छत्तीसगढ़ से जिले के धनगवां में पहुंचे दो हाथियों का समूह चोलना में तोड़ा मकान का दरवाजा


अनूपपुर

विगत 6 जनवरी को रात अनूपपुर वन मंडल के जैतहरी एवं कोतमा वन परिक्षेत्र की सीमा को पार करता हुआ एक हाथी छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन परिक्षेत्र अंतर्गत घुसरिया के जंगल में पहुंचकर घुसरिया में चार दिन पूर्व से रह रहे एक दो दांत वाले बड़े आकार के हाथी से मुलाकात कर विचरण करते हुए बुधवार एवं गुरुवार की मध्य रात छत्तीसगढ़ राज्य के करहनी के जंगल से होता हुआ जैतहरी रेंज के चोलना गांव में पहुंचकर 2 बजे रात अनिल पिता ददनराम केवट के घर का दरवाजा तोड़ते हुए कोतमा वन परिक्षेत्र के पडौंर में मेला के संगम स्थल के पास पहुंचकर सोननदी पार कर वन परिक्षेत्र जैतहरी के कुकुरगोड़ा एवं चोई गांव के मध्य धनगवां बीट के कक्ष क्र. आर एफ 338 के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है इस जंगल में अत्यधिक लेंटाना होने के कारण वर्तमान समय तक दोनों हाथियों के प्रत्यक्ष दर्शन नहीं हो सके हैं किंतु ग्रामीण एवं वन विभाग के मैदानी अमला को हाथियों के विचरण दौरान सोननदी एवं उसके आसपास विचरण पर पड़े पैरों के निशान झाड़ियो को तोड़कर खाते, चलने से हाथियों के आ जाने का आभास हुआ है अनूपपुर वन मंडलाधिकारी एस के प्रजापति ने हाथी प्रभावित क्षेत्र एवं देर रात हाथियों के संभावित विचरण क्षेत्र के ग्रामीणों से सतर्कता बरतते हुये जंगल एवं गांव के मध्य अलग-थलग खेतों में घर बनाकर रह रहे ग्रामीणों को साम को अंधेला होने के पूर्व ही सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करते हुए जैतहरी एवं कोतमा वन परिक्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारियो एवं वन विभाग के मैदानी अमले को सतत निगरानी रखते हुए सतर्कता एवं ग्रामीणों की सुरक्षा करने के निर्देश दिए हैं दोनों हाथियों का समूह देर शाम एवं रात को किस ओर अपना विचरण क्षेत्र बनाएंगे यह देर रात होने पर ही पता चल सकेगा।

बस स्टैंड कोतमा में अराजकता का माहौल व्याप्त,जिम्मेदार स्थानीय प्रशासन मौन

*खड़े रहते हैं सैकड़ों बेपरवाह वाहन, बस स्टैंड में खुले आम होता है जुआ,सट्टा, यात्री प्रतीक्षालय बना मदिरालय*


अनूपपुर

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मंसूबे पर अनूपपुर जिले के अनुविभाग कोतमा के अधिकारी किस तरह से पानी फेर रहे हैं इसका जीता जागता उदाहरण कोतमा के बस स्टैंड केसवाही तिराहा में देखने को मिल रहा है, बस स्टैंड कोतमा अराजकता एवं आसमाजिक तत्वों का जमावड़े का केंद्र बन गया है यहां के बस स्टैंड में सुबह 6 बजे से लेकर अर्धरात्रि तक गांजा,शराब, जुआड़ियो का अड्डा बन गया है। बताया गया है कि बस स्टैंड कोतमा में लगभग 50 से अधिक बसें बेपरवाह खड़ी होती हैं यहां के बस एजेंट आपस में लड़ाई कर एक दूसरे की कॉम्पटीशन में बसों को आगे पीछे एडा़ बेड़ा, खड़ी कराकर यात्रियों के साथ-साथ अन्य आवाजाही करने वाले लोगों को परेशान करते हैं इतना ही नहीं बस स्टैंड कोतमा में ठेला, ऑटो, पिकअप चालक भी बेपरवाह खड़े होकर आवाजाही अवरुद्ध करते हैं। जानकारी मिली है कि बस स्टैंड कोतमा के कई दुकानों में दिन-रात जुआ का कारोबार चल रहा है सूर्य ढलते ही यात्री प्रतीक्षालय में खुले आम लोग शराब पीकर एक दूसरे को गाली गलौज करते रहते हैं। जिसके चलते आमजन का जीना दुर्लभ हो गया है जबकि बस स्टैंड कोतमा के समीप गणेश मंदिर एवं गौरीशंकर मंदिर है इनके हुरदंगबाजी के चलते श्रद्धालु मंदिरों में आना-जाना बंद कर दिए हैं साथ ही  पुराने नगर पालिका परिषद को तोड़कर भवन का निर्माण कराया जा रहा है उस भवन निर्माण के लिए ठेकेदार ने मुख्य मार्ग बंद कर दिया है जिसके चलते अस्पताल, नगर पालिका, बिजली ऑफिस, छात्रावास, विद्यालय के आने जाने वाले हजारों छात्रों एवं अन्य लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर बस स्टैंड में ठेला ऑटो बस की धमा चौकड़ी दूसरी और ठेकेदार ने मुख्य मार्ग में भवन निर्माण का  सामान रखकर रास्ता  बंद कर दिया है। यात्रियों ने बताया कि बस स्टैंड में बने यात्री प्रतीक्षालय में खुले आम शराबियों द्वारा गाली गलौज मारपीट किया जाता है जिसके चलते वहां बैठकर 10 मिनट समय व्यतीत कर लेना मुश्किल हो जाता है इतना ही नहीं भवन निर्माण के ठेकेदार ने मुख्य मार्ग बंद कर दिया है जिसके चलते यात्री सुलभ काम्पलेक्स तक नहीं पहुंच पाते जबकि इस गंभीर विषय की जानकारी नगर पालिका अध्यक्ष अजय शराफ, सीएमओ, नपा उपाध्यक्ष एवं थाना प्रभारी को है फिर भी बस स्टैंड कोतमा पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा ।लोगों ने कलेक्टर आशीष वशिष्ठ,पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह पवार, एसडीएम कोतमा, तहसीलदार कोतमा, एसपी, थाना प्रभारी से मांग किए हैं कि बस स्टैंड कोतमा की व्यवस्था सही तरीके से किया जाए जिसके चलते यात्रियों को हो रही परेशानी से निजात मिल सके।

माइक्रोफाइनेंस कंपनी में शाख बनाने के नाम पर 40 महिलाएं हुई लाखो की ठगी का शिकार

*मोदी के राज में धोखा धडी की घटनाओं में हुए हैं जबरदस्त वृद्धि - जुगुल राठौर*


अनूपपुर

मोदी सरकार देशभर में भारत विकसित संकल्प यात्रा चला रही है , लेकिन आज लोगों के अंदर अविश्वास की भावना बढ़ती जा रही है । कि कब उसे कोई अपना बना कर उसके साथ धोखाधड़ी कर उसको कंगाल बना दे कहा नहीं जा सकता है । 

उक्त आशय की जानकारी सीटू  नेता जुगुल किशोर राठौर ने देते हुए बताया कि अभी हाल ही में ग्राम चोई ग्राम पंचायत पड़रिया के 40 से 50 महिलाओं को माइक्रोफाइनेंस कंपनी में साख बनाए जाने का झांसा देकर गांव के ही निवासी माया राठौर पति पूरनलाल राठौर के द्वारा बैंक में शाख बनाएं जाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी कर फरार हो चुकी है। ठगी के शिकार महिलाओं का कहना है कि माया राठौर 7-8 साल से माइक्रोफाइनेंस कंपनी में साख बनाए जाने के नाम पर 6 से 7 बैंकों में लोन दिलवा कर बैंक के बाहर निकासी की सम्पूर्ण राशि वापस ले लेती थी ।

सीटू नेता ने बताया कि माया देवी राठौर कुछ दिन तक कंपनी को मासिक किस्त स्वयं चुकाती थी । किंतु 8-10 दिन से गांव से फरार हो चुकी है अब माइक्रोफाइनेंस कंपनी के एजेंट धोखा धडी की शिकार पीड़ितों के घर किस्त वसूली के लिए डेरा जमा कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक महिला पर डेढ़ लाख रुपए से लेकर 4 लाख रुपए तक का कर्ज़ है । उन्होंने बताया कि महिला लोगों के पास संकट उत्पन्न हो गया है कि वह अपनी संपूर्ण चल एवं अचल संपत्ति को बेच करके भी इतनी बड़ी कर्ज की राशि का अदायगी कैसे कर पाएगी । महिला लोगों ने यह भी जानकारी दिया कि माया देवी राठौर बैंक से किस्त निकलवाने के बाद जब वापस ले लेती थी जिसकी जानकारी माइक्रोफाइनेंस कंपनी के एजेंट एवं शाखा प्रबंधक को समय-समय पर दिया जाता रहा है । माइक्रो फाइनेंस कंपनी के एजेंट एवं शाखा प्रबंधक के द्वारा यह ढांढस दिया जाता रहा है कि माया देवी राठौर सुचारू रूप से किस्तों का चुकारा कर रही है । तुम्हें डरने की जरूरत नहीं है इससे तुम्हें फायदा ही फायदा है कि माया देवी राठौर संपूर्ण किस्त चुकाएगी और बैंक में तुम्हारी साख बन जाएगी आने वाले दिनों में तुम्हारे बाल बच्चों के शिक्षा एवं शादी विवाह में बड़ी रकम की जरूरत होगी तब बैंक बेहिचक तुम्हें लोन दे देगी । जिससे महिलाएं माइक्रो फाइनेंस बैंक के एजेंट एवं शाखा प्रबंधक के बातों में विश्वास करके आज ठगी की शिकार हो चुकी है ।

सीटू नेता ने पुलिस, जिला प्रशासन और मध्य प्रदेश सरकार से मांग किया है कि इस धोखा धडी में शामिल शाखा प्रबंधक एजेंट एवं माया देवी राठौर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला पंजीबद्ध करते हुए संपूर्ण कर्ज की अदायगी माया देवी राठौर माइक्रोफाइनेंस कंपनी के एजेंट एवं शाखा प्रबंधक से वसूली कर गांव के सीधी-साधी भोली भाली महिलाओं को कर्ज से मुक्ति दिलाई जाए।

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी महिला प्रकोष्ठ के राज्य सचिव चन्दा देवी राठौर ने महिलाओं के साथ हुए स्कैम की घटना पर अफसोस जाहिर करते हुए धोखा धडी में शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा पंजीबद्ध कर महिलाओं के ऊपर लादे गए कर्ज़ माया राठौर एवं माइक्रोफाइनेंस कंपनी के एजेंट एवं शाखा प्रबंधक से वसूली करने की मांग की है।

बैगाओ को कलेक्टर के प्रयास से मिल सकेगी आवागवन की सुविधा, अधिकारियों ने किया स्थल का निरीक्षण


अनूपपुर

जिला मुख्यालय अनूपपुर से 12 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत लखनपुर के बैगा बाहुल्य पचरीपानी टोला में बैगा समाज के ग्रामीण जो लगभग 80 वर्ष पूर्व से चारों ओर से घिरे वनक्षेत्र में रहकर जीवन यापन कर रहे हैं के यहां तक पहुंचने के लिए वर्तमान समय तक पक्का मार्ग एवं नाला में पुल न होने के कारण वर्षा काल एवं कई वर्षों से असमय हो रही अत्यधिक वर्षा के चलते आवागवन नहीं कर पा रहे हैं इस गांव में कई वर्षों से संचालित प्राथमिक विद्यालय के साथ मार्ग न होने के कारण वर्षाकाल में भी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था एक वर्ष के मध्य दो बार उल्टी दस्त, हैजा के फैलने पर मरीजों को लाने के लिए बड़े मुश्किल से गांव के पास तक एम्बुलेंस जा सकी थी। वही बैगा समाज के कुछ बच्चे जो पड़ोस के गांव लखनपुर,अगरियानार के साथ अनूपपुर में अध्यापन करने वर्षाकाल दौरान पैदल नहीं जा पाते रहे हैं इस संबंध में लगभग तीन पंचवर्षीय कार्यकाल के सरपंच गणों, ग्रामीणों द्वारा निरंतर 20 वर्षों से लखनपुर से पचरीपानी तक पांच किलोमीटर लम्बे मार्ग का निर्माण एवं मार्ग के मध्य पड़ रहे दो नाले में पुल के निर्माण की मांग जिला प्रशासन,जिले के जनप्रतिनिधियों से करते चले आ रहे हैं वनक्षेत्र के मध्य बसे इस गांव में सरकार की तमाम योजनाओं के बाद भी वनविभाग एवं पंचायत विभाग के आपसी सामंजस्य ना होने के कारण लंबित पड़ा है जिसको देखते हुए जनप्रतिनिधियों के पत्राचार के साथ विगत दिनों अनूपपुर जिला मुख्यालय के वन्यजीव संरक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल ने पचरीपानी की इस महत्वपूर्ण समस्या से अवगत होते हुये समाचारों के प्रकाशन के साथ अनूपपुर कलेक्टर आशीष वशिष्ठ को स्थिति से अवगत कराते हुए वनविभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग के मध्य समन्वय बनाकर मार्ग का सर्वेक्षण कराते हुए मार्ग निर्माण की चर्चा कर दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने पर कलेक्टर आशीष वशिष्ठ द्वारा समस्या को गंभीरता से लेते हुए निराकरण किये जाने हेतु अपने टाईम लिमिट कार्यक्रम में सम्मिलित कर सप्ताह में प्रत्येक सोमवार को समीक्षा करना प्रारंभ किया जिस पर कलेक्टर के निर्देशानुसार अनुसार अनूपपुर के प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी वन अनूपपुर बादशाह रावत,जनपद पंचायत जैतहरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी एम मिश्रा ग्राम पंचायत लखनपुर सरपंच रामकुमार कोल, सचिव रामलली पटेल एवं ग्रामीणों के साथ वनक्षेत्र का भ्रमण कर निरीक्षण करते हुए शीघ्र अग्रिम कार्यवाही का आश्वासन दिया इसके बाद बैगा बाहुल्य पचरीपानी के बैगाऔ को जल्द ही आवागमन की सुविधा मार्ग के निर्माण पर मिल पाने की संभावना बन गई है।

खनिजों के अवैध उत्‍खनन, परिवहन तथा भण्‍डारण में संलिप्‍त व्‍यक्तियों के विरूद्ध हुई कार्यवाही 


अनूपपुर 

खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण पर प्रभावी रोकथाम हेतु कलेक्टर आशीष वशिष्‍ठ के निर्देशन में खनिज विभाग द्वारा 15 दिसम्‍बर 2023 से 08 जनवरी 2024 तक आकस्मिक क्षेत्र भ्रमण कर वाहनों की नियमित चेकिंग कर अनियमितता पाये जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की गई। इस अवधि में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण में खनिज रेत के 13 प्रकरण, बोल्डर के 05 प्रकरण एवं गिटटी के 07 प्रकरण कुल 25 प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार 10 लाख 450 रूपये अर्थदण्ड प्रस्तावित किया गया है। अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्रकरण तैयार किया जाकर प्रकरण निराकरण हेतु न्यायालय कलेक्टर अनूपपुर में प्रस्तुत किया गया है। उक्‍ताशय की जानकारी जिला खनि अधिकारी अनूपपुर ने दी है।

गांव में तेंदुआ ने किया बकरी का शिकार, एक माह में कई पालतू मवेशियों को बनाया शिकार, ग्रामीण दहशत में


अनूपपुर

जिला मुख्यालय अनूपपुर के नजदीक बरबसपुर गांव से लगे जंगल में विगत एक माह से हिंसक वन्यप्राणी तेंदुआ निरंतर विचरण कर रहा है जो एक माह के मध्य अनेकों पालतू मवेशियों को अपना शिकार बन चुका है शिकार किए गए कई बकरा-बकरियों का शव पशु मालिकों को प्राप्त न होने से वन विभाग द्वारा पशुहानि प्रकरण नहीं बना सके जबकि 30 दिसंबर को एक चार वर्ष के नाटा को जो अन्य मवेशियों के साथ चर रहा था को अचानक हमला कर घसीट कर जंगल के अंदर ले जाकर एक पेड़ में टांग दिया था। वही 09 जनवरी की शाम बरबसपुर गांव के वार्ड नंबर 02 निवासी राममिलन पिता स्व. छोटेलाल महरा जो अपने 15-20 मवेशियों जिसमे गाय-बैल के साथ बकरा-बकरी पड़ोसी दउआ राठौर के साथ फुटहाबांध के पास जगतसिंह के बगार भूमि में चरा रहे थे तभी अचानक लेन्टाना की झाड़ियो में घात लगाए बैठे तेंदुआ ने राममिलन के एक एक वर्ष उम्र की बकरी को पकडकर -झपटकर गर्दन में काट दिया हल्ला करने पर तेंदुआ बकरी को तड़पता छोड़ जंगल की अंदर चला गया घायल बकरी को पशुमालिक उपचार करने के लिए घर लाता तभी रास्ते में बकरी की मौत हो जाने पर देर शाम वन विभाग के वनरक्षक एवं पशु चिकित्सक को अवगत कराये जाने पर पंचनामा एवं पी,एम,की कार्रवाही की गई तेंदुआ आज भी बरबसपुर गांव से लगे जंगल में विचरण कर रहा है जिससे ग्रामीणों में दहशत की स्थिति निर्मित है यह तेंदुआ ग्रामीण चरवाहों को दौडाने एवं डराने का प्रयास भी करता है,ग्रामीण जन अपने पालतू मवेशियों को जंगल के किनारे ले जाकर चरा भी नहीं पा रहे हैं।

नर्मदा एक्सप्रेस को बेवजह रेलवे ने 10 से पहले ही कर दिया  निरस्त, यात्री परेशान 


                 

अनूपपुर 

लंबी दूरी की ट्रेन एवं राजधानी, महाकाल एवं मिनी मुंबई इंदौर जाने के लिए पूरे क्षेत्र की लाइफ लाइन कहे जाने वाली 18234/18233 बिलासपुर-इंदौर- बिलासपुर ट्रेन को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर ने 8 जनवरी 2023 से ही निरस्त कर दिया। जबकि अन्य ट्रेन 10 से 16 तक निरस्त होनी है। बताया गया कि अनूपपुर जंक्शन स्टेशन पर एनआई वर्क चलने के कारण कई ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है। लेकिन बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर को 8 तारीख को निरस्त कर इंदौर नहीं भेजा गया। जबकि उसका खाली रैक 9 तारीख को तीन नंबर प्लेटफार्म पर खड़ा देखा गया। एवं उसके बाद उसे अंबिकापुर या चिरमिरी लाइन के लिए खाली रैक को रवाना कर दिया गया।

जबकि यह ट्रेन एक चक्कर इंदौर तक जा सकती थी। लेकिन रेलवे ने एडवांस में ही उस ट्रेन को बंद कर दिया। जबकि काफी संख्या में यात्री उस ट्रेन से सफर करते हैं। यात्रियों का कहना है कि एनआई वर्क अनूपपुर में चल रहा है तो शहडोल से ट्रेन को इंदौर तक रवाना किया जा सकता था।लेकिन रेलवे प्रारंभिक स्टेशन से अंतिम स्टेशन तक पूरी तरह ट्रेन को निरस्त कर देती है। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

कोचिंग रैक से बैटरी तांबा तार चोरी, कबाड़ी के दुकान में छापा सामान सहित 5 आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

8 जनवरी को हरद रेलवे स्टेशन पर स्टेबल कोचिंग रैक में हुई बैटरी और तांबा तार चोरी होने की सूचनापर अपराध 02/24 दिनांक 03.01.24 RP(up) एक्ट में कुल 5 आरोपियों की गिरफ्तारी एवं चोरीत संपति बरामद करने में अनूपपुर रेल सुरक्षा बल की विशेष टीम ने पोस्ट प्रभारी निरीक्षक की सक्रियता से बरामद करने में अहम कामयाबी हासिल की है।

अनुपपूर आरपीएफ मुखबिर की सूचना के आधार पर जैतहरी के वार्ड नं. 07 जैन मंदिर के पास निवासरत अब्दूल रसूल वल्द-मो0 शमी के निवास पर पहुंचे जहां उससे पूछताछ में बताया कि, हरद रेलवे स्टेशन में खड़ी रेलवे कोच से चोरी में उसका भाई ईलाही व इलाही के मित्र शामिल है। आरोपी का लोकेशन कटनी में बड़गांव का होना पाया गया। रसूल को लेकर पूरी टीम के साथ बड़गांव के लिए रवाना हुए। जहां ईलाही खान वल्द-मो0शमी, उम्र-31वर्ष, निवासी-मेन मार्केट जैतहरी, जिला-अनुपपूर (म.प्र.) मिला और अपना अपराध स्वीकार किया। ईलाही खान से पूछताछ में उसने अपने साथियों राहुल सोनी, रोहित बसोड़, सन्नी सिंह व अन्य के साथ मिलकर हरद रेलवे स्टेशन पर खड़ी रेलवे कोचो से बैटरी व तांबा तार का केबल चुराकर जबलपुर स्थित कबाड़ी को बेचना स्वीकार किया।  जबलपुर स्थित ए.एन. ट्रेडर्स नामक कबाड़ दुकान पर पुलिस से समन्वय कर दबिश दी गई। रेलवे संपत्ति खरीदने वाले नौषाद खान वल्द-सलीम, उम्र-40 वर्ष, निवासी-मकान नं. 506 नदी मोहल्ला इंदराना, तहसील-मंझौली, थाना-मंझौली, जिला-जबलपुर (म.प्र.) की पहचान की गई। आगे पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि, उसने ही रेलवे संपत्ति (बैटरी व तांबा तार) ईलाही खान से खरीदी है व उसे डिस्पोज करने जा रहा था। रास्ते में सूचना प्राप्त हुई कि, पिकअप का ड्राईवर घर पर है अतः दबिश देने हेतु कोतमा रवाना होकर दिनांक 08 जनवरी 2024 को कोतमा पहूंचे व पिकअप ड्राईवर के निवास पर दबीश दी गई जहां दिलीप वंसकार, पिता रामलाल बंसोड़, उम्र-29 वर्ष, निवासी-वार्ड नं. 07 बनिया टोला, थाना-कोतमा, जिला-अनुपपूर (म.प्र.) मिला। आगे पूछताछ में उसने अब्दुल रसुल व उसके भाई ईलाही खान को पहचाना तथा अब्दुल रसूल तथा ईलाही खान ने भी उसे पहचाना। मौके पर पहचान पंचनामा तैयार किया व दिलीप बंसकार ने भी चोरित संपत्ति को ढोने व अपराध में सहभागिता देने का अपराध स्वीकार किया । अब्दुल रसुल के भी अपराध में संलिप्त होने की पुष्टि होने पर अब्दुल रसूल का स्वीकारोक्ती कथन दर्ज किया गया व दिलीप वसंकार ने बताया की चोरी में ईलाही का साला मो0 अब्दुल उर्फ अफजल भी शामिल था। मौके पर दस्तावेजी कार्यवाही कर पहले घटना स्थल का शिनाख्त कर पंचनामा तैयार किया गया व दिलीप वंसकार की निशानदेही पर मो. अब्दुल उर्फ अफजल के निवास पर दबिश दी गयी और पकड़ कथन दर्ज किया गया। मामले में अभी भी 3 नामजद आरोपियों की धरपकड़ और पिक अप को पकड़ना शेष है।

पटवारी पर रिश्वत मांगने, बैंक प्रबंधक द्वारा गलत आहरण, दबंगो का भूमि पर कब्जा, कलेक्टर से हुई शिकायत


अनूपपुर

ग्राम सकरिया की भूमि का नक्सा, तर्मीम, सीमांकन व नामांत्रण के नाम पर सकरिया पटवारी द्वारा 30 हजार रिश्वत की मांग किए जाने की शिकायत पुरानी बस्ती निवासी कुन्नू गड़ारी पुत्र चिड्डा गड़ारी ने करते बताया कि उसकी भूमि का नक्सा, तर्मीम किए जाने का ओदश 23 सितम्बर 2017 को पारित हुआ था, जिसे पटवारी द्वारा आज दिनांक तक कम्प्यूटर में नहीं चढ़ाया गया और पूछने पर रूपयों की मांग की जाती है, ग्राम सकरिया की भूमि का सीमांकन आदि 17 फरवरी 2021 को लगा था, जिसका सीमांकन पटवारी द्वारा आज तक नही किया गया तथा रूपये नही देने पर सीमांकन करने से मना कर दिया गया। इतना ही नही 14 अप्रैल 2022 को न्यायालय के आदेश पर अपने जमीन का विभाजन कर अपने नाती को दिए जाने के आदेश की कॉपी लेकर नामांत्रण दर्ज करवाने पटवारी के पास जाने पर टालमटोल करते हुए फिर से रूपयों की मांग की गई। जिस पर प्रार्थी ने सकरिया पटवारी पर कार्यवाही किए जाने की मांग की गई है। 9 जनवरी मंगलवार को संयुक्त कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान आवेदक ने संयुक्त कलेक्टर दिलीप पांडेय को बताई। जनसुनवाई में जिले भर से 80 आवेदकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर पहुंचे आवेदकों की समस्याएं सुनते हुए उनके समुचित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

तहसील अनूपपुर के ग्राम कांसा निवासी गोविन्द प्रसाद पटेल ने शासकीय हाईस्कूल कांसा में भृत्य के पद पर भर्ती किए जाने, तहसील अनूपपुर के ग्राम पयारी नं. 1 निवासी रुकमणी प्रजापति ने अति गरीबी का राशन कार्ड बनवाए जाने, विकासखंड जैतहरी के ग्राम कोलमी निवासी दुर्गा प्रसाद काछी ने जल जीवन मिषन अंतर्गत नल-जल योजना में लापरवाही बरते जाने, वार्ड नं. 5 जैतहरी निवासी तिजिया बाई प्रजापति ने पट्टे की भूमि पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा किए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किए।

ग्राम मेड़ियारास निवासी नरेन्द्र पटेल ने म.प्र. ग्रामीण बैंक शाखा मेड़ियारास के शाखा प्रबंधक पर मनमाने तरीके से आहरण किए जाने की शिकायत दर्ज करवाई। जहां उसने बताया कि 81 वर्षीय नानबाई पटेल का खाता म.प्र. ग्रामीण बैंक शाखा मेड़ियारास में है। जिस पर उसके खाते में जमा राशि का आहरण करने पर शाखा प्रबंधक द्वारा अनावश्यक परेशान किया जाता है। खाता में पर्याप्त पैसा होने के बाद भी शाखा प्रबंधक द्वारा मनमाने तरीके से राशि का आहरण करवाया गया, जहां राशि पर्याप्त नही होने प्रार्थिया अपना इलाज समय पर नही करा सकी। आये दिन शाखा प्रबंधक अपनी मनमानी करते हुए शाखा में नगद राशि नही होने की बात कहते हुए प्रार्थिया को परेशान करने बैंक के चक्कर कटवा रहा है। जिस पर शाखा प्रबंधक द्वारा अनावश्यक परेशान किये जाने पर कार्यवाही की मांग की गई है।

रेलवे मजदूर कांग्रेस ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर की एक दिन की भूख हड़ताल


अनूपपुर

पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर कांग्रेस शाखा अनूपपुर ने रेलवे स्टेशन अनूपपुर के सामने एक दिवसीय भूख हड़ताल कर केंद्र सरकार से पूरी करने की मांग की हैं। 6 घंटे की भूख हड़ताल सुबह 10 से 3 बजे तक रहीं। भूख हड़ताल को स्थानिय रेल कर्मचारी एवं शाखा के पदाधिकारी ने अपना नैतिक समर्थन दिया।

रेलवे मजदूर कांग्रेस शाखा अनूपपुर के शाखा सचिव रामदास राठौर ने बताया नई पेंशन योजना जो वर्तमान में चल रही हैं उसे हटाकर, पुरानी पेंशन को बहाल करने की मांग को लेकर मंगलवार को एनएफआईआर नई दिल्ली, राष्ट्रीय अध्यक्ष गुमान सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री डॉक्टर एम. राघवैया के आह्वान, रेलवे मजदूर कांग्रेस बिलासपुर जोन के अध्यक्ष तपन चटर्जी के निर्देश, मंडल समन्वय बिलासपुर बी कृष्ण कुमार एवं लक्ष्मण राव के मार्गदर्शन में बिलासपुर, अनूपपुर एवं मनेंद्रगढ़ में एक दिवसीय भूख हड़ताल आयोजित किया गया। 10 जनवरी को शहडोल, उमरिया, पेंड्रारोड, रायगढ़ में पुरानी पेंशन को बहाल करने के समर्थन में भूख हड़ताल किया जाएगा।

रेलवे मजदूर कांग्रेस इस भूख हड़ताल के माध्यम से नई पेंशन स्कीम वापस लेने और पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने के लिए एनएफआईआर के निर्देश पूरे देश में 8 से 11 जनवरी तक भूख हड़ताल धरना प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से तत्काल पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग कर रही है। जहां भारतीय रेल कर्मचारियों का समर्थन मिल रहा हैं। इस दौरान अनूपपुर के रेल कर्मचारी पदाधिकारी ने अपना नैतिक समर्थन दिया। शाखा सचिव रामदास राठौर, कोषाध्यक्ष जयंतो दास गुप्ता, कार्यकारी अध्यक्ष विवेक कुमार राय, उपाध्यक्ष सदाशिव पांडे, सहायक सचिव संजीव राव, सक्रिय कार्यकर्ता एस.सी. कोरी, रामबली, अशोक कुमार, राकेश कोल, के.वी.आर. मूर्ति, थान सिंह, मदन दत्ता, मौमिता मजूमदार, नेहा गुर्जर, अंकित कुमार, पंचम सिंह, पप्पू कुमार सहित अन्य शामिल रहें।

कोल विकास प्राधिकरण अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने किया विद्यालयों का निरीक्षण

*कई वर्षों से संलग्न शिक्षकों को वापस किए जाने हेतु कलेक्टर को लिखा पत्र*


अनूपपुर

मध्यप्रदेश कोल जनजाति प्राधिकरण अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत लखनपुर के पचरीपानी,लखनपुर एवं अगरियानार में संचालित प्राथमिक,माध्यमिक विद्यालय विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्दो का भ्रमण कर निरीक्षण करते हुए अध्यनरत छात्र-छात्राओं से अध्यापन कार्य के संबंध में बातचीत करते हुए बच्चों को पूरे लगन से अध्यापन कार्य करने की बात कही इस दौरान ग्राम पंचायत लखनपुर सरपंच रामकुमार कोल द्वारा पाथमिक विद्यालय लखनपुर में पदस्थ गंगा प्रसाद रौतेल एवं धर्मेंद्र प्रसाद शाक्यवार,माध्यमिक विद्यालय अगरियानार में पदस्थ विज्ञान शिक्षक राजकुमार सिंह के विगत कई वर्षों से जिला मुख्यालय अनूपपुर स्थित एसडीएम एवं कलेक्टर कार्यालय में सलंग्न होने के कारण विषय विशेषज्ञ विज्ञान संकाय के शिक्षक के अभाव में दोनों स्थानों के छात्र -छात्राओं को गणित,विज्ञान जैसे विषयों का गहन तौर पर अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है तथा प्राथमिक विद्यालय लखनपुर में पदस्थ गंगा प्रसाद रौतेल जो विगत 8 वर्ष से अधिक समय से एसडीएम कार्यालय अनूपपुर में सलंग्न होने के कारण प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं की संख्या को देखते हुए शिक्षकों की कमी होने माध्यमिक विद्यालय लखनपुर एवं प्राथमिक विद्यालय अगरियानार के एक-एक शिक्षक निरन्तर बीएलओ का कार्य देखने के कारण अध्यापन कार्य प्रभावित होने पर श्री रौतेल से वर्षों से संलग्न शिक्षकों का  सलंग्नीकरण समाप्त करते हुए मूल पद स्थापना स्थल पर वापस भेजे जाने की मांग की है सरपंच ने बताया कि पूर्व में भी जिला प्रशासन को पत्र लेख कर शिक्षकों को वापस किए जाने की अपेक्षा की गई किंतु वर्तमान समय तक संलग्न शिक्षक वापस नहीं आ सके हैं स्थिति की गंभीरता को देखते हुए श्री रौतेल ने अनूपपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर संलग्नीकरण समाप्त करते हुए शिक्षकों को विद्यालय में वापस किए जाने की बात कही है।

जहरीला पदार्थ सेवन से उपचार दौरान युवती की मौत, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर

जिला अस्पताल में मंगलवार की सुबह जहरीला पदार्थ खाने से गंभीर 20 वर्षीय युवती की गंभीर स्थिति मे उपचार दौरान मौत हो गई जिसकी सूचना पर अस्पताल पुलिस द्वारा परिजनों की उपस्थिति में मृतिका के शव का पंचनामा,पीएम की कार्यवाही की गई। घटना के संबंध में बताया गया कि मृतिका माया सिंह पिता साम्हारु सिंह 20 वर्ष ग्राम खम्हरिया के वकानटोला की निवासी है जो मंगलवार की सुबह अपनी मां को भाई के फोन से बात कर पेट दर्द करने की बात कही जिस पर मां के पहुंचने पर माया की तबीयत अत्यधिक खराब होने से उसे जिला अस्पताल अनूपपुर लाकर भर्ती करते हुए ड्यूटी डॉक्टर द्वारा उपचार प्रारंभ किया इसी दौरान युवती की मौत हो गई घटना की सूचना पर अस्पताल पुलिस द्वारा परिजनों की उपस्थिति में पंचनामा,पी,एम,की कार्रवाही करते हुए शव के अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप कर प्रारंभिक जांच बाद अग्रिम विवेचना हेतु चचाई थाना को मामले की डायरी भेजी है।

शासकीय हाई स्कूल बेलिया बड़ी व स्वास्थ्य केंद्र परिसर अतिक्रमण के चपेट में

*बाहुबलियों द्वारा घर बनाकर कर लिया हैं कब्जा, प्रशासन नही करा पा रही है खाली*


अनूपपुर

अनूपपुर जिले के तहसील कोतमा के स्थानीय प्रशासन एसडीम, तहसीलदार, पटवारी, ग्राम पंचायत सरपंच, एवं सचिव के सह पर बेलिया बड़ी के शासकीय आराजी में दबंगों द्वारा घर बनाकर आतिक्रमण कर लिया गया है। ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी विकास के नाम पर आंसू बहा रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक यहां पर विगत कई वर्षों से शासकीय हाई स्कूल संचालित है। परंतु अध्यापक, छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए जगह भी नहीं है। साथ ही दर्जनों गांव के बीच इसी परिसर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलिया बड़ी भी संचालित है। जहां मरीजों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ता है। हाई स्कूल एवं अस्पताल परिसर की शासकीय भूमि में गांव के बाहुबली, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं सत्ता में बैठे लोगों द्वारा शासकीय भूमि को अतिक्रमण किया गया है। जिसके चलते विद्यालय परिसर का विकास पूर्णतः अवरुद्ध है। इतना ही नहीं विद्यालय के चारों ओर बाउंड्री वॉल, पेयजल, साफ सफाई की दिकत बनी रहती है। कारण की गांव के ग्राम पंचायत बलिया बड़ी के खसरा नंबर 597 रकवा 3.17 एकड़ भूमि मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज है उक्त भूमि पर शा हाई स्कूल,हॉस्पिटल ,पी डी एस गोदाम ,पशु चिकित्सा, बना हुआ है शेष भूमि पर ग्राम के बाहुबलियो द्वारा जनप्रतिनिधियों एवं रावस्व के सह पर अतिक्रमण कर के बड़ी बड़ी इमारत खड़े कर लिए गए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार व जनचर्चा हैं कि शिव नारायण, राम निरंजन, विजय, गीता एवं राजू द्वारा घर और बाड़ी बना कर शासकीय भूमि को कब्जा कर लिया गया जिसे अतिक्रमण मुक्त कराया जाना अति आवश्यक है। कई बार जमीन की नाप हो चुकी है मगर प्रशासन दबंगो से जमीन खाली नहीं करा पा रही है। ऐसा लगता है कि प्रशासन से ज्यादा पहुँच बाहुबलियों के पास है। जमीन खालीं न होने के कारण विद्यालय का विकास पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। कई बार ग्रामीणों ने प्रशासन से कब्जे वाली भूमि सही नाप करवाकर खाली कराने की शिकायत की जा चुकी है। मगर प्रशासन कुछ नही कर पा रहा है। एक बार फिर ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की हैं कि शासकीय भूमि से कब्ज हटाया जाए। विद्यालय परिसर में विगत 30 वर्ष पूर्व में एक अतिरिक्त कक्ष बना था जो अचानक कुछ दिन पूर्व में अपने आप ध्वस्त हो गया है। बताया गया है कि इस भवन को गिराए जाने के लिए विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य धनीराम अहिरवार द्वारा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार पत्राचार किया गया। 9 जनवरी 2023 को तहसीलदार पुलिस के साथ मौके में जाकर स्थल का निरीक्षण किया।

पूरे मामले कि निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

*तहसीलदार कोतमा ईश्वर प्रधान*

3.7 लाख के सोना चांदी के जेवरात चुराने वाले 10 हजार इनामी चोर गिरफ्तार


अनूपपुर

अनूपपुर जिले के कोतमा थाना क्षेत्र में पुलिस ने चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने 3 लाख 79 हजार 100 रुपए के सोने-चांदी के जेवरात की चोरी का खुलासा किया है। आरोपी को गिरफ्तार करते हुए उसे जेल भेज दिया गया है। 12 अक्टूबर 2023 को कोतमा के ऋषि कुमार नामदेव पिता हेमकुमार नामदेव ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा था कि अज्ञात चोर घर के अंदर घुसकर कर आलमारी में रखे सोने, चांदी के जेवरात, मोबाइल और लाखों रुपए चोरी कर ले गए हैं। पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह पवार ने चोरों पर 10 हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मामले के आरोपी कैशर अली पिता सहामत बक्श उम्र 44 वर्ष निवासी वार्ड नं. 08 इस्लामगंज कोतमा को गिरफ्तार किया। 4 सोने के मंगलसूत्र (हार), 2 जोड़ी झुमका, 1 सोने की नथिया, 1 बिंदी, 2 सोने की अंगूठी, 2 सोने की कील, 2 सोने के कंगन, 4 जोड़ी चांदी के पायल, 12 चांदी की बिछिया, 10 चांदी की चूड़ी, 1 जोड़ी चांदी के हाथपोस, 3 जोड़ी चांदी के करधन (बैरा), 2 मोबाइल बरामद किए गए। जिसकी कीमती लगभग 3 लाख 79 हजार 100 रुपए बताई गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

श्रीराम जी के प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने कार सेवक मन्नू लाल पैदल अयोध्या हुए रवाना


अनूपपुर

मां नर्मदा जी के परम भक्त कार सेवक मन्नूलाल सेन मर्यादा पुरुषोत्तम राजा राम सरकार के दिनांक 22 जनवरी 2024 को होने जा रहे प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए। अनूपपुर से अध्योध्या के लिये रवाना हो गये। मन्नूलाल अनूपपुर स्थित इंदिरा तिराहा में राजा राम सरकार जी का जयकारा लगाते हुये रवाना हुये । स्थानीय निवासियों ने उनकी यात्रा को भव्य बनाते हुये पटाखा फोड़कर एवं बैण्ड बजाकर रवाना किया । उनकी यात्रा के रवाना के समय अनूपपुर के निवासी पं शिवनारायण चतुर्वेदी जी ने तिलक लगाकर एवं सेवानिवृत्त ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी प्रकाश चंद्र मिश्रा ने माला पहनाकर उनको रवाना किया। कार्यक्रम में एडवोकेट अजय सिंह, संजीव द्विवेदी, रामनारायण पटेल,आशुतोष त्रिपाठी, वासुदेव गौतम, अजय शर्मा, बृजमोहन गुप्ता, शैलेन्द्र गुप्ता, विद्यानंद शुक्ला, संतोष मिश्रा-एपीसी सर्व शिक्षा अभियान अनूपपुर, आदर्श शर्मा, आशीष त्रिपाठी आदि लोगो ने रवाना किया । श्री सेन अनूपपुर से शहडोल, चचाई, बुढ़ार होते हुये शहडोल, से जयसिंहनगर, ब्यौहारी, रीवा, मनगवां,कटरा, चाकघाट, प्रयागराज, प्रतापगढ़ होते हुये अयोध्या पहुंचेगे। श्री सेन ने प्रतिदिन 40 किमी. पैदल चलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लोगो ने श्री सेन की निर्विघ्न यात्रा संपन्न करने हेतु भगवान श्रीराम से प्रार्थना की है।

पुलिस झूठी जानकारी देकर कर रही है गुमराह, शासन की कल्याणकारी योजना को लग रहा है पलीता

*अपराध बेलगाम, पुलिस नही लगा पा रही हैं लगाम, टीआई के कार्यशैली पर उठ रहे है सवाल*


अनूपपुर

अनूपपुर जिले की सबसे चर्चित थाना बिजुरी जो हमेशा किसी न किसी मामले में सुर्खियों में रहता हैं। कई बार थाना प्रभारी के ऊपर कई बार गंभीर आरोप लग चुके है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री की सबसे कल्याणकारी योजना सीएम हेल्पलाइन में भी झूठी जानकारी देकर प्रशासन को गुमराह करने में लगी हुई है, अभी कुछ दिनों पहले रेत माफियाओं का पुलिस व रेत माफिया के साथ साठ गांठ का वायरल हुआ ऑडियो जो नगर के साथ-साथ पूरे जिले व संभाग में चर्चा का विषय बना हुआ था व बना हुआ है, इसके पहले थाना प्रभारी पर मोबाइल पर गाली देने का भी एक ऑडियो वायरल हुआ था। जिसके बाद थाना प्रभारी की छवि खराब होने के साथ किरकिरी भी हुई थी। इस तरह के आरोप से बिजुरी पुलिस प्रशासन के निष्पक्षता पर कई सवाल खड़े कर रहा है, बिजुरी पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली से परेशान व त्रस्त होकर इधर आम जनमानस द्वारा सीएम हेल्पलाइन का सहारा लेकर न्याय की उम्मीद की गई, मगर भ्रष्टाचार में लिप्त बिजुरी पुलिस द्वारा सीएम हेल्पलाइन में भी झूठी जानकारी देकर प्रशासन को ही दिगभ्रमित करने लगी, जिससे लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति काफी आक्रोश पनप रहा है, शिकायत कर्ता ने बताया कि मेरे द्वारा शिकायत पर कार्यवाही ना किए जाने से बिजुरी थाने के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की गई थी मगर बिजुरी थाने द्वारा उस शिकायत में मेरे से संपर्क न कर उल्टा प्रशासन को झूठी जानकारी देकर प्रशासन को ही दिग्भ्रमित करने में लगा हुआ है, जिससे मध्य प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना सीएम हेल्पलाइन से भी लोगों की न्याय की उम्मीद में पानी फिरता नजर आ रहा है, बिजुरी थान में इस प्रकार से कई सीएम हेल्पलाइन शिकायतों में झूठी जानकारी देकर आम जनमानस में सीएम हेल्पलाइन के प्रति भी न्याय की उम्मीद को कम करता जा रहा है, प्रदेश सरकार को चाहिए कि सीएम हेल्पलाइन जैसे शिकायतों के प्रति लापरवाही बरतने वाले ऐसे अधिकारियों को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए| जिससे लोगों में सीएम हेल्पलाइन के प्रति जो उम्मीद थी वह कायम रह सके।

बिजुरी थाना अंतर्गत इस समय अवैध काम जोरो पर फल फूल रहा है। इस क्षेत्र में अपराध का ग्राफ धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। शराब, जुआँ, सट्टा, कबाड़ के अलावा चोरी की घटनाए प्रतिदिन बढ़ रही हैं जिसमे बिजुरी थाना की पुलिस अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही हैं। दिन दहाड़े जुआँ सट्टा जैसे अवैध कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। पुलिस से ज्यादा अपराधी हाईटेक हो गए हैं। पुलिस की नाकामी अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। थाना प्रभारी हाथ में हाथ धरकर बैठे हैं। थाना प्रभारी के कार्यकाल में सैकड़ो चोरियां हुई होंगी, जिसमे कुछ चोरियों के अलावा आज तक कोई खुलासा नही हो सका है। पुलिस की इस कार्यशैली से देशभक्ति जनसेवा का नारा साफ नजर आ रही हैं। जनचर्चा हैं कि वर्तमान समय में टीआई राजेश उइके के कार्यकाल में अपराध की संख्या में बहुत बढ़ोत्तरी हुई हैं। ऐसे टीआई का जल्द से जल्द स्थानांतरित करने की आवश्यकता है।

सब्जी मंडी में खुलेआम मांस, मछली की हो रही हैं बिक्री, मुख्यमंत्री का आदेश हुआ बेअसर


अनूपपुर

अनूपपुर जिले में मुख्यमंत्री के आदेश का भी पालन नहीं किया जा रहा हैं। जिले की सब्जी मंडी में सब्जी के साथ ही खुलेआम मांस-मछली की बिक्री की जा रहीं हैं। सब्जी के साथ मांस मछली की बिक्री को रोकने के लिए कई बार प्रशासन ने भी कार्रवाई की। उसके बाद भी खुलेआम मांस मछली की बिक्री की जा रही हैं। दरअसल अनूपपुर जिले की सब्जी मंडी में मांस-मछली की दुकान भी संचालित होती हैं। मांस-मछली को हटाने को लेकर प्रशासन ने पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। उसके बाद भी खुलेआम मांस-मछली की बिक्री की जा रही हैं। जबकि अनूपपुर जिले में मांस-मछली की बिक्री के लिए गैस एजेंसी के पास दुकान भी बनाई गई हैं। दुकान को हटाने को लेकर प्रशासन ने कई बार दुकानदारों को अल्टीमेटम भी दिए। इसके साथ ही दुकानों पर बुलडोजर भी चलवाए। उसके बाद भी प्रशासन की कार्रवाई का असर दुकानदारों पर नहीं दिख रहा हैं। दुकानदार खुलेआम ही सब्जी मार्केट में मांस-मछली की दुकानें संचालित करते हैं।

*मुख्यमंत्री के आदेश के बाद गठित टीम नदारद*

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद खुलेआम बिक रही मीट दुकानों पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन ने टीम भी गठित की थी। जिला प्रशासन की गठित टीम फील्ड से नदारद हैं। टीम की ओर से कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही हैं। जिसकी वजह से जिला मुख्यालय में खुलेआम मांस-मछली की दुकान लग रही है।

*इनका कहना है*

खुलेआम मांस मछली बिक्री पर लगातार कार्यवाही की जा रही है अभी मैं टीम भेज रहा हूँ।

*अनंत धुर्वे सीएमओ नगरपालिका अनूपपुर*

पवित्र नगरी में चार पहिया गाड़ी वाले घुमाने के नाम पर मचा रखा है खुलेआम लूट 

*नगर परिषद की बैठक में चर्चा कर लिया जाएगा निर्णय - सीएमओ*


अनूपपुर/अमरकंटक 

मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली पवित्र नगरी अमरकंटक एक धार्मिक और पर्यटक नगरी है । साल भर में यहां लगभग पच्चीस से तीस लाख लोगो का आवागमन होता है , जिसमे पर्यटक , श्रद्धालु , परिक्रमा वासी आदि सम्मिलित होते है । वर्ष में अनेक धार्मिक त्यौहार आते है जिसमे अचानक ही अमरकंटक में भीढ़ बढ़ जाती है । अमरकंटक का मुख्य मेला महाशिवरात्रि है जो पांच दिवसीय लगता है इस मेले में भी लाखो लोग पहुंचते है । वर्ष में अनेक त्योहार दशहरा , दिवाली , क्रिसमस , स्कूली छुट्टियां , नयासाल , मकर संक्रांति , नर्मदा जयंती , पूर्णिमा , अमावस्या , नवरात्रि आदि प्रमुख पर्वों पर अच्छी खासी लोगो की भीड़ पहुंचती है । इसी तरह मां नर्मदा जी में स्नान करने , दर्शन करने तथा नर्मदा परिक्रमा करने वाले  यहां पहुंचते है । वह सब धर्मशाला , रैन बसेरा , आश्रम , होटल आदि अपने हिसाब से विश्राम करते या रुकते है । 

इस समय भारी संख्या में नर्मदा परिक्रमावासी , परिक्रमा करते हुए अमरकंटक पहुंचते और सब चाहते है की यंहा के स्थलों का भ्रमण कर ही लिया जाय । जब टूरिस्ट लोकल चार पहिया वाहन बुलाकर अमरकंटक भ्रमण करने की बात करता है तो ड्राइवर या गाइड 1200 या 1000 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से उनको रेट भाव बतलाता है । जो जितने में फस गया , चांदी ही चांदी है । कम लेने की बात चार पहिया वाहन वाले नही करते । अगर किसी अन्य चार पहिया वाहन वाले कम पैसे लेकर घुमाने की बात करता है तो उस पर अन्य लोग तीखी टिप्पणी कर विवाद खड़ा कर देते है । कई बार चार पहिया वाहनों का रेट के लेने देन के कारण भारी विवाद भी सामने आया । अमरकंटक में जो गाइड के नाम पर टूरिस्टों को भ्रमण कराते है वो चार पहिया वाहन वालों से भारी सेटिंग रहती है और लोकल कुछ गाइड ही यात्रियों , परिक्रमा वासियों को गुमराह कर भारी भरकम राशि ऐठने का कार्य करते है । जब भी किसी विश्राम , होटल स्थल पर कोई यात्री बस , परिक्रमा वाली बस , चरोधाम वाली बस पहुंचती है तब छोटे चार पहिया वाहन वाले पूरी रोड कब्जा कर एकाधिकार की बात करते है , बाहर से आए टूरिस्ट वाहन जनो को यह भी कह देते है की हम लोकल है जाओ जन्हा जो बोलना हो बोल दो । इसी समय चार पहिया के ड्राइवर और लोकल भ्रमण करने वाले जो गाइड कहलवाते है  उनकी अपनी अपनी सेटिंग शुरू हो जाती है और जितना ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को गुमराह कर अमरकंटक स्थलों का भ्रमण के नाम पर मनमानी पैसा वसूल लेना इनका धंधा बन गया है ।यात्रियों को कुछ खास प्वाइंट , स्थलों का भ्रमण कराकर टूरिस्टजनों की जेब खाली कर लेते है । टूरिस्ट कितनी भी विनती करे की आप लोग पैसा ज्यादा ले रहे हो तो सीधा जवाब , घूमना हो तो चलो अन्यथा पैदल जाओ । घूमाने के नाम पर कभी कभी चार पहिया वाहन और तीन पहिया ऑटो वालो का भी लंबा विवाद खड़ा हो जाता है , टूरिस्टो से पैसों के मोलभाव के कारण । महाराष्ट्र के पुणे से आए 80- 85 बस परिक्रमा वासी गुरुद्वारा में विश्राम हेतु रुके । उन्ही के साथी मंदा सिंधे और उषा मगर ने बताया की अमरकंटक घुमाने के लिए बारह सौ बोले फिर काफी बात के बाद फिर एक सवारी से हजार रुपए में गाड़ी वालों ने तय कर लिया है  । एक गाड़ी पर दस व्यक्तियों को बिठाया था सब से एक एक हजार सबने दिया । इन्ही के साथ पूना से आए आकाश ने भी कहा की हजार रुपए प्रति व्यक्ति देकर भ्रमण करा और कल तट परिवर्तन होगा । पूना से आए संपत कंदन भी हजार रुपए प्रति व्यक्ति देकर अमरकंटक में चार पहिया वाहन से स्थलों का भ्रमण किया , लेकिन यहां गाड़ी वाले बहुत पैसा लेते है ।

*इनका कहना है*

यह नर्मदा क्षेत्र के लिए बड़ी शर्म की बात है जो टूरिस्ट लोगो से भ्रमण के लिए मनमानी पैसा वसूला जाता है । नगर परिषद और शासन सोया हुआ है और जब लोकल गाइड ट्यूरिस्टो को मंदिर लाते है तो यात्रियों को मना कर देते है की मंदिरों में कोई भी दान , पैसा नही चढ़ाएगा।

*उत्तम द्विवेदी मुख्य पुजारी माँ नर्मदा मंदिर अमरकंटक*

इस बात की जानकारी लंबे समय से चर्चा बनी हुई है । इस बात को परिषद बैठक में बात रख चर्चा कर ठोस कदम उठाया जाएगा । 

*चैन सिंह सीएमओ नगर परिषद अमरकंटक*

वाहनों की अवश्य रूप से जांच कराई जाएगी।

*कलीराम परते थाना प्रभारी अमरकंटक*

यह शर्म की बात है की एक व्यक्ति से हजार बारह सौ लेकर गाड़ी वाले स्थलों का भ्रमण कराते है । इस बात पर ठोस कार्यवाही होनी ही चाहिए।

*पूर्व पार्षद श्याम लाल सेन अमरकंटक*

पंचायत में सरकारी रुपयों से ढोलक, डफली व  रेत सप्लाई के नाम पर फर्जी बिलों का हुआ भुगतान


अनुपपुर/जैतहरी

पंचायत राज अधिनियम जनता की सुविधाओं मद्देनजर रख कर बनाया गया था और इसके पीछे का उद्देश्य था कि ग्रामीण अंचलों को हर वो सुविधा मुहैया हो सके जो आम आदमी के जीवन में रोजमर्रा की समस्याओं का हल बन सके, पर भ्रष्टाचार पंचायत की सबसे बड़ी समस्या है सेंदुरी पंचायत कि सचिव रश्मि मिश्रा ने सरकारी पैसे से बड़ी ढोलक, मझिरा, डफली के साथ साथ रामचरित मानस खरीदी इसकी उपयोगिता पंचायत में क्या है समझ के परे है तो दूसरी तरफ जिम्मेदार ने बाकायदा इस बिल का भुगतान कर दिया दुर्भाग्य जनक है।

रेत सप्लाई के नाम पर फर्जी भुगतान

सेदुरी सचिव रश्मि मिश्रा ने रेत खरीदी के नाम पर छूल्हा स्टेशन के समाने चाय की दूकान चलाने वाले तीरथ प्रसाद राठौर को फर्जी बिलों के माध्यम से भुगतान कर दिया गया और बिल में जो राशि का भुगतान किया गया वो अपने आप में ये साबित करता है कि यह फर्जी बिल है चुकीं भुगतान प्राप्त करता ने आठ ट्रिप रेत का तीन हजार रूपये की दर से 24000 हजार का बिल दिया उस बिल में पंचायत ने उन्नीस हजार रूपये कि राशि का भुगतान किया अब आप सोचिए कि अगर ये बिल सही होता और रेत एक नंबर कि होती तो बाकायदा रॉयल्टी कटी होती और जब कोईरॉयल्टी से रेत लाता तो भला उसके बिल में पांच हजार रूपये कि राशि की कटौती बताती है की न तो ये रेत गिराई गई और न ही इस रेत का उपयोग पंचायत के किसी कार्य में किया गया बहरहाल इस पूरे मामले में हमने भुगतान प्राप्त कर्ता से बात कि तो उनका कहना था कि रेत की रॉयल्टी पंचायत के पास होगी सेदुरी पंचायत में ऐसे कई भुगतान है जो फर्जी बिलों के माध्यम से किए गाए पर जिम्मेदार है की इस ओर देखना भी लाजमी नहीं समझते।

इस पूरे मामले में  हमने पंचायत सचिव रश्मि मिश्रा  से बात की तो उनका कहना था रॉयल्टी भुगतान प्राप्त करता के पास होगी  और  भुगतान प्राप्त  करता ने  साफ कहा की  आप रियलिटी की जानकारी  पंचायत आए प्राप्त करे तो वही रामचरित मानस एवं अन्य सामग्री के बारे में उन्होंने कहा कि यह दूसरे मद का पैसा आया था दोनो को एडजेस्ट किया है तो क्या पंचायत सचिव सारे नियम कानून को दरकिनार कर अपने हिसाब से पंचायती राज चलाएंगे अपने आप में सवालिया निशान खड़े करता है।

सचिव महेन्द्र त्रिपाठी और ठेकेदार संतलाल कि जोड़ी पंचायत में कर रहे हैं गोलमाल

*निर्माण कार्य मे कर रहे हैं भ्रष्टाचार, चोरी के रेत से करवा रहे है कार्य, जिम्मेदार मौन*


अनुपपुर

ग्राम सोन मौहरी में हो रहे  भ्रष्टाचार की शिकायत ग्रामीणों ने की है सचिव महेन्द्र त्रिपाठी जिस भी पंचायत में में रहते हैं उनके आपने ठेकेदार साथ चलते हैं और यहीं कुछ हाल इन दिनों ग्राम पंचायत  मौहरी का है जहां पुलिया निर्माण में  भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया और ठेकेदार संतलाल पटेल कर द्वारा इस आरसीसी पुलिया निर्माण में मौहरी से सोन नदी से चोरी की रेत सप्लाई कि गई और चोरी के रेत से पुलिया का निर्माण किया गया ठेकेदार संतलाल से लगातार  रियलिटी पर्ची की मांग की गाई पर उनके पास जब रियलिटी पर्ची होंगी तब तो दी जाएगी पंचायत ठेकेदार में संतलाल पटेल एक ऐसा नाम है जो इस तरह के  भ्रष्टाचार में पंचायत सचिव के साथ कंधे से कंधे मिला कर चलता है ग्राम पंचायत मौहरी में आरसीसी पुलिया निर्माण बाबादीन गोड के खेत के पास पांचवा राज्य वित्त आयोग से 7590000 में स्वीकृत हुई थी मिला जानकारी के मुताबिक इस पुलिया में आधारित को जेसीबी लगा कर गड्डे की खुदाई कर चोरी छुपे निर्माण शुरू किया गया शिकायत में इस बात का ऊल्लेख भी किया गया कि सचिव महेन्द्र त्रिपाठी के द्धारा जो सरिया का स्तेमाल किया गया वो भी नियम के मुताबिक़ पतली सरिया लगाई गई तो दूसरी तरफ संतलाल पटेल से चोरी का रेत खरीद कर पुलिया निर्माण किया गया ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जगह पर पुलिया की उयोगिता नही थी वहां महज पुलिया के निर्माण इस लिए किया गया कि 7590000 कि पुलिया महज  तीन से साढ़े तीन  लाख रुपए का खर्ज  कर बाकी के पैसों का  बंदरबाट  कर लिया जाए और हुआ वही  सचिव महेन्द्र त्रिपाठी  पर और  अन्य कई आरोप  शिकायत के लगाए गए है जिसका खुलासा  हम जल्द करेंगे  साथ ही सबसे दुर्भाग्य इनका जनक तो यह है  कि शिकायत करने के बाद बावजूद कोई भी जिम्मेदार इस पुलिया को नहीं पहुंचा  नतीजन सचिव महेन्द्र त्रिपाठी ने आनन फानन पुलिया पर मिट्टी डाल कर कार्य पूर्ण कर दिया गया अब सवाल  यह उठता है कि जब पुलिया निर्माण कार्य  चाल रहा था  तो इंजीनियर और बाकी के जिम्मेदार कहां सोए थे।

इस पूरे मामले में पंचायत की इंजीनियर से बात की तो  पहली बार तो उन्होंने फोन उठाया और कहा  मेरे द्धारा उक्त पुलिया के मूल्यांकन  नहीं किया गया हमने कहा  कि युक्त पुलिया के सीमेंट उपलब्ध कर दिया गया तो उनके द्वारा हां तो कहा  गया उनके  बाद दोबारा फोन उठाना बंद कर दिया गया सूत्रों से मिली जानकारी में मुताबिक उपयत्री की अपनी पांच प्रतिशत है जो सचिव महोदय द्धारा पूर्ण की जाती है अब आप सोचिए 7590000 कि पुलिया में उपयंत्री  का पांच प्रतिशत एपीओ सीईओ एसडीओ सभी का कमीशन फिक्स है फिर भला पुलिया का गुणवत्ता से किसी की क्या  लेना देना और इसके  बाद सरपंच उपसरपंच सचिव सब का अपना पेट है, और ठेकेदार साहब तो है ही अवैघ उत्खनन और परिवहन कर सामग्री सप्लाई की है तो उनका भुगतान भी लाजमी है अब सवाल यह उठता है कि एक पुलिया में जब इतना कमीशन निकलेगा तो उसका निर्माण कैसा होगा अदाजा लगाया जा सकता है महेन्द्र त्रिपाठी सचिव का नाम किसी से छुपा नहीं है ये उन सचिवों की फेहरिस्त में एक नाम जो अपना ठेकेदार और  भ्रष्टाचार का सिस्टम साथ ले कर चलते है और इनको एक नही कई पंचायतों का प्रभार एक साथ महज इसलिए चाहिए होता है की  भ्रष्टाचार करने की कोई सीमा तय न हो। अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ तन्यम वशिष्ठ वर्मा क्या कदम उठाते है हम अगले एपिसोड में संतलाल पटेल और महेन्द्र त्रिपाठी की कारगुजारियो का भंडाफोड़ करेगे संतलाल पटेल ने जीतने भी पंचायत में रेत की सप्लाई की हैं  उन  सभी की जांच की जानी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

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