सहकारी उचित मूल्य दुकान के प्रबंधक सह विक्रेता ने किया, 162 व 440 क्विंटल चावल का किया गबन
सहकारी उचित मूल्य दुकान के प्रबंधक सह विक्रेता ने किया, 162 व 440 क्विंटल चावल का किया गबन
*23.43 लाख की चोरी, मामला दर्ज, न्यायालय ने भेजा जेल*
उमरिया
जिले के पाली थाना अंतर्गत कुशमहा खुर्द में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसने प्रशासन और आम जनता दोनों को चौंका दिया है। गरीबों के हक का राशन हड़पने के आरोप में शासकीय उचित मूल्य दुकान कुशमहाखुर्द के तत्कालीन प्रबंधक सह विक्रेता गुलाब चंद सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब ग्रामीणों ने कलेक्टर और खाद्य विभाग के पास शिकायत किया हालांकि ग्रामीण 8 माह से लगातार शिकायत करते रहे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया, बाद में कलेक्टर खाद्य ने कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जागृति प्रजापति को पूरे मामले की जांच सौंपी, जिसकी जांच करने कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जागृति प्रजापति मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के बयान दर्ज की, तब लोगों ने जो बताया उसको सुन कर पैरों तले जमीन खिसक गई। शासन द्वारा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले एव अति गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न सहकारी समितियों, महिला बहुउद्देशीय संस्थाओं एवं उपभोक्ता भंडार के माध्यम से खाद्यान्न वितरित करवाया जाता है और पाली जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम कुशमहा खुर्द में महिला बहुउद्देशीय संस्था के तत्कालीन प्रबंधक सह विक्रेता गुलाब चंद द्वारा सात माह का खाद्यान्न ही गरीबों को नहीं दिया गया।
सभी राशन दुकान का हर सप्ताह या 15 दिन में सभी दुकानों की आन लाइन समीक्षा की जाती है और शासन द्वारा सभी दुकानों को पी ओ एस मशीन दी गई है जो आन लाइन होती है और उसके माध्यम से किस दुकान में कितना लेन देन हुआ उसका लेखा - जोखा खाद्य विभाग को रखना पड़ता है क्योंकि राशन दुकानों से वितरित होने वाला राशन खाद्य विभाग का ही होता है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि पाली क्षेत्र के जिम्मेदार सहायक आपूर्ति अधिकारी ने कभी अपने दायित्व का निर्वहन ही नहीं किया।
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जागृति प्रजापति ने बताया कि जांच के दौरान सहकारी उचित मूल्य दुकान कुशमहा खुर्द के प्रबंधक सह विक्रेता गुलाब चंद नापित द्वारा जून 2025 से जनवरी 2026 तक 162 क्विंटल से अधिक गेहूं, 440 क्विंटल से अधिक चावल, नमक, शक्कर जो पी डी एस और एम डी एम का शामिल रहा, सभी की कीमत 23 लाख 43 हजार 811 रुपए होती है, का गबन किया गया, हितग्राहियों से पी ओ एस मशीन में फिंगर लगवा लिया गया और उनको खाद्यान्न नहीं दिया गया, जिसका गबन गुलाब चंद नापित द्वारा कर लिया गया, सारे मामले को कलेक्टर उमरिया के समक्ष प्रस्तुत किया गया जिस पर उनके द्वारा एफ आई आर करवाने का निर्देश दिया गया और उनके निर्देश पर थाना पाली में एफ आई आर दर्ज करवाया गया। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने यह भी बताया कि महीने में एक दिन दुकान खुलती थी और सभी से अंगूठा लगवा लिया जाता था और अनाज नहीं दिया जाता था, कुछ हितग्राहियों के घर घर जाकर परची निकाल ली जाती थी।
पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की शिकायत पर गुलाब चंद के विरुद्ध गबन का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। हालांकि जांच के बाद प्रशासन ने दुकान को निलंबित कर दिया है। प्रबंधक सह विक्रेता गुलाब चंद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया।

