अवैध कारोबार के खिलाफ अब कांग्रेस कौमी एकता ने मोर्चा खोल दिया है। संभाग के अनूपपुर और शहडोल जिलों से बड़े पैमाने पर हो रही मवेशियों की तस्करी को रोकने के लिए संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक से मांग की गई कि इस काले कारोबार में शामिल अपराधियों के खिलाफ एनएसए (रासुका) जैसी कड़ी कार्रवाई की जाए।

​ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने पुलिस महानिरीक्षक को संभाग में सक्रिय गौ-तस्करों के पूरे नेटवर्क और उनके काम करने के तरीके (मोडस ऑपरेंडी) से अवगत कराया। बताया गया है कि उत्तर प्रदेश से आए फिरोज उर्फ सोनू, अयूब और कादिर अली नाम के व्यक्ति वर्तमान में अनूपपुर जिले के ग्राम लपटा (थाना जैतहरी) में डेरा डाले हुए हैं।

​यह बाहरी तस्कर स्थानीय साथी शीतल राठौर, संजय चौधरी और एवन चौधरी के साथ मिलकर पिकअप वाहनों के जरिए मवेशियों को अनूपपुर के फुनगा, रामपुर, खाड़ा, गिरवा, जैतपुर और चुहरी के रास्ते शहडोल जिले के ग्राम कुदारी (थाना सीधी) तक पहुंचाते हैं।

​शहडोल के कुदारी गांव में इन सभी मवेशियों को एक जगह इकट्ठा किया जाता है। इसके बाद सीधी जिले के छावरी निवासी मुबारक नाम के शख्स की मदद से इन बेजुबान पशुओं को बड़े ट्रकों और कंटेनरों में क्रूरतापूर्वक लोड किया जाता है, जहाँ से इन्हें सीधे उत्तर प्रदेश के उन्नाव स्थित बूचड़खानों में सप्लाई कर दिया जाता है।

आईजी से मांग की है कि इस पूरे अंतर्राज्यीय रैकेट का जल्द से जल्द पर्दाफाश किया जाए और इसमें शामिल सभी आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शहडोल संभाग को इस अवैध और अमानवीय कारोबार से पूरी तरह मुक्ति मिल सके।

रोड सेल यार्ड में प्रदूषण नियंत्रण पर उठे सवाल, धूल से परेशान लोगों ने लगाए पर्यावरण मानकों की अनदेखी के आरोप


अनूपपुर। 

जिले के एसईसीएल हसदेव क्षेत्र के राजनगर रोड सेल स्टॉक यार्ड में पर्यावरण मानकों के पालन को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नागरिकों का आरोप है कि यार्ड से उड़ने वाली कोयले की धूल के कारण आसपास की बस्तियों में रहने वाले लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि ग्रीन माइनिंग और प्रदूषण नियंत्रण के दावे जमीनी स्तर पर पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि यार्ड की सीमा पर प्रभावी विंड ब्रेकर दीवारें और पर्याप्त थ्री-टियर ग्रीन बेल्ट विकसित नहीं की गई है। उनका कहना है कि तेज हवा और कोयले की लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान उठने वाली धूल सीधे रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच रही है। कई घरों की छतों, आंगनों तथा आसपास के क्षेत्र में कोयले की धूल जमा होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

लोगों का यह भी कहना है कि कोल इंडिया की पर्यावरण संबंधी गाइडलाइन के अनुसार कोयले के ढेरों पर नियमित पानी का छिड़काव, फॉग कैनन, पक्के आंतरिक मार्ग तथा धूल नियंत्रण के अन्य उपाय प्रभावी ढंग से लागू होने चाहिए। आरोप है कि कई स्थानों पर इन व्यवस्थाओं का अपेक्षित स्तर पर पालन नहीं हो रहा, जिससे धूल का गुबार लगातार फैल रहा है।

परिवहन व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोयला परिवहन वाहनों में तिरपाल ठीक से नहीं लगाया जाता और व्हील वॉश जैसी व्यवस्था भी प्रभावी नहीं दिखती। इसके कारण मुख्य मार्गों पर कोयले की धूल फैल रही है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और स्थानीय दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पर्यावरण मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। 

इनका कहना है।

पूरे क्षेत्र में नियमित पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। पर्यावरण की गाइडलाइन के अनुसार सभी आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। यदि राजनगर रोड सेल स्टॉक यार्ड में कहीं भी पर्यावरण मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है तो आप हमें बताइए। हम संबंधित ठेकेदार को और सख्ती से निर्देश देंगे तथा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे

*जिंदल रजक, पर्यावरण अधिकारी, राजनगर हसदेव क्षेत्र*

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