रात घर में घुसा बाघ, महिला को उतारा मौत के घाट, गुस्साए ग्रामीणों ने रेंजर का सिर फोड़ा, इलाके में भारी तनाव


उमरिया

जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पनपथा रेंज में देर रात एक बाघ ने घर में घुसकर महिला पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हैं। घटना से नाराज ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की है।

देर रात करीब 3 बजे एक बाघ दीवार लांघकर सीधे घर के अंदर घुस गया और सो रही 48 वर्षीय फूल बाई पाल पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इसके बाद बाघ ने पास के ही खेरवा टोला में भी हमला किया, जिसमें दशईया पाल समेत तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

इस घटना के बाद वन विभाग की टीम के समय पर न पहुंचने से ग्रामीण बेहद आक्रोशित हो गए। सुबह जब टीम मौके पर पहुंची, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र भीड़ ने पनपथा रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव के साथ मारपीट की, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। यही नहीं, ग्रामीणों ने महिला रेंजर अंजू वर्मा को भी बंधक बना लिया। मौके पर पहुंची कांग्रेस नेत्री और जनपद सदस्य रोशनी सिंह धुर्वे ने ग्रामीणों को समझाने और रेंजर को मुक्त कराने की कोशिश की, लेकिन हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

घटना के कई घंटों बाद भी गांव में दहशत और तनाव का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, मृतका फूल बाई का शव अभी भी घर के भीतर ही है और बाघ घर के आसपास ही डटा हुआ है। मौके पर इंदवार पुलिस बल तैनात है, लेकिन ग्रामीणों के गुस्से के आगे प्रशासनिक अमला बेबस नजर आ रहा है।

पनपथा के एसडीओ भूरा गायकवाड़ ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कहा कि वे फिलहाल मौके पर कानून-व्यवस्था संभालने में जुटे हुए हैं और स्थिति नियंत्रण में आने के बाद ही आगे की जानकारी दे पाएंगे। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया गया है, वहीं वन विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं।

जीआरपी ने ट्रेन से 4 लाख का गाँजा किया जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार, मामला दर्ज


शहडोल

शहडोल जीआरपी ने संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मजबूत विमल ब्रांड के बैगों में छिपाकर ले जाए जा रहे करीब 41 किलो गांजे को जब्त कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की कीमत लगभग 4 लाख रुपये आंकी गई है। गौरतलब है कि ट्रेनों के जरिए गांजा तस्करी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी शहडोल जीआरपी कई बार ट्रेनों में कार्रवाई कर गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी है और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं। 

भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनडीपीएस एक्ट के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान जीआरपी पुलिस ट्रेनों की सघन जांच कर रही थी। इसी दौरान संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के जनरल कोच में एक युवक दो मजबूत विमल ब्रांड के बैग लेकर बैठा दिखाई दिया, पुलिस टीम को देखते ही युवक घबराने लगा, जिससे जवानों को उस पर संदेह हुआ। 

तलाशी के दौरान दोनों बैगों से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी की पहचान अमर मिश्रा (25 वर्ष), निवासी गाजियाबाद के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह छत्तीसगढ़ के रायपुर से गांजे की खेप लेकर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जा रहा था। जीआरपी ने आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप किस गिरोह से प्राप्त की गई थी और इसे आगे किसे सप्लाई किया जाना था,जांच एजेंसियां तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही हैं।

शहडोल जीआरपी ने बताया कि संपर्क क्रांति ट्रेन की भी जांच की जा रही थी। तभी जनरल कोच के पीछे की सीट पर दो झोला लेकर बैठा एक युवक जीआरपी को देखकर विचलित होने लगा। संदेह होने पर जांच की गई तो दोनों झोला में गांजा मिला।

ग्रामीण प्रतिबंधित मार्ग पर सीमेंट से लदा ट्रक घुसा, पुलिया नाली हुई क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों में आक्रोश

*सीमेंट कंपनी व डीलर की लापरवाही, कार्यवाही की मांग*


अनूपपुर

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) होकर बेलिया बड़ी ग्राम पंचायत में ग्रामीणों के आवागमन के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा एक पुलिया का निर्माण कराया गया था, उस पुलिया व गांव की नाली को एक सीमेंट से लदे भारी ट्रक MP 19 HA 5669 ने क्षतिग्रस्त कर दिया। यह सीमेंट का ट्रक हमेशा ग्राम पंचायत में सीमेंट खाली करने आता है। घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध होने के बावजूद सीमेंट कंपनी के ट्रक लगातार इस सड़क का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सड़क और पुलिया की संरचना को नुकसान पहुंच रहा है। 

यह पुलिया ग्रामीणों की आवागमन सुविधा को ध्यान में रखते हुए बनाई गई थी। पुलिया की भार वाहन क्षमता सीमित होने के कारण इस मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद स्थानीय सीमेंट डीलर तक माल पहुंचाने के लिए सीमेंट कंपनी के बड़े ट्रक नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरते रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग कर चुकी है की अगर भारी वाहनों का आवागमन नहीं रोका गया तो सड़क और पुलिया को गंभीर नुकसान हो सकता है। लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिणामस्वरूप हाल ही में सीमेंट से भरा एक भारी ट्रक पुलिया से गुजरते समय उसकी संरचना को नुकसान पहुंचा गया।

घटना के बाद पुलिया में दरारें और अन्य क्षति के निशान दिखाई देने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो पुलिया की स्थिति और अधिक खराब हो सकती है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहेगी। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग, किसान, छात्र और दोपहिया वाहन चालक आवागमन करते हैं। पुलिया क्षतिग्रस्त होने से उनकी सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सीमेंट कंपनी और स्थानीय डीलर की सुविधा के लिए नियमों की अनदेखी की जा रही है। जबकि सड़क पर भारी वाहनों के प्रवेश निषेध संबंधी स्पष्ट निर्देश मौजूद हैं। इसके बावजूद बड़े ट्रकों का लगातार आवागमन प्रशासनिक निगरानी और नियमों के पालन पर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि यदि प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रकों का प्रवेश रोका जाता तो पुलिया को नुकसान नहीं पहुंचता।

घटना के बाद ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से क्षतिग्रस्त पुलिया का तत्काल निरीक्षण कराने और उसकी मरम्मत करवाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पुलिया को नुकसान पहुंचाने वाले ट्रक मालिक, परिवहन कंपनी तथा संबंधित जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया की मरम्मत का खर्च दोषी पक्ष से वसूला जाना चाहिए ताकि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर अंकुश लगाया जा सके।

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