सशक्त हस्ताक्षर की 32 वीं काव्य गोष्ठी संपन्न हुई


जबलपुर 

सशक्त हस्ताक्षर की 32 वीं काव्य गोष्ठी श्री जानकी रमण महाविद्यालय में सानंद सम्पन्न हुई ၊ संस्थापक गणेश श्रीवास्तव प्यासा ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों का अपने शब्द सुमनों से वंदन अभिनंदन किया ၊ सरस्वती वंदना हिंदी-बुंदेली की कवयित्री तरूणा खरे ने की ၊

मुख्य अतिथि कवि, व्यंग्यकार म. प्र. साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित सुरेश मिश्र विचित्र, अध्यक्षता महामहोपाध्याय आचार्य   डॉ. हरिशंकर दुबे, विशिष्ट अतिथि मंचीय कवयित्री, उपन्यासकार,म. प्र. साहित्य अकादमी से पुरुष्कृत श्रीमती वंदना सोनी विनम्र, पूर्णिका के जनक एड. डॉ. सलपनाथ यादव, वरिष्ठ समाजसेवक रवि प्रकाश श्रीवास्तव,वरिष्ठ साहित्यकार शरदचंद पालन, म. प्र साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित बुंदेली के सशक्त हस्ताक्षर, अखिल भारतीय सम्मेलनों के सहभागी राज सागरी,पूर्व जज मीना भट्ट, वरिष्ठ साहित्यकार सुशील श्रीवास्तव, सारस्वत अतिथि मंचमणि राजेश पाठक प्रवीण,मंगलभाव संस्कारधानी के प्रसिद्ध व्यंग्यकार अभिमन्यु जैन,पूर्व प्राचार्य यशोवर्धन पाठक, छंदशास्त्र में पारंगत विजय तिवारी किसलय, सिद्धेश्वरी सराफ शीलू की गरिमामय उपस्थिति रही ၊

इस अवसर पर सशक्त हस्ताक्षर द्वारा सुरेश मिश्र विचित्र,वंदना सोनी विनम्र, सलपनाथ यादव, रवि प्रकाश श्रीवास्तव का शाल, श्रीफल, मानपत्र भेंट कर सम्मानित किया गया ၊ पाथेय द्वारा भी गाडरवारा से पधारे हास्य व्यंग्य के कवि विजय बेशर्म को सम्मानित किया गया ၊

गोष्ठी का शुभारंभ कछार गाँव से पधारे संगठन सचिव अखिलेश खरे अखिल ने दोहों से किया ၊ म. प्र साहित्य अकादमी से अभिनंदित बुंदेली के प्रसिद्ध कवि दीनदयाल तिवारी बेताल, महासचिव जी. एल. जैन,प्रकाश सिंह ठाकुर,अमर सिंह वर्मा, बुंदेली-हिंदी के प्रसिद्ध कवि, आकाशवाणी में गम्मत के सूत्रधार, कम्पेयर लखन रजक, संदीप खरे युवराज,हिंदी के भक्त व हिंदी कुम्भ के आयोजक कवि संगम त्रिपाठी, तरुणा खरे,चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, आदर्श श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव, अरूण शुक्ल,युवा कवि विवेक कुमार चौकसे ने कन्या भ्रूण हत्या पर मार्मिक गीत प्रस्तुत किया। इति प्रकाश श्रीवास्तव, कालीदास ताम्रकार काली, कोकिल कण्ठा कृष्णा राजपूत ने अपनी प्रस्तुती से सभी को भाव-विभोर कर दिया ၊ आशा मालवीय आशा, आनंद शर्मा,डॉ. यू. बी. तिवारी मधुकर, योगेन्द्र मालवीय, ढीमर खेड़ा आये बालमुकुंद  लखेरा ने मंच को नयी ऊँचाईयाँ दी। मंचस्थ अतिथियों ने भी काव्य पाठ कर तालियाँ बटोरी ၊ यू. एस. दुबे,पूर्व जज पुरुषोत्तम भट्ट,अशोक कुमार जैन की गरिमामय उपस्थिति रही ၊ संचालन गणेश श्रीवास्तव प्यासा, आभार प्रदर्शन अध्यक्ष मदन श्रीवास्तव ने किया।

एक भारत- श्रेष्ठ भारत की थीम पर ‘परिधानम’ प्रतियोगिता का आयोजन, 45 हुए सम्मानित

*कायस्थम का उद्देश्य समाज की बौद्धिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना-प्रलय श्रीवास्तव*


भोपाल

कायस्थ समाज के कायस्थम-2025 का  आयोजन भोपाल के रवींद्र भवन में हुआ। इस मौक़े पर कायस्थ समाज की 13 विभिन्न श्रेणियों में 45 हस्तियों को सम्मानित किया गया जो देश विदेश में कायस्थ समाज का नाम रोशन कर रही हैं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण टीवी कलाकार ऐश्वर्या खरे रहीं जिनको कायस्थ गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। ऐश्वर्या एकता कपूर के टीवी सीरियल भाग्यलक्ष्मी में लक्ष्मी का मुख्य किरदार निभा रही हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव ने की साथ ही बतौर मुख्य अतिथि राज्य निर्वाचन आयोग मप्र के आयुक्त मनोज श्रीवास्तव मौजूद रहे। इसके अलावा भोपाल के पूर्व सांसद आलोक संजर, पूर्व विधायक शैलेंद्र प्रधान,पूर्व नगर निगम आयुक्त देवी शरण श्रीवास्तव की भी मौजूदगी विशेष अतिथि के रूप में रही।

कार्यक्रम के दौरान एक भारत-श्रेष्ठ भारत की थीम पर ‘परिधानम’ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमे कायस्थ समाज की महिलाओं द्वारा देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक परिधानों को मंच पर वॉक कर प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। 

इस मौक़े पर कायस्थम के अध्यक्ष प्रलय श्रीवास्तव ने बताया कि कायस्थम का उद्देश्य समाज की बौद्धिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना, देशसेवा में कायस्थ समाज की भूमिका को और मज़बूत करना और छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है।

अटल बिहारी बाजपेयी के भतीजे हिंदी महाकुंभ में रानी दुर्गावती संग्रहालय भंवरलाल गार्डन में होंगे शामिल


होंगे शामिल, 

जबलपुर/ हिंदी महाकुंभ में दिल्ली से अटल बिहारी वाजपेई हिंदी संस्थान के प्रमुख सिविल सेवा गुरु डॉ धर्म प्रकाश वाजपेई जी 30 जनवरी 2025 को प्रातः  11.00 बजे कला विथिका रानी दुर्गावती संग्रहालय भंवरलाल गार्डन में शामिल होने की सहमति प्रदान कर दी है। प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा द्वारा आयोजित हिंदी महाकुंभ में अरुणाचल प्रदेश से तारों सिन्दिक, केरल से फराह नसीम, उत्तर प्रदेश से शिवनाथ सिंह रायबरेली, इंद्रेश भदौरिया अवधी सम्राट रायबरेली, बिनोद कुमार पांडेय नोएडा, नंदलाल मणि त्रिपाठी गोरखपुर, कर्नल आदि शंकर मिश्र 'आदित्य' लखनऊ, भगवती प्रसाद मिश्र बेधड़क लखनऊ, दीनदयाल सोनी बांदा, राम बहाल सिंह बहाल कवि वाराणसी, ओमप्रकाश द्विवेदी देवरिया, अन्नपूर्णा मालवीया सुभाषिनी प्रयागराज, पूनम सिंह गाजियाबाद, डॉ जगदीश चंद्र वर्मा 'अनंत' गाजियाबाद, सीमा शर्मा मेरठ, प्रो . (डॉ) सरोजिनी तनहा मेरठ, श्रीपाल शर्मा विश्वकर्मा नोएडा, अवधेश कुमार साहू ' बेचैन ' हमीरपुर आदि, छत्तीसगढ़ से डॉ शिवशरण श्रीवास्तव 'अमल' बिलासपुर, बसंत कुमार ऋतुराज अभनपुर, श्रीमती ऋतंभरा शीशपाल कश्यप जांजगीर-चांपा, निवेदिता वर्मा 'मेघा' भाटापारा, डॉ माधुरी त्रिपाठी रायगढ़, नरेंद्र वैष्णव 'सक्ती' सक्ती, यज्ञसेनी साहू रायपुर, अंजलि तिवारी मिश्रा जगदलपुर बस्तर, राकेश कुमार खरे बिलासपुर, डॉ कन्हैया साहू अमित भाटापारा, हेमंत कुमार अगम भाटापारा, गोविंद पाल भिलाई। बिहार से सरस्वती मल्लिक मधुबनी, सच्चिदानंद किरण भागलपुर, प्रभात वर्मा पटना, झारखंड से डॉ रामप्रवेश पंडित मेदनी नगर, उड़ीसा से सुव्रत दे संबलपुर, उत्तराखंड से सचिन पंवार हरिद्वार, असम से नित्यानंद उपाध्याय लालुक लखिमपुर, गोवा से दुर्वा दुर्गेश वारिक 'गोदावरी', राजस्थान से महेश नारायण शर्मा टोंक, डॉ संजीदा खानम शाहीन जोधपुर, डॉ रामचन्द्र स्वामी बीकानेर, राम अवतार स्वामी टोंक, विष्णु शंकर मीणा कोटा। हरियाणा से महेन्द्र सिंह शैली महेन्द्रगढ़, महाराष्ट्र से डॉ बालकृष्ण महाजन नागपुर, डॉ कृष्ण कुमार द्विवेदी नागपुर, विवेक असरानी नागपुर, अमन रंगेला नागपुर, राहुल शामकुवर रामटेक, तन्हा नागपुरी नागपुर, डॉ ईलेश मेहता गोंदिया। तेलंगाना से डॉ विजय कुमार हैदराबाद, के. राजु हैदराबाद, श्रीमती बसंती 'दीपशिखा' हैदराबाद, दिल्ली से प्रदीप मिश्र अजनबी व मध्यप्रदेश के विभिन्न शहर डॉ मनीषा दुबे दमोह, डॉ अशोक तिवारी सागर, प्रियंका पटेल नरसिंहपुर, डॉ कृष्ण कुमार नेमा 'निर्झर' सिहोर, बालमुकुंद लखेरा ढीमरखेड़ा कटनी, राजकुमार अहिरवार गंजबासौदा, डॉ लाल सिंह किरार अम्बाह मुरैना, रेखा नेमा सिवनी, निर्मला डोंगरे सिहोरा, ओजेन्द्र तिवारी दमोह, पदमा तिवारी दमोह, प्रणय श्रीवास्तव 'अश्क' बालाघाट, शैलेश सिंह कुशवाह वरिष्ठ पत्रकार ग्वालियर, सतीश कुमार पांडेय पत्रकार बिरसिंहपुर पाली, कविता नेमा सिवनी, उमाकांत त्रिपाठी 'निश्छल' रीवा, अन्नपूर्णा वर्मा भोपाल, आशा निर्मल जैन सिहोरा, रामलखन गुप्त पत्रकार चाकघाट आदि ने  हिंदी महाकुंभ में आने की स्वीकृति दी है।

प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी ने कहा कि सशक्त हस्ताक्षर संस्था जबलपुर के संस्थापक गणेश श्रीवास्तव प्यासा जबलपुरी के संयोजन में जबलपुर संस्कारधानी के कवि, कवयित्री, साहित्यकार, समाजसेवी व पत्रकार हिंदी महाकुंभ में शामिल हो रहे है।

हिंदी महाकुंभ को सफल बनाने हेतु मदन श्रीवास्तव, जी. एल. जैन, अरविंद तिवारी,अम्लान गुहा नियोगी, राजकुमारी रैकवार राज, प्रभा बच्चन श्रीवास्तव, सिद्धेश्वरी सराफ ' शीलू' , अनिल शुक्ला, चंदादेवी स्वर्णकार, अनुराधा गर्ग दीप्ति आदि कार्य कर रहे हैं।

संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ का नौंवा राष्ट्रीय महाधिवेशन का होगा आयोजन

*पत्रकारों को राष्ट्रीय पत्रकारिता अलंकरण सम्मान से किया जाएगा सम्मानित*

सिंगरौली


संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ द्वारा 12 जनवरी 2024 को स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर सिंगरौली के एनटीपीसी मैत्री सभागार में नौवें राष्ट्रीय महाधिवेशन का आयोजन किया जाएगा। यह महाधिवेशन पत्रकारिता के सशक्तिकरण, एकता और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन में राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख पत्रकार, समाजसेवी और श्रमजीवी पत्रकार महासंघ के सदस्य शामिल होंगे।

राष्ट्रीय आयोजन समिति और शीर्षस्थ कोर कमेटी के सदस्य महाधिवेशन की तैयारी और संचालन के लिए गठित राष्ट्रीय आयोजन समिति और कोर कमेटी में निम्नलिखित दिग्गज शामिल हैं। राष्ट्रीय आयोजन समिति अध्यक्ष केसी शर्मा (वरिष्ठतम पत्रकार और क्रांतिकारी ट्रेड यूनियन लीडर राष्ट्रीय संयोजक इंजीनियर सभाकांत शुक्ला संरक्षक इंजीनियर आरके मैत्राराष्ट्रीय अध्यक्ष रमेन्द्र पाण्डेय कोर कमेटी प्रमुख श्री नागेन्द्र कुमार सोनी महासचिव हरि प्रकाश सिंह कोषाध्यक्ष एवं प्रभारी महासचिव दयाराम कोष्टा जूरी प्रमुख केपी तिवारी प्रांताध्यक्ष श्री नवीन शर्मा शहडोल जिलाध्यक्ष (मुख्य आयोजक) कैलाश लालवानी, संभागीय अध्यक्ष शहडोल अजय तिवारी अनूपपुर से प्रदेश संरक्षक सदस्य कैलाश पाण्डेय, राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान चयनित राहुल तिवारी, वरिष्ठ समाजसेवी जयप्रकाश गर्ग, प्रांतीय उपाध्यक्ष बीपी तिवारी (बुढार), प्रांतीय संरक्षक धीरेन्द्र निगम, राष्ट्रीय पत्रकारिता अलंकरण सम्मान के चयनित पत्रकार इस आयोजन के दौरान उन वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने पत्रकारिता में असाधारण योगदान दिया है।

*चयनित पत्रकारों की सूची*

अजय तिवारी, रमेश चंद गुप्ता, राहुल तिवारी, गया प्रसाद श्रीवास गणेश प्रसाद शाहा, उमाशंकर श्रीवास्तव, राम बिहारी मिश्रा को राष्ट्रीय पत्रकारिता अलंकरण सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

*महाधिवेशन का उद्देश्य*

पत्रकारिता को सशक्त बनाने के लिए सुरक्षा कानून, आवास योजनाएं और बीमा सुविधाओं की मांग। स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता को बढ़ावा देने के लिए चर्चा और समाधान। एकता, सामूहिक नेतृत्व और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहन। स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और विचारों को पत्रकारिता में आत्मसात करना।

*महाधिवेशन के मुख्य बिंदु*

सम्मान समारोह पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए विभिन्न पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा। पत्रकारिता की वर्तमान चुनौतियों और समाधान पर गहन चर्चा।एकता का आह्वान देशभर के पत्रकारों को एकजुट होकर अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संदेश। सामाजिक क्रांति का संदेश "विश्व विवेक क्रांति" और "संयुक्त विश्व विचार क्रांति" की दिशा में कदम।

*राष्ट्रीय अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों का संदेश*

राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेन्द्र पाण्डेय ने देशभर के पत्रकारों से इस महाधिवेशन में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा यह आयोजन न केवल पत्रकारों के संघर्ष और अधिकारों की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह पत्रकारिता में सृजनात्मकता और सकारात्मकता को बढ़ावा देने का भी एक प्रयास है। अजय तिवारी (प्रांताध्यक्ष) ने इस महाधिवेशन को पत्रकारिता के क्षेत्र में मील का पत्थर बताते हुए कहा पत्रकारिता के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकता और सामूहिक नेतृत्व अनिवार्य है।

*महाधिवेशन के महत्व और उम्मीदें*

यह महाधिवेशन पत्रकारिता को नई दिशा देने के साथ-साथ स्वतंत्रता, निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच होगा। इसमें उपस्थित सभी पत्रकार, समाजसेवी और अतिथि स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेंगे।

*संदेश और आमंत्रण*

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी पत्रकारों और आमंत्रित अतिथियों से इस ऐतिहासिक महाधिवेशन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का अनुरोध किया आइए, एकजुट होकर पत्रकारिता को सशक्त बनाएं और एक नई क्रांति का सूत्रपात करें। महाधिवेशन का उद्देश्य पत्रकारिता को लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ बनाना और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनाना है।

प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा हिंदी महाकुंभ का होगा आयोजन


जबलपुर - प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा हिंदी महाकुंभ का आयोजन 30 जनवरी 2025 को कला विथिका रानी दुर्गावती संग्रहालय भंवरलाल गार्डन जबलपुर में आयोजित कर रही। आयोजन के सफल एवं  भव्य संचालन हेतु समिति का गठन किया गया है जिसमें मुख्य संरक्षक - अरविंद तिवारी संरक्षक -  वीरेंद्र कुमार दुबे , राजकुमारी रैकवार राज, ज़ी . एल. जैन, प्रभा बच्चन श्रीवास्तव, मीना भट्ट, अनिल शुक्ला। सलाहकार -  सिद्धेश्वरी सराफ, चंदादेवी स्वर्णकार, अनुराधा दीप्ति गर्ग, तरुणा खरे, बच्चन श्रीवास्तव, ऋषिराज रैकवार, पुरुषोत्तम भट्ट, अमर सिंह वर्मा, अम्लान गुहा नियोगी। कार्यक्रम संयोजक - गणेश श्रीवास्तव प्यासा जबलपुरी संस्थापक सशक्त हस्ताक्षर संस्था। स्वागताध्यक्ष - मदन श्रीवास्तव। स्वागत समिति - रश्मि पांडेय 'शुभि', विवेक शैलार, प्रकाश सिंह ठाकुर। सम्माननीय सदस्य - आशा झा सखी, श्रीमती निर्मला डोंगरे, कालीदास ताम्रकार काली जबलपुरी नियुक्त किए गए। उक्ताशय की जानकारी कवि संगम त्रिपाठी संस्थापक प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा ने दी है।

सशक्त हस्ताक्षर की यादगार 31 वीं कवि काव्य गोष्ठी हुई संपन्न 


जबलपुर -  सशक्त हस्ताक्षर की 31 वीं कवि गोष्ठी श्री जानकी रमण महाविद्यालय में दिनांक  21.12 2024 को सानंद सफल हुई ၊ संस्थापक गणेश श्रीवास्तव प्यासा ने सभी साहित्य मनीष अतिथियों का अपनी वाणी से वंदन अभिनंदन किया ၊ सरस्वती वंदना कृष्णकांत चौबे नरसिंहपुर ने की।

मुख्यअतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. विजय तिवारी किसलय, अध्यक्षता राकेश माहेश्वरी काल्पनिक नरसिंहपुर, विशिष्ट अतिथि समाजसेवक कृष्णकांत गुमास्ता, सारस्वत अतिथि मंचमणि राजेश पाठक प्रवीण, शुभकामनाएँ सलाहकार कवि संगम त्रिपाठी की गरिमामय उपस्थिति रही।  इस शुभ अवसर पर सशक्त हस्ताक्षर ने डॉ. विजय तिवारी किसलय,राकेश माहेश्वरी काल्पनिक, कृष्णकांत गुमास्ता का शाल,श्रीफल, मानपत्र से सम्मानित किया।

गोष्ठी का प्रारंभ भेड़ाघाट से पधारे कुंजीलाल चक्रवर्ती निर्झर से हुआ ၊ महासचिव गुलजारी लाल जैन,अजय मिश्रा अजेय, कालीदास ताम्रकार काली, बुंदेली हिंदी के कवि आकाशवाणी में कम्पेयर लखन रजक,अमरसिंह वर्मा,एड. प्रभा खरे अखिल, विवेक शैलार,कछार गाँव से आये संगठनसचिव अखिलेश खरे अखिल, सह सचिव बुंदेली में निष्णात सहसचिव तरुणा खरे,पूर्वजज मीना भट्ट,प्रकाश सिंह ठाकुर,एड. डॉ. सलप नाथ यादव ने अपनी कविताओं से. चमत्कृत कर दिया। भावों की काव्य सरिता उद्दाम लहरों से आगे बढ़ती रही ၊ वरिष्ठ साहित्यकार दीनदयाल तिवारी, संज्ञीतज्ञ रविशंकर श्रीवास्तव, अरूण शुक्ल, विजय विश्वकर्मा,मदन श्रीवास्तव, मनोज शुक्ल मनोज, द्वारका गुप्त द्वारकेश, आरती श्रीवास्तव ने खूब तालियाँ बटोरी ၊ प्यासी, प्रतीक्षा सेठी, सुषमा गुप्ता, कृष्णा राजपूत,बुंदेली की आभा प्रभाविश्वकर्मा  शील, डॉ. भावना दीक्षित को खूब सराहा ၊ संदीप खरे युवराज, अभिमन्यु जैन,सुरेश विचित्र,विजय नेमा अनुज ने मंच को नयी ऊँचाईयाँ पर पहुँचाया, समाज सेवक चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, पूर्वजज पुरुषोत्तम भट्ट की गरिमामय उपस्थिति रही ၊ संचालन गणेश श्रीवास्तव प्यासा, आभार अध्यक्ष मदन श्रीवास्तव ने किया।

हिंदी के सच्चे सिपाही संतोष पाठक निधन, विनम्र श्रद्धांजलि


 

जबलपुर

हिंदी के सच्चे सिपाही कवि साहित्यकार शिक्षाविद संतोष पाठक का ह्रदयघात से निधन हो गया। संतोष पाठक गढ़वा झारखंड की धरती से हिंदी के ध्वज को उठाये हुए कई राष्ट्रीय संस्थान से जुड़े रहे और अंत तक हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु अपने अभियान पर काम करते हुए हम सब के बीच से चले गए जो कि बहुत ही दुखद है।

प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा में विगत दो वर्षों से जुड़े संतोष पाठक हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु अभियान के तहत 13 सितंबर 2023 को इंडिया गेट व राजघाट दिल्ली में पदयात्रा  प्रदर्शन व 14 सितंबर 2024 को जंतर मंतर दिल्ली में प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के प्रदर्शित सभा के साथ राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए थे। उनके नेतृत्व में झारखंड से कवि साहित्यकार व हिंदी प्रेमी गिरिधर प्रसाद सिंह, पीयूष पाणि, राम प्रवेश पंडित प्रमुख रुप से शामिल हुए थे।

संतोष पाठक को डॉ धर्म प्रकाश वाजपेई, कवि संगम त्रिपाठी, प्रदीप मिश्र अजनबी, डॉ गुंडाल विजय कुमार, गोविंद पाल सिंह आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की है।

आता जब मौसम गुलाबी सर्दियों का, झूमने लगता है मौसम सर्दियों का



*मौसम गुलाबी सर्दियों का*


आता जब मौसम गुलाबी सर्दियों का।

झूमने लगता है मौसम सर्दियों का।


हर घड़ी ये जिद्द करता तुमसे मिलने की,

मचलने लगता है मौसम सर्दियों का।


लिपटतीं जब तुम्हारी गरमा-गरम यादें,

बहकने लगता है मौसम सर्दियों का।


जब महावट बन तुम्हारे ख्वाब घिर आते,

बरसने लगता है मौसम सर्दियों का।


कंपकंपाती उंगलियां से जब तुम्हें छूता,

बहकने लगता है मौसम सर्दियों का।


तुम्हारे आने की जब भी खबर मिलती है,

संवरने लगता है मौसम सर्दियों का।


आहटें आतीं तुम्हारी तुम नहीं आते,

सिसकने लगता है मौसम सर्दियों का।


गीत जो तुम पर लिखे है उन्हें सुन सुन कर,

थिरकने लगता है मौसम सर्दियों का।


गीतकार-अनिल भारद्वाज एडवोकेट हाईकोर्ट ग्वालियर

 वनमाली सृजन केंद्र का आज शुभारंभ, वनमाली पत्रिका के अंक का विमोचन होगा

*निबंध लेखन, कविता, पेंटिंग, भाषण के प्रतिभागी बच्चो को पुरस्कार व प्रमाण पत्र होगा वितरण*


अनूपपुर 

वनमाली सृजन केंद्र अनूपपुर का आज भव्य शुभारंभ होने जा रहा है इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर के सेवा निवृत्त प्राचार्य परमानंद तिवारी एवं शासकीय तुलसी महाविद्यालय से हिंदी विभाग की प्रोफेसर डॉ दीपक गुप्ता होंगे। इस अवसर पर काव्य पाठ के साथ साथ "हिंदी हमें जोड़ती है" विषय पर व्याख्यान होंगे। यह केंद्र कल से अपना कार्य प्रारंभ करते हुए  आंचलिक प्रतिभाओं(रचनाकारों) को उभारने और प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें मंच प्रदान करने की कोशिश की जाएगी।

इस अवसर पर वनमाली पत्रिका के सितंबर अक्टूबर अंक का विमोचन होगा। कार्यक्रम के पूर्व की गतिविधियों के तहत अनेक स्कूलों में निबंध लेखन, कविता, पेंटिंग, भाषण आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की गई है। इन प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को कार्यक्रम के दौरान पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।  बताते चलें वनमाली सृजन पीठ वनमाली की लेखन यात्रा से प्रेरित है, जो साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने के लिए बनाया गया एक मानद उपक्रम है। ग्रामीण रचनाकारों को शहरी रचनाकारों के समान ही अवसर मिलना चाहिए, इस मूल अवधारणा पर आधारित यह उपक्रम सभाएँ, चर्चाएँ और अन्य साहित्यिक प्रवचन आयोजित करता है। वनमाली सृजन पीठ, हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं के विस्तार के लिए लेखनरत साहित्यकारों को प्रतिष्ठित वनमाली राष्ट्रीय सम्मान, की परंपरा डाली है.  इसमें वन्माली कथा शीर्ष सम्मान, राष्ट्रीय कथा सम्मान, प्रवासी भारतीय कथा सम्मान, तथा वनमाली विज्ञान कथा सम्मान एवं मध्य प्रदेश कथा सम्मान और युवा कथा सम्मान सहित पत्रकारिता सम्मान से अलंकृत किया जाता है.  संपूर्ण भारतवर्ष में वनमाली सृजन पीठ की स्थापना की गई है  सृजन पीठ  मुख्यालय के माध्यम से साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विकास के नये आयाम तय किए  हैं.  सुदूर ग्राम्यांचल एवं कस्बों के  कला, साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों की गतिविधियों को बढ़ावा देने में निरंतर सक्रिय वनमाली सृजन केन्द्रो की स्थापना जिले  एवं आंचलिक स्तर पर की गई है.  जिसमें आंचलिक प्रतिभाओं को उभारने  और राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें प्रस्तुत करने की कोशिश की जाती है.  सभी सृजन केंद्रों की आपसी गतिविधियों को साझा करने के लिए “वनमाली वार्ता पत्रिका” का प्रकाशन ऑनलाइन किया जा रहा है. वनमाली  सृजन पीठ भोपाल ने  अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव का आयोजन कर वैश्विक स्तर पर एक स्वर्णिम मुकाम बनाया है

कथा साहित्य के अतिरिक्त ‘वनमाली’  का शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा। वे अविभाजित मध्यप्रदेश के अग्रगण्य शिक्षाविदों में थे। गांधी के आव्हान पर कई वर्षों तक प्रौढ़ शिक्षा के काम में लगे रहे। फिर शिक्षक, प्रधानाध्यापक एवं उपसंचालक के रूप में उन्होंने बिलासपुर, खंडवा और भोपाल में कार्य किया और इस बीच अपनी पुस्तकों के माध्यम से, शालाओं और शिक्षण विधियों में नवाचार के कारण और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद् की समिति के सदस्य के रूप में शिक्षा जगत में उन्होंने महत्वपूर्ण जगह बना ली थी। 1962 में डाॅ. राधाकृष्णन के हाथों उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से विभूषित किया गया। वनमाली का जन्म 1 अगस्त 1912 को आगरा में हुआ। उन्होंने अपना पूरा जीवन मध्यप्रदेश में ही गुजारा और 30 अप्रैल 1976 को भोपाल में उनका निधन हुआ। उनका पहला कथा संग्रह ‘जिल्दसाज’ उनकी मृत्यु के बाद 1983 में तथा ‘प्रतिनिधि कहानियाँ’ के नाम से दूसरा संग्रह 1995 में प्रकाशित हुआ था। वर्ष 2008 में वनमाली समग्र का पहला खण्ड तथा वर्ष 2011 में संतोष चौबे के संपादन में ‘वनमाली स्मृति’ तथा ‘वनमाली सृजन’ शीर्षक से दो खण्ड और भी प्रकाशित हुए हैं।

हिंदूवादी, गौ जन कल्याण संघठन की ललिता नेहा तिवारी बनी शहर अध्यक्ष


सिंगरौली

भोपाल हिंदूवादी संघठन गौ जन कल्याण संघ गौ रक्षादल संस्थापक अध्यक्ष पवन सोलंकी नें ललिता नेहा तिवारी क़ो सिंगरौली शहर अध्यक्ष नियुक्त किया राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन सोलंकी नें बताया हैं की मै कहीं वर्षो से देखता आ रहा हूँ नेहा तिवारी के अच्छे कार्य अपने हंसमुख मिलसार स्वभाव से तिवारी समाज का नाम रोशन किया बेहसहारा,पीड़ित महिलाओ क़ो कानूनी मदद दिलाकर एक अनूठी पहल कर पीड़ित महिलाओ के चेहरों पर मुश्कान लाई हैं नवनियुक्त अध्यक्ष ललिता नेहा तिवारी कहती हैं की जिसके अंदर जनसेवा करने का जूनून होता हैं व किसी की मदद का मोहताज नहीं होता व अपने हीं बल पर एक अनूठी पहल कर पीड़ित के चेहरों पर मुश्कान लाकर उनका आशीर्वाद प्यार पाता हैं जौ हर कोई व्यक्ति क़ो नहीं मिलता हैं महाँकाल राजा के आशीर्वाद से मै भिक्षा मागने वाले बच्चों क़ो शिक्षा से जोड़नें का कार्य करूंगी व बेहसहारा परिवार क़ो कानूनी मदद दिलाऊँगी जिससे पीड़ित महिलाओ का होशला बढ़ेगा व मुझे मन मे एक अलग ख़ुशी मिलेंगी।

नवनियुक्त सिंगरौली अध्यक्ष ललिता नेहा तिवारी  ने हिंदूवादी गौ जन कल्याण संघ राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन सोलंकी का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि मुझ पर जो विश्वास किया है उस विश्वास पर खरा उतरुंगी एवं संगठन के विस्तार एवं  बेहसहारा परिवार की कानूनी मदद व गौ रक्षा धर्म रक्षा नारी सुरक्षा हेतु सदैव तत्पर रहूंगी मेरा प्रयास मेंरी जिम्मेदारी क़ो मै निस्वार्थ भाव से निभाऊंगी।

निर्मल गगन रुपहला चंदा बिखर गये है घन, शरद पूर्णिमा बिहस रही है, मुग्ध हुआ है मन


महमहाती गीतिकाए 

छन्दबद्ध कविता के कुशल शिल्पी कैलाश नाथ मिश्र जी की भाव भरी और शिल्प सधी गीतिकाओं का संग्रह 'महमहाती गीतिकाएं' हिंदी कविता के लिए एक अप्रतिम अवदान है..... यह कथन प्रख्यात छन्दशास्त्री गीतिका विधा के प्रवर्तक आचार्य ओम नीरव जी ने कहा है तो सच ही कहा होगा।

         व्यवसाय से चिकित्सक डॉ कैलाश नाथ मिश्र जीवन को जीवंत बनाने हेतु आधुनिक काव्य रचना जगत से विलुप्त हो रही सनातनी छंद शास्त्रीय विधा को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है जो कि वर्तमान रचनाकारों के लिए अनुकरणीय उदाहरण है। कविता लोक में डाॅ कैलाश नाथ मिश्र की गीतिकाएं प्रेरणादाई छाप छोड़ने में सक्षम है।

एक गीतिका देखिए 

निर्मल गगन रुपहला चंदा बिखर गये है घन,

शरद पूर्णिमा बिहस रही है, मुग्ध हुआ है मन।

उपवन में चंद्रिका थिरकती हर श्रृंगार खिले,

झिलमिल-झिलमिल छवि विटपों पर, करती है नर्तन।

शीतल छुवन लिए आती है, संध्या नम होकर,

मौसम ने संदेश दिया है, यह ऋतु की सिहरन।

फसलें पकी धान की सुंदर, रंग लगे मनहर,

छिड़क गया हो जैसे कोई, पिघलाया कंचन।

अर्ध निशा में नींद अनमनी, स्वप्न हुए बेघर,

लगा टकटकी नयन विवश हो, ताकें वातायन।

डॉ कैलाश नाथ मिश्र 

संपर्क - 9452702797


             सौजन्य - कवि संगम त्रिपाठी

बढ़ते अपराध के खिलाफ आदमी पार्टी यूथ विंग ने शव यात्रा निकालकर किया विरोध प्रदर्शन

*आप कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार*


सतना

आदमी पार्टी यूथ विंग ने आंबेडकर चौक में प्रदेश में बढ़ते अपराध की स्थिति के खिलाफ  जिलाध्यक्ष हर्ष बागरी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से यूथ विंग के प्रदेश सचिव देवांशू द्विवेदी उपस्थित रहे।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में शामिल हुए युवा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के मुखिया मोहन यादव की शव यात्रा निकालकर उनकी नीतियों और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुये “हमारी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता” और “अपराधियों को सख्त सजा” जैसे नारे लगाए। तभी पुलिस प्रशासन बल पूर्वक गिरफ्तार कर कोलगवा थाना ले गई।

आदमी पार्टी यूथ विंग के प्रदेश सचिव देवांशू द्विवेदी ने इस अवसर पर कहा कि "प्रदेश में बढ़ते अपराध ने आम जनता की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। प्रदेश के मुखिया मोहन यादव की नीतियां नाकाम साबित हुई हैं, और हमें अब सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठानी पड़ रही है। आम आदमी पार्टी सतना यूथ विंग के जिलाध्यक्ष हर्ष बागरी ने कहा कि "हम मांग करते हैं कि सरकार तत्काल प्रभाव से सुरक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।

श्री बागरी ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन सिर्फ एक शुरुआत है। वे आने वाले दिनों में और अधिक सक्रियता के साथ अपराध के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे और सरकार से मांग करेंगे कि वह जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता दे। यूथ विंग के समर्थन में पहुंचे आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ अमित सिंह ने कहा कि "हम यहां आम नागरिकों की सुरक्षा व अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। क्योंकि प्रदेश के हर नागरिक को सुरक्षित रहने का हक है, इसलिए सरकार सबको सुरक्षा प्रदान करे लेकिन सरकार अपनी नाकामी को छुपाने हेतु आवाज उठा रहे कार्यकर्ताओं को बल पूर्वक गिरफ्तार करने पर आमादा रहती है।

*पुलिस ने इन्हें किया गिरफ्तार*

प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ अमित सिंह, जिलाध्यक्ष उपाध्यक्ष सुखेन्द्र सिंह एवं अनुराग सिंह,जिला सचिव अनिल गर्ग,यूथ विंग के प्रदेश सचिव देवांशू द्विवेदी,यूथ विंग के जिलाध्यक्ष हर्ष बागरी,ओ.बी.सी. विंग के जिलाध्यक्ष इंजी.नरेंद्र कनौजिया,युवा नेता राहुल सिंह परिहार, डॉ.मदन कुशवाहा,मेदनी प्रताप सिंह,मनीष प्रताप सतनामी को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान प्रदर्शन में प्रमुख रूप से दीनबंधू सोनी,विकास सिंह, सचिन बाबा ,ऋतिक पटेल,जय तिवारी,शिवम त्रिपाठी,मोनू बागरी उत्कर्ष बागरी ,दीनू पटेल,सहित सैकड़ों की संख्या में युवा उपस्थित रहे।

जनसंपर्क आयुक्त व पोस्ट आफिस के मुखिया पर प्रकरण दर्ज कराने की तैयारी- राधावल्लभ शारदा 

*राज्य व केंद्र सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ*


भोपाल

आई पी सी की धारा 420 ,120 बी सहित अन्य धाराओं में अपराधी शलभ के विकलांगता के आवेदन पर 3 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माना पाने वाले अभी हाईकोर्ट की मेहरबानी से जमानत पर हैं।

420 व्यक्ति ने श्रमजीवी पत्रकार समाचार पत्र का फर्जी आर एन आई प्रमाण पत्र बना कर डाक विभाग से भी 420 की और लगभग 5000 प्रतियों पर डाक टिकट में लाभ लिया छान बीन के बाद प्रकरण की जांच राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने जितनी राशि बताई उतनी वसूल कर ली। क्या जुर्म की सजा किये गये आर्थिक धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज होना चाहिए या नहीं परंतु डाक विभाग के अधिकारियों ने किस लालच में एफआईआर दर्ज नहीं कराई यह तो विभाग के मुखिया ही अच्छी तरह से बता सकते हैं।

दूसरा मामला जनसंपर्क विभाग का है जांच में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने 9 लाख रुपए के विज्ञापन फर्जी दस्तावेज के आधार पर लिए। जनसंपर्क विभाग के संचालक आशुतोष सिंह सहित पूरे विभाग के अधिकारियों को मालूम है कि राशि की वसूली करना है।

राधावल्लभ शारदा द्वारा पत्र लिखे विभाग के अधिकारियों ने उनके द्वारा भेजे गए पत्र के माध्यम से सूचना दी कि विभाग में राधावल्लभ शारदा द्वारा भेजे गए पत्र उपलब्ध नहीं है जबकि सभी दस्तावेज जन सम्पर्क विभाग के जबावदार अधिकारी वाधवा को जाकर दिये। अभी तक इन दोनों मामलों में चुप था क्योंकि बुरा काम करने वाले का बुरा होता है।

जिस तरह कोबरा सांप को कोई छेड़ देता है तो वह उस व्यक्ति को छोड़ता नहीं है, इस 420 धोखे बाज ने मुझे छेड़ा है तो छोड़ूंगा नहीं, एक हाथ कटा हुआ है क्या पत्रकारों को इस पर रिसर्च करना चाहिए।

 दो दिन बाद पुनः सूचना के अधिकार में 9 लाख रुपए की वसूली की जानकारी लूंगा, उसके जबाब के बाद दोनों विभागों के मुखिया के खिलाफ याने जनसंपर्क आयुक्त और पोस्ट आफिस के मुखिया के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण दर्ज करवाया जाना है, क्योंकि यह आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है, मतलब राज्य सरकार और केंद्र सरकार को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया और नुकसान की भरपाई के साथ पुलिस में एफआईआर दर्ज नहीं कराई।

राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद जिला इकाई की बैठक संपन्न, जिला कार्यकारिणी घोषित


कटनी

पत्रकार सुरक्षा परिषद कटनी इकाई की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता हरिशंकर पाराशर मध्य प्रदेश संयोजक जर्नलिस्ट काउंसिल आफ इंडिया की उपस्थिति में संपन्न हुई।

उक्त बैठक में पत्रकार सुरक्षा परिषद जिला इकाई अध्यक्ष श्याम लाल सूर्यवंशी के द्वारा जिला कटनी ईकाई की घोषणा की गई।जिसमें उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह राजपूत, अशोक कुमार मिश्रा, महासचिव नवल किशोर, सचिव मनमोहन नायक, कोषाध्यक्ष प्रवक्ता बंशरूप चौधरी, अजय उपाध्याय संगठन मंत्री एवं सभी वरिष्ठ सदस्य वशरूप चौधरी,  वीरेन्द्र खमरिया , प्रदीप श्रीवास्तव, शैलेंद्र कुमार, संतोष जेठवानी, जगदंबा पाठक, राजेश कुमार जैन अन्य लोगों की उपस्थिति में पदाधिकारियों कार्यकारिणी की घोषणा की गई।

जिसमें संगठन का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों के  हितों के लिए  संघर्ष करना संगठन को विस्तार देना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई ।साथ ही भविष्य में पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर संगठन की भूमिका तैयार करने को लेकर अगली मीटिंग में विस्तार से चर्चा की जाएगी बैठक के उपरांत सभी पत्रकार साथी एकजुट होकर पत्रकार एकता का जिंदाबाद नारा लगाते हुए स्वल्पाहार के साथ बैठक संपन्न हुई।

रश्मि पाण्डेय को मिला हिंदी काव्य रत्न मानद उपाधि सम्मान


जबलपुर

जबलपुर की रश्मि पाण्डेय शुभि को नेपाल के लुंबिनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक महत्व की गौरवशाली हिंदी दिवस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता कार्यक्रम में प्रतिभा बहु क्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल के अध्यक्ष आनंद गिरि मायालु व सचिव चरना कौर द्वारा हिंदी काव्य रत्न  मानक उपाधि से सम्मानित किया गया। 

इस प्रतियोगिता में नेपाल, भारत, अमेरिका, कनाडा, तंजानिया आदि देशों के 6742  रचनाकारों ने भाग लिया, जिसमें 675 प्रतिभाओं को उत्कृष्ट कविता के आधार पर चयन कर सम्मानित किया गया। 

रश्मि पाण्डेय शुभि के देश भर के विभिन्न समाचार पत्र पत्रिकाओं में निरंतर कविता लघु कथा आदि प्रकाशित होती रहती है । कई सांझा संकलन, पुस्तकें  प्रकाशित हो चुकी हैं। साहित्य के क्षेत्र में इन्हें अनेक सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। हम इनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।

गीतकार अनिल भारद्वाज को हिंदी काव्य रत्न मानद उपाधि से किया गया सम्मानित 

*हिंदी राष्ट्रभाषा पर आधारित, विश्व के प्रथम महाकाव्य, हिंदी के आंसू, के रचयिता हैं*


ग्वालियर

हिंदी सेवी साहित्यकार एवं उच्च न्यायालय ग्वालियर के वरिष्ठ अभिभाषक अनिल भारद्वाज को नेपाल के लुम्बिनी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक महत्व की गौरवशाली हिंदी दिवस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता कार्यक्रम में शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल के अध्यक्ष आनंदगिरि मायालु व सचिव चरना कौर द्वारा  हिंदी काव्य रत्न 2024 मानद उपाधि से सम्मानित किया गया l इस प्रतियोगिता में नेपाल, भारत, अमेरिका, कनाडा, तथा तंजानियाँ आदि देशों के 6472 महिला व पुरुष साहित्यकारों ने सहभागिता की l जिनमें से अनिल भारद्वाज को उत्कृष्ट रचना के आधार पर चयन कर सम्मानित किया गया है।

गीतकार अनिल भारद्वाज वरिष्ठ हिंदी सेवी, एवं श्रेष्ठ साहित्यकार होकर  हिंदी राष्ट्रभाषा पर आधारित , विश्व के प्रथम महाकाव्य, हिंदी के आंसू , के रचयिता हैं। आपने विश्व के प्रथम हिंदी माता मंदिर की स्थापना युवा अभिभाषक मंच के माध्यम से ग्वालियर मध्य प्रदेश में कराई। संगीत एवं कला के क्षेत्र में अनिल भारद्वाज चित्रकार, बांसुरी वादक हैं तथा आप ने वायलिन में संगीत प्रभाकर की उपाधि प्राप्त की है तथा वर्तमान में उच्च न्यायालय ग्वालियर में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं।

साहित्य के क्षेत्र में गीतकार अनिल भारद्वाज द्वारा सन् 1970 से निरंतर साहित्य सृजन करते हुए कई साहित्यिक कृतियां,साहित्य जगत को प्रदत्त की गईं, जिनमें गीत संग्रह" बीत गया मधुमास" (पुरस्कृत कृति ), "हिंदी के आंसू " ( हिंदी पर आधारित विश्व का प्रथम महाकाव्य),तथा" हिंदी माता चालीसा "(भक्ति काव्य), आदि प्रकाशित कृतियां उल्लेखनीय हैं।गीतकार अनिल भारद्वाज की रचनाएँ देश भर की विभिन्न पत्र, पत्रिकाओं, समाचार पत्रों एवं साझा संकलनों में निरंतर प्रकाशित हो रही हैं एवं रचनाओं का प्रसारण विभिन्न टी वी चैनलों द्वारा भी किया जाता रहा है l

अनिल भारद्वाज को गणतंत्र के प्रहरी सम्मान 2024,सृजन के सारथी,देश प्रेमी सम्मान,वीर रस सम्मान 2024,,हनुमान जन्मोत्सव पर,श्रेष्ठ रचना सृजन सम्मान 2023,अंतर्राष्ट्रीय कला एवं साहित्य सम्मान 2023,हिंदी दिवस के उपलक्ष में,हिंदी सेवी सम्मान, विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष में गीतकार अनिल भारद्वाज को देश के चुनिंदा 551 हिंदी सेवियों में हिंदी हिंदी दिवस के उपलक्ष में हिंदी सेवी सम्मान,विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष में गीतकार अनिल भारद्वाज को देश के चुनिंदा 551 हिंदी सेवियों में,हिंदी सेवी सम्मान 2023,काव्य कला सेवा संस्थान द्वारा,सृजन श्री सम्मान 2023,काव्य कला सेवा संस्थान द्वारा,सृजन श्री सम्मान,हनुमान जन्मोत्सव पर श्रेष्ठ रचना सृजन सम्मान 2023,अंतर्राष्ट्रीय कला एवं साहित्य सम्मान 2023,वीर रस सम्मान 2024,श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान,गणतंत्र प्रहरी सम्मान,देश प्रेमी सम्मान,2024,श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान,लोकप्रिय साहित्य सम्मान 2023,भंडारी साहित्य शिरोमणि सम्मान 2023,काव्य कौस्तुभ सम्मान 2024,हनुमंत भक्त सम्मान 2024,रविंद्रनाथ टैगोर की जयंती पर, अंतरराष्ट्रीय कला एवं साहित्य सम्मान 2024,अंतरराष्ट्रीय कला एवं साहित्य सम्मान 2024, संत, शिरोमणि तुलसीदास सम्मान 2024 , पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन सम्मान 2014 अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मण मंच द्वारा रार्ष्ट्रीय सम्मान 2024 , विश्व गुरु भारत सम्मान 2024,आदि से सम्मानित किया जा चुका है।

 इस अवसर पर आपकी आवाज के संपादक पंकज करन, उदित भास्कर के संपादक दिलीप पुरोहित,दबंग पब्लिक प्रवक्ता के संपादक आनंद शर्मा,जीरो माइल साप्ताहिक पोर्टल और खबरों में अपना शहर के संपादक आनंद पांडेय, कवि स्पर्श के संपादक श्रीराम राय,श्रम साधना के संपादक महेश तायल फौजी,बेजोड़ रत्न के संपादक कुलदीप अवस्थी, जीवन केसरी के संपादक एस के तिवारी,उच्च न्यायालय संघ ग्वालियर के अध्यक्ष पवन पाठक,अंतर्राष्ट्रीय अभिभाषक मंच के अध्यक्ष विजय सिंह चौहान,एवं हिंदीमाता काव्य धारा मंच भारत के पदाधिकारीगण उमाशंकर द्विवेदी,संजय निगम,अभिभाषक गण,बलदेव पाठक,सहित ग्वालियर की साहित्यक एवं सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के साथ ही संगम त्रिपाठी संस्थापक प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा ने गीतकार अनिल भारद्वाज को हार्दिक बधाई दी है।

गीत सा श्रृंगार, संगीत सा स्वर, भाव मन के जहां बसते हिंदी वह घर, वह राष्ट भाषा हिंदी है



 *मातृभाषा हिंदी भाषा है*


हिमालय के भाल पर सूरज सी जो दमके,

वही मेरी राष्ट्रभाषा हिंदी भाषा है।


सूर तुलसी ने सजाई काव्य गहनों से,

है बहुत सुंदर ये अपनी और बहनों से,

अजंता की मूर्ति सा जिसको तराशा है,

वही मेरी मातृभाषा हिंदी भाषा है।


गीत सा श्रृंगार और संगीत सा स्वर है,

भाव मन के जहां बसते हिंदी वह घर है,

हिंद के होठों पर है जो हृदय की भाषा,

वही मेरी सृजन भाषा हिंदी भाषा है।


शब्द से जो सृष्टि का अभिषेक कर जाए,

जन्म से जो मृत्यु तक संदेश पहुंचाए,

प्रेम का गुंजन करें हर हृदय को जोड़े,

वही मेरी मृदुल भाषा हिंदी भाषा है।


विश्व भर में आज हिंदी जगमगाती है,

मातृभाषा मेरी सारे जग को भाती है।

गुनगुनाते धरती अंबर झूम कर जिसको,

वही मेरी श्रेष्ठ भाषा हिंदी भाषा है।


हिमालय के भाल पर सूरज सी जो दमके,

वही मेरी मातृभाषा हिंदी भाषा है।


*गीतकार -अनिल भारद्वाज एडवोकेट हाईकोर्ट ग्वालियर*

राष्ट्रभाषा बिना संस्कृति संरक्षण कोरी कल्पना - कवि संगम त्रिपाठी 


जबलपुर

         प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी राष्ट्रभाषा अभियान सतत चला रहे हैं और इसी अभियान को ऊर्जा प्रदान करने हेतु 14 सितंबर 2024 को दिल्ली के जंतर मंतर में ऐतिहासिक सभा प्रदर्शित करने जा रहे हैं।

         कवि संगम त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रभाषा बिना संस्कृति को संरक्षित रखना मुश्किल कार्य है। संस्कृत के विलुप्त होते ही हमारे रहन सहन में बदलाव आ गया है जो इस बात को प्रमाणित करता है। 

         दुनिया में हिंदी का परचम लहराने के पहले अपने देश में हिंदी को स्थापित करना मुख्य उद्देश्य हो तभी हम अपनी संस्कृति को समृद्ध बना सकते हैं अन्यथा सारी बातें कोरी कल्पना ही सिद्ध होगी।

प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा ने डॉ मिथिलेश त्रिपाठी को दिया प्रेरणा शिक्षाविद सम्मान


जबलपुर -   प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु सतत कार्य कर रही है हिंदी प्रचार के साथ सभा शिक्षा साहित्य समाज व पत्रकारिता के क्षेत्र में समर्पित मनीषियों को भी सम्मानित भी कर रही है।

           प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा इसी क्रम में शिक्षक दिवस 2024 के शुभ अवसर पर प्रोफेसर (डॉ) मिथिलेश कुमार त्रिपाठी जौनपुर उत्तर प्रदेश को शिक्षाविद् 2024 का सम्मान प्रदान किया है।

          डॉ  मिथिलेश कुमार त्रिपाठी जौनपुर कवि व शिक्षाविद है। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के साथ ही समाज के हर वर्ग के बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित कर उनका मार्गदर्शन करते हैं।

           कवि संगम त्रिपाठी संस्थापक प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा ने कहा कि प्रेरणा समाज में रचनात्मक कार्य कर रहे मनीषियों को सम्मानित करती है जिससे समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सामने आए।

          डॉ मिथिलेश कुमार त्रिपाठी जौनपुर उत्तर प्रदेश को शिक्षाविद् सम्मान मिलने पर डॉ धर्म प्रकाश वाजपेई, डॉ विजय कुमार, डॉ शिवशरण श्रीवास्तव अमल, डॉ हरेन्द्र हर्ष, प्रदीप मिश्र अजनबी, डॉ लाल सिंह किरार, पप्पू सोनी, राजकुमारी रैकवार राज, प्रभा बच्चन श्रीवास्तव,अजय पांडेय, संतोष कुमार पांडेय, गणेश श्रीवास्तव प्यासा जबलपुरी, विश्व भूषण गुप्त, रोहित मिश्रा राष्ट्रवादी आदि ने बधाई दी है।

प्रेरणा हिंदी सभा के दिल्ली आयोजन में पधारेंगे नेपाल से हिंदी के दिग्गज 


जबलपुर

प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा द्बारा आयोजित 14 सितंबर 2024 को जंतर मंतर में ऐतिहासिक सभा व करोलबाग नई दिल्ली के राष्ट्रीय सम्मेलन में नेपाल से डाॅ घनश्याम न्योपाने परिश्रमी कुलपति गंडकी प्रदेश प्रज्ञा प्रतिष्ठान विश्वविद्यालय नेपाल व डॉ देवी पन्थी विराटनगर विश्वविद्यालय नेपाल मुख्य रूप से पधार रहे हैं। दोनों अतिथियों के आगमन  का संयोजन प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के मार्गदर्शक व सचेतक डॉ हरेन्द्र हर्ष बुलंदशहर उत्तर प्रदेश कर रहे हैं।

           प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के प्रेरणा स्त्रोत डाॅ धर्म प्रकाश वाजपेई व महासचिव प्रदीप मिश्र अजनबी दिल्ली सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहे हैं।

       जंतर मंतर व राष्ट्रीय सम्मेलन में मो. अहमद कटिहार बिहार, सरदार अमरसिंह कटिहार बिहार, कादम्बिनी मिश्रा जबलपुर मध्यप्रदेश, विश्व भूषण गुप्त बरौनी बेगूसराय बिहार, आशुकवि के पी एस चौहान इंदौर मध्यप्रदेश, अभिषेक मिश्रा अभि दिल्ली, तरुण तरंग खुर्जा बुलंदशहर उत्तर प्रदेश, माही मुन्तजिर दिल्ली, ललित मोहन जोशी दिल्ली, अंकित सारस्वत दिल्ली शामिल हो रहे है उक्ताशय की जानकारी कवि संगम त्रिपाठी संस्थापक प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा ने दी।

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